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छत्तीसगढ़

खेत से मूंगफली खाया तो पिता-पुत्र को बोलेरो से कुचला : टक्कर से उछलकर 10 फीट दूर गिरे, तड़प-तड़पकर गई जान, बाइक से लौट रहे थे

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सूरजपुर,एजेंसी। सूरजपुर जिले में खेत में मूंगफली खाने को लेकर हुए झगड़े के बाद आरोपियों ने बोलेरो गाड़ी से बाइक सवार पिता-पुत्र को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। हादसे में परिवार का एक और बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ है।

घटना रामानुजनगर थाना क्षेत्र के तिवरागुड़ी गांव की है, जहां दो रिश्तेदारों के खेत पास-पास हैं। दोनों परिवारों ने मूंगफली की फसल बोई थी। आरोप है कि एक पक्ष के बच्चे पर दूसरे के खेत से मूंगफली तोड़ने का शक हुआ, जिससे विवाद शुरू हुआ। कहासुनी मारपीट में बदल गई और मामला थाने तक पहुंचा।

थाने में भी दोनों पक्षों में तनातनी रही। थोड़ी देर बाद नकना चौक के पास ओमप्रकाश सोनवानी और उनके साथियों ने बोलेरो से बाइक से लौट रहे त्रिवेणी रवि और उनके बेटे को टक्कर मार दी। हादसे का वीडियो भी सामने आया है।

घटना में दोनों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बेटा गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद एक युवक का पैर कुछ सेकेंड तक हिलता रहा। तड़पने के बाद उसकी जान गई है।

घटना के बाद एक युवक का पैर कुछ सेकेंड तक हिलता रहा। तड़पने के बाद उसकी जान गई है।

घटना के बाद तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया गया।

घटना के बाद तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया गया।

मूंगफली उखाड़कर खाने का आरोप लगाते हुए पीटा

घटना 22 सितंबर की रात 11 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, तिवरागुड़ी निवासी त्रिवेणी रवि ने अपने खेतों में मूंगफली बोई थी जो तैयार हो गया है। खेतों की रखवाली के लिए उनका छोटा बेटा करण रवि (16 साल) सोमवार शाम गया था और खेत के किनारे बैठकर मूंगफली खा रहा था।

उनके रिश्तेदार नर्मदा सोनवानी ने भी पास के खेत में मूंगफली बोई थी। शाम को नर्मदा सोनवानी और उसके दोनों बेटे बोलेरो से खेत के पास पहुंचे और करण रवि पर मूंगफली उखाड़कर खाने का आरोप लगाकर उसकी पिटाई कर दी।

पिता और दोनों बेटों से मारपीट

करण रवि को नर्मदा सोनवानी और उसके दोनों बेटों ने रॉड से पीटा और उसका फोन तोड़ दिया। बीच-बचाव के लिए आए करण रवि के पिता त्रिवेणी रवि और उसके भाई राजा बाबू से भी मारपीट की गई। इससे तीनों को चोटें आईं। तीनों ने इसकी सूचना रामानुजनगर थाने में दी।

सूचना पर रामानुजनगर पुलिस गांव में पहुंची और त्रिवेणी रवि सहित उसके दोनों बेटों को लेकर थाने पहुंचे। नर्मदा सोनवानी और उसके बेटों को भी थाने बुलाया गया। थाने में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। जिसके बाद नर्मदा सोनवानी के बड़े बेटे ओमप्रकाश ने त्रिवेणी एवं उसके बेटों को बोलेरो चढ़ाकर मार डालने की धमकी दी।

हादसे में घायल का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

हादसे में घायल का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

थाने से लौट रहे पिता-पुत्रों को कुचला

रात करीब 11 बजे त्रिवेणी रवि एवं उसके दोनों बेटे बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में नकना चौक के पास बोलेरो सवार ओमप्रकाश एवं अन्य ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की।

इसकी सूचना उन्होंने रामानुजनगर थाने को दी, लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से यह कहकर फोन काट दिया कि वे पुलिसकर्मियों को वेतन नहीं देते।

परिजनों ने बताया कि रास्ते में एक बार और बाइक सवारों पर बोलेरो चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वे बचकर निकल गए।

बाइक सवार घर के पास पहुंचे ही थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार बोलेरो ने टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पिता-पुत्र की मौत, छोटा बेटा घायल

तीनों को परिजनों ने जिला अस्पताल सूरजपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने त्रिवेणी रवि (41 साल) एवं बड़े बेटे राजा बाबू (21 साल) को मृत घोषित कर दिया गया। करण रवि को सूरजपुर जिला अस्पताल में दाखिल किया गया है। उसे गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की सूचना पर रामानुजनगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वे घटना के बाद भाग निकले।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

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कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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