नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख सीमा में पहुंच गए थे।
राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका।
राहुल करीब 46 मिनट तक अपनी बात कहने की कोशिश करते रहे। इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 3 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राहुल ने बोलना शुरू किया। लेकिन हंगामे के चलते महज 9 मिनट बाद ही कार्यवाही शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शाम 4 बजे भी कार्यवाही शुरू होते ही फिर हंगामा हुआ और 11 मिनट बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में क्या हुआ
राहुल गांधी ने सदन में कहा, डोकलाम में चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे। मैं यह बात एक मैगजीन के आर्टिकल के हवाले से कह रहा हूं। जिसमें पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब (मेमॉयर) को कोट किया गया है।
राजनाथ सिंह खड़े हुए और बोले, ‘अगर ये बातें प्रकाशित हुई हैं तो इसका जिक्र करें नहीं तो छोड़ दें।’
राहुल बोले- ‘आप सब ध्यान से सुनें कि मैं क्या पढ़ रहा हूं इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। 4 चीनी टैंक भारत की धरती पर आ रहे थे। वे कुछ 100 मीटर ही दूर थे।’
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, राहुल जी आप सदन में नेता विपक्ष हैं। सांसद प्रियंका ने एक बात कही थी तो उन्होंने ऑथेंटिक स्तर पर प्रस्तुत किया था। आपसे भी यही अपील है’
राहुल ने कहा, ‘ये सौ प्रतिशत ऑथेंटिक है। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल बताएं कि क्या यह प्रकाशित हुआ है या नहीं केवल इतना बताएं।’ लोकसभा में एनडीए और विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
ओम बिरला ने कहा कि रक्षामंत्री सही कह रहे हैं। आप सदन में इसका जवाब दें। आप सदन में है, विपक्ष के नेता हैं सही नियम से चलें।
राहुल ने कहा- नरवणे की किताब में रक्षामंत्री और प्रधानमंत्री का जिक्र है। मैं वही बता रहा हूं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल जिस किताब के बारे में बोल रहे हैं वह किताब प्रकाशित नहीं हुई है।
अमित शाह ने बताया कि वह मैग्जीन की रिपोर्ट है, नरवणे जी ने ऐसा नहीं कहा है। मैगजीन तो कुछ भी लिख सकता है।
ओम बिरला ने कहा कि अखबार की कटिंग ही सदन में चल सकती है, इसके अलावा कुछ नहीं रख सकते।
राहुल ने कहा, ये सब नरवणे ने कहा है। उनकी किताब को प्रकाशित नहीं करने दिया गया है।
अमित शाह ने कहा- राहुल ने खुद कह दिया है कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है। अब बात ही खत्म हो जाती है। जो बुक पब्लिश ही नहीं है उसका जिक्र कैसे कर सकते हैं।
ओम बिरला ने माइक का कंट्रोल बंद करने का निर्देश दिया
राजनाथ बोले- सदन के नियमों का उल्लंघन न करें राहुल जी।
राजनाथ सिंह ने कहा- मैं केवल यह चाहता हूं कि राहुल जी वह किताब ले आएं मैं देखना चाहता हूं। मैं दावे से कह रहा हूं कि वह किताब पब्लिश ही नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा- एक मैगजीन है उसमें एक आर्टिकल है मैं उसको कोट कर रहा हूं।
राजनाथ ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि सदन में इस मुद्दे पर बोलने की परमिशन नहीं दी जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा, चीन का सवाल सेंसेटिव है। अगर देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है तो राहुल जी को पढ़ने देना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने कहा- हम सुनने के लिए बैठे हैं। अध्यक्ष रूलिंग दे चुके हैं। लेकिन फिर भी वे पढ़ रहे हैं। ऐसे कैसे चलेगा।
ओम बिरला ने कहा- सदन में अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन नियम से चलें।
राहुल गांधी ने कहा, वे एमपी थे, वे हमारे चरित्र पर बोले थे। राजनीति पर नहीं। वे बोले कि हम एंटी नेशनल हैं।
अमित शाह ने कहा- मैंने तेजस्वी का भाषण ध्यान से सुना। उन्होंने विपक्ष की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया। वे सरकारों की मंशा पर बोले हैं। राहुल गांधी कह रहे हैं कि हमारे चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। वे कह रहे हैं चाइनीज टैंक आए, इनको किसने बताया।
नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’, पब्लिश नहीं हुई
राहुल गांधी संसद में जिस किताब के आधार पर डोकलाम में चीनी टैंक घुसने का दावा कर रहे हैं, वह पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने लिखी है। ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नामक यह किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। इसका हार्डकवर अप्रैल 2024 से ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर उपलब्ध है। किताब में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की झड़पों के साथ-साथ अग्निवीर योजना को रिव्यू किया गया है। 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे नरवणे ने इंडियन एक्सप्रेस के इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंग्विन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है। अब यह प्रकाशन समूह और सरकार के बीच का मामला है। किताब रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है। एक साल से ज्यादा हो चुका है लेकिन इसे पब्लिश करने की मंजूरी नहीं मिली है।
