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कोरबा

करतला कॉलेज में एनएसएस स्थापना दिवस और पोषण जागरूकता कार्यक्रम

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कोरबा/रामपुर।शासकीय महाविद्यालय करतला में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्थापना दिवस के अवसर पर पोषण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मृगेश कुमार यादव रहे, अध्यक्षता डॉ. संजय कुमार यादव ने की, जबकि कार्यक्रम का सफल नेतृत्व एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी प्रो. प्रभा शंकर यादव ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती , स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं एनएसएस लक्ष्य गीत के साथ हुआ।

अपने उद्बोधन में प्रो. प्रभा शंकर यादव ने कहा – “एनएसएस की स्थापना 24 सितम्बर 1969 को महात्मा गांधी जी के जन्म शताब्दी वर्ष में हुई थी। इसका आदर्श वाक्य ‘स्वयं से पहले आप’ है, जो हमें समाज को स्वयं से पहले रखने की प्रेरणा देता है।”

पोषण जागरूकता पर डॉ. प्रीति लता मिंज ने कहा – “पोषण का अर्थ सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर को सही तत्व देना है। जंक फूड के कारण युवाओं में एनीमिया बढ़ रहा है। हमें अपनी थाली में कोदो-कुटकी, हरी सब्जी, मौसमी फल और गुड़-चना को अवश्य शामिल करना चाहिए।”

सुश्री मंजू पटेल ने कहा – “सहजन (मुनगा) पत्ता छत्तीसगढ़ का सुपरफूड है, जो आयरन और प्रोटीन से भरपूर है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।”

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. संजय कुमार यादव ने एनएसएस को समाज की प्रयोगशाला बताया। मुख्य अतिथि डॉ. मृगेश कुमार यादव ने कहा – “सेवा और स्वास्थ्य ही समर्थ भारत की नींव हैं। सभी स्वयंसेवक पोषण के राजदूत बनकर गांव-गांव में जागरूकता फैलाएं।”

कार्यक्रम के अंत में सभी को पोषण शपथ दिलाई गई एवं पौष्टिक आहार का वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम में गंगोत्री, मुस्कान महंत, नोलिता, लक्ष्मी, टिकेश्वरी, तुलेश्वरी, संगीता, संजना यादव, प्रीति, श्रेया, प्रियंका, चनेश्वरी, नगेश्वर, ओम तिवारी, गोविंदा, मंगलेश्वर, कुंदन, करन, मुकेश, रामलाल सहित समस्त एनएसएस स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।

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कोरबा

महतारी वंदन से सुनीता को मिला संबल, नन्हीं बेटी के पोषण और घरेलू जरूरतों में बनी मददगार

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हर माह मिल रही एक हजार की सहायता से सुनीता हुई आत्मनिर्भर, बेटी के बेहतर पोषण में लगा रही राशि
समय से पहले जन्मी बेटी के पोषण में महतारी वंदन की राशि बनी सहारारू- श्रीमती सुनीता नेताम

कोरबा 25 सितम्बर 2026। परिवार में नन्हीं किलकारी गूंजने की खुशी के साथ मां की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। नवजात के पोषण, देखभाल और घर की आवश्यकताओं के बीच आर्थिक सहयोग परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनता है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने कसियाडीह निवासी श्रीमती सुनीता नेताम को ऐसी ही परिस्थितियों में संबल दिया। योजना के तहत हर माह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से उन्होंने अपनी बच्ची के पोषण और घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्राप्त किया।
श्रीमती सुनीता नेताम ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2024 में महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन किया था। पात्रता परीक्षण के बाद उन्हें योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ और हर माह एक हजार रुपये की राशि उनके बैंक खाते में आने लगी। कुछ माह बाद जब वे गर्भवती हुईं, तब इस आर्थिक सहायता का महत्व उनके लिए और बढ़ गया।
गर्भावस्था के सातवें माह में ही समय से पूर्व उनकी बच्ची का जन्म हुआ। जन्म के समय बच्ची का वजन 1.6 किलोग्राम था। ऐसे समय में बच्ची की विशेष देखभाल और पोषण पर अधिक ध्यान देना आवश्यक था। सुनीता ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग बच्ची के पोषण आहार और उसके स्वस्थ विकास से जुड़ी आवश्यकताओं में किया। नियमित आर्थिक सहायता से बच्ची की देखभाल के साथ घर की जरूरी जरूरतों को पूरा करने में भी उन्हें सुविधा मिली। लाभार्थी सुनीता ने बताया कि सितम्बर 2026 में उसकी बेटी  8 किलो की हो गई है, और वह पूरी तरह स्वस्थ है।  
सुनीता ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि मेरे लिए बहुत उपयोगी रही। मेरी बेटी का जन्म समय से पहले हुआ और उसका वजन भी कम था। उसकी सेहत और पोषण के लिए अतिरिक्त देखभाल की जरूरत थी। योजना से मिली राशि से मैंने उसके पोषण आहार की व्यवस्था की। घर की जरूरी चीजों में भी इस राशि का उपयोग कर पाती हूं। इससे मुझे आर्थिक रूप से काफी सहारा मिला और अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने में आत्मविश्वास बढ़ा।”
उन्होंने महतारी वंदन योजना की सराहना करते हुए कहा कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहयोग दे रही है। सुनीता के लिए योजना की यह राशि अपनी नन्हीं बेटी की देखभाल, पोषण और घरेलू जरूरतों के बीच एक भरोसेमंद आर्थिक सहारा बनी हुई है। उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय    के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहयोग दे रही है। सुनीता के लिए योजना की यह राशि अपनी नन्हीं बेटी की देखभाल, पोषण और घरेलू जरूरतों के बीच एक भरोसेमंद आर्थिक सहारा बनी हुई है

