मॉं और बच्चे की सुरक्षा, पूरे परिवार की जिम्मेदारी
कोरबा 09 सितंबर 2026। कोरबा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा मातृ मृत्यु को रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवार से समय पर स्वास्थ्य जांच, उचित उपचार एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने को कहा गया है जो इस प्रकार है- गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही मितानिन / एएनएम को सूचित करें तथा 45 दिनों के भीतर गर्भावस्था का पंजीयन कराएं। गर्भावस्था के शुरूआती 03 महीनों में कम से कम एक बार चिकित्सकीय जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।
प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं –
गर्भवती की कम से कम चार नियमित प्रसवपूर्व जांच(ए.एन.सी) कराना जरूरी है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में हर महीने की 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जांच की सुविधा उपलब्ध है। जांच में रक्तचाप(बीपी) हीमोग्लोबिन(एचबी), पेशाब, सिकल सेल सहित आवश्यक परीक्षण निःशुल्क उपलब्ध है।
खून की कमी(एनीमिया) को हल्के में न लें-
यदि चिकित्सक द्वारा हीमोग्लोबिन कम बताया गया है अथवा सिकल सेल की पुष्टि होती है, तो इसे गंभीरता से लें। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन- फोलिक एसिड की गोलियां नियमित ले तथा हरी सब्जियॉं, गुड-चना एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें। आवश्यकता पड़ने पर रक्त की व्यवस्था के लिए पहले से संभावित रक्तदाताओं के नाम में मोबाईल नंबर सुरक्षित रखें।
जोखिम वाली गर्भावस्था (लाल निशान) में प्रसव घर या छोटे अस्पताल में न कराएं-
कम उम्र, जुड़वा गर्भ, उच्च रक्तचाप, पूर्व में आपरेशन/सीजेरियन प्रसव अथवा अन्य चिकित्सकीय जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज जैसे उच्च स्वास्थ्य संस्थान में कराया जाए। एैसे मामलों में घर प्रसव कराने की जिद न करें। प्रसव से पहले परिवहन की तैयारी रखे-
परिवार 108 का नम्बर सभी मोबाईल में सेव रखें। तथा प्रसव की संभावित तिथि से पहले आवश्यक परिवहन व्यवस्था की योजना बनाए । विशेष रूप से दूरस्थ एवं बरसात प्रभावित क्षेत्रों (पोंड़ी उपरोड़ एवं करतला) की गर्भवती महिलाओं का प्रसव से 07 दिन पूर्व अस्पताल के नजदीक आ जावें।
खतरे का 05 लक्षण दिखें तो तुरंत 108 पर संपर्क करें-
गर्भावस्था के दौरान तेज बुखार/दौरे, अत्यधिक रक्तस्त्राव, रक्तचाप(बीपी) बढ़ना, तेज सिरदर्द या ऑंखों के सामने धंुध /अंधेरा छा जाना, पानी की थैली फटना तथा बच्चे की हलचल कम या बंद होनेा जैसे खतरे के लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क कर 108 एंबुलेंस की सहायता लेकर अस्पताल लाएं।
प्रसव के 48 घंटे बेहद खतरनाक है-
प्रसव के बाद के 48 घंटै मां एवं नवजात दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए प्रसव के बाद मां को कम से कम 48 घंटे स्वास्थ्य संस्था में निगरानी में रखना आवश्यक है। उसके बाद घर आने के बाद भी बुखार , अत्यधिक रक्तस्त्राव, बदबूदार पानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आयें। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जिले के आम नागरिको से अपील किए हैं कि गर्भवती महिला की देखभाल को परिवार प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रथम तीन महीने के भीतर पंजीयन, नियमित जांच, पौष्टिक आहार, चिकित्सकीय सलाह का पालन तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अस्पताल पहॅुचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें क्योंकि आपकी बहु-बेटियों की जान बचाना सिर्फ डॉक्टर का नहीं पूरे परिवार का काम है।
कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुरुवार देर रात पसान रेंज के तेलियामार गांव में करीब 52 हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। गांव से लगे दीपक स्कूल (मिशन स्कूल) के छात्रावास परिसर में हाथियों के घुसने से वहां रह रहे करीब 160 बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
बाउंड्रीवॉल तोड़कर परिसर में घुसे हाथियों ने बगीचे को तहस-नहस कर दिया।
जानकारी के अनुसार, देर रात हाथियों का झुंड गांव के करीब पहुंचा। इसके बाद हाथियों ने स्कूल की बाउंड्रीवॉल तोड़ दी और छात्रावास परिसर में घुस गए। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर हॉस्टल में रहने वाले बच्चे डर गए। पूरी रात बच्चे दहशत में रहे। गांव में भी हाथियों की आवाज सुनकर ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। अचानक झुंड के गांव के पास पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
किसान का मकान क्षतिग्रस्त, धान की फसल रौंदी
हाथियों के झुंड ने गांव के पास स्थित एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा खेतों में तैयार धान की फसल को रौंद दिया। फसल बर्बाद होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। धान की फसल को बचाने के लिए शुक्रवार को ग्रामीण शोर मचाकर हाथियों को भगाने का प्रयास करते रहे।