कांग्रेस ने किताब के पन्ने शेयर किए, चीनी टैंक घुसपैठ के वक्त का घटनाक्रम कांग्रेस ने एक मैगजीन में पब्लिश आर्टिकल के पेज सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए। इसमें पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश बुक Four Stars of Destiny के अंश हैं। इसमें 31 अगस्त 2020 को लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच बने हालात का जिक्र है। बताया जब चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में बढ़ रहे थे तब क्या हुआ? तारीख: 31 अगस्त, 2020 रात 8.15 बजे: भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को फोन पर जानकारी मिली कि चीन की पैदल सेना के समर्थन के साथ चार चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर जाती एक खड़ी पहाड़ी पगडंडी पर आगे बढ़ रहे हैं। रात 8.15–8.30 बजे के बीच: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को जानकारी दी। चीनी टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर एक रोशनी वाला गोला दागा, लेकिन इसका चीनी टैंकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे आगे बढ़ते रहे। रात 8.30 बजे के बाद: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क कर स्पष्ट निर्देश मांगे। रात 9.10 बजे: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने फिर फोन किया। बताया गया कि चीनी टैंक अब दर्रे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं। रात 9.25 बजे: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दोबारा फोन कर “स्पष्ट निर्देश” मांगे, लेकिन कोई फैसला नहीं मिला। इसी दौरान PLA कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन का संदेश आया, जिसमें तनाव कम करने का प्रस्ताव दिया गया—दोनों पक्ष आगे की गतिविधियां रोकें और अगले दिन सुबह 9.30 बजे स्थानीय कमांडरों की बैठक हो। रात 10.00 बजे: नरवणे ने चीनी कमांडर का प्रस्ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजित डोभाल तक पहुंचाया। रात 10.10 बजे; नॉर्दर्न कमांड से फिर सूचना मिली कि चीनी टैंक नहीं रुके हैं और अब चोटी से सिर्फ 500 मीटर दूर हैं। जोशी ने बताया कि उन्हें रोकने का एकमात्र तरीका मीडियम आर्टिलरी से फायर खोलना है। रात 10.10 बजे –10.30 बजे के बीच: सेना मुख्यालय में विकल्पों पर चर्चा होती रही। पूरा नॉर्दर्न फ्रंट हाई अलर्ट पर रखा गया। रात 10.30 बजे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वापस फोन किया और बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। प्रधानमंत्री का निर्देश सिर्फ एक वाक्य में था- जो उचित समझो, वो करो। नरवणे ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। मोदी से सलाह ली गई थी। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन उन्होंने फैसला लेने से मना कर दिया था। अब पूरी जिम्मेदारी मुझ पर थी।’
नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तराखंड के सभी जिलों में कल से भारी बारिश हो रही है। ऋषिकेश में गंगा वॉर्निंग लेवल के पार पहुंच गई है और घाटों पर जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड हुई है। इससे करीब 4 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं। खराब मौसम को देखते हुए आज केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई और हेली सेवाएं भी बंद हैं।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नारी गांव में महानदी किनारे के शराब दुकान में बाढ़ का पानी घुसने से शराब की बोतलें नदी में बह गईं। इसकी जानकारी मिलते ही गांव वाले नदी किनारे बने ब्रिज पर पहुंच गए और मछली पकड़ने वाले जाल से बोतलें निकालते नजर आए।
यूपी के लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत 45 शहरों में 70 घंटे से बारिश हो रही है। 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आंधी-बारिश की वजह से 2 दिनों में 62 लोगों की मौत हो चुकी है।
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर अब कमजोर पड़ गया है। राज्य में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं। इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव टापू बन गए हैं, जबकि करीब 500 घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सुपौल के 50 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्र नेलांग-जादुंग में शनिवार को भारी बर्फबारी हुई।
बिहार के सुपौल के 50 गांवों में बाढ़ के हालात हैं।
ओडिशा के बालेश्वर के सहदेवखुंटा में भारी बारिश के बाद एक अधिकारी ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है। जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं।
उत्तराखंड: राज्य में रेड अलर्ट, 4 जिलों में बर्फबारी
उत्तराखंड के सभी जिलों में कल से ही तेज बारिश हो रही है। आईएमडी ने आज प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट, जबकि बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट है।
हिमाचल: किन्नौर में बर्फबारी शुरू, 5 जिलों में बारिश का अलर्ट
हिमाचल की राजधानी समेत राज्य के अधिकांश भागों में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और कई जगह बारिश हुई। कल्पा में सबसे ज्यादा 20.5 मिलीमीटर और शिमला में 9 मिमी बारिश हुई। वहीं किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गगया। पूह के कुन्नू और छितकुल में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।
