पटना,एजेंसी। बिहार में अब नई सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। JDU ने कल विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। कल यानी सोमवार को BJP विधायक दल की भी बैठक हो सकती है।
CM नीतीश कुमार 17 नवंबर को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और इसी दिन नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। CM हाउस के सूत्रों की मानें तो 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार CM पद की शपथ ले सकते हैं।
2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन सरकार में एक बार फिर से नीतीश कुमार की पार्टी JDU का कद बढ़ना तय माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार के साथ-साथ 18 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं।
वहीं, डिप्टी CM की रेस में बीजेपी से सम्राट चौधरी, रामकृपाल यादव, मंगल पांडे के नाम की चर्चा है। चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) की भी बिहार सरकार में एंट्री होगी।
JDU- BJP के बराबर मंत्री होंगे, RLM भी सरकार का हिस्सा होगी
सूत्रों की मानें तो इस बार 30-32 मंत्रियों का मंत्रिमंडल हो सकता है। इसमें JDU और BJP के बराबर-बराबर मंत्री हो सकते हैं। इनके अलावा चिराग पासवान की पार्टी को 3 मंत्री पद, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। विधानसभा के मौजूदा नंबर के हिसाब से बिहार में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। कहा जा रहा है कि JDU के कोटे से 11 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) की बिहार सरकार में एंट्री होगी।
BJP के साथ LJP(R) कर सकती है डिप्टी CM पद की दावेदारी
2020 चुनाव परिणाम के बाद से BJP ने बिहार में दो डिप्टी CM पद की परंपरा शुरू की। एक बार फिर से दो डिप्टी CM बनाने की चर्चा है, लेकिन दोनों BJP की जगह एक डिप्टी CM पद पर LJP(R) भी दावेदारी कर रही है। फिलहाल कैमरे पर सीधे बोलने की बजाय वे दबी जुबान ये बातें कर रहे है। हालांकि नीतीश कुमार CM होंगे तो डिप्टी CM कौन होगा ये BJP ही तय करेगी।
JDU अपने कोटे के मंत्रियों में बड़ा बदलाव नहीं करेगी
पिछली सरकार में JDU कोटे से 13 मंत्री थे। संभव है कि इसमें से 10 मंत्रियों को नई सरकार में फिर से मंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करने के मूड में नहीं है।
भाजपा अपने डिप्टी CM को बदल सकती है
पिछली सरकार में भाजपा कोटे से 19 मंत्री हैं। इसमें बड़े पैमाने पर बदलाव की सूचना है। डिप्टी CM विजय सिन्हा को रिप्लेस किया जा सकता है। साथ ही सम्राट चौधरी को भी बदला जा सकता है, लेकिन वह अभी भी डिप्टी CM की रेस में हैं। इसके अलावा मंगल पांडेय और रजनीश कुमार में से किसी एक के डिप्टी CM बनने की चर्चा है।
कुशवाहा की पत्नी बन सकती हैं मंत्री
HAM से संतोष मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता के साथ LJP(R) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी मंत्री बन सकते हैं। संभावित मंत्रियों की लिस्ट में संजय पासवान के नाम की भी चर्चा है।
मंत्री के साथ स्पीकर की भी रेस में विजय सिन्हा
पिछली बार की तरह इस बार भी BJP स्पीकर का पद अपने पास रख सकती है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा विजय सिन्हा को डिप्टी CM न बनाकर स्पीकर बना सकती है। हां, इतना जरूर तय है कि विजय सिन्हा को कोई न कोई बड़ा पद मिलेगा।
2010 तक ये पद नीतीश कुमार अपने पास रखते थे, लेकिन 2020 में जैसे ही नीतीश कुमार कमजोर हुए, BJP ये पद अपने हिस्से में ले ली।
2020-25 के बाद नीतीश कुमार के पाला बदल के कारण दो बार NDA की सरकार बनी । दोनों बार BJP के स्पीकर बने।
