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कोरबा

युवक ने परफ्यूम पीकर लगाई फांसी,परिजन बोले-जादू-टोना से था परेशान

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ऑनलाइन मंगाया था परफ्यूम, एक साल पहले हुई थी शादी, 7 माह की प्रेग्नेंट है पत्नी

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक ने अपने घर में परफ्यूम पीने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक के घरवालों ने बताया कि जादू-टोना के कारण उसके भाई ने आत्महत्या की है। उन्होंने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति रहते-रहते बदल जाती थी। यह मामला कटघोरा क्षेत्र का है।

कटघोरा में युवक ने परफ्यूम पीने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

कटघोरा में युवक ने परफ्यूम पीने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

घरवालों ने युवक को लेकर कटघोरा सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे।

घरवालों ने युवक को लेकर कटघोरा सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे।

जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक के परिजन

जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक के परिजन

जानकारी के अनुसार, कटघोरा निवासी 28 वर्षीय विद्यासागर मिस्त्री का काम करता था। विद्यासागर की पिछले साल 2025 में शादी हुई थी और उसकी पत्नी सात माह की गर्भवती है। घटना से कुछ समय पहले उसने ऑनलाइन परफ्यूम मंगाया था। सोमवार (5 जनवरी) को जब बाहर से घर पहुंचा तो छोटे भाई से परफ्यूम मांगा।

ऑनलाइन मंगाया था परफ्यूम

इसके बाद विद्यासागर ने परफ्यूम लगाया और फिर उसे लेकर वह अपने कमरे में चला गया और वहां उसे पी लिया। इसके बाद फांसी लगा ली। थोड़ी देर बाद जब घर वालों ने देखा, तो विद्यासागर फांसी पर लटक चुका था। उसे तुरंत नीचे उतारा गया और कटघोरा सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

वहां स्थिति गंभीर होने की वजह से डॉक्टरों ने उसे जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया, जहां चार दिन इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।

घटनास्थल से मिली परफ्यूम की खाली शीशी

परिजनों ने कटघोरा थाने की पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर परफ्यूम की खाली शीशी मिली, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसने परफ्यूम पीकर यह कदम उठाया।

बड़े भाई बजरंग सिह उइके ने बताया कि विद्यासागर अत्यंत शालीन और शांत स्वभाव का था। कभी-कभी शराब पीता था। घटना से कुछ समय पहले उसने ऑनलाइन परफ्यूम मंगाया था।

परिजनों ने जादू-टोना की वजह से की आत्महत्या

बजरंग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत कभी ठीक रहती थी और कभी बिगड़ जाती थी। वो मानते हैं कि किसी जादू टोने के कारण काफी दिनों से परेशान था, इसी वजह से उसने आत्महत्या की। हालांकि, कानून इस बात को मान्यता नहीं देता, लेकिन ग्रामीण अभी भी जादू टोने पर भरोसा करते हैं।

इस मामले में जिला अस्पताल चौकी प्रभारी सुरेश मणि सोनवानी बताया कि पुलिस ने इस मामले में मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर लिया है। आगे जांच के लिए यह डायरी संबंधित थाने को भेजी जाएगी।

जादू-टोना सिर्फ भ्रम, मौत का कारण नहीं बन सकता

डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि समाज में फैले अंधविश्वास और जादू टोने के डर के कारण कई बार लोग मानसिक तौर पर परेशान हो जाते हैं। उनका कहना है कि कोई भी जादू टोना सचमुच किसी की जान नहीं ले सकता, यह सिर्फ भ्रम और मानसिक धारणा होती है।

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कोरबा

CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन

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कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।

आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –

1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट
2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा,
3 पेमेंट स्लिप
4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार
5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।

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कोरबा

न्यायाधीश ने बंदियों को अधिकारों की जानकारी दी

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कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।

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कोरबा

पाली-लाफा रोड पर पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं, मोड़ पर हादसे का डर

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कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।

इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।

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