कटघोरा वन मंडल में 57 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के मुताबिक, वर्तमान में कटघोरा वन मंडल में कुल 57 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें से 52 हाथियों का झुंड पसान रेंज के तेलियामार और खोहरी के जंगलों में घूम रहा है। वहीं झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी बनिया रेंज में है, जबकि जटगा रेंज में तीन हाथियों की मौजूदगी बताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, हाथी आमतौर पर झुंड में रहने के दौरान गांवों के किनारे कम आते हैं, लेकिन धान की फसल पकने के कारण वे खेतों की ओर पहुंच रहे हैं। शाम होते ही हाथी अलग-अलग दिशाओं में चले जाते हैं और सुबह फिर एक जगह एकत्र हो जाते हैं।
10 गांवों में मुनादी, निगरानी बढ़ाई
हाथियों की आवाजाही और संभावित खतरे को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार, आसपास के 10 गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। स्कूल परिसर में हाथियों के घुसने और फसल नुकसान की घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
बुजुर्गों की सेवा और सम्मान ही सच्चे संस्कारों की पहचान – लायन अग्रवाल
कोरबा। मानव सेवा ईश्वर सेवा ध्येय वाक्य के तहत् दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को दुरपा रोड सर्वमंगला मंदिर के पास स्थित प्रशांति वृद्धाश्रम में लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल एवं नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में वृद्धजनो´ को आवश्यक सामाग्रियो´ का वितरण रीजन चेयरमेन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम में पीएमजेएफ लायन डाॅ.राजकुमार अग्रवाल (पूर्व प्रान्तपाल) एवं प्रशांति वृद्धाश्रम के अध्यक्ष सादिक खान बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
सर्वप्रथम क्लब अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल के द्वारा वृद्धाश्रम में निवासरत सभी वृद्धजनो´ का स्वागत किया। तत्पश्चात् क्लब मार्गदर्शक पीएमजेएफ लायन डाॅ. राजकुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करना हम सभी का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव हमारे जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं और हमें उनके अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। रीजन चेयरमेन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल ने कहा कि सेवा कार्य किसी एक दिन या अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें अपनी क्षमता के अनुसार निरंतर सेवा एवं परोपकार के कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने जीवन में सेवा का कोई न कोई माध्यम अवश्य खोजना चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव आगे आना चाहिए। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित किया।
उद्बोधन पश्चात् लायन सदस्यो द्वारा प्रशांति वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्धजनो´ को उनकी दैनिक आवश्यकताओं में उपयोगी विभिन्न सामग्री प्रदान की गईं तथा उनका सम्मान करते हुए उनके साथ आत्मीय संवाद किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, संवेदना और सेवा की भावना को समाज में और अधिक मजबूत करना था।
प्रशांति वृद्धाश्रम के अध्यक्ष सादिक खान ने उपस्थित लायन सदस्यो´, शिक्षको´ को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हम अपने बच्चों को बचपन से ही माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाएं, तो परिवार में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न ही नहीं होंगी, जिनके कारण किसी वरिष्ठजन को वृद्धाश्रम का सहारा लेना पड़े। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बुजुर्गों की बातों को धैर्यपूर्वक सुनें, उनकी भावनाओं का सम्मान करें और उनके अनुभवों को परिवार की अमूल्य विरासत मानें।
उक्त कार्यक्रम में लायन प्रेमलता अग्रवाल, लायन किरण अग्रवाल, लायन सुरेन्द्र कुमार डनसेना, लायन सुभाष चंद अनंत, लायन पार्वती दास सहित अन्य लायन सदस्य उपस्थित थें।
11 अक्टूबर से होगी प्रारंभ, 19 अक्टूबर को होगी सम्पन्न गज पर सवार होकर आएंगी माँ आदिशक्ति कोरबा। हसदेव नदी के तट पर स्थित आस्था का केंद्र माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा में शारदीय नवरात्रि पर11 अक्टूबर से आस्था के दीप प्रज्ज्वलित होंगे। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा नदी के तट पर विश्व कल्याणी जगत माता जगदम्बिका माँ श्री सर्वमंगला देवी की असीम कृपा से प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शारदीय क्वांर नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर माँ सर्वमंगला देवी के पवित्र स्थल में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा दिन रविवार 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ एवं शुक्ल पक्ष नवमी दिन सोमवार 19 अक्टूबर 2026 तक माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में सर्वमनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होंगे। शारदीय क्वांर नवरात्रि के नौ दिन तक परिसर में यज्ञोपवित