जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में किसानों की समस्याओं और आगामी धान खरीदी, रबी फसल की तैयारियों को लेकर कृषक चेतना मंच ने 11 सूत्रीय मांगें रखी हैं।
केरा रोड स्थित ठा. छेदीलाल बैरिस्टर भवन में आयोजित बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम अनुविभागीय अधिकारी, जांजगीर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
कृषक चेतना मंच ने मांग की है कि धान खरीदी का पोर्टल अंतिम खरीदी तक चालू रखा जाए। किसानों की खड़ी फसल की जांच समय पर पूरी की जाए, ताकि बाद में घर-घर जाकर प्रशासनिक दबाव बनाने की स्थिति न बने।
30 अक्टूबर तक पूरी हों पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया
मंच ने मांग की है कि आगामी धान खरीदी के लिए सभी किसानों का पंजीयन और एग्रीस्टैक, पीवी (फिजिकल वेरिफिकेशन) और डीसीएस सहित सभी औपचारिकताएं 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएं। निर्धारित तारीख तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर पीवी और डीसीएस की अनिवार्यता स्थगित करने की मांग की गई है।
रकबा समर्पण के लिए किसानों पर दबाव न बनाने की मांग
मंच ने स्पष्ट किया है कि किसानों से किसी भी तरह का रकबा समर्पण नहीं कराया जाना चाहिए। इसके लिए किसानों पर दबाव भी नहीं बनाया जाए।
रबी फसल के लिए खाद और नकद बिक्री की व्यवस्था हो
किसानों ने रबी फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही सहकारी समितियों में खाद की नकद बिक्री की व्यवस्था करने की मांग रखी है, ताकि किसानों को खाद लेने में परेशानी न हो।
नहरों में पर्याप्त पानी और साफ-सफाई की मांग
कृषक चेतना मंच ने रबी फसल के लिए जांजगीर-चांपा की नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। जिन क्षेत्रों में रबी के दौरान धान की खेती नहीं होगी, वहां नहरों की साफ-सफाई वीबी-जी राम जी योजना के तहत कराने की मांग भी की गई है।
धान की खेती नहीं होने वाले क्षेत्रों का चयन हो
मंच ने आगामी रबी फसल के लिए ऐसे क्षेत्रों का चयन करने की मांग की है, जहां धान की खेती नहीं की जा रही है, ताकि वहां रबी फसल की तैयारी की जा सके।
राजीव गांधी न्याय योजना की बची किश्त दीपावली से पहले देने की मांग
ज्ञापन में पूर्ववर्ती सरकार की राजीव गांधी न्याय योजना की बची हुई एक किश्त की राशि दीपावली से पहले किसानों को देने की मांग की गई है।
धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,358 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग
कृषक चेतना मंच ने आगामी धान खरीदी में किसान उन्नति योजना के तहत पिछले तीन सालों में समर्थन मूल्य में हुई वृद्धि की राशि जोड़कर किसानों को 3,358 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान करने की मांग रखी है।
मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक का किया लोकार्पण
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, महिला स्व-सहायता समूहों और वन उपज संग्राहकों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर, 27 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक का लोकार्पण किया। वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय एवं हर्बल उत्पादों को आकर्षक गिफ्ट पैक के रूप में तैयार किया गया है। इस पहल से जहां छत्तीसगढ़ के गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा, वहीं लघु वनोपज संग्राहकों और महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा हमारे लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। हमारी सरकार का प्रयास है कि वनों से प्राप्त उपज का अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन प्रदेश में ही हो और इसका सीधा आर्थिक लाभ वन उपज संग्राहकों तथा इससे जुड़े महिला समूहों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से हमारी माताएं-बहनें स्थानीय वनोपज को प्रसंस्कृत कर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर हम उनके परिश्रम को नई पहचान और आय के बेहतर अवसर दे रहे हैं। ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक इसी दिशा में एक सार्थक पहल हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि जब हम छत्तीसगढ़ में बने उत्पादों को खरीदते और उपहार में देते हैं, तो उसका लाभ सीधे हमारे वनांचल के परिवारों और महिला स्व-सहायता समूहों तक पहुंचता है। स्थानीय उत्पादों को अपनाना हमारी परंपराओं, स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में हमारी सहभागिता है।
उल्लेखनीय है कि ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक दो श्रेणियों—प्रीमियम और सामान्य—में तैयार किए गए हैं। प्रीमियम गिफ्ट पैक में नौ प्रकार के चयनित उत्पाद शामिल हैं। वहीं सामान्य गिफ्ट पैक में पांच प्रकार के उत्पाद रखे गए हैं।
आम नागरिक इन गिफ्ट पैक को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा संचालित ‘संजीवनी’ विक्रय केंद्रों से खरीद सकेंगे। इससे दिवाली पर उपहार देने की परंपरा को छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों, महिला उद्यमिता और जनजातीय आजीविका से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
वन संपदा के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद का समावेश
दिवाली गिफ्ट पैक में प्रदेश की वन संपदा और स्थानीय स्वाद से जुड़े विविध उत्पादों को शामिल किया गया है। इनमें जामुन जूस, जामुन स्प्रेड, आंवला कैंडी, इमली कैंडी, कोदो और महुआ से बने कुकीज़, च्यवनप्राश, वाइल्ड फॉरेस्ट हनी, बस्तर के मसाला एवं नमकीन काजू, जशपुर की ग्रीन टी तथा एलोवेरा जेल जैसे उत्पाद शामिल हैं।
