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Stock Market: शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी

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मुंबई, एजेंसी। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बेहतर होते वैश्विक रुख के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू शेयर बाजार सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल देखा गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 908.98 अंक उछलकर 76,317.85 पर पहुंच गया। 

वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 262.65 अंक चढ़कर 23,977.70 पर रहा। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) सबसे ज्यादा लाभ में रहने वाले शेयरों में शामिल थे।

 दूसरी ओर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 5.58 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 97.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे। 

अमेरिकी बाजार शुक्रवार को सकारात्मक स्तर पर बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 4,440.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। सेंसेक्स शुक्रवार को 231.99 अंक की बढ़त के साथ 75,415.35 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 64.60 अंक की तेजी के साथ 23,719.30 अंक पर बंद हुआ था।  

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राजस्थान में करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत:झुंझुनूं में सड़क बनाते समय मशीन हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई, गांववालों का 7 घंटे बाद धरना खत्म

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उदयपुरवाटी (झुंझुनूं), एजेंसी। राजस्थान के झुंझुनूं में सोमवार को सड़क बना रहे 8 मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई। 5 अन्य झुलस गए। हादसा उदयपुरवाटी के छापोली गांव में सुबह 10 बजे हुआ।

उदयपुरवाटी SHO रामपाल ने बताया- हादसा छापोली-कदंब कुंड मार्ग पर सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर हुआ। घटना के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। 7 घंटे बाद शाम 5 बजे मुआवजा और संविदा पर नौकरी के आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिया।

रोड़ी-बजरी मिलाने के काम में आने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई।

इससे उसमें करंट फैल गया। वहां काम कर रहे मजदूर करंट की चपेट में आ गए। हाईवोल्टेज लाइन का तार रोड़ी-बजरी (कंक्रीट) मिक्सर मशीन के हाइड्रोलिक जैक से टच हुआ था।

15-15 लाख मुआवजा और संविदा पर नौकरी देने पर सहमति

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- मृतकों के आश्रितों को अलग-अलग योजनाओं में 15 लाख मुआवजा और एक-एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी है। विकास अधिकारी और तहसीलदार को राजस्थान और केंद्र सरकार की योजनाओं में लाभ देने के लिए कहा है। वन विभाग की जमीन पर बन रहे इस रास्ते को लेकर झुंझुनूं के डीएफओ को निर्देश दिए है कि संबंधित जनप्रतिनिधि से संपर्क कर रास्ते के डायवर्जन के प्रस्ताव को पोर्टल पर अपलोड करें। बातचीत के बाद परिजन शव लेने को तैयार हो गए और धरना खत्म कर दिया।

मंत्री खर्रा बोले- वन विभाग की जमीन पर बिना प्रस्ताव बन रही थी सड़क

सड़क का निर्माण सरकारी की योजना में नहीं हो रहा था। चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने सार्वजनिक तौर पर अपने स्तर पर यह निर्माण करने का निर्णय लिया होगा। ये वन विभाग की जमीन पर सड़क बन रही थी। ये मुख्य रास्ता होता तो लोग पंचायत के मार्फत या व्यक्तिगत स्तर पर डायवर्जन के प्रस्ताव भिजवाते तो यह हादसा ही नहीं होता। हादसे के कारणों की जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

धार्मिक स्थान पर रास्ता जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा-इस देश में सबसे बड़ी समस्या ये है कि नियमों के हिसाब से कोई नहीं चलना चाहता है। सालों पुराना रास्ता है तो प्रस्ताव जाता तो कभी भी डायवर्जन हो सकता था। रास्ता सरकार के स्तर पर भी बन सकता था।

पूर्व मंत्री बोले- हर परिवार को 20-25 लाख की सहायता देनी चाहिए

पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा- मरने वाले लोग बहुत गरीब परिवार से हैं। ये पॉइंट हादसों का है। यहां 7-8 लोग हर साल मर जाते हैं। मेरी मुख्यमंत्री से बात हुई है। मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी यहां आए हैं। कलेक्टर-एसपी भी मौजूद है। मेरी सरकार से विनती है कि नियमों से हटकर कम से कम प्रति परिवार को 20 से 25 लाख रुपए दिए जाने चाहिए।