बिहार: कोसी-गंडक उफान पर, 17 जिलों में 6 गांव बने टापू
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर अब कमजोर पड़ गया है। बीते 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा के चलते राज्य में अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। 30 सितंबर तक बारिश का दौर कमजोर पड़ने की संभावना है। कई जिलों में धूप निकलने के भी आसार हैं। इधर, नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं। इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव टापू बन गए हैं, जबकि करीब 500 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ में 65 घंटे से बारिश, पेड़-पोल उखड़े
यूपी में बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत 45 शहरों में 65 घंटे से बारिश हो रही है। 30-40 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। आंधी-बारिश की वजह से 2 दिन में 29 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
मध्य प्रदेश: कोटे की 95.4% बारिश, यह सामान्य बारिश से कम
सितंबर के आखिरी दिनों में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर रहा। इससे अब तक मानसून की औसत 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह कोटे की 95.4 प्रतिशत है। यह सामान्य बारिश’ की कैटेगिरी से पीछे है। 96 से 104% तक होने वाली बारिश को ही ‘सामान्य बारिश’ माना जाता है।
राजस्थान: 16 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, कोटा-जैसलमेर में ओले गिरे
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बंगाल की खाड़ी से आए चक्रवात के असर से मौसम में बदलाव हुआ है। 16 जिलों में रविवार को बारिश का यलो अलर्ट है। शनिवार को कोटा जिले के मंडाना और जैसलमेर के मोहनगढ़ सहित कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे।
अगले 2 दिन के मौसम का हाल
28 सितंबर
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र में बारिश का यलो अलर्ट है।
मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
29 सितंबर
जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट है।
कर्नाटक में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
न्यूयॉर्क, एजेंसी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा। यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।
आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।
जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सेशन को संबोधित कर रहे थे।
जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया
जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया। उन्होंने टू-नेशन सॉल्यूशन यानी दो-राष्ट्र समाधान की बात कही। इसके तहत इजराइल और फिलिस्तीन, दोनों के लिए अलग-अलग स्वतंत्र देश बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दोनों के लोग शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है। जयशंकर के इस भाषण का वीडियो फिलिस्तीन भी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया।
जयशंकर की स्पीच की बड़ी बातें, कहा- समुद्र में जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं
संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता
संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। शांति बनाए रखने में असमर्थता न केवल सुरक्षा को कमजोर कर रही है, बल्कि प्रगति के लिए खतरा पैदा कर रही है। पूरी दुनिया में इसका असर देखा जा सकता है।
जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं
इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में एक संघर्ष देख रहे हैं, जो पहले से ही कठिन स्थिति को और गंभीर बना रहा है। हम आपस में जारी इस लड़ाई को लेकर बेहद चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों और समुद्री यात्रियों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
दुनिया लगातार खतरों का सामना कर रही
भारत इस स्थिति को सुधारने के लिए हरसंभव प्रयास करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में। हमें यह समझना होगा कि शांति का मतलब केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है। यदि दुनिया लगातार खतरों और दबावों का सामना करती रहेगी, तो हम वास्तव में एक खाई के किनारे खड़े होंगे।
पिछले 3 महीने में 7 भारतीयों की मौत, 1 लापता
8 जुलाई- ब्लैक सी में MV ओमोर्फी पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर की मौत हुई।
19 जुलाई- MV गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविक मारे गए।
9 सितंबर- होर्मुज स्ट्रेट में एल गैया टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद एक भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गया।
17 सितंबर- ओमान की खाड़ी में MV केप डाओ पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई।
जयशंकर ने एक दिन पहले पाकिस्तानी पत्रकार को फटकारा था
जयशंकर ने कहा, कल आतंकवाद के समर्थक देश से जुड़े एक व्यक्ति ने इस महासभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क दिए गए, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। इसलिए आतंकवाद के आधार पर बनी किसी भी समझ की समीक्षा स्वाभाविक रूप से होगी। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।
