सनातनी व्रत परम्पराओं के माध्यम से स्वस्थ एवं संवेदनशील समाज का निर्माण हमारा लक्ष्य: रेखा आहुजा
सुनील चिंचोलकर बिलासपुर। अधिक मास में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के विशेष आध्यात्मिक महत्व के अवसर पर सामाजिक संस्था “सेवा एक नई पहल” द्वारा नर सेवा को नारायण सेवा मानते हुए स्थानीय जोरापारा स्थित सुवाणी शांतिधाम सुखाश्रम में सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था के सदस्यों ने आश्रम में निवासरत बुजुर्ग प्रभुजनों का सेवा-सत्कार कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम संस्था की संयोजिका रेखा आहुजा के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर चकरभाटा से पधारी समाजसेवी इंदिरा दादी, रेनू, प्रिया, अंजू लाल, उर्वी आहुजा तथा आश्रम संचालक श्याम तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहयोग के लिए डिवाइन ग्रुप के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में संस्था की संयोजिका रेखा आहुजा ने कहा कि अधिक मास और सनातन व्रत परम्पराएं केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सेवा और समरसता के संस्कार विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी सेवाओं का उद्देश्य केवल भौतिक अथवा दैनिक उपयोग की वस्तुओं का वितरण नहीं है। हमारा मुख्य ध्येय सनातनी व्रत परम्पराओं को माध्यम बनाकर एक स्वस्थ, संस्कारित और संवेदनशील समाज का निर्माण करना है। हम चाहते हैं कि समाज का कोई भी व्यक्ति—चाहे वह बालक हो, वृद्ध हो, परित्यक्त हो या किसी भी परिस्थिति में जीवन यापन कर रहा हो—अपने आपको अकेला या निराश्रित महसूस न करे। उनके जीवन में उत्साह, आत्मीयता और उल्लास का संचार हो, यही हमारी संस्था की सबसे बड़ी सफलता होगी।”
कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद भी किया गया, जिससे आश्रम का वातावरण स्नेह, सम्मान और अपनत्व की भावना से सराबोर हो गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
निचले इलाकों की निगरानी, राहत शिविरों की तैयारी, स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली बहाली के लिए दिए निर्देश
कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा की
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। भारतीय मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में बने दबाव के चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में परिवर्तित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को कोरबा जिले में वर्षा तथा आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अपर कलेक्टर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रभारी अधिकारी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, भू-अभिलेख शाखा, नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों, स्वास्थ्य और बिजली विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए सभी विभाग समन्वय से काम करें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए अधिकारी और उनकी टीमें फोन चालू रखें तथा क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों को तैयार रखें। उन्होंने लोगों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने, जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों पर अमल करने की अपील की।
कोटवारों से मुनादी, जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों को कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को वर्षा, तेज हवा और संभावित जलभराव के प्रति सतर्क करने के निर्देश दिए। निचले और जोखिमयुक्त क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा जलस्तर बढ़ने की आशंका होने पर वहां के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी करने को कहा गया। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि किसी भी व्यक्ति को बाढ़ या जलभराव की स्थिति में अपने स्थान पर फंसने न दिया जाए। तेज हवा के दौरान पेड़ गिरने, बिजली गिरने और अन्य दुर्घटनाओं से बचाव के लिए भी लोगों को सावधानी बरतने की जानकारी दी जाएगी। नागरिक पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े न हों तथा आंधी-तूफान के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
पुल-पुलियों पर पानी होने पर आवागमन रोका जाएगा
कलेक्टर ने नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में तत्काल आवागमन रोकने के निर्देश दिए। सूचना मिलते ही कोटवारों तथा स्थानीय अमले के माध्यम से अस्थायी बैरिकेडिंग कराई जाएगी। किसी भी व्यक्ति को मोटरसाइकिल, कार या अन्य वाहन से बहते पानी के बीच से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि पुल-पुलियों पर पानी होने पर रास्ता पार करने का जोखिम न लें और प्रशासन की ओर से लगाए गए अवरोधों का पालन करें। तहसीलदारों को पटवारी और राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से फसल तथा मकान क्षति का सर्वे करने के लिए आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया है। फसल क्षति की स्थिति में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सर्वे कराया जाएगा।
सामुदायिक भवनों में तैयार होंगे राहत शिविर
जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से राहत शिविरों के लिए स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक भवनों को प्राथमिकता देते हुए वहां पेयजल, भोजन, चिकित्सा सुविधा और रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि राहत शिविरों के लिए स्कूलों का चयन न किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जरूरत पड़ने पर कई दिनों तक सुरक्षित आश्रय मिल सके। ग्राम पंचायतों को टॉर्च, रस्सी और अन्य जरूरी सामग्री तैयार रखने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों और एसडीआरएफ से प्राप्त आवश्यक उपकरणों को भी तैयार रखा जाएगा। बचाव कार्यों के लिए गोताखोरों की टीम को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां और चिकित्सकीय दल उपलब्ध रहें
