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छत्तीसगढ़

रायपुर : ’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई’

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’प्रधान सेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने अंत्योदय को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य किया – मुख्यमंत्री साय’

’प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को मिली नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत /2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

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कोरबा

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बुंदेली में ई-कचरा न फैलाने विद्यार्थियों ने ली शपथ

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ई-कचरा प्रबंधन दिवस पर हुई कई गतिविधियां, निकाली जागरूकता रैली
कोरबा। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं इको क्लब फॉर मिशन लाइफ के निर्देशानुसार शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बुंदेली में ई-कचरा प्रबंधन दिवस बहुत ही उत्साहपूर्वक मनाया गया।
बच्चों को ई-कचरा क्या होता है, यह क्यों खतरनाक है और इसका निपटारण कैसे किया जाना चाहिए, इस बारे में विस्तार से बताया गया। स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को खराब मोबाइल, चार्जर, बैटरी, की-बोर्ड, माउस, एलईडी बल्ब, टूटी हुई पेन ड्राइव आदि को दिखाया गया और समझाया गया कि इन्हें सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए।
विद्यालय में कराई गई प्रमुख गतिविधियाँ
पोस्टर, बैनर एवं स्लोगन निर्माण

कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों ने सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन में बहुत ही आकर्षक पोस्टर और बैनर तैयार किए। बच्चों ने अपने हाथों से नारे लिखे –

  • ई-कचरा मत फैलाओ, धरती को स्वच्छ बनाओ
  • मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी
  • ई-वेस्ट को करो मैनेज, सुरक्षित होगा फ्यूचर हमारा
    इन पोस्टरों को विद्यालय की दीवारों पर प्रदर्शित किया गया।
    जागरूकता रैली
    विद्यालयीन गतिविधियों के पश्चात बच्चों ने हाथों में पोस्टर, बैनर और स्लोगन की तख्तियां लेकर शाला परिसर एवं ग्राम धनरास में जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान बच्चों ने ‘ई-कचरा हटाओ – पर्यावरण बचाओÓ के नारे लगाए और ग्रामीणों को भी ई-कचरा घर में न रखने की अपील की।
    ई-कचरा संग्रहण अभियान (मुख्य आकर्षण)
    इस दिवस की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि यह रही कि इससे एक दिन पूर्व ही सभी बच्चों को अपने-अपने घरों से एक अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक वस्तु लाने को कहा गया था।
    निर्देशानुसार प्रत्येक बच्चों ने अपने घर से एक-एक ई-कचरा लाया – जैसे किसी ने पुरानी बैटरी, किसी ने टूटा चार्जर, किसी ने खराब ईयरफोन, किसी ने सेल, किसी ने छोटा बल्ब लाया।
    विद्यालय में विशेष रूप से काले रंग का डस्टबिन शिक्षिकाओं के द्वारा बनाया गया था, जो ई-कचरे के लिए निर्धारित था। सभी बच्चों ने कतारबद्ध होकर अपनी लाई हुई सामग्री को उसी काले डस्टबिन में डाला। बच्चों को बताया गया कि इस एकत्रित कचरे को विकासखंड स्तर पर अधिकृत रीसाइक्लिंग एजेंसी के माध्यम से उचित वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा, ताकि यह मिट्टी और पानी को प्रदूषित न कर सके।
    इस प्रकार की गतिविधियां केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दे गई।
    अंत में सभी बच्चों ने ई-कचरा न फैलाने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक सम्मेेलाल यादव, शिवनंदन लाल राजवाड़े CAC संकुल केंद्र बुंदेली, श्रीमती रेशमा ठाकुर, श्रीमती दिव्या साहू, श्रीमती प्रभा साहू, दीपक मिश्रा, श्रीमती चंद्रिका साहू आदि उपस्थित थे।

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कोरबा

SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे कांग्रेस नेता अजय जायसवाल की अगुवाई मे हुई मीटिंग मे SECL प्रबंधन द्वारा PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत कर्मचारियों के विभिन्न मांगो को जल्द पूरा करने पर बनी सहमति

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कोरबा। SECL गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा वेतन, बोनस, दो माह से लंबित वेतन, भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता सहित अन्य मांगो को लेकर 27/10/2026 को खदान मे 6 घंटे काम ठप कर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा अजय जायसवाल के नेतृत्व मे आंदोलन किया गया था।