दरअसल शुक्रवार को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इस पर जयशंकर ने कहा, एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। रिपोर्टर के सवाल का जवाब देने के बाद वे मुस्कुराए और वहां से निकल गए।
भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद बड़ा विवाद
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद का मुद्दा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठता रहा है।
भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान में मौजूद या वहां से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों और आतंकवाद की फंडिंग का मुद्दा भी उठाया है। वहीं, पाकिस्तान भारत के आरोपों को खारिज करता रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। आतंकवादी अगर भारत की तरफ आंख उठाकर देखेंगे, तो उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।
मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने वाले हैं। भारतीय सेना ने LoC पार कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। भारतीय जवानों की इस कार्रवाई को देखकर दुनिया हैरान रह गई थी।
प्रधानमंत्री ने बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने बार-बार साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद का मजबूत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
1. जनगणना को बताया राष्ट्रीय दायित्व
पीएम मोदी ने कहा कि जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपनी और परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज करने की अपील की। मोबाइल से यह प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। मोदी ने बताया कि जनगणना का पहला चरण सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग पूरा हो चुका है। 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों का डेटा भी दर्ज किया जा चुका है।
2. स्वच्छता के महत्व पर जोर
पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने जीवन के कई मंत्र दिए, जिनमें स्वच्छता भी शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वच्छता से जुड़े फोटो, वीडियो और रील्स का भी जिक्र किया और कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से पूरा समाज जुड़ रहा है।
3. नशे के खिलाफ युवाओं की मुहिम
मोदी ने बताया कि देशभर के युवा नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे हैं। ‘मेरा भारत’ के तहत एंथम, स्लोगन राइटिंग और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। युवा सोशल मीडिया के जरिए भी नशा मुक्त रहने का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
4. 100 शहरों में स्वास्थ्य जांच और ध्यान शिविर
‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत 100 शहरों में स्वास्थ्य जांच और ध्यान शिविर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। मोदी ने कहा कि इस अभियान में युवा खुद नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
5. थाईलैंड में भगवान गणेश की लोकप्रियता बताई
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान गणेश की भक्ति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। थाईलैंड में गणेश जी की पूजा ‘फ्रा फिकानेट’ के रूप में की जाती है। उन्होंने बताया कि गणेश से जुड़ी परंपराओं पर शोध करने वाले श्रद्धालुओं के प्रयासों से वहां अष्टविनायक यात्रा भी लोकप्रिय हुई है।
6. असम में पिग्मी हॉग की संख्या 190 से ज्यादा हुई
मोदी ने असम में पिग्मी हॉग के संरक्षण कार्यक्रम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कभी इस छोटे जीव के अस्तित्व पर खतरा था। संरक्षण कार्यक्रम के बाद अब इसकी संख्या 190 से ज्यादा हो गई है।
7. सोनाई रूपाई में फिर लौटे हाथी
असम के सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यहां कभी हाथी रहते थे, लेकिन जंगल की जमीन पर इंसानी दखल बढ़ने से वे दूर चले गए थे। करीब तीन साल पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बाद हाथी फिर इस इलाके में लौट आए हैं और अब उनके झुंड दिखाई दे रहे हैं।
8. सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल का जिक्र
पीएम मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उरी में सेना के कैंप पर आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने LoC पार कर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। मोदी ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई और नई नीति का उदाहरण बताया।
9. 9/11 और अशोक सिंघल को याद किया
मोदी ने कहा कि इस साल अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले को 25 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और 2014 में न्यूयॉर्क जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने की बात भी बताई। इसके अलावा उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान का जिक्र किया।
10. स्वच्छता को गांधी जी के जीवन-मंत्र से जोड़ा
पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने जीवन के कई मंत्र दिए, जिनमें स्वच्छता भी शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वच्छता से जुड़े फोटो, वीडियो और रील्स का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि देश में स्वच्छता को लेकर कई तरह के प्रयास हो रहे हैं। लोगों के छोटे-छोटे प्रयासों से पूरा समाज इससे जुड़ रहा है।