रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस चुनाव में एक बार फिर विवाद सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष पद के 2 प्रमुख दावेदार सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नामांकन होल्ड कर दिए गए हैं। दोनों के खिलाफ पैसे देकर सदस्य बनाने की शिकायत सामने आने के बाद चुनाव कमेटी ने यह कार्रवाई की है।
दोनों उम्मीदवारों को चुनाव कमेटी की ओर से नोटिस जारी किया गया है। 8 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे तक लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि शिकायत में निजी एजेंसी के माध्यम से सदस्यों की सदस्यता कराए जाने का आरोप है, जिसे चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के विपरीत माना गया है।
उम्मीदवारों को जारी किया गया नोटिस
शैलेंद्र बंजारे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
सत्येंद्र चेलक को भी नोटिस जारी किया गया है।
जवाब से तय होगी उम्मीदवारी
चुनाव कमेटी ने दोनों उम्मीदवारों से पूछा है कि उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर यह माना जाएगा कि उम्मीदवार को इस संबंध में कोई आपत्ति या स्पष्टीकरण नहीं देना है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यानी फिलहाल दोनों की उम्मीदवारी पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। चुनाव कमेटी उनके जवाब से संतुष्ट होती है या नहीं, इसी के आधार पर आगे उनकी उम्मीदवारी को लेकर फैसला होगा।
ऐप से भी हटे नाम
शिकायत और नोटिस के बाद दोनों उम्मीदवारों के नाम चुनाव से जुड़े ऐप से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पहले भी सामने आ चुका है विवाद
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस चुनाव में यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले चुनाव प्रक्रिया और नियमों को लेकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। 17 दिन पहले प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका के दौरे के बाद भी चुनाव को लेकर विवाद थमा नहीं था।
लेंका के दौरे के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। बैज ने 18 अगस्त को भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पत्र लिखा था। एक जिला-एक विधानसभा वाले जिलों में विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव फिलहाल नहीं कराने की मांग की थी।
लेंका के दौरे में सुनी गई थीं कार्यकर्ताओं की शिकायतें
युवा कांग्रेस चुनाव में कथित अनियमितताओं और नियमों को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका और चुनाव पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ भेजा था।
17 से 19 अगस्त तक चले दौरे में प्रभावित कार्यकर्ताओं से बातचीत की गई। कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया, नियमों और कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी शिकायतें और आपत्तियां सामने रखीं।
इसके बाद भी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। अब प्रदेश अध्यक्ष पद के दो प्रमुख दावेदारों के नामांकन होल्ड होने से चुनाव प्रक्रिया पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
एक जिला-एक विधानसभा वाले जिलों पर बैज की आपत्ति
दीपक बैज ने अपने पत्र में कहा था कि छत्तीसगढ़ में कुछ ऐसे संगठनात्मक जिले हैं, जहां एक जिला और एक ही विधानसभा क्षेत्र है। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, दुर्ग और राजनांदगांव समेत कई जिले शामिल हैं।
उनका कहना था कि ऐसे जिलों में जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष के अलग-अलग चुनाव से संगठन में समन्वय की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए इन जिलों में विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव फिलहाल नहीं कराया जाना चाहिए।
2-3 विधानसभा वाले जिलों में पुरानी व्यवस्था की मांग
बैज ने कहा था कि जिन जिलों में 2 या 3 से अधिक विधानसभा क्षेत्र हैं, वहां जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष की नियुक्ति पहले की तरह की जा सकती है। इससे संगठन के भीतर बेहतर समन्वय बना रहने की बात कही गई।
प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में 41 जिला/शहर कांग्रेस कमेटियां और 307 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां हैं। बैज ने आशंका जताई थी कि एक जिला और एक विधानसभा वाले क्षेत्रों में दोनों पदों के अलग-अलग चुनाव से संगठनात्मक टकराव की स्थिति बन सकती है।
अब चुनाव कमेटी के जवाब पर नजर
एक तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की व्यवस्था पर सवाल उठा चुके हैं, वहीं अब प्रदेश अध्यक्ष पद के दो बड़े दावेदारों के नामांकन पर ही कार्रवाई हो गई है। दोनों उम्मीदवारों के लिए अगली चुनौती चुनाव कमेटी को अपना पक्ष समझाने की है।
अब 8 सितंबर शाम 7 बजे तक दिए जाने वाले जवाब और उसके बाद चुनाव कमेटी के फैसले से तय होगा कि सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे की चुनावी दौड़ जारी रहती है या नहीं।
