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पेंगुइन का दावा- नरवणे की किताब पब्लिश नहीं हुई:इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया, राहुल बोले- कंपनी झूठ बोल रही या नरवणे

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नई दिल्ली,एजेंसी। पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny)’ पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई। इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया।

कंपनी ने कहा कि पब्लिशिंग के सभी राइट्स हमारे पास हैं। अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है।

इसके जवाब में राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा- या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन कंपनी। वहीं कंपनी के बयान को पूर्व आर्मी चीफ ने X पर रीपोस्ट किया। उन्होंने लिखा- यह है बुक पर स्थिति।

दरअसल, कंपनी की सफाई इसलिए आई क्योंकि किताब की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा सामने आया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है।

यह कार्रवाई अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन न्यूज फोरम पर मिली जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें दावा किया गया था कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट हो रही है।

राहुल बोले- कंपनी या आर्मी चीफ झूठ बोल रहे

राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा के बाहर कहा- एमएम नरवणे ने X पर पोस्ट किया है, ‘हेलो दोस्तों, मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें। हैप्पी रीडिंग’। या तो एमएम नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन झूठ बोल रहा है। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना।

उन्होंने आगे कहा कि क्या आप एमएम नरवणे के बजाय पेंगुइन पर विश्वास करेंगे? किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं।

कांग्रेस का दावा- कंपनी ने दवाब में पोस्ट डिलीट किया

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पर लिखा कि पेंगुइन इंडिया ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है, जाहिर है वे भारी दबाव में हैं। पेंगुइन ने जो उचित समझा वो किय, लेकिन चीफ अभी भी सच्चाई के साथ खड़े हैं। यह किताब 2024 में प्रकाशित हुई थी और अमेजन पर बिक्री के लिए उपलब्ध थी।

पवन खेड़ा ने आर्मी चीफ नरवणे का एक पोस्ट भी शेयर किया है, जिसमें नरवणे ने पेंगुइन इंडिया की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था- मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें।

बुक की टाइपसेट पीडीएफ कॉपी वायरल

पुलिस के मुताबिक इस किताब के पब्लिकेशन के लिए अभी संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी टाइटल वाली किताब की PDF कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी।

आशंका जताई गई है कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जो कॉपी तैयार की थी, यह वही हो सकती है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर किताब के कवर को इस तरह दिखाया गया, जैसे वह खरीद के लिए उपलब्ध हो।

इस पूरे मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अप्रकाशित और बिना मंजूरी वाली किताब की सामग्री कैसे सार्वजनिक हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

राहुल गांधी ने संसद में उठाया किताब का मुद्दा

लोकसभा में 2-3 फरवरी को राहुल गांधी ने एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को पढ़ने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया था कि इसमें नरवणे की बुक के अंश हैं। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी।

इसके बाद लोकसभा में हंगामा हो गया था, जिससे कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। वहीं, हंगामा करने वाले आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। तब से किताब चर्चा में है।

राहुल ने कहा था कि वह इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी।

राहुल ने कहा था कि वह इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी।

किताब चीन से झड़प और अग्निवीर योजना का रिव्यू

4 फरवरी को राहुल किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर आज पीएम आए तो उन्हें यह किताब दूंगा। राहुल ने किताब का वह पेज खोलकर दिखाया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था- जो उचित समझो वह करो!।

राहुल ने कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री कह रहे है कि किताब का अस्तित्व नहीं है। देखिए यह रही किताब। नरवणे की इस अनपब्लिश बुक में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की झड़पों के साथ-साथ अग्निवीर योजना का रीव्यू किया गया है।

नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे

नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिस्टरेचर फेस्टिवल में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंगुइन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है।

अब यह पब्लिशर्स और सरकार के बीच का मामला है। किताब रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है। एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इसे पब्लिश करने की मंजूरी नहीं मिली है।

कांग्रेस ने किताब के पन्ने शेयर किए, चीनी टैंक घुसपैठ के वक्त का घटनाक्रम

कांग्रेस ने एक मैगजीन में पब्लिश आर्टिकल के पेज सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए। इसमें पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश बुक Four Stars of Destiny के अंश हैं। इसमें 31 अगस्त 2020 को लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच बने हालात का जिक्र है। बताया जब चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में बढ़ रहे थे तब क्या हुआ?

