दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, 2018 में कांग्रेस चुनाव जीती तो भूपेश बघेल ने नया कुर्ता सिलवाकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली, लेकिन 2023 में जनता ने पटखनी दी तो ईवीएम खराब होने की बात होने लगी। कांग्रेस की राजनीतिक विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। कांग्रेस डूबती नाव है और जनता उसे लगातार नकार रही है।
टैक्स समिट में शामिल होने दुर्ग आए ओपी चौधरी ने शनिवार को यह बयान दिया। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि, भारत को फ्रांस, नेपाल या बांग्लादेश बनाने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां सरकारों का चुनाव संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन का प्रयास कर रही हैं। भारत की जनता और लोकतंत्र ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने देंगे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों की विश्वसनीयता खत्म होने के कारण संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
दुर्ग में टैक्स समिट का आयोजन किया गया।
जनता ने धूल चटाई तो EVM खराब हो गई – OP चौधरी
ओपी चौधरी ने कहा कि, कांग्रेस एक डूबती नाव बन चुकी है। जनता संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अनावश्यक संदेह पैदा करने और लोगों के मन में भ्रम फैलाने की राजनीति को समझ चुकी है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक कांग्रेस को चुनावों में हार का सामना करना पड़ रहा है।
‘छोटी गलतियां नजरअंदाज, फर्जी बिलिंग पर कार्रवाई’
टैक्स समिट में वित्त मंत्री ने टैक्स चोरी और जीएसटी से जुड़े मामलों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर टैक्स संबंधी गलती को जानबूझकर की गई चोरी नहीं माना जाना चाहिए। यदि किसी मामले में तकनीकी त्रुटि या मामूली अंतर है, तो विभाग उसे नजरअंदाज करने के लिए तैयार है।
हालांकि फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चौधरी ने कहा कि टैक्स विभाग के अधिकारी यदि निजी लाभ के लिए रिश्वत मांगते हैं, तो उनके खिलाफ एसीबी और ईओडब्ल्यू के माध्यम से कार्रवाई कर जेल भेजने की बात कही गई है।
वहीं, सरकार के खाते में टैक्स जमा कराने के लिए काम करने वाले अधिकारियों को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी काउंसिल में टैक्स संबंधी मामलों में जेल भेजने के अधिकार को छोड़ दिया गया है।
टैक्स समिट में AI टूल्स के इस्तेमाल पर चर्चा
टैक्स बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में ओपी चौधरी ने जीएसटी व्यवस्था में हुए बदलावों और टैक्स प्रैक्टिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के इस्तेमाल पर चर्चा की। उन्होंने जीएसटी को केंद्र सरकार के बड़े आर्थिक सुधारों में से एक बताते हुए कहा कि इससे कई तरह के टैक्स और सेस से मुक्ति मिली है। टैक्स प्रक्रियाएं सरल हुई हैं।
उन्होंने कहा कि टैक्स अधिवक्ता कारोबारियों और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में टैक्स से जुड़े कामकाज में तकनीक और एआई टूल्स का इस्तेमाल बढ़ने से कारोबारियों को मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में भी योगदान मिलेगा।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई कड़ी नाराजगी, शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
बच्चों के भविष्य से जुड़ा है विद्यालय निर्माण, गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -कलेक्टर
सूरजपुर, 25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व निरीक्षण जांच में पाई गई कमियों के सुधार की स्थिति की जानकारी ली। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर प्रयोगशाला, रसोईघर, शौचालय सहित अन्य कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की फिनिशिंग एवं गुणवत्ता में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती जमील ने निर्माण कार्य की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले, अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर रमेश मोर सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 420 सीटर एकलव्य आवासीय विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। विद्यालय में आवासीय व्यवस्था के साथन अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। साथ ही दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेगा।
सुरजपुर/25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्यवाही की जा रही है इसी कड़ी में माइनिंग अधिकारी के नेतृत्व में अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 11 गाडि़यों पर कार्यवाही की गई।प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत खड़गाँव एरिया में 3 गिट्टी हयवा अवैध परिवहन करते और राजापुर में 8 टिप्पर रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्यवाही की गई और जप्त कर थाने में सुपुर्द किया गया है।
जिला पंचायत CEO ने थमाया कारण बताओ नोटिस, मचा हड़कम्प
कोरबा। 15वें वित्त की राशि में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर लाखों रुपए के फंड का बंदरबाट किए जाने की शिकायत में प्रशासनिक जांच में अनुपस्थित रहकर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले अथवा आधा अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने वाले अनुशासनहीन पाली ब्लॉक के 23 पंचायत सचिवों पर निलंबन की तलवार लटक रही है। उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही पर जिला पंचायत सीईओ ने सबंधित पंचायत सचिवों का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध कदाचार की श्रेणी में पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध एकतरफा निलंबन की अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ के नोटिस से सबंधित पंचायत सचिवों में हड़कम्प मचा है।
यहाँ बताना होगा कि जनपद पंचायत पाली के अंर्तगत आने वाले 24 ग्राम पंचायत क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15वें मद से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की व्यापक लोकहित में ग्रामसभा कार्यवाही पंजी, उपस्थिति पंजी, व्यय प्रमाणक, देयक व्हाउचर, इनवाईस बिल, टी.डी.एस. कटौती, जमा राशि एवं गुणवत्ता का परीक्षण कर भौतिक सत्यापन कराए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। ऊक्त शिकायती प्रकरण में जांच दल के समक्ष वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने, आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 23 ग्राम पंचायतों क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली के जनसूचना अधिकारी पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जनपद पंचायत पाली के सीईओ द्वारा उप संचालक पंचायत को 03.09.,2026 को ही अभिमत समेत प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।
उप संचालक पंचायत द्वारा प्रकरण लटकाए रखने आगामी कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा के समक्ष समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर राज्यपाल राजभवन एवं मुख्य सचिव छग शासन तक शिकायत पहुंची थी। मीडिया में भी उक्त प्रशासनिक संरक्षण सुर्खियां बनी थी। शासनादेश के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। जिला पंचायत सीईओ ने आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 8 ग्राम पंचायतों के सचिव क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द व जांच दल को अभिलेख (रिकार्ड)उपलब्ध नहीं कराने, समक्ष अपना कथन बयान दर्ज नहीं कराने वाले 16 पंचायत सचिवों नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली का कृत्य घोर अनुशासन हीन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही का प्रतीक है और छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध है, जो कि कदाचार की श्रेणी में आता है। अतः आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए निलंबन करने की कार्यवाही क्यों न किया जाये ? सचिवों को इस संबंध में अधोहस्ताक्षरकर्ता अधिकारी के समक्ष 03 दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सम्बंधितों के विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल निलंबन नोटिस से पूरे जिले में पंचायत विभाग में हड़कम्प मचा है। अगर सभी पंचायत सचिवों पर निलंबन के कार्रवाई की गाज गिरती है तो जिले में अब तक कि यह सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। सन्निकट भविष्य में भी यह कार्रवाई एक नजीर बनेगी। एक लोकसेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत कार्य व्यवहार ने 23 पंचायत सचिवों को निलंबन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।