बिहार के शिवहर जिले में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत जिला कांग्रेस की बैठक आयोजित, मतदाता सूची की जांच के लिए चेकलिस्ट एवं प्रारूप उपलब्ध कराया
गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं ने रखीं अपनी चिंताएं, जयसिंह अग्रवाल ने शीर्ष नेतृत्व तक बात पहुंचाने का दिया आश्वासन
कोरबा/शिवहर, 26 अक्टूबर 2026। जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर के तत्वावधान में सोमवार को सायं 7 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कांग्रेस कमेटी के अफरोज आलम के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में जिला एवं प्रखंड स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों, युवा नेताओं, महिला कांग्रेस की प्रतिनिधि तथा पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने अथवा नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन करना और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में चलाया जा रहा “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान तभी प्रभावी होगा, जब पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने, प्रभावित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने में सहायता देने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए चेकलिस्ट एवं निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि इनका वितरण संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच किया जाए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का व्यवस्थित संकलन, सत्यापन और नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुख गतिविधि के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में गठबंधन के अंतर्गत विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बार-बार चुनावों में गठबंधन के अन्य घटक दलों को अधिक सीटें दिए जाने तथा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से संगठन के भीतर उपेक्षा और निराशा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आग्रह किया कि गठबंधन संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की जमीनी स्थिति, स्थानीय नेताओं के योगदान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इस पर जयसिंह अग्रवाल ने उपस्थित कांग्रेसजनों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि “आप सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए आपकी बातों एवं चिंताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठनात्मक सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बैठक में शिवहर जिले में कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क बढ़ाने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़ा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शिवहर प्रभारी दिलीप खिरहर, उपाध्यक्ष वशिष्ठ राउत, सचिव प्रभात रंजन, युवा नेता अभिषेक यादव एवं अमित रंजन, पिपराही प्रखंड अध्यक्ष एम. मुर्तजा, अकरम, विनोद साह, युवा नेता आशुतोष कुमार सिंह, समंस आलम, सैयद अंसारी, संतोष पटेल, अभिषेक पटेल, सहदेव राम, महिला कांग्रेस की श्रीमती आशा कुमारी, कोषाध्यक्ष रघुवीर प्रसाद, महासचिव प्रभात यादव सहित अन्य कांग्रेसजन, कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी वर्ग के लोग उपस्थित रहे। जिला कांग्रेस कमेटी ने अभियान को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का तथ्यात्मक सत्यापन करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने और कार्यकर्ताओं की भावनाओं एवं सुझावों को उचित स्तर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
सेवा सेतु, सीएम हेल्पलाइन और जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
समय-सीमा बैठक में योजनाओं की समीक्षा, लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण करने के निर्देश
पीवीटीजी परिवारों के आधार पंजीयन के लिए गांवों में लगेंगे शिविर, धान खरीदी और राज्योत्सव की तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु पोर्टल से प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को वर्षा एवं तेज आंधी की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में आधार से वंचित परिवारों के पंजीयन शिविर लगाने के लिए योजना तैयार करने, सर्वे कराने और गांव-गांव मुनादी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पीवीटीजी परिवारों का कोई भी सदस्य आधार पंजीयन से वंचित न रहे और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को खनन प्रभावित परिवारों के विद्यार्थियों को नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया पर काम करने तथा कम से कम दस पीवीटीजी परिवारों के बच्चों को वहां प्रशिक्षण देने के संबंध में आवश्यक तैयारी करने को कहा गया। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना और एपीसी बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन के लिए कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन, मत्स्य विभाग को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन तथा किसान सम्मान निधि से संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने और अधिक से अधिक किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा गया। धान खरीदी की पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को अभी से जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
आंधी-वर्षा से निपटने की तैयारी, सीएम हेल्पलाइन और जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करे
चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने और आपसी समन्वय से काम करने को कहा। राजस्व अधिकारियों को कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराने तथा निचले और जोखिमयुक्त क्षेत्रों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने या पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने पर आवागमन तत्काल रोकने और बैरिकेडिंग कराने को कहा गया, ताकि कोई व्यक्ति बहते पानी के बीच से रास्ता पार न करे। प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक भवनों में राहत शिविर तैयार रखने तथा वहां पेयजल, भोजन, रोशनी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों और चिकित्सकीय दल की उपलब्धता तथा दूरस्थ क्षेत्रों की प्रसव संभावित गर्भवती महिलाओं को 27 अक्टूबर को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराने की व्यवस्था करने को भी कहा गया। बिजली लाइनों का निरीक्षण और आपूर्ति बाधित होने पर शीघ्र बहाली के लिए टीमें तैयार रहेंगी।
सेवा सेतु पोर्टल के आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्रकरणों का निर्धारित समय में निराकरण करने को कहा। पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के पसान सहित विभिन्न क्षेत्रों के लंबित आवेदनों पर विशेष ध्यान देकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा में उन्होंने कहा कि वास्तविक और जायज शिकायतों का निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, अत्यंत आवश्यक स्थिति के अलावा, उनका स्पेशल क्लोजर न किया जाए। किसी प्रकरण में संदेह या कठिनाई होने पर वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाए। साफ-सफाई, नाली, स्ट्रीट लाइट, बिजली के तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जनदर्शन में शासकीय भूमि और छोटे-बड़े झाड़ के जंगल की भूमि पर अतिक्रमण संबंधी शिकायतों का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा।