पहले रास्ते से दूर थी 11KV लाइन, कुछ दिन पहले ही बदली

हादसे के बाद ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। ग्रामीण रोहिताश्व ने बताया- 11KV की लाइन पहले रास्ते से दूर थी, लेकिन कुछ दिन पहले इस लाइन को बदलकर रास्ते के ऊपर से लिया गया था। तार नीचे होने के कारण ये बड़ा हादसा हो गया।

आरसीसी डालने का काम करता था ठेकेदार विष्णु

ग्रामीणों ने बताया- जन सहयोग से सड़क बनाई जा रही थी। करीब तीन-चार महीने से काम चल रहा था, जो बीच बीच में रुक जाता था। गांव का ठेकेदार विष्णु सैनी आरसीसी डालने का काम करता था। ग्रामीणों के कहने पर उसने सोमवार को काम फिर से शुरू किया था।

ग्रामीण बोले- सरकार इस गांव के लिए मर चुकी है

ग्रामीण अविनाश ने बताया- इस काम को बार-बार रोका गया। सरकार इस गांव के लिए मर चुकी है, चाहे कोई भी काम हो। इस काम के लिए गांव वालों ने पैसा इकट्ठा किया था। इसके बाद भी सरकारी अधिकारियों और नेताओं ने 2 बार काम बंद करवाया था। हाथा-जोड़ी कर फिर से काम शुरू करवाया था।

जिला कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे

हादसे की जानकारी मिलने पर झुंझुनूं कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, एसपी कावेंद्र सिह सागर, विधायक भगवानाराम सैनी, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, गुर्जर नेता रविंद्र सिंह भडाना सहित कई लोग मौके पर पहुंचे।

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शाह बोले-राहुल ने नकली संसद लगाई, उसके PM बन जाते:सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाती, असली संसद में कभी नहीं बनेंगे

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हैदराबाद, एजेंसी। अमित शाह सोमवार को हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में शामिल हुए। यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली में नकली संसद लगाई। वे उसके ही पीएम बन जाते तो सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाती। असली संसद में वे कभी पीएम नहीं बनेंगे।

विपक्ष के SIR विरोध के जवाब में भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है। इसका पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा।

घुसपैठिए कांग्रेस के वोट बैंक, इन्हें निकालकर ही दम लेंगे

कांग्रेस पार्टी SIR को रोककर देश की मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है। ये घुसपैठिए उनके वोट बैंक हैं। राहुल जी जितना जोर लगाना है लगा लो, भाजपा एक-एक घुसपैठिए को देश और वोटर्स लिस्ट से बाहर निकालकर दम लेगी। 3 करोड़ वोट बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं।

भाजपा 2014 में जीती, 2019 में जीती, तब क्या SIR हुआ था

राहुल जी कहते हैं कि हम (भाजपा) SIR से जीते। जरा बताओ क्या 2014 में SIR हुआ था। 2019 में जीते, तब भी SIR नहीं हुआ था। 2024 में भी जीते, उसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, बंगाल, असम जीते। अब तेलंगाना भी जीतने वाले हैं।

नकली संसद में ही PM बन जाइए

राहुल जी, दो दिन पहले आपने मॉक पार्लियामेंट की थी, अगर मुझसे पूछा होता तो मैं कहता कि ये नकली संसद में आप एक बार पीएम बन जाओ, क्योंकि असली संसद में वे कभी बन नहीं पाएंगे, ताकि सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाए।

राहुल अराजकता से खुद को सुर्खियों में रखते हैं

राहुल जी चुनाव होते ही आप विदेश चले जाते हैं। देश में पसीना बहाना पड़ता है। हाथ में संविधान रखते हैं, लेकिन उसका सम्मान नहीं करते। EVM, SIR, घुसपैठिए के मुद्दे पर हम संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं, चर्चा के लिए आ जाइए, लेकिन वे नहीं आएंगे। वे अराजकता से खुद को सुर्खियों में रखते हैं।

