सुकमा, एजेंसी। सुकमा जिले में जादू-टोने के शक में हेड-कॉन्स्टेबल सहित उसके परिवार के 5 लोगों की हत्या के 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक महिला भी शामिल है।
पुलिस ने इनके पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे भी जब्त कर लिए हैं। सभी को कोर्ट में पेश किया गया है। मामला कोंटा थाना क्षेत्र का है। कांग्रेस अब मामले की जांच करेगी, PCC चीफ दीपक बैज के निर्देश पर 6 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
क्या था मामला
मौसम कन्ना झाड़-फूंक का काम करता था। लोग उसके पास झाड़ फूंक कराने आते थे। इसी बीच पिछले कुछ दिनों पहले गांव में कुछ ग्रामीणों की मौत हुई थी।
ऐसे में गांव के लोग मौसम कन्ना और उसके परिवार पर जादू टोना का शक करते थे। गांव के लोग परिवार से नाराज थे। रविवार को एकजुट होकर मौसम कन्ना के घर में घुस गए।
बच्चों की आंखों के सामने 5 लोगों की हत्या
मौसम कुन्ना समेत उसके परिवार के सदस्य हेड कॉन्स्टेबल मौसम बुच्चा (34), मौसम बिरी , मौसम आरजो (32), करका लच्छी (43) को लाठी-डंडे से पीटा।
बुच्चा के 2 बच्चों ने बताया कि वे गाय चराकर घर लौटे थे तभी परिवार पर हमला हुआ, तो वह डर गए और पास में ही छिपकर पूरी घटना को देखते रहे।
भीड़ उनको पीटती रही। कुछ लोग बीच-बचाव करने आए तो ग्रामीणों ने उन्हें भगा दिया।
हत्या के दिन ही 5 गिरफ्तार
जिस दिन हत्या हुई थी पुलिस ने उसी दिन 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद मामले की जांच और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के बाद कुछ और लोगों का नाम सामने आया।
पुलिस की टीम गांव पहुंची और एक महिला समेत 12 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आज 17 सितंबर को मीडिया को इसकी जानकारी दी है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- सवलम राजेश (21)
- सवलम हिरमा
- कारम सतेम (35)
- कुंजाम मुकेश (28
- पोड़ियाम एंका
- पोड़ियम कन्नी (45)
- मड़कम सीता (25)
- संतोष पोड़ियाम (23)
- कुंजाम कन्ना (48)
- सवलम रंगा (30)
- सवलम पोदिया (30)
- सवलम गंगा (29)
- कारम राम कृष्ण ( 31)
- कुंजाम एंका (25)
- सोयम श्रीनु (30)
- कुंजाम भीमा (25)
- पोड़ियाम जोगा (50)
सुकमा की घटना के लिए बनी कमेटी
PCC चीफ 6 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। इसमें बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल संयोजक हैं। वहीं विधायक कवासी लखमा, विक्रम मांडवी, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, पीसीसी सचिव दुर्गेश राय और सुकमा जिला अध्यक्ष माहेश्वरी बघेल सदस्य हैं।
जांच दल को यह निर्देश दिया गया है कि वह घटनास्थल पर जाएं, आसपास के लोगों से बातचीत करें। रिश्तेदार वहां आए हों, उनसे भी जानकारी लेकर रिपोर्ट बनाकर देने को कहा गया है।
1 हफ्ते में पीसीसी को भेजनी होगी रिपोर्ट
पीसीसी चीफ द्वारा गठित इन दोनों जांच कमेटियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर पूरी जांच पूरी कर लें। हर पहलू की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर पीसीसी को भेजी जाए।