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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान ‘सेवा मेरा योगदान’ से नन्हें कदमों को मिला सीखने और आगे बढ़ने का संबल

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दिव्यांग सहायता शिविर में विशेष विद्यालयों के बच्चों को ब्रेल किट एवं श्रवण यंत्र सहित सहायक उपकरण प्रदान
अमृता के नन्हें हाथों में आई ब्रेल किट, पढ़ने की राह हुई आसान

कोरबा 25 सितम्बर 2026। किताबों को पढ़ने, नई बातें सीखने और अपने सपनों को आकार देने की चाह हर बच्चे के मन में होती है। दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों के लिए सहायक उपकरण उनकी शिक्षा और सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ की इसी संवेदनशील भावना के साथ दिव्यांग सहायता शिविर में विशेष विद्यालयों में अध्ययनरत नन्हें बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों ने बच्चों की पढ़ाई और सीखने की राह को सहज बनाने के साथ उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास की चमक बिखेर दी।
सीएसईबी जूनियर क्लब में आयोजित दिव्यांग सहायता शिविर में कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय एवं उमंग दिव्यांग विद्यालय के दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित बच्चों को ब्रेल किट, श्रवण यंत्र सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। सहायक उपकरण पाकर बच्चों की आंखों और चेहरों पर झलकी खुशी ने पूरे वातावरण को भावनात्मक बना दिया। पढ़ने-सीखने के लिए उपयोगी सामग्री उनके हाथों में पहुंची तो उनके भीतर आगे बढ़ने का उत्साह और भी दिखाई दिया।
दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय की कक्षा पहली में अध्ययनरत नन्हीं छात्रा कुमारी अमृता खूंटे को ब्रेल किट प्रदान की गई। ब्रेल किट मिलने पर अमृता ने खुशी व्यक्त की। नन्हीं अमृता के चेहरे पर आई मुस्कान और उत्साह यह एहसास कराने वाला रहा कि पढ़ने-लिखने के लिए मिला यह सहायक उपकरण उसके लिए सीखने की नई राह खोल रहा है। अब वह ब्रेल के माध्यम से अपनी पढ़ाई को और सहजता से आगे बढ़ा सकेगी।
उमंग दिव्यांग विद्यालय की दृष्टिबाधित छात्रा कुमारी आरती राठिया और छात्र आदित्य चौधरी ने भी ब्रेल किट पाकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ब्रेल किट से उन्हें पढ़ने, लिखने और नई चीजें सीखने में सुविधा मिलेगी। बच्चों की प्रसन्नता में अपने सपनों को पूरा करने की उमंग साफ दिखाई दी।
दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय के कुल 15 बच्चों, जिनमें 10 दृष्टिबाधित एवं 5 श्रवण बाधित बच्चे शामिल हैं, तथा उमंग दिव्यांग विद्यालय के कुल 25 बच्चों, जिनमें 9 दृष्टिबाधित एवं 16 श्रवण बाधित बच्चे शामिल हैं, को उनकी आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस प्रकार दोनों विशेष विद्यालयों के कुल 40 बच्चों को सहायक उपकरणों का लाभ मिला। ब्रेल किट दृष्टिबाधित बच्चों के लिए पढ़ने और लिखने का महत्वपूर्ण माध्यम है, वहीं श्रवण यंत्र श्रवण बाधित बच्चों के लिए सुनने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाने में सहायक होगा। बच्चों को प्रदान किए गए ये सहायक उपकरण उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने के साथ उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को विकसित करने में भी सहयोग करेंगे। शिविर में बच्चों के चेहरों पर दिखाई दी प्रसन्नता इस पहल की आत्मीयता को और गहरा कर रही थी।