हालांकि इस बार BJP के साथ JDU का भी नंबर बढ़ा है। विधान परिषद के सभापति पहले से ही BJP कोटे से है। CM नीतीश कुमार की सहमति के बाद वहां BJP नेता अवधेश नारायण सिंह को सभापति बनाया गया है।
बिहार चुनाव जीतने के बाद दिल्ली भाजपा ऑफिस में जश्न मनाया गया।
मंत्रिमंडल में MP और राजस्थान का प्रयोग कर चौंका सकती है BJP
MP और राजस्थान के मंत्रिमंडल की तर्ज पर बिहार के नए मंत्रिमंडल से भी पुराने और दिग्गज नेताओं की छुट्टी हो सकती है। इनकी जगह नए चेहरों की एंट्री हो सकती है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में बनी नई सरकार में पार्टी की तरफ से न केवल पूरी तरह नई टीम को मौका दिया गया है, बल्कि जातियों के समीकरण का भी ख्याल रखा गया है। वर्षों से जमे-जमाए चेहरों को बदल दिया गया।
राजस्थान में BJP ने पूरी तरह से नए चेहरे पर दांव लगाया । यहां 22 मंत्री में से 17 नए चेहरों को मौका दिया गया। जबकि मध्य प्रदेश में भी 28 मंत्रियों में 22 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई।
2020 से सरकार में BJP का दबदबा रहा है
बिहार में 15 साल के भीतर दूसरी बार 200 पार के नंबर के साथ बिहार NDA सत्ता में आई है। 14 नवंबर को आए नतीजे में NDA को 202 सीटें मिली हैं। 2020 के नतीजे की तरह एक बार फिर से NDA में BJP सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
पार्टी को 89 सीटें मिली हैं, लेकिन इस बार JDU के जीत का ग्राफ 43 से बढ़ कर 85 पहुंच गया है। इन दोनों के साथ सरकार में तीसरी बड़ी पार्टी के रूप में 19 सीटों के साथ LJP(R) की एंट्री हुई है। जीतन राम मांझी की हम की सीटें भी पिछली बार की तुलना में 4 से बढ़ कर 5 हो गई हैं। 4 विधायक के साथ उपेंद्र कुशवाहा भी इस बार सरकार के साझीदार हैं।
2005 और 2010 में जब-जब NDA की सरकार बनी है, मंत्रिमंडल में JDU भारी रही है, लेकिन 2020 में जैसे ही BJP का नंबर बढ़ा, तभी से मंत्रिमंडल में BJP दबदबा भी बढ़ा है। 2010 में जब NDA को 206 सीटें मिली थीं, तब मंत्रियों की संख्या 30 थी।
इनमें जदयू के 19 और BJP के 11 मंत्री थे। इसी तरह 2020 में जब BJP ने 74 और JDU ने 43 सीटों के साथ सरकार बनाई थी तब 31 मंत्रियों का मंत्रिमंडल था, लेकिन BJP के 19 और JDU के 12 मंत्री को ही जगह दी गई थी। इसके अलावा एक निर्दलीय और HAM के हिस्से 1-1 मंत्री पद आया था।
NDA के सरकार कैसे होता रहा है मंत्रालय का गठन
2025 को मिलाकर 4 बार BJP-JDU साथ मिलकर बहुमत हासिल की है।
2010 में JDU बड़ी और BJP छोटी पार्टी थी, JDU के 19 और BJP के 11 मंत्री थे।
2020 में BJP बड़ी और JDU छोटी पार्टी थी BJP के 16 और JDU के 12 मंत्री थे।
2010 में स्पीकर JDU के तो 2020 में स्पीकर BJP के बने थे।
फिलहाल सरकार में हिस्सेदार का समीकरण ये
पार्टी
विधायक
मंत्री
BJP
80
19
JDU
43
13
HAM
04
01
निर्दलीय
1
1
18-20 के बीच शपथ ले सकते हैं नीतीश कुमार
17 नवंबर को सरकार की नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट होगी। इसमें विधानसभा को भंग करने की सिफारिश होगी। फिर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। नई सरकार 18 से 20 नवंबर के बीच शपथ ले सकती है।
इधर, शनिवार की रात जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह दिल्ली पहुंचे। गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा के कई बड़े नेताओं से बात की। इससे पहले दोनों जदयू नेताओं ने पटना में मुख्यमंत्री से बात की। भाजपा नेताओं की भी बैठक हुई।
सीएम आवास आकर चिराग पासवान ने नीतीश कुमार से मुलाकात की।
उपेंद्र-चिराग बोले- नीतीश ही CM होंगे
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। रविवार को 18वीं विधानसