उप मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा
निर्माण कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और निरीक्षण के दिए निर्देश, ठेकेदारों से बेहतर समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने कहा
सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश, अनुबंध अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने कहा
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्यों की प्रगति पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से बेहतर समन्वय और संवाद रख कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता और क्षमता फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्यों के लिए समयानुकूल नई कार्यप्रणाली और कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्परता से पूर्ण कर आगामी सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, जिससे कि बरसात के तत्काल बाद पूरी गति से काम शुरू हो सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर समय पर काम प्रारंभ कराने को कहा।
श्री साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’ है। राज्य में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के साथ ही सभी तरह की अधोसंरचना विकसित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग पर है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विभाग को भी अहम भूमिका निभाना है। उन्होंने इसके लिए पूरी सक्रियता और गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को काम का पुराना ढर्रा बदलने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के समय पर बिल तैयार करने और उनका हर महीने भुगतान करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि फील्ड पर विभाग के काम और उनके परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सड़कों और पुल-पुलियों सहित स्कूलों, कॉलेजों, ऑडिटोरियम, कार्यालयों, आवासगृहों एवं अन्य भवनों के निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा। उन्होंने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने इससे संबंधित कानूनों व नियमों की व्यापक एवं समग्र जानकारी के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।
श्री साव ने पहुंचविहीन गांवों तक साल भर कनेक्टीविटी बनाए रखने के लिए सड़कों और पुलों के प्रस्ताव व प्राक्कलन प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुराने लंबित कार्यों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर काम आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट करने और उनके अनुबंध टर्मिनेट करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा अनुशंसित कार्यों के साथ ही द्रुतगामी सड़कों व पुलों, पहुंचविहीन गांवों के लिए पक्की सड़कों, जिले की जरूरतों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगामी 31 अगस्त तक नए कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम पूरा होने के बाद तत्काल इन्हें संबंधित विभागों या नगरीय निकायों को हैंडओवर करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।
पाली के नूनेरा स्थित पंजाब रंगीला ढाबा सहित खाद्य प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने
कोरबा, 24 अक्टूबर 2026। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जिले के खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पाली विकासखंड के नूनेरा स्थित पंजाब रंगीला ढाबा से चावल एवं आटे के नमूने जांच के लिए लिए गए। मुड़ापार, कोरबा स्थित दीपक स्वीट्स एंड डेयरी से पनीर एवं बूंदी के लड्डू के नमूने भी जांच हेतु लिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने 21 अक्टूबर 2026 को दीपक स्वीट्स एंड डेयरी का निरीक्षण किया था। मौके पर खाद्य पदार्थों का निर्माण अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जाना पाया गया। प्रतिष्ठान का संचालन वैध खाद्य पंजीयन के बिना भी किया जा रहा था। इसे लोक स्वास्थ्य के लिए गंभीर मानते हुए प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सीलबंद कर दिया गया है। वैध खाद्य पंजीयन प्राप्त होने तक दीपक स्वीट्स एंड डेयरी में खाद्य कारोबार का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसईसीएल परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा
कोरबा, 24 अक्टूबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक लेकर कोरबा जिले में संचालित एसईसीएल की कोरबा, कुसमुंडा, दीपका, गेवरा और मानिकपुर परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में भूमि अधिग्रहण, कोयला उत्खनन के लिए चिह्नित भूमि, मुआवजा वितरण, संपत्ति का मूल्यांकन, पुनर्वास और प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देश दिए कि भूमि से कब्जा हटाने से पहले और हटाने के बाद की स्थिति के स्पष्ट ड्रोन चित्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं। प्रभावित भूमि और परिसंपत्तियों का सर्वे कर सूचीबद्ध जानकारी भी रखी जाए, ताकि अधिग्रहण और मुआवजा संबंधी कार्यवाही पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से हो सके।
बैठक में जटराज, सुमेधा, रिस्दी, पाली, खोड़री, पड़निया, नराईबोध दर्रा-खांचा, मूड़ियानारा, दर्री, रलिया और गेवरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण तथा मुआवजा नीति के अनुसार संपत्ति मूल्यांकन पर चर्चा हुई। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बसाहटों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बसाहट क्षेत्रों में बिजली, चिकित्सा, स्कूल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के लिए एसईसीएल के सभी महाप्रबंधकों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुआवजा वितरित हो चुके क्षेत्रों में अधिग्रहण के बाद कोयला उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रस्तावित खदान क्षेत्रों में आवश्यक सर्वे कराने, मानिकपुर क्षेत्र के पोखरी से संबंधित योजना पर बैठक आयोजित करने, दीपका क्षेत्र में परिवारों का सर्वे कराने तथा प्रभावित ग्रामों में ग्रामसभा आयोजित करने के निर्देश दिए। बसाहट क्षेत्रों में छोटे विकास कार्यों को समय पर कराने के लिए कलेक्टर ने एसईसीएल के महाप्रबंधकों को दो करोड़ रुपये तक के कार्यों के लिए जोनल टेंडर प्रक्रिया अपनाकर आवश्यक स्वीकृति की कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने हाईटेंशन तार हटाने, विद्युत लाइन विस्तार तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुविधाओं से जुड़े अन्य कार्यों पर भी चर्चा की। बैठक में नेशलन हाइवे से जुड़े विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रस्तावित कार्यों और यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने उरगा-चाम्पा, कटघोरा-बिलासपुर मार्ग में यातायात सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क पर पार्किंग रोकने, अतिक्रमण हटाने के संबंध में भी निर्देशित किया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, एसडीएम पोड़ी-उपरोड़ा मनोज कुमार बंजारे, एसडीएम पाली रोहित सिंह, एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज, एसईसीएल के सभी संबंधित महाप्रबंधक, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा सीजीपीसीड़ीएल के अधिकारी उपस्थित थे।
एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री समय पर सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश
ऑफलाइन जारी नहीं होगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडलेपार पोर्टल से भेजना अनिवार्य- कलेक्टर दुदावत
कोरबा, 24 अक्टूबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मेडलेपार पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन प्रविष्टि, अपलोडिंग और सत्यापन की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि मेडलेपार भारत सरकार की नवीन कानून के क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रक्रिया को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डीन सहित सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेडलेपार पोर्टल पर सीसीटीएनएस के माध्यम से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की एंट्री समय पर सुनिश्चित करें। एमएलसी प्रकरणों में भी किसी प्रकार की देरी न हो तथा पोर्टल पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए, ताकि पुलिस विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया प्रभावित न हो। कलेक्टर ने पोर्टल के संचालन में आने वाली तकनीकी एवं प्रक्रियागत समस्याओं का त्वरित निराकरण करने और संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी अमले को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सुनिश्चित करने से रिपोर्टों का ऑनलाइन संधारण एवं आदान-प्रदान सुगम होगा और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ेगी। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट संबंधित विभागों को मेडलेपार पोर्टल के माध्यम से ही प्रेषित की जाएं। सामान्य परिस्थितियों में ऑफलाइन माध्यम से पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी नहीं की जाए तथा सभी संबंधित अधिकारी ऑनलाइन प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन करें। साथ ही, एमएलसी की ऑनलाइन पेंडेंसी की नियमित निगरानी कर लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मेडलेपार पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पूरी की जाए। उन्होंने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट अपलोड करने में आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों को आपसी समन्वय से दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के बीच बेहतर तालमेल से रिपोर्ट समय पर उपलब्ध होंगी और आम नागरिकों को अनावश्यक विलंब का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, एडिशनल एसपी लखन पटले, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव सहित पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।