सेवा मेरा योगदान – दिव्यांगजनों के जीवन में सुविधा और आत्मविश्वास की नई रोशनीसेवा संकल्प अभियान के तहत कोरबा में दिव्यांग सहायता शिविर आयोजित, सहायक उपकरण पाकर खिले दिव्यांगजनों के चेहरे
हर दिव्यांगजन तक पहुंचे सुविधा और सम्मानरू कलेक्टर कुणाल दुदावत ब्रेल किट और श्रवण यंत्र से बच्चों की सीखने की राह हुई आसान कोरबा 25 सितम्बर 2026। किसी जरूरतमंद के जीवन को आसान बनाने से बड़ी सेवा कोई नहीं। इसी संवेदनशील भावना के साथ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कोरबा शहर के सीएसईबी जूनियर क्लब पूर्व में दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उत्साहपूर्वक पहुंचे। यहां दिव्यांगजनों का विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें सहायक उपकरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में कलेक्टर कुणाल दुदावत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, गोपाल मोदी, डॉ राजीव सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा और उनके जीवन को सुगम बनाने में सहयोग करना ईश्वर की सेवा के समान है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना के साथ आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण केवल सुविधा का साधन नहीं हैं, ये दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संबल देते हैं। कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने दिव्यांगजनों से आग्रह किया कि शिविर में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं और अपने अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
गोपाल मोदी ने कहा कि दिव्यांगजनों के चेहरे पर आने वाली खुशी और उनके जीवन में बढ़ता आत्मविश्वास ही सेवा के वास्तविक अर्थ को सार्थक करता है। जरूरत के समय किसी व्यक्ति को सहारा देना और उसकी क्षमता को आगे बढ़ने का अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें अधिक सहज और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने शिविर में उपस्थित दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। शिविर में दिव्य ज्योति विशेष स्कूल और उमंग दिव्यांग स्कूल के दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित बच्चों को ब्रेल किट और श्रवण किट प्रदान की गई। बच्चों को उनकी जरूरत के ये उपयोगी उपकरण मिलते ही उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह की चमक दिखाई दी। ब्रेल किट और श्रवण किट उनके लिए पढ़ाई और सीखने की राह को और सुगम बनाने में सहायक होंगे। बच्चों की आंखों और चेहरे पर झलकी प्रसन्नता ने पूरे शिविर के वातावरण को भावुक और आत्मीय बना दिया। कलेक्टर श्री दुदावत ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।
शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामों से पहुंचे दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप श्रवण यंत्र, मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक सहित अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। ’साथ ही अनेक दिव्यांगों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।’ सहायक उपकरण प्राप्त करते समय दिव्यांगजनों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। इन उपकरणों से उनके आवागमन और दैनिक जीवन की गतिविधियों में सुविधा बढ़ेगी तथा वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने कार्य कर सकेंगे।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जनपद पंचायतवार विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर आवश्यक परीक्षण, मार्गदर्शन और शासकीय सुविधाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना से आयोजित यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन में सुविधा, सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में सार्थक प्रयास बन रही है।
नमो सेवा गाथा पर विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति, लगभग 495 लोग हुए शामिल कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पाली में ‘नमो सेवाकृअनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नमो सेवा गाथा पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति से ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पालक और छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों सहित लगभग 495 लोग उपस्थित रहे।
कोरबा, 7 अक्टूबर 2026। समाज कल्याण विभाग द्वारा आज प्रतीक जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा, ओएसडी तरुण कुमार किरण की उपस्थिति में पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई इस सहायता से उनके आवागमन में सुविधा होगी और वे दैनिक कार्य अधिक सुगमता से कर सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में रेल्वे कॉलोनी, कोरबा निवासी 55 वर्षीय सैय्यद याकूब, पिता सैय्यद अब्दुल कादर, सुभाष ब्लॉक, कोरबा निवासी 44 वर्षीय श्रीमती सुनीता दास, पिता बाबू राज, शांति नगर, कुसमुंडा निवासी 34 वर्षीय श्रीमती सीमा कुमारी, पिता अदरू, तथा गुरसिया, कटघोरा निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार उरांव, पिता हरिराम शामिल हैं। ट्राईसाइकिल मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सुरक्षित छत और रंगीन दीवारों ने बदला माहौल, बरपाली आंगनबाड़ी में बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। कभी जर्जर भवन की दीवारों और असुविधाओं के बीच संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों की खिलखिलाहट और रंग-बिरंगे चित्रों से गुलजार है। जहां पहले पालकों को अपने छोटे बच्चों को केंद्र भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी, वहीं अब ग्राम पंचायत बरपाली का नया आंगनबाड़ी भवन नौनिहालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और सहज वातावरण बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से 11.69 लाख की लागत से निर्मित नए भवन में पक्की छत, मजबूत दीवार, पक्का फर्श, रंगीन चित्र और बच्चों के लिए खिलौनों सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी पहुंच रहे हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरपाली स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 17 तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 13 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही 2 गर्भवती महिलाएं, 3 शिशुवती माताएं और 6 किशोरी बालिकाएं भी केंद्र की सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। नए भवन के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध स्थान और वातावरण में आए बदलाव ने केंद्र की गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला बताती हैं कि पुराने भवन की स्थिति ऐसी थी कि बच्चों को केंद्र में रखते समय उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। भवन जर्जर होने के कारण पालक भी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में सहज महसूस नहीं करते थे। नए भवन के बनने से सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा और उनके सहज वातावरण में आया है। अब पक्की छत, मजबूत दीवार और पक्के फर्श वाले भवन में बच्चे आराम से बैठते हैं, खेलते हैं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। श्रीमती शिवकला के अनुसार नए भवन की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे चित्र बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। बच्चे चित्रों को देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं और आसपास की वस्तुओं को पहचानने का प्रयास करते हैं। खिलौनों और आकर्षक वातावरण के कारण उनमें केंद्र आने की रुचि भी बढ़ी है। पहले की तुलना में अब बच्चे अधिक संख्या में आंगनबाड़ी पहुंचते हैं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित उपस्थिति दिखाई देती है। बच्चों के लिए केंद्र अब केवल आने-जाने की जगह नहीं रहा, यहां वे खेलते हुए सीखते हैं और सहज माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती चमेली बाई बताती हैं कि नए भवन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें भोजन कराने में भी काफी सुविधा हुई है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सुबह बच्चों को मीठा या नमकीन दलिया दिया जाता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुरक्षित और सुविधाजनक भवन में बच्चों को भोजन कराने तथा उनकी देखभाल करने में आसानी होती है। बच्चों का नियमित रूप से केंद्र आना उनके लिए भी उत्साह का विषय है।
कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला कहती हैं कि पहले भवन की स्थिति के कारण बच्चों और पालकों में जो संकोच था, वह अब दूर हुआ है। नए भवन ने बच्चों को सुरक्षित जगह दी है और आकर्षक वातावरण ने उनके मन में आंगनबाड़ी के प्रति अपनापन बढ़ाया है। बच्चे सुबह केंद्र आने के लिए उत्साहित रहते हैं और यहां होने वाली गतिविधियों में रुचि के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कार्य में भी संतोष और उत्साह मिलता है। नौनिहालों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।