तारीख: 31 अगस्त, 2020

  • रात 8.15 बजे: भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को फोन पर जानकारी मिली कि चीन की पैदल सेना के समर्थन के साथ चार चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर जाती एक खड़ी पहाड़ी पगडंडी पर आगे बढ़ रहे हैं।
  • रात 8.15–8.30 बजे के बीच: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को जानकारी दी। चीनी टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर एक रोशनी वाला गोला दागा, लेकिन इसका चीनी टैंकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे आगे बढ़ते रहे।
  • रात 8.30 बजे के बाद: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क कर स्पष्ट निर्देश मांगे।
  • रात 9.10 बजे: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने फिर फोन किया। बताया गया कि चीनी टैंक अब दर्रे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं।
  • रात 9.25 बजे: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दोबारा फोन कर “स्पष्ट निर्देश” मांगे, लेकिन कोई फैसला नहीं मिला। इसी दौरान PLA कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन का संदेश आया, जिसमें तनाव कम करने का प्रस्ताव दिया गया—दोनों पक्ष आगे की गतिविधियां रोकें और अगले दिन सुबह 9.30 बजे स्थानीय कमांडरों की बैठक हो।
  • रात 10.00 बजे: नरवणे ने चीनी कमांडर का प्रस्ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजित डोभाल तक पहुंचाया।
  • रात 10.10 बजे: नॉर्दर्न कमांड से फिर सूचना मिली कि चीनी टैंक नहीं रुके हैं और अब चोटी से सिर्फ 500 मीटर दूर हैं। जोशी ने बताया कि उन्हें रोकने का एकमात्र तरीका मीडियम आर्टिलरी से फायर खोलना है।
  • रात 10.10 बजे –10.30 बजे के बीच: सेना मुख्यालय में विकल्पों पर चर्चा होती रही। पूरा नॉर्दर्न फ्रंट हाई अलर्ट पर रखा गया।
  • रात 10.30 बजे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वापस फोन किया और बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। प्रधानमंत्री का निर्देश सिर्फ एक वाक्य में था- जो उचित समझो, वो करो।नरवणे ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। मोदी से सलाह ली गई थी। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन उन्होंने फैसला लेने से मना कर दिया था। अब पूरी जिम्मेदारी मुझ पर थी।’

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मोदी ने वाराणसी में एयरशो देखा, राफेल-सुखोई ने करतब दिखाए:वायुसेना के शो में 100 विमानों ने हिस्सा लिया, PM ने 7 किमी रोड शो भी किया

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वाराणसी, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो देखा। शो में 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमान भी शामिल थे। पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने भी एयर शो देखा।

एयरशो में राफेल विमान ने कम ऊंचाई पर कलाबाजियां दिखाईं। विमान ऊपर जाते-जाते अचानक नीचे मुड़ जाता तो कभी गोल चक्कर लगाने लगता। ऐसे ही सुखोई-30 MKI विमान ने कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाए। चेतक हेलिकॉप्टर ने फूल बरसाए।

C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमान एक साथ उड़ान भरते हुए मंच के ऊपर से गुजरे। सूर्यकिरण टीम के विमानों ने आसमान में शानदार कलाबाजियां दिखाईं।

राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 ने तीर की नोक के आकार में उड़ान भरी। यह ऑपरेशन सिंदूर जैसा नजारा रहा। करीब 15 लाख लोगों ने वायुसेना की ताकत देखी। एयर शो भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित किया गया। इसे ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया था।

पीएम मोदी ने इससे पहले रूपापुर में 100 करोड़ रुपए की अरविंद टेक्सटाइल मिल का उद्घाटन किया। फिर पुलिस लाइन से 7 किमी. लंबा रोड शो कर नमो घाट पहुंचे।

C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दशाश्व फॉर्मेशन बनाई।

C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दशाश्व फॉर्मेशन बनाई।

चिनूक विमान ने अलकनंदा फार्मेशन बनाया। गंगा नदी के पास पहुंचकर नमन किया।

चिनूक विमान ने अलकनंदा फार्मेशन बनाया। गंगा नदी के पास पहुंचकर नमन किया।

वायुसेना के विमानों ने आकाश में तिरंगा बनाते हुए कलाबाजियां दिखाईं।

वायुसेना के विमानों ने आकाश में तिरंगा बनाते हुए कलाबाजियां दिखाईं।

सूर्यकिरण टीम के विमानों ने शानदार करतब दिखाए। आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।

सूर्यकिरण टीम के विमानों ने शानदार करतब दिखाए। आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।

एक C-295 और दो डोर्नियर विमान विजय के प्रतीक के आकार में मंच के सामने से गुजरकर भैरव फॉर्मेशन बनाया।

एक C-295 और दो डोर्नियर विमान विजय के प्रतीक के आकार में मंच के सामने से गुजरकर भैरव फॉर्मेशन बनाया।

100 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन किया

  • PM मोदी सुबह 10 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी ने मिर्जामुराद स्थित खोचवां गांव के पास अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
  • करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस यूनिट में लगभग 1000 महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का उत्पादन होगा। यूनिट में 300 मशीनें लगाई गई हैं और करीब 300 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • अरविंद समूह की शुरुआत वर्ष 1931 में गुजरात के अहमदाबाद में हुई थी। यह समूह डेनिम (जींस बनाने में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा), सूती और लिनेन के कपड़े, सूट फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर और औद्योगिक उपयोग के विशेष कपड़ों को बनाने और कारोबार के लिए जाना जाता है।
PM मोदी ने अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।

PM मोदी ने अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।

पुलिस लाइन से नमोघाट तक 7 किमी रोड शो किया

टेक्सटाइल यूनिट के उद्घाटन के बाद मोदी ने दोपहर करीब 12 बजे पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब 7 किलोमीटर का रोड शो किया। कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। मोदी ने कार से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