नमो सेवा गाथा पर विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति, लगभग 495 लोग हुए शामिल कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पाली में ‘नमो सेवाकृअनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नमो सेवा गाथा पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति से ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पालक और छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों सहित लगभग 495 लोग उपस्थित रहे।
कोरबा, 7 अक्टूबर 2026। समाज कल्याण विभाग द्वारा आज प्रतीक जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा, ओएसडी तरुण कुमार किरण की उपस्थिति में पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई इस सहायता से उनके आवागमन में सुविधा होगी और वे दैनिक कार्य अधिक सुगमता से कर सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में रेल्वे कॉलोनी, कोरबा निवासी 55 वर्षीय सैय्यद याकूब, पिता सैय्यद अब्दुल कादर, सुभाष ब्लॉक, कोरबा निवासी 44 वर्षीय श्रीमती सुनीता दास, पिता बाबू राज, शांति नगर, कुसमुंडा निवासी 34 वर्षीय श्रीमती सीमा कुमारी, पिता अदरू, तथा गुरसिया, कटघोरा निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार उरांव, पिता हरिराम शामिल हैं। ट्राईसाइकिल मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सुरक्षित छत और रंगीन दीवारों ने बदला माहौल, बरपाली आंगनबाड़ी में बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। कभी जर्जर भवन की दीवारों और असुविधाओं के बीच संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों की खिलखिलाहट और रंग-बिरंगे चित्रों से गुलजार है। जहां पहले पालकों को अपने छोटे बच्चों को केंद्र भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी, वहीं अब ग्राम पंचायत बरपाली का नया आंगनबाड़ी भवन नौनिहालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और सहज वातावरण बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से 11.69 लाख की लागत से निर्मित नए भवन में पक्की छत, मजबूत दीवार, पक्का फर्श, रंगीन चित्र और बच्चों के लिए खिलौनों सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी पहुंच रहे हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरपाली स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 17 तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 13 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही 2 गर्भवती महिलाएं, 3 शिशुवती माताएं और 6 किशोरी बालिकाएं भी केंद्र की सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। नए भवन के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध स्थान और वातावरण में आए बदलाव ने केंद्र की गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला बताती हैं कि पुराने भवन की स्थिति ऐसी थी कि बच्चों को केंद्र में रखते समय उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। भवन जर्जर होने के कारण पालक भी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में सहज महसूस नहीं करते थे। नए भवन के बनने से सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा और उनके सहज वातावरण में आया है। अब पक्की छत, मजबूत दीवार और पक्के फर्श वाले भवन में बच्चे आराम से बैठते हैं, खेलते हैं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। श्रीमती शिवकला के अनुसार नए भवन की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे चित्र बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। बच्चे चित्रों को देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं और आसपास की वस्तुओं को पहचानने का प्रयास करते हैं। खिलौनों और आकर्षक वातावरण के कारण उनमें केंद्र आने की रुचि भी बढ़ी है। पहले की तुलना में अब बच्चे अधिक संख्या में आंगनबाड़ी पहुंचते हैं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित उपस्थिति दिखाई देती है। बच्चों के लिए केंद्र अब केवल आने-जाने की जगह नहीं रहा, यहां वे खेलते हुए सीखते हैं और सहज माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती चमेली बाई बताती हैं कि नए भवन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें भोजन कराने में भी काफी सुविधा हुई है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सुबह बच्चों को मीठा या नमकीन दलिया दिया जाता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुरक्षित और सुविधाजनक भवन में बच्चों को भोजन कराने तथा उनकी देखभाल करने में आसानी होती है। बच्चों का नियमित रूप से केंद्र आना उनके लिए भी उत्साह का विषय है।
कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला कहती हैं कि पहले भवन की स्थिति के कारण बच्चों और पालकों में जो संकोच था, वह अब दूर हुआ है। नए भवन ने बच्चों को सुरक्षित जगह दी है और आकर्षक वातावरण ने उनके मन में आंगनबाड़ी के प्रति अपनापन बढ़ाया है। बच्चे सुबह केंद्र आने के लिए उत्साहित रहते हैं और यहां होने वाली गतिविधियों में रुचि के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कार्य में भी संतोष और उत्साह मिलता है। नौनिहालों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।