इन उत्पादों में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, पारंपरिक खाद्य संस्कृति और महिला समूहों के उद्यम कौशल का सुंदर समावेश दिखाई देता है। स्थानीय वनोपज से तैयार इन उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और विपणन से ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड को भी नई पहचान मिल रही है।
वन धन विकास केंद्रों में तैयार हो रहे उत्पाद
गिफ्ट पैक में शामिल उत्पाद प्रदेश के विभिन्न वन धन विकास केंद्रों और प्रसंस्करण इकाइयों में तैयार किए जा रहे हैं। इनमें वन धन विकास केंद्र कौरीनभाटा (राजनांदगांव), बोड़ला (कवर्धा), पंचक्की (जशपुर), आसना (जगदलपुर), दुगली (धमतरी), डोंगानाला (कटघोरा) तथा केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव (एम), दुर्ग शामिल हैं।
इन वन धन विकास केंद्रों का वार्षिक कारोबार लगभग 60 से 70 लाख रुपए है। यहां वनोपज के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूह उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और अन्य गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
वन धन उत्पादों के प्रसंस्करण, निर्माण और विपणन का प्रत्यक्ष लाभ वन उपज संग्राहकों और महिला स्व-सहायता समूहों को मिलता है। दिवाली गिफ्ट पैक के माध्यम से इन उत्पादों की मांग और बिक्री बढ़ने से वनांचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिला समूहों के आर्थिक सशक्तीकरण को भी नया बल मिलेगा।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, वार्ड बॉय और वार्ड आया के पदों पर हुई नियुक्तियां
प्रदेश के 14 जिलों में सेवाएं देंगे नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मी, जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा – स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव
रायपुर, 27 अक्टूबर 2026। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और प्रत्येक नागरिक तक बेहतर उपचार की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि शहरों के साथ-साथ गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यकम में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सेवाभाव, संवेदनशीलता और पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सेवा का अवसर मिलना अपने आप में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अस्पताल आने वाला प्रत्येक व्यक्ति और उसका परिवार स्वास्थ्यकर्मियों की ओर बड़ी आशा और विश्वास से देखता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी केवल अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सेवाभाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि रोगियों की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। आप अपनी ड्यूटी को केवल नौकरी न मानें, बल्कि जनसेवा और पुण्य का कार्य समझकर पूरी ईमानदारी, मनोयोग और समर्पण से कार्य करें। आपके अच्छे व्यवहार, तत्परता और सेवाभाव से मरीजों और उनके परिजनों का स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने की पहली आवश्यकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है। जब हमारे नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी वे अपनी पूरी क्षमता के साथ परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में योगदान दे सकेंगे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने पर भी लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद बीते 25 वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। राज्य सरकार इस यात्रा को और गति देते हुए नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास, आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य अमले को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आवश्यकता के समय सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
14 जिलों में सेवाएं देंगे 520 नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मी
स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कुल 520 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में स्टाफ नर्स के 208, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरुष के 95, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला के 94, फार्मासिस्ट के 25, वार्ड बॉय के 50 तथा वार्ड आया के 48 पद शामिल हैं। नवनियुक्त कर्मचारी प्रदेश के 14 जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। इन नियुक्तियों से संबंधित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन 14 जिलों में नवनियुक्त कर्मचारियों को सेवाएं देनी हैं, उनमें अधिकांश जिले जनजातीय बहुल हैं। इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के निरंतर विस्तार से सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि भौगोलिक दूरी किसी भी नागरिक के लिए बेहतर इलाज प्राप्त करने में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मी सरकार और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन क्षेत्रों में सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ किया गया कार्य अनेक परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि जहां भी उनकी पदस्थापना हो, वहां लोगों के विश्वास पर खरा उतरते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को मिल रहे अवसर : स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी 520 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरी की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। डॉक्टर, नर्स सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदों पर आवश्यकता के अनुरूप आगे भी भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, अनुशासन और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।