पीएम मोदी ने वाराणसी में 7 किमी. लंबा रोड शो किया।

पीएम मोदी ने वाराणसी में 7 किमी. लंबा रोड शो किया।

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SIR सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से चुनाव आयोग का इनकार:कहा- यह ट्रेड सीक्रेट; RTI में नाम-वर्जन और AI इस्तेमाल पर पूछे थे सवाल

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नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने RTI के जवाब में कहा- यह जानकारी ट्रेड सीक्रेट और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़ी है। इसे RTI कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

आयोग ने यह भी साफ नहीं किया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

5 सवालों पर चुनाव आयोग के जवाब

1. सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन: आयोग ने नाम और वर्जन बताने से इनकार किया। RTI कानून की धारा 8(1)(d) के तहत ट्रेड सीक्रेट का हवाला दिया। साथ ही कहा कि SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर न बनाया गया, न खरीदा गया।

2. क्या सॉफ्टवेयर खुद गड़बड़ियां पहचानता है: आयोग ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने इसे स्पष्टीकरण मांगने वाला सवाल बताते हुए RTI कानून की धारा 2(f) का हवाला दिया।

3. AI या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल पर: आयोग ने स्पष्ट नहीं किया कि वोटर लिस्ट की जांच में AI, मशीन लर्निंग या प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल हुआ या नहीं।

4. सॉफ्टवेयर से खुद नाम हटाने के सवाल पर: आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला संबंधित क्षेत्र का ERO तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करता है। आयोग ने सॉफ्टवेयर की भूमिका के बारे में अलग से जानकारी नहीं दी।

5. चिह्नित रिकॉर्ड की समीक्षा और मंजूरी के सवाल पर: चुनाव आयोग ने RTI कानून की धारा 8(1)(g) का हवाला दिया। साथ ही बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13B(1) और 13B(2) के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की वोटर लिस्ट तैयार करने और उसमें संशोधन की जिम्मेदारी होती है।

कांग्रेस का आरोप- सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपा रहा आयोग

वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि इस सॉफ्टवेयर को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने विकसित किया, इसकी जानकारी आयोग ने खुद सार्वजनिक क्यों नहीं की। उन्होंने SIR और मतदाता सूची में संशोधन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और उससे जुड़े सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाए।

रमेश ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINET सॉफ्टवेयर और चुनाव आयोग के IT डिवीजन को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनके मुताबिक, ये शिकायतें प्रधानमंत्री के अधीन आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) तक भी पहुंची थीं।

दो चुनाव आयुक्तों ने अफसर के कामकाज पर सवाल उठाए

दो दिन पहले RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को RTI के तहत मिले जवाब से पता चला कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इनमें उन्होंने डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।

दोनों आयुक्तों ने अधिकारियों के बीच काम बांटने के एक आदेश पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह आदेश चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना जारी किया गया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि ये पत्र पूरे चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई आधिकारिक शिकायतें नहीं थीं। इसलिए उसने खुद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दीं।

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जज के नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज से टक्कर मारी:केरलम में स्कूटर सवार की मौत, पीड़ित परिवार बोला- जज ने थाने में बेइज्जत किया

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कोच्चि, एजेंसी। केरलम के कोच्चि में शनिवार देर रात मर्सिडीज कार ने स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 55 साल के स्कूटर सवार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाला एडिशनल सेशन जज का बेटा है। उसकी उम्र 17 साल है।

कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हादसा रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ। घटनास्थल के एक वीडियो में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में जब उन्होंने नाबालिग को कार चलाने देने पर सवाल उठाया, तो जज ने उनसे अपमानजनक लहजे में बात की।

जज के बेटे की कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

जज के बेटे की कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

कार एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड है।

कार एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड है।

30 साल से चला रहे थे खाने का स्टॉल, घर लौटते समय हादसा

हादसे में जान गंवाने शख्स की पहचान जयबालकृष्णन के रूप में हुई है। वह करीब 30 साल से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे खाने का स्टॉल चला रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, जयबालकृष्णन ने शनिवार रात चित्तूर मंदिर के पास अपना स्टॉल बंद किया था। वह रोज शाम करीब 4 बजे दुकान खोलते थे और वहां मुख्य रूप से डोसा सहित शाकाहारी खाना बेचते थे।

जयबालकृष्णन और उनकी पत्नी रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करके दुकान पहुंचते थे। उनकी पत्नी वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण एक सप्ताह की छुट्टी पर थीं। हादसे के समय जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।

जयबालकृष्णन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)

जयबालकृष्णन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)

आरोपी जज की परमीशन के बिना कार लेकर निकला

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलुवा में रहता है और अपने माता-पिता की जानकारी के बिना मर्सिडीज-बेंज लेकर निकला था। कार वल्लारपदम से कलामस्सेरी की ओर जा रही थी, तभी उसने जयबालकृष्णन की स्कूटी को टक्कर मार दी।

चेरानेल्लूर पुलिस ने किशोर को घटनास्थल से हिरासत में लिया और कार जब्त कर ली। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत होने से संबंधित हैं।

पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि हादसे के समय नाबालिग चालक नशे में नहीं था। हालांकि, आगे की जांच के लिए उसके ब्लड सैंपल लिए गए हैं।

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