कपड़ों के पर्दों से घिरी दुकानें, अग्निशमन उपकरणों की कमी और आपातकालीन इंतजाम नदारद होने के आरोप; खुशियों के त्योहार में कहीं लापरवाही भारी न पड़ जाए!
कोरबा/बांकीमोंगरा। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन इस रौनक के बीच पटाखा बाजार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस स्थान पर बारूद और ज्वलनशील सामग्री का कारोबार हो रहा है, वहां सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों में कथित लापरवाही सामने आ रही है।
मौके की तस्वीरें कुछ ऐसी व्यवस्था की ओर इशारा कर रही हैं, जहां सुरक्षा मानकों के पालन से ज्यादा दुकानें सजाने और कारोबार चलाने पर जोर दिखाई देता है। बाजार में करीब 17 दुकानें संचालित होने की जानकारी है, लेकिन अग्नि सुरक्षा के इंतजामों को लेकर स्थिति संतोषजनक नजर नहीं आ रही।
दुकानों के बीच दूरी का सवाल, एक चिंगारी बन सकती है बड़ी मुसीबत
पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए विस्फोटक अधिनियम और विस्फोटक नियमों के तहत निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी है। दुकानें सुरक्षित दूरी पर हों और आग लगने की स्थिति में दूसरी दुकानों तक आग फैलने की आशंका कम रहे, इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
लेकिन यहां दुकानों को कतारबद्ध तरीके से पास-पास बनाए जाने की शिकायत है। यदि निर्धारित दूरी का पालन नहीं हुआ है तो यह स्थिति किसी अप्रिय घटना के दौरान बड़ा खतरा बन सकती है।
टिन शेड की जगह कपड़ों के पर्दे, सुरक्षा मानकों पर सवाल
पटाखा बाजार में दुकानों के चारों ओर कपड़े के पर्दों का इस्तेमाल भी सवालों के घेरे में है। ज्वलनशील सामग्री से घिरे ऐसे स्थान पर आग लगने की स्थिति में खतरा तेजी से बढ़ सकता है।
दुकानों के प्रवेश द्वार आमने-सामने होने और पर्याप्त खुली जगह नहीं होने को लेकर भी जांच की आवश्यकता है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक दुकान निर्धारित लाइसेंस और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही संचालित हो रही है या नहीं।
17 दुकानों में महज 6 के सामने अग्निशामक यंत्र!
बाजार की अग्निशमन व्यवस्था पर नजर डालें तो स्थिति और चिंताजनक दिखाई देती है। मौके पर कुल 17 दुकानों में से केवल 6 दुकानों के सामने CO2 अग्निशामक यंत्र दिखाई देने की जानकारी मिली है।
वहीं पानी और सूखी रेत से भरी बाल्टियों की पर्याप्त व्यवस्था भी नजर नहीं आई। सवाल यह है कि बाकी दुकानों में आग बुझाने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं? क्या संबंधित विभाग ने इन व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया है?
आपातकालीन स्थिति में राहत कैसे मिलेगी?
पटाखा बाजार में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दमकल वाहन, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस और दमकल वाहनों की मौजूदगी नजर नहीं आने की बात सामने आई है।
यदि आग या विस्फोट जैसी घटना होती है तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होंगे। ऐसे में प्रशासन को तत्काल आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।
दुकान के सामने ही पटाखों का प्रदर्शन!
नाबालिगों से दुकान संचालन कराने का आरोप
नियमों के तहत पटाखा बिक्री स्थल के आसपास धूम्रपान और खुली आग पर प्रतिबंध रहता है। इसके लिए चेतावनी बोर्ड लगाना भी जरूरी है।
इसके बावजूद दुकानों के सामने पटाखे फोड़कर ग्राहकों को नमूना दिखाने की शिकायत सामने आई है। यदि यह गतिविधि वास्तव में बिक्री परिसर में हो रही है तो यह गंभीर सुरक्षा उल्लंघन का विषय है। इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।
अब प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने का समय
पटाखा बाजार में सामने आ रही इन परिस्थितियों ने संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर दुकानें संचालित होने से पहले सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किसने किया? क्या सभी दुकानों के लाइसेंस और अनुमतियों की जांच की गई? क्या अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा इंतजामों को हरी झंडी दी है?
स्थानीय प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय और अग्निशमन विभाग को संयुक्त रूप से बाजार का निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर कराना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए।
त्योहार खुशियों का प्रतीक है, जोखिम का नहीं। प्रशासन की एक छोटी सी लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है। इसलिए जरूरी है कि किसी हादसे के बाद जांच बैठाने के बजाय उससे पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और पटाखा बाजार को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
जिला एवं तहसील स्तर पर जांच दल गठित, शिकायत और सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
कोरबा 06 नवंबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा खरीदी केंद्रों में अवैध धान की आवक और धान के पुनर्चक्रण पर निगरानी रखने के लिए जिला प्रशासन ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा 4 नवंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार जिला एवं तहसील स्तर पर जांच समितियों और उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव मो.नं. 9826915486 को बनाया गया है। सेंटर में सहायक प्रोग्रामर शिवानंद राठौर (नागरिक आपूर्ति निगम, कोरबा), मो.नं. 7999714099 श्रीमती प्राची चंद्रा मो.नं. 7999406910 और श्रीमती रेचल प्रधान (खाद्य शाखा, कोरबा) मो.नं. 9098679001 तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पूर्णेन्द कमलसेन (जिला विपणन कार्यालय से खाद्य शाखा में संलग्न), रजनीश शुक्ला और श्रीमती अनीता लहरे (जिला विपणन कार्यालय) की ड्यूटी लगाई गई है। केंद्रों में धान खरीदी की निगरानी और निरीक्षण के लिए गठित दलों से प्राप्त रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी। धान खरीदी से संबंधित शिकायत या सुझाव नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 9691901259 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों और सुझावों की जानकारी खाद्य शाखा को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
दावा- आपत्ति 11 नवम्बर तक आमंत्रित कोरबा 06 नवंबर 2026। जागृति भू-विस्थापित कामगर सहकारी समिति मर्यादित कोहड़िया पंजीयन क्रमांक 103 के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन सोसायटी कार्यालय कोहड़िया, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा, विकासखंड कार्यालय कोरबा, वित्तदायी बैंक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा कोरबा के सूचना पटल पर 03 नवंबर 2026 को किया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा आपत्ति 11 नवम्बर 2026 तक आमंत्रित किया गया है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भूपेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी के सदस्य राजकुमार पटेल या कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष 11 नवम्बर 2026 तक कार्यालयीन समय पर सप्रमाण प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 12 नवम्बर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
कोरबा 06 नवंबर 2026। एकीकृत बाल विकास परियोजना पसान अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र 11 नवंबर से 26 नवंबर 2026 तक आमंत्रित किये गये हैं। एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पसान के आंगनबाड़ी केन्द्र बोकमुड़ी एवं ग्राम तनेरा के आंगनबाड़ी केन्द्र बिलासपुर मोहल्ला में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र मंगाये गये हैं। इच्छुक आवेदिका पोर्टल https://aww.e-bharti.in/ में पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से संपर्क किया जा सकता है।