कोरबा। संपूर्ण छत्तीसगढ़ में वियतनाम की प्रसिद्ध एवं नवीनतम इलेक्ट्रिक ई.वी. कार “विनफास्ट” की डीलरशिप कृष्णा ग्रुप कोरबा को प्राप्त हुई है। इस अवसर पर रायपुर में स्थापित नए अत्याधुनिक शोरूम का भव्य उद्घाटन छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बस्तर राजघराने के महाराजा कमलभंज देव की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विदित हो कि कृष्णा ग्रुप ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित एवं बहुचर्चित नाम है। समूह के छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा राज्यों में हुंडई, होंडा, टाटा, किया, बुल, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा अन्य प्रतिष्ठित चारपहिया वाहन कंपनियों के साथ-साथ होंडा एवं बजाज जैसी दोपहिया वाहन कंपनियों की डीलरशिप संचालित हैं। वर्तमान में कृष्णा ग्रुप के 50 से अधिक आउटलेट संचालित हो रहे हैं, जो उपभोक्ताओं को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
कृष्णा ग्रुप को संपूर्ण छत्तीसगढ़ में “विनफास्ट” ई.वी. कार की अधिकृत डीलरशिप प्राप्त हुई है। इसी क्रम में पहला अत्याधुनिक शोरूम रायपुर में दिनांक 27 मई 2026, बुधवार को प्रारंभ किया गया, जिसका विधिवत उद्घाटन डॉ. रमन सिंह द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह के अवसर पर पूरे शोरूम को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह के आगमन पर पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया तथा श्रीफल, पुष्पमाला दुपट्टा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात उनके करकमलों से फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर राजा मोदी ने उपस्थित अतिथियों को “विनफास्ट” ई.वी. कार के आधुनिक फीचर्स, उसकी उपयोगिता तथा उपलब्ध विभिन्न मॉडलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है तथा आने वाले समय में पेट्रोल एवं डीजल से चलने वाले वाहनों का स्थान ई.वी. कारें ले लेंगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन न केवल ईंधन की बचत करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राजा मोदी ने केंद्र एवं राज्य सरकार से आग्रह किया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने हेतु आर.टी.ओ. शुल्क में विशेष सब्सिडी प्रदान की जानी चाहिए, जिससे आम नागरिक अधिक से अधिक संख्या में ई.वी. वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार पेट्रोल एवं डीजल की खपत कम करने तथा स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का संदेश दे रहे हैं। ऐसे में ई.वी. कारें एवं इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन भविष्य की आवश्यकता हैं। इनके उपयोग से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि ध्वनि एवं वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने बताया कि कृष्णा ग्रुप को संपूर्ण छत्तीसगढ़ की डीलरशिप प्राप्त हुई है और शीघ्र ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी “विनफास्ट” के शोरूम प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने डॉ. रमन सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ ने तीव्र गति से विकास किया है तथा कृष्णा ग्रुप के अधिकांश शोरूम का उद्घाटन भी उनके ही करकमलों से हुआ है, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं। मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृष्णा ग्रुप जिस तेजी से प्रगति कर रहा है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है आज इस ग्रुप के 54 वर्ष होने पर 54 से अधिक आऊटलेट है। यह समूह छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा राज्यों के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि अशोक मोदी द्वारा अधिकांश शोरूम का उद्घाटन उनके हाथों कराया जाना उनके पारस्परिक स्नेह एवं विश्वास को दर्शाता है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर गौरव मोदी ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस भव्य उद्घाटन समारोह में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी, बैंक, फाइनेंस एवं इंश्योरेंस कंपनियों के अधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के संरक्षक सियाराम अग्रवाल, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, संजय अग्रवाल एवं कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर संजय मोदी, हार्दिक मोदी, वेदांत मोदी, किरण मोदी, वेदिका मोदी, ओमप्रकाश गोयनका, विजया देवी गोयनका, सुधीर बंसल, आशा बंसल, मीना अग्रवाल, संगीता झुनझुनवाला, वैष्णवी झुनझुनवाला, अनिल अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, साहिल अग्रवाल, डॉ. पुर्वी अग्रवाल एवं कोरबा के श्रीकांत बुधिया सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी
कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह
समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी
कोरबा 05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।” पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है। सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है। इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।