खराब चावल वितरण की शिकायत पर जाँच के दिए निर्देश
जिला मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा के संबंध में जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने गंभीर मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ने की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इस दिशा में शीघ्र पहल करने के निर्देश दिए। पोड़ी-उपरोड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकानों से राशन कार्डधारियों को वितरित चावल की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर जिला स्तरीय समिति गठित कर गोदामों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। अपात्र व्यक्तियों द्वारा राशन कार्ड बनवाकर खाद्यान्न लेने के मामलों की जांच कर संदिग्ध कार्डधारियों को सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए गए। जांच की जिम्मेदारी नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दी गई।
सौर ऊर्जा, पुराने लंबित कार्यों और राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को यूएलए मॉडल के अंतर्गत 10 नवंबर तक एस्टीमेट तैयार करने और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। योजना के लिए लगभग दस हजार हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित करने तथा प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक गांव को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। पीएम जनमन के गांवों और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण गांवों को भी इस पहल में शामिल करने को कहा गया। जिला खनिज न्यास के अंतर्गत कार्ययोजना स्वीकृत होने के बाद भी शुरू नहीं हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पुराने अप्रारंभ कार्यों की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। वर्ष 2024 से पहले स्वीकृत अथवा तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित ऐसे कार्य, जिन पर काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें निरस्त कर संबंधित राशि वापस करने की प्रक्रिया करने को कहा गया। निर्माण एजेंसियों और अन्य विभागों को कर्मचारियों तथा कार्यों से जुड़े भुगतान लंबित न रखने और दीपावली से पहले भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
दो नवंबर को घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर ओपन ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित होने वाले राज्योत्सव समारोह की तैयारियों की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी विभागों को योजनाओं पर आधारित स्टॉल लगाने को कहा। उन्होंने स्टॉल आवंटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंच और दर्शक दीर्घा, प्रदर्शनी, कलाकारों के ठहरने, बिजली तथा पेयजल की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना से कुम्हारीसानी की बेटियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल की राह हुई सुगम
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। पोंड़ी-उपरोड़ा विकासखंड का दूरस्थ ग्राम कुम्हारीसानी जिला मुख्यालय से लगभग 100 से 110 किलोमीटर दूर है। यहां कई परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं। गांव से हायर सेकेंडरी स्कूल की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर है। रास्ते कहीं ऊबड़-खाबड़ हैं, कहीं चढ़ाई-उतार और जंगल के बीच से गुजरते हैं। ऐसे में रोज स्कूल आना-जाना छात्राओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। दूरी के कारण पहले कई बालिकाएं मिडिल स्कूल के बाद आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं। स्कूल में दाखिले के साथ आगे पढ़ने और कुछ बनने का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए रास्ते की कठिनाइयां बड़ी बाधा बन जाती थीं। मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना ने स्कूल तक पहुंचना आसान बनाया है और छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने का संबल दिया है। कुम्हारीसानी की साधना कक्षा 11वीं में पढ़ रही हैं। उनके पिता खेती-किसानी करते हैं। कक्षा 9वीं में मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिलने से साधना के लिए पसान स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचना आसान हुआ। कठिन रास्तों के बावजूद अब वे नियमित रूप से स्कूल जा पाती हैं और अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं। साधना आगे पढ़कर अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं। गांव की मनीषा भी कक्षा 11वीं में वाणिज्य विषय की पढ़ाई कर रही हैं। उनका परिवार भी खेती-किसानी से जुड़ा है। वे सुबह साइकिल से स्कूल के लिए निकलती हैं और छुट्टी के बाद उसी से घर लौटती हैं। घाट और टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर साइकिल उनके रोज के सफर को सुविधाजनक बनाती है। छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल दी जाती है, ताकि स्कूल की दूरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। साधना और मनीषा जैसी छात्राओं के लिए यह साइकिल नियमित रूप से स्कूल पहुंचने और हायर सेकेंडरी स्तर तक शिक्षा जारी रखने में मददगार है। जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्य भी इसका उपयोग करते हैं। साइकिल मिलने से कुम्हारीसानी की इन छात्राओं के लिए स्कूल का रास्ता सुगम हुआ है। वे अपनी पढ़ाई और भविष्य के सपनों की ओर लगातार आगे बढ़ रही हैं। छात्राओं और उनके परिवारों ने इस सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कोरबा। कोरबा तहसील कार्यालय के अंदर अलमारी के पीछे कोबरा सांप मिला। सांप की फुंकार सुनकर कर्मचारी घबरा गए और वहां से भागने लगे। कार्यालय में रोज बड़ी संख्या में लोग राजस्व संबंधी कामों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विषैले कोबरा की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका बन गई थी।
सूचना मिलने पर वन विभाग और RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया।
अलमारी के पीछे दुबका था कोबरा
कोबरा दिखाई देने के बाद तत्काल वन विभाग और RCRS कोरबा को सूचना दी गई। इसके बाद RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव टीम के सदस्य मानस के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। कोबरा अलमारी के पीछे छिपा हुआ था, जिससे उसे सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।
टीम ने सावधानी बरतते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा के साथ सांप को बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकालने पर विशेष ध्यान दिया गया।
रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा के मार्गदर्शन में कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग और RCRS की तत्परता से संभावित अप्रिय घटना टल गई।
सांप दिखने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें
वन विभाग और RCRS की टीम ने लोगों से अपील की है कि घर, कार्यालय, दुकान, स्कूल या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। विशेषकर कोबरा जैसे विषैले सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे चूहों सहित कई जीवों की आबादी को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मानव और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित टीम की मदद लेना जरूरी है।