SECL प्रबंधन के द्वारा 29/10/2026 को SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे 12 बजे मीटिंग आहूत की गयी थी जिसमे आज अजय जायसवाल सहित भू विस्थापित श्रमिक गेवरा CGM कार्यालय पहुंचे जहाँ मुख्य महाप्रबंधक के अनुपस्थित होने पर प्रबंधन के द्वारा मीटिंग करने की बात कही गयी, जिसको लेकर अजय जायसवाल के द्वारा अपमान बताकर मुख्य महप्रबंधक के उपस्थिति मे मीटिंग करने को लेकर वही गेट मे श्रमिकों के साथ धरने पर बैठ गए और महाप्रबंधक का इंतजार करने लगे। आनन फानन मे महाप्रबंधक को कार्यालय आने पर मजबूर होना पड़ा, तत्पश्चात 1 घंटा बाद महाप्रबंधक के आने तक गेट जाम रखा गया फिर महाप्रबंधक के आने पर मीटिंग मे शामिल हुए।

प्रबंधन और कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे जहाँ हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, कंपनी के द्वारा भू विस्थापितो के ऊपर किये जा रहे शोषण, दो माह से लंबित वेतन, सुरक्षा, आई कार्ड पेमेंट स्लिप भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय लोगो को प्राथमिकता सहित अन्य मुद्दों पर बात हुई जिसमे SECL गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक अशोक कुमार को अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा के द्वारा उक्त सभी समस्याओ का कड़ाई से पालन करने और भू विस्थापित श्रमिकों के वेतन विसंगती सहित श्रमिकों के ऊपर हो रहे शोषण की पुनरावृति होने पर दोबारा खदान बंद करा आंदोलन करने की चेतावनी दी। तत्पश्चात मुख्य महाप्रबंधक गेवरा द्वारा भू विस्थापित श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, पेमेंट स्लिप प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण प्रदान करने दिवाली से पहले सभी कर्मचारियों को बोनस प्रदान करने और भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय भू विस्थापित को पहली प्राथमिकता देने पर सहमति बनी उक्त मीटिंग मे मधु सूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, शेत मसीह, सांसद प्रतिनिधि, कमलेश प्रजापति, गोविंदा सारथी,विक्की राज,अनिल कुमार, संतोष यादव, सुजीत महंत, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत सहित कंपनी मे कार्यरत कर्मचारी काफ़ी संख्या मे उपस्थित रहे।

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कोरबा

एसईसीएल में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत ‘संकल्प सिद्धि समारोह’ आयोजित, प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का सम्मान

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मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर दिया जोर

बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 31 अक्टूबर 2026 केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत एसईसीएल में 26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026 तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आज एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में ‘संकल्प सिद्धि समारोह’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि (Probity for Prosperity)’ निर्धारित की गई है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. निखिल कुमार कनोडिया (भा.पु.से.), पुलिस महानिरीक्षक एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी संचालन) रमेश चंद्र महापात्र तथा निदेशक (तकनीकी योजना/परियोजना) नृपेंद्र नाथ सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा एसईसीएल के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के निरीक्षण से हुई। यहां उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली एवं डिजिटल निगरानी व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात अतिथियों ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह (VAW) गैलरी का अवलोकन किया, जहां सतर्कता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पहलों, जागरूकता अभियानों एवं गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया था। इसके बाद ‘एक पेड़ सतर्कता के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। तत्पश्चात ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया गया।

मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों एवं विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों का पौधा, शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने अपने संबोधन में संस्थानों में सुशासन के लिए सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक आचरण को आवश्यक बताया। उन्होंने अपने दीर्घ प्रशासनिक अनुभवों को साझा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों में ईमानदारी एवं निष्पक्षता बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनमें प्रारंभ से ही ईमानदारी, नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा के संस्कार विकसित करना आवश्यक है।

निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न वर्गों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। स्कूली विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं, एसईसीएल कर्मचारियों के लिए वाद-विवाद, निबंध, स्लोगन, कविता, प्रश्नोत्तरी एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में एसईसीएल सतर्कता विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ एवं ‘हैंडबुक ऑन सिस्टमैटिक इम्प्रूवमेंट मेजर्स (Handbook on Systemic Improvement Measures)’ का विमोचन किया गया। इन प्रकाशनों में संगठन की गतिविधियों एवं प्रणालीगत सुधार के उपायों को संकलित किया गया है।

समारोह के दौरान संगीत समूह एवं ओडिशी नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में मंच संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) पंकज पाणी पांडेय द्वारा एवं अंत में महाप्रबंधक (सतर्कता) संजय प्रसाद दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इसके साथ ही एसईसीएल से सेवानिवृत्त पांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें देवेंद्र प्रसाद (महाप्रबंधक, उत्खनन) , श्रीमती प्रवीणा गांधी (प्रबंधक, मानव संसाधन कर्मचारी स्थापना विभाग), असीम जूलियस (सब स्टेशन अटेंडेंट, बसंत विहार), श्रीमती सुपर्णा दासगुप्ता (सीनियर डीईओ, बसंत विहार स्वास्थ्य केंद्र), प्रवीण कुमार दीक्षित (वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक, गुणवत्ता नियंत्रण विभाग) एवं शामिल रहे।

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