‘जीतते हैं तो लोगों ने जिताया, हारते हैं तो EVM ने हराया’

जब भी चुनाव जीतते हैं तो कहते हैं EVM के कारण जीते। राहुल जी, अगर EVM खराब है तो रेवंत रेड्डी कैसे सीएम बन गए, केरल में आपकी सरकार कैसे आई, हिमाचल में कैसे आई। जब जीतते हैं तो लोगों ने जिताया, हारते हैं तो EVM ने हराया। एक कहावत है कि नाच न जाने आंगन टेढ़ा। देश की जनता कांग्रेस को सिरे से नकार चुकी है।

मोदी जी पर चार आने के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं

मोदी जी के सामने आपका (राहुल गांधी) कोई मुकाबला नहीं। आपने 10 साल शासन किया, 12 लाख करोड़ के घोटाले किए। इनको फिर से देश कैसे सौंपा जाए, मोदी जी के 12 साल हो गए, उन पर चार आने का भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। झूठ फैलाकर आप चुनाव नहीं जीत सकते।

भाजपा की अभियान चलाने के पीछे 4 वजहें…

SIR का समर्थ

विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठा रहा है। भाजपा का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है।

वोट चोरी के आरोपों का जवाब

राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। भाजपा इन आरोपों को भ्रामक बताकर जनता के बीच अपना पक्ष रखना चाहती है।

चुनाव आयोग का बचाव

भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बिना आधार आरोप लगाकर उसकी विश्वसनीयता कमजोर की जा रही है।

कांग्रेस और विपक्ष को घेरना

भाजपा विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रही है।

दिल्ली में विपक्ष की रैली के खिलाफ भाजपा का मार्च

INDIA ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली के विरोध में भाजपा ने रविवार को भी दिल्ली समेत देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला था। दिल्ली में हरि नगर से तिलक नगर तक करीब एक किमी लंबा मार्च निकाला गया।

इसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार और सिख समुदाय के लोग शामिल हुए। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान में SIR के खिलाफ रैली के लिए 1 नवंबर का दिन जानबूझकर चुना है। 1 नवंबर 1984 को सिख विरोधी हिंसा हुई थी।

SIR के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट में भी, 13 विपक्षी नेता याचिकाकर्ता

12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, RJD, वाम दलों और अन्य विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इसी दिन 12 पार्टियों के 13 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई।

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एक्टर इमरान ने बॉम्बे हाईकोर्ट से माफी मांगी:कहा- प्रदर्शन में नहीं जाऊंगा, CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने पर मिला था देश छोड़ने का नोटिस

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मुंबई, एजेंसी। एक्टर इमरान खान ने ‘SIR’ विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए बिना शर्त माफी मांग ली है। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा है कि वे भविष्य में इस तरह के किसी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे।

बॉम्बे हाईकोर्ट इमरान को मिलने लीव इंडिया नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने उनसे बिना शर्त माफी और अंडरटेकिंग देने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत की याद दिलाई और निर्देश दिया कि इमरान को उनके खिलाफ जारी ‘लीव इंडिया नोटिस’ (LIN) का जवाब देने के लिए कुछ समय दिया जाए।

अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। तब तक उनके खिलाफ जारी ‘लीव इंडिया’ (भारत छोड़ो) नोटिस पर रोक रहेगी।

एक्टर इमरान खान 42 साल से भारत में रह रहे हैं लेकिन उनके पास अमेरिका की नागरिकता है, 2006 से OCI कार्ड होल्डर हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट के कमेंट

  • आप इतने सालों से भारत में रह रहे हैं, इस दौरान आपने कभी किसी प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया। फिर भी अब शामिल क्यों हुए।
  • आप OCI होल्डर हैं, आप भारतीय नागरिक जैसे व्यवहार नहीं कर सकते, आप SIR से प्रभावित ही नहीं हैं, तो आपको प्रोटेस्ट का कोई हक नहीं।
  • आप बचपन से यहां हैं तो भारतीय नागरिकता के लिए अप्लाई क्यों नहीं करते? अगर OCI ही रहना है तो अंडरटेकिंग देनी होगी कि दोबारा ऐसे प्रोटेस्ट में नहीं जाएंगे।
  • इसके अलावा बिना शर्त माफी भी देनी होगी, क्योंकि आपने लोगों को उकसाया है। ये सेलिब्रिटी से अपेक्षित नहीं। आपकी रोजी-रोटी सब इसी देश से है।