“’बच्चों की खुशी में झलकी सेवा की सार्थकता, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति जताया आभार”’

दिव्यांग बच्चों एवं विद्यालय के स्टॉफ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए सहायक उपकरण उपलब्ध होने से उन्हें सीखने, अपनी क्षमताओं को निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सहयोग मिलेगा।
‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से नन्हें बच्चों के हाथों में पहुंचे ये सहायक उपकरण उनके लिए केवल साधन नहीं, सीखने की नई संभावनाओं और आगे बढ़ने के विश्वास का संबल बन रहे हैं।

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कोरबा

डीएमएफ से कोरबा में मजबूत हो रही अधोसंरचना, जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण से बढ़ रही बुनियादी सुविधाएं’

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प्रशासन ने बदली तानाखार स्कूल की तस्वीर, 45 साल पुराने भवन से मिली मुक्ति, तानाखार के बच्चों को मिला सुरक्षित पढ़ाई का माहौल’
नए भवन में लौटी पढ़ाई की रौनक, बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या और शैक्षणिक सुविधाएं, शाला परिवार ने जताया आभार

कोरबा 25 सितंबर 2026। दूरस्थ अंचलों में विकास की सुविधाएं पहुचांने के साथ बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास मद से किए जा रहे कार्याे का असर ग्रामीण क्षेत्रों में परिलक्षित हो रहा। जिले के  पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत तानाखार में डीएमएफ मद से शिक्षा के लिए एक नई शुरुआत हुई है। करीब 45 वर्ष पुराने जर्जर माध्यमिक शाला भवन की जगह अब जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से निर्मित नया शैक्षणिक भवन बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर अध्ययन का वातावरण दे रहा है। नए भवन में विद्यालय का संचालन शुरू होने के साथ बच्चों में उत्साह बढ़ा है और पालकों को भी अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिलने की खुशी है।

पुराना विद्यालय भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में दरारें थीं और फर्श में सीलन बनी रहती थी। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों के लिए कक्षा में एकाग्र होकर पढ़ाई करना कठिन होता था। विद्यालय में लंबे समय से 200 से अधिक विद्यार्थियों की दर्ज संख्या रही है। भवन की स्थिति को देखते हुए शाला स्टॉफ और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा नए भवन की मांग लगातार रखी जा रही थी।
जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा और उनके अध्ययन के अनुकूल वातावरण की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए लगभग दो वर्ष पूर्व डीएमएफ मद से नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति दी। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अब माध्यमिक शाला नए भवन में संचालित हो रही है। विद्यालय परिसर में कक्षाओं के साथ स्टाफ रूम, प्रधानपाठक कार्यालय, हॉल, खेल मैदान, बाउंड्रीवाल, शौचालय और किचन शेड जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन व्यवस्थाओं से विद्यार्थियों और शिक्षकों को विद्यालयीन गतिविधियों के लिए व्यवस्थित वातावरण मिला है।

प्रधानपाठक श्रीमती जयन्ती सिरसो बताती हैं, “पुराने भवन में बरसात के समय छत से पानी टपकता था और दीवारों में दरारें व फर्श में सीलन की समस्या रहती थी। बच्चों को ऐसी स्थिति में पढ़ाना चुनौतीपूर्ण होता था। नए भवन में पर्याप्त और व्यवस्थित कक्षाएं मिली हैं। स्टाफ रूम, प्रधानपाठक कार्यालय, हॉल, शौचालय, किचन शेड और खेल मैदान जैसी सुविधाओं से विद्यालय की पूरी व्यवस्था बेहतर हुई है। बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ा है और पालक भी अब विद्यालय की सुविधाओं को देखकर संतुष्ट हैं। विद्यालय की दर्ज संख्या में भी वृद्धि हुई है और पर्याप्त शिक्षकों के साथ पढ़ाई का स्तर बेहतर हुआ है।”
नए भवन में पहुंचने के बाद विद्यार्थियों के लिए विद्यालय आना अधिक सुखद हो गया है। कक्षाओं में बेहतर वातावरण मिलने से वे पढ़ाई के साथ खेल और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, प्रधानपाठक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी नए भवन को विद्यालय के लिए महत्वपूर्ण सुविधा मानते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ के माध्यम से जिले के विकास के लिए निरंतर अधोसंरचना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है। जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालय भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, आश्रम-छात्रावासों, पुल-पुलिया, सड़कों सहित विभिन्न आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से कोरबा जिले को उपलब्ध संसाधनों का उपयोग क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों में किया जा रहा है।
तानाखार माध्यमिक शाला के शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों, प्रधानपाठक, समस्त स्टॉफ और विद्यार्थियों ने नया भवन उपलब्ध कराने तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।

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