स्वास्थ्य विभाग को 28 और 29 अक्टूबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सकीय अमले, दवाइयों और उपचार सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दूरस्थ और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में जिन गर्भवती महिलाओं का प्रसव संभावित है, उन्हें पूर्व सूचना देकर 27 अक्टूबर को ही स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाएगी। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में स्वास्थ्य संस्थानों में चार्जेबल टॉर्च, बैटरी चालित लाइट और अन्य वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था रखी जाएगी। मितानिनों के पास दवाई पेटी और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर ने वर्षा और बाढ़ के बाद स्वच्छता तथा रोग नियंत्रण पर भी ध्यान देने को कहा। पेयजल स्रोतों की जांच, आवश्यकतानुसार जल शुद्धीकरण, प्रभावित क्षेत्रों में सफाई, रोगों की निगरानी और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था की जाएगी। लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग समन्वय से कार्य करेंगे।
बिजली लाइनों का निरीक्षण और बहाली के लिए टीमें तैयार
सीएसपीडीसीएल को बिजली लाइनों का पूर्व निरीक्षण कराने और जिन पेड़ों की डालियों से लाइनें प्रभावित होने की आशंका है, उनकी छंटाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। लाइनमैन, ट्रांसफॉर्मर और मरम्मत संबंधी संसाधनों को तैयार रखा जाएगा। जिले के सभी पांच विद्युत आपूर्ति डिवीजन को अलर्ट रहने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर स्थिति की सूचना लगातार देने को कहा गया है।
28 और 29 अक्टूबर को शहरी, ग्रामीण तथा कटघोरा ग्रामीण डिवीजन से प्रभावित गांवों और मोहल्लों की सूची प्रतिदिन शाम 5 बजे तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने तक प्रभावित क्षेत्रों की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी।
पेड़ गिरने या पानी भरने पर रास्ते तत्काल खुलवाए जाएंगे
नगरीय निकायों को आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेड़ गिरने, सड़क अवरुद्ध होने, अंडरब्रिज में पानी भरने या सड़कों पर जलभराव होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर आवागमन बहाल कराया जाएगा। इसके लिए कटर, परिवहन साधन और आवश्यक कर्मचारियों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, वन विभाग और थाना प्रभारियों को सड़कें खुलवाने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष से करें संपर्क
जिले में आपदा प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। आपात स्थिति में नागरिक दूरभाष नंबर 7759228548 पर संपर्क कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर भी आवश्यकतानुसार संपर्क नंबर जारी किए जाएंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को नियंत्रण कक्ष से समन्वय बनाए रखने तथा प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री दुदावत ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान दें, नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को दें। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर ओंकार यादव डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज अधीक्षक भू अभिलेख अमित झा एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, तहसीलदार थाना प्रभारी, जनपद सीईओ, नगर पालिका के सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी जुड़े रहे।
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चौथी ओपन काउंसलिंग के बाद चयनित विद्यार्थियों की सूची जारी कर दी गई है। चयनित विद्यार्थियों को 30 अक्टूबर 2026 तक संबंधित प्रयास आवासीय विद्यालय में अनिवार्य रूप से प्रवेश लेना होगा। चयनित विद्यार्थियों की सूची विभागीय वेबसाइट http://eklavya.cg.nic.in/ पर उपलब्ध है। विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित विद्यालय में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश के लिए कक्षा आठवीं की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र तथा लागू होने की स्थिति में नक्सल पीड़ित परिवार एवं विशेष पिछड़ी जनजाति से संबंधित प्रमाण पत्र, अल्पसंख्यक वर्ग के अंतर्गत पात्रता से संबंधित (10 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टसम्प पेपर पर) निर्धारित नोटरी प्रमाण पत्र भी आवश्यक होगा, प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त, संबंधित पात्रता के अनुसार आवश्यक प्रमाण पत्र भी जमा करने होंगे। प्रवेश की पात्रता सुनिश्चित होने पर दो दिवस के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी से काउंटर हस्ताक्षरित स्थानांतरण प्रमाण पत्र तथा जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी सिकलसेल जांच प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। चयनित विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करें। चयनित प्रयास आवासीय विद्यालय में संस्था परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के दूरस्थ वनांचलों सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में स्वरोजगार, खसरों की गिरदावरी जांच, भूमि सीमांकन, त्रुटि सुधार, नक्शा कटवाने, राजस्व अभिलेखों की दुरुस्ती, शिकायतों की जांच, मतदाता सूची में नाम की जांच, प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किश्तों के भुगतान एवं पात्रता जांच, पशु शेड निर्माण, अतिक्रमण हटाने, सड़क मरम्मत, राहत राशि, भूमि अधिग्रहण मुआवजा, सड़क दुर्घटना बीमा लाभ तथा आजीविका संबंधी मांगों सहित कुल 109 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री दुदावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने और नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी पहल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जनदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।