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छत्तीसगढ़

रायपुर : ’राशन के लिए लाइन नहीं, सीधे ग्रेन एटीएम’

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रायपुर। जहां मैं खड़ा होता हूं, लाइन वहीं से शुरू होती है-फिल्म कालिया में अमिताभ बच्चन का यह संवाद तो सभी ने सुना होगा, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में राशन की दुकानों के सामने लगने वाली लंबी कतारों की तस्वीर बदलने जा रही है। ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ की शुरुआत के साथ हितग्राहियों को राशन लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत कम होगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक नए, आधुनिक और सुविधाजनक दौर में प्रवेश करेगी।

सोचिए, राशन लेने के लिए दुकान खुलने का इंतजार नहीं, भीड़ में अपनी बारी आने की चिंता नहीं और न ही लंबे समय तक कतार में खड़े रहने की परेशानी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए हितग्राही अपनी पहचान सुनिश्चित कर खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। यानी तकनीक अब सिर्फ मोबाइल और बैंकिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के राशन तक भी पहुंच रही है।

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम केवल एक मशीन नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। राशन वितरण में तकनीक के इस्तेमाल से व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और हितग्राही को अपने हिस्से के खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया पर अधिक भरोसा मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में राशन वितरण की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है। जिस तरह एटीएम ने बैंकिंग व्यवस्था में लाइन से सुविधा का रास्ता बनाया, उसी तरह ग्रेन एटीएम राशन वितरण में सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत का नया अध्याय लिखेगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जनसुविधा केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा तकनीक और नवाचार को पीडीएस से जोड़ते हुए प्रदेश के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ की शुरुआत की गई है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल द्वारा 8 अगस्त 2026 को इन ग्रेन एटीएम का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश के उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओड़िसा जैसे चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां तकनीक आधारित ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

गौरतलब है कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत राज्य की विशाल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रदेश में लगभग 2.73 करोड़ लोग खाद्यात्र सुरक्षा के दायरे में हैं। वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं। इनमें 73.41 लाख प्राथमिकता वाले परिवारों को निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि 8.50 ताख एपीएल राशनकार्डधारियों को रियायती दर पर चावल प्रदान किया जा रहा है। इतनी बड़ी आबादी तक नियमित और सुगम खाद्यान्न पहुंचाने वाली व्यवस्था में तकनीक का समावेश पीडीएस को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करने तथा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इससे उचित मूल्य दुकानों पर लगने वाली लंबी कतार, भीड़ और समय की बाध्यता कम होगी। कामकाजी लोगों, बुजुर्गों, श्रमिकों और ऐसे हितग्राहियों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जिन्हें राशन लेने के लिए निर्धारित समय में दुकान तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता श्वन नेशन, वन राशनकार्ड व्यवस्था से इसका जुड़ाव है। छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के पात्र हितग्राही भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से इन ग्रेन एटीएम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों को भी राशन प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस तरह ग्रेन एटीएम न केवल राज्य के हितग्राहियों के लिए सुविधा का माध्यम बनेगा, बल्कि पोर्टेबिलिटी आधारित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती देगा।

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से होगी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में चावल वितरित किया जाएगा। इस तकनीकी व्यवस्था से खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होने के साथ ही वितरण और निगरानी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

राज्य सरकार की यह पहल केवल राशन वितरण की प्रक्रिया को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पीडीएस में जवाबदेही, पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक व्यापक सुधार है। खाद्यान्न वितरण में आधुनिक तकनीक के उपयोग से हितग्राही को उसके अधिकार का खाद्यान्त्र सम्मानजनक और सुविधाजनक तरीके से प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। वहीं, वितरण प्रक्रिया की बेहतर निगरानी से व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास को और मजबूती मिलेगी।

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कोरबा

बांस शिल्प के लिए बिरहोर परिवारों को दिया जा रहा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण

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परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल

कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।

समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।

प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।

जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।

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कोरबा

पाली के राजा का भव्य आगमन कल

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शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी
कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।

गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।

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कोरबा

शराब पीने के लिए पैसे मांगे, मना करने पर युवक से मारपीट एवं जान से मारने की धमकी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित

कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट

दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।

आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर

गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई
कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सजग कोरबा, सतर्क कोरबा

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