चीफ जस्टिस बोले- ये भारत की उदारता, पहले नोटिस दिया

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने कहा कि भारत की उदारता देखिए कि एक अमेरिकी नागरिक, जिसके पास ‘ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया’ (OCI) कार्ड है, उसे तुरंत देश से बाहर निकालने या डिपोर्ट करने के बजाय पहले एक नोटिस देकर देश छोड़ने के लिए कहा गया। अगर किसी भारतीय नागरिक ने विदेश में ऐसा ही कुछ किया होता, तो उसे अगली ही फ्लाइट से भारत वापस भेज दिया जाता।

इस केस में आगे क्या होगा…

एक्टर इमरान खान को अंतरिम प्रोटेक्शन मिल गया है। कोर्ट ने कहा है कि आप कहीं नहीं जा रहे हैं, न आपको फिलहाल देश छोड़ना है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी जवाब दाखिल करने कहा है।

इसके अलावा ‘फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस’ FRRO ने 17 अक्टूबर को इमरान का OCI कैंसल करने का अलग शो-कॉज नोटिस भी दिया था। इस मामले पर सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।

1. OCI क्या है- ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए आजीवन वीजा जैसा कार्ड। लेकिन दोहरी नागरिकता नहीं है, भारत दोहरी नागरिकता नहीं देता।

2. कौन ले सकता है- स्वयं, माता-पिता/दादा-दादी 26 जनवरी 1950 के बाद भारतीय नागरिक रहे हों, पाकिस्तान/बांग्लादेश को छोड़कर। 2006 से PIO कार्ड को OCI में मर्ज कर दिया गया।

3. क्या अधिकार मिले हैं- बिना वीजा के आजीवन भारत आने-जाने की छूट, भारत में अनिश्चित काल तक रहने, पढ़ने, काम करने (कुछ क्षेत्रों को छोड़कर) की अनुमति, घर/प्रॉपर्टी की खरीदी, भारतीयों के बराबर आर्थिक-शैक्षणिक अधिकार।

4. क्या अधिकार नहीं मिलते- वोट डालने का हक नहीं। चुनाव लड़ने का हक नहीं। सरकारी नौकरी नहीं। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, जज, MP/MLA नहीं बन सकते। प्रोटेस्ट/राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते। भारत सरकार जब चाहे OCI कैंसल कर सकती है।

5. किन कामों पर पाबंदी- माउंटेनियरिंग, मिशनरी, पत्रकारिता, रिसर्च और कुछ विशेष क्षेत्रों में जाने के लिए परमिशन लेनी पड़ती है।

6.लीव इंडिया नोटिस क्या होता है- FRRO फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) विदेशी नागरिक को भारत छोड़ने का नोटिस दे सकता है। सरकार के पास “संप्रभु शक्ति” है – सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि लाइफटाइम वीजा होने पर भी विदेशी को रोका/निकाला जा सकता है।

7. OCI कैंसल कब हो सकता है- धोखे से OCI लेने पर। 5 साल में 2 साल से ज्यादा जेल की सजा होने पर। भारत की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा के खिलाफ काम करने पर। विदेशी दुश्मन देश की मदद करने पर। भारत के कानून का उल्लंघन करने पर।

8. OCI से भारतीय नागरिकता कैसे लें- कम से कम 1 साल तक भारत में रहने के बाद नागरिकता के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 5 साल का OCI अनुभव चाहिए।

9. OCI को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी- OCI कार्ड धारक भारतीय नागरिक नहीं। आर्टिकल 21 (जीवन का अधिकार) ही एकमात्र मौलिक अधिकार है जो विदेशी को भी मिलता है। बाकी सारे अधिकार – भाषण, प्रोटेस्ट, वोट – सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए हैं।

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