संस्कार, जसगीत गायन, कीर्तन-भजन सहित अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। मंदिर समिति की अपील ज्योति कलशों के लिए प्राप्त कर लें रसीद मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ज्योति कलश के लिए समय पर रसीद प्राप्त कर लें। तेल ज्योति कलश 901 रुपये और घृत ज्योति कलश 2101 रुपये में प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व के दौरान मंदिर परिसर में भंडारा, धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी। धर्मानुरागी मंदिर परिसर से तैल्य ज्योति कलश या घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने रसीद प्राप्त कर लें। मनोकामना ज्योति कलश के लिए इन स्थानों पर भी करें संपर्क – माँ सर्वमंगला मंदिर परिसर दुरपा कोरबा, अविनाश स्टेशनरी, दर्री रोड कोरबा, मो. 7697777770, अविनाश ट्रेडर्स, दर्री रोड कोरबा, मो. 98271-89511, जय माँ दक्षिणेश्वरी डेली नीड्स, बजरंग टाकीज के सामने,कोरबा- 9754926033, पवन जनरल स्टोर्स, उरगा-कोरबा, महामाया बुक डिपो, बालको- 243034, शारदा प्रोविजन स्टोर्स, इंदिरा कॉम्पलेक्स, जमनीपाली, एजुकेशन हब, कचहरी चौक, डीडी प्लाजा, जांजगीर – 9098888246, 9098888644, अजय मोबाईल – सब्जी मार्केट के सामने, मंगला चौक बिलासपुर -9098888260, रतन जनरल स्टोर्स, विकास नगर कसमुण्डा-272130, शंकर लाल दुबे, छुरीकला – 7898597355, गोपाल जनरल स्टोर, घुड़देवा- 7771899437, गायत्री मेडिको, निहारिका -9424141437, सरस्वती बुक डिपो, जूनाडीह -275888, मित्तल ऑटोमोबाईल्स, सुराकछार – 9425226745, गणेश ऑटो पार्ट्स एण्ड गणेश पान मसाला, बालको- 9893349692, 7999876704, नरेश चौहान, मुड़ापार 9098156287, सर्वमनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित हेतु तेल्य ज्योति कलश 901/- रू. एवं घृत ज्योति कलश 2100/- रू. जमा कर रसीद प्राप्त करें। माँ सर्वमंगला देवी की मंगल आरती
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ जय अम्बे गौरी..॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै । रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥ जय अम्बे गौरी..॥ केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी । सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥ जय अम्बे गौरी..॥ कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥ जय अम्बे गौरी..॥ शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती । धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥ जय अम्बे गौरी..॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे । मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥ जय अम्बे गौरी..॥ ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी । आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥ जय अम्बे गौरी..॥ चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरो । बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥ जय अम्बे गौरी..॥ तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता, भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥ जय अम्बे गौरी..॥ भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी] मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥ जय अम्बे गौरी..॥ कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती । श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥ जय अम्बे गौरी..॥ श्री अम्बेजी की आरति, जो कोई नर गावे । कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥ जय अम्बे गौरी..॥ बोलो माँ सर्वमंगला देवी की जय…! नोट:-
प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने बताया शारदीय क्वार नवरात्रि पर्व 11.1०.२०२6, रविवार से प्रारंभ होगा, सर्वमनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलन हेतु तैल्य ज्योति कलश ९01/-रूपये एवं घृत ज्योति कलश हेतु 2100/- रूपये जमा कर रसीद लेवें। सर्वमनोकामना ज्योति कलश का हवन, पूर्णाहुति, सहस्त्रधारा, कपिलातर्पण, सजीयादान, ब्राहम्ण भोज, कन्या भोज 18 अक्टूबर २०२6 रविवार को होगा। जवारा कलश विसर्जन, दिनांक 19.10.2026, सोमवार संध्या 5.00 बजे होगा। माँ सर्वमंगला की मंगल आरती प्रतिदिन प्रात:काल एवं संध्या 7.00 बजे होगी। माँ का भोग प्रसाद प्रतिदिन दोपहर 12.00 बजे होगा। कृपया ज्योति कलश दर्शन कतारबद्ध होकर करें एवं रसीद साथ लावें। कृपया अपने सामानों की रक्षा स्वयं करें। माँ सर्वमंगला देवी का मंगल श्रृंगार प्रति सुबह ०५.00 बजे होगी। प्रतिदिन भजन, कीर्तन एवं माता जसगीत अखंड रूप से चलता रहेगा। श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में नवरात्रि पर्व पर सुबह-शाम भंडारे का आयोजन रखा गया है। श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर के पास दुकान लगाने के इच्छुक व्यापारीगण सादर आमंत्रित हंै। कृपया पुजारी/ प्रबंधक से संपर्क करें – ज्योति कलश नवरात्रि पर्व का प्रसाद मंदिर परिसर कार्यालय से प्राप्त करें। अपील:
मंदिर परिसर में नियमों का पालन करें और शांति से दर्शन करें- प्लास्टिक थैले का उपयोग न करें।