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कोरबा

सीईओ सोनवानी का सूरजपुर ट्रांसफर:तुरंत रिलीव करने की मांग को लेकर जनपद सदस्य-भाजपा नेता मिले पंचायत मंत्री नेताम से, सौंपा ज्ञापन

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कोरबा /पोड़ी -उपरोड़ा। कोरबा जिले की जनपद पंचायत पोड़ी -उपरोड़ा जनपद सदस्य एवं भाजपा नेताओं ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी भूपेंद्र कुमार सोनवानी के खिलाफ फिर मोर्चा खोल दिया है। जनपद सदस्य एवं भाजपा नेताओं ने पंचायत मंत्री रामविचार नेताम से मुलाकात की और ज्ञापन सौंप कर मांग की, कि भूपेंद्र सोनवानी को तुरंत कोरबा से रिलीव किया जाए। गायत्व्य हो की मुख्य कार्यपालन अधिकारी भूपेंद्र कुमार सोनवानी का स्थानांतरण सूरजपुर हो गया है, फिर भी प्रशासन द्वारा उन्हें रिलीव नहीं किया जा रहा है ।

तीन से चार प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप

जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के जनपद सदस्यों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी भूपेंद्र कुमार सोनवानी पर सदस्यों से या सरपंच,सचिवों से तीन से चार प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया था और इसकी शिकायत प्रशासन से की थी। प्रशासन से कार्रवाई न होने पर सोनवानी की शिकायत शासन स्तर पर की गई थी और आज जनपद पंचायत पौड़ी-उपरोड़ा अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों एवं क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने पंचायत मंत्री रामविचार से मुलाकात की और जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा में सीईओ द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत की। सभी सदस्यों एवं भाजपा नेताओं ने मंत्री से मांग की, कि सोनवानी को तुरंत रिलीव करने प्रशासन को तुरंत निर्देशित करें। सदस्यों ने कहा कि सोनवानी का स्थानांतरण सूरजपुर हो गया है और उन्हें रिलीव करने प्रशासन गंभीर नहीं है। सभी जनपद सदस्यों एवं भाजपा नेताओं ने मंत्री से मांग की, कि सोनवानी को जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा से तुरंत रिलीव किया जाए।

तालाबंदी की थी कुछ दिन पूर्व

कुछ दिन पूर्व जनपद सदस्यों ने जनपद पंचायत पौड़ी-उपरोड़ा में तालाबंदी कर दी थी, जिससे प्रशासन में हलचल तेज हो गई थी और हड़कंप मच गया था। जनपद सदस्यों की इस हड़ताल की गुंज रायपुर तक पहुंची थी और शासन ने सीओ सोनवानी का स्थानांतरण सूरजपुर कर दिया, इसके बावजूद अब तक सीईओ सुनवानी को रिलीव नहीं किया जा सका है, जिससे क्षेत्र के भाजपा नेताओं एवं जनपद सदस्यों में फिर से आक्रोश फैलने लगा है। सदस्यों ने मंत्री रामविचार नेताम से मिलकर ज्ञापन सौंपा और सोनवानी को तुरंत रिलीफ करने प्रशासन को निर्देशित करने की मांग की।

मंत्री नेताम ने दिया आश्वासन

मंत्री राम विचार नेताम से मिलने गए जनपद सदस्यों ने बताया कि मंत्री ने हमारी शिकायत ध्यान से सुनी और समाधान करने का आश्वासन दिया, साथ ही भूपेन सोनवानी को तुरंत रिलीफ करने प्रशासन को निर्देश देने की बात कही।

डडसेना की पुन: पदस्थापना की मांग

जनपद सदस्य एवं भाजपा नेताओं ने रामविचार नेताम से कहा कि पूर्व सीईओ डडसेना की पुनः पदस्थापना पोड़ी- उपरोड़ा जनपद पंचायत में की जाए। सदस्यों एवं भाजपा नेताओं ने पूर्व सीईओ डडसेना की जमकर प्रशंसा की और उन्हें ईमानदार अधिकारी बताया। मंत्री श्री नेताम को सौंपे ज्ञापन में जनपद सदस्यों ने बताया कि पूर्व सीईओ डडसेना जनप्रतिनिधियों की बातों को ध्यान से सुनते हैं और उन्हें हमेशा सकारात्मक जवाब देते हैं, जबकि वर्तमान सीईओ सोनवानी हमेशा जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार करते हैं और सरपंच,सचिव से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे भाजपा के सुशासन में हमारी छवि खराब हो रही है, अतः सोनवानी को तुरंत रिलीव किया जाए और सुनवानी की पुनः पद स्थापना की जाए।

ज्ञापन सौंपने वालो में जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी, सरपंच संघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी, जनपद सदस्य आयुष सिंह, मथुरा पाटले, संतोष सिंह मरावी, जनपद पंचायत क्रमांक-17, क्रमांक-11, क्रमांक -15 के सदस्य,क्रमांक -19 की सदस्य सरस्वती देवी, सदस्य पूजा दुबे, भाजपा मंडल अध्यक्ष सोहन सिंह कोराम सहित सभी जनपद सदस्य एवं क्षेत्र के भाजपा नेता शामिल थे।

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कोरबा

कोरबा जिले में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए बनाए जा रहे 234 बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट

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विकसित भारत-जी राम जी के तहत रू1.32 करोड़ से अधिक के कार्य स्वीकृत

जल संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार, 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में हो रहा निर्माण

मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल सरंक्षण एवं संवर्धन सम्बंधी संरचनाओं को प्राथमिकता

कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। जिले में गिरते भूजल स्तर को बढ़ाने तथा वर्षा जल के संरक्षण और पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत 234 बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 97 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, वहीं भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देकर जल संकट की चुनौती से निपटने में भी मदद मिलेगी।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।

बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने में मिलेगी मदद

बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट ऐसी संरचना है, जिसके माध्यम से वर्षा जल को रेत एवं अन्य फिल्टर सामग्री की सहायता से छानकर जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे भूजल पुनर्भरण में मदद मिलती है तथा बोरवेल और आसपास के जलस्रोतों के जलस्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। ग्राम पंचायतों, शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों में ऐसी संरचनाएं जल संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी हैं।

पांचों विकासखंडों में हो रहा निर्माण

जिले की 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में मांग एवं आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंडवार स्थिति के अनुसार करतला में 64, कटघोरा में 30, कोरबा में 66, पाली में 13 तथा पोड़ी उपरोड़ा में 61 रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं।

इन संरचनाओं से विशेषकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहन मिलेगा, जहां जलस्तर में गिरावट की समस्या है। वर्षा जल का बेहतर उपयोग होने से जल उपलब्धता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।

विकसित भारत- जी राम जी से जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के इन प्रयासों के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ जल सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए भी जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।

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वरिष्ठ पत्रकार सुभाष अग्रवाल को भ्रात शोक

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कोरबा। प्रेस क्लब के सदस्य एवं दैनिक तरूण छत्तीसगढ़ के संपादक सुभाष अग्रवाल के अनुज भ्राता (छोटे भाई) शहर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं होटल रिलैक्स इन के संचालक सतीश अग्रवाल पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश अग्रवाल का आज सोमवार दिनांक 26/10/2026 की देर शाम 7.30 बजे निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार कल मंगलवार दिनांक 27/10/2026 को सुबह 11 बजे स्थानीय मोती सागर पारा मुक्तिधाम में संपन्न होगा। इससे पूर्व अग्रोहा मार्ग स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनके निधन पर कोरबा प्रेस क्लब परिवार ने शोक व्यक्त किया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में परम शांति प्रदान करे एवं शोकाकुल परिवार को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति दे।

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बेबी एलिफेंट की छठी मनाई, नाम रखा ‘काशी’:7 गांवों के ग्रामीण शामिल हुए, स्वस्थ जीवन की कामना की, जिले में 48 हाथियों की मौजूदगी

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 9 हाथियों का झुंड घूम रहा है। झुंड में नन्हे हाथी के जन्म की खुशी में रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई और उसका नाम ‘काशी’ रखा।

कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया। इसमें रामभाठा, लबेद, पाहराभांठा, काशीपानी, छातापाठ, जामपानी और छुईडुंगा गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे के स्वस्थ जीवन की कामना की।

बेबी एलिफेंट का नाम ‘काशी’ रखा गया है।

बेबी एलिफेंट का नाम ‘काशी’ रखा गया है।

छठी कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया।

छठी कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया।

रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई।

रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई।

जिले में 48 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 9 हाथियों का झुंड फिलहाल काशीपानी के जंगल में घूम रहा है। इसके अलावा कुदमुरा रेंज में 32 हाथी और चचिया क्षेत्र में 7 हाथी मौजूद हैं। हाल के दिनों में हाथियों ने 17 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

20 साल से जंगल में आ रहे हाथी

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल से हाथी इस जंगल में आते हैं। वे लंबे समय तक यहां रुकने के बाद वापस चले जाते हैं। यह हाथियों का पुराना कॉरिडोर है।

SDO मणिकांत वर्मा ने ग्रामीणों से हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के मामलों में नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है। जनहानि रोकने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

साल 2000 में पहली बार आए थे हाथी

जिले में साल 2000 में पहली बार कुदमुरा रेंज के आमटिकरा गांव में हाथी आए थे। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई। कई बार जिले में हाथियों की संख्या 150 तक पहुंच चुकी है।

धिनारा गांव से शुरू हुई छठी मनाने की परंपरा

बेबी एलिफेंट की छठी मनाने की परंपरा धिनारा गांव से शुरू हुई थी। ग्रामीण अब हाथियों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। पहले जहां हाथियों को भगवान मानकर पूजा की जाती थी, वहीं अब ग्रामीण सुरक्षित दूरी बनाए रखने पर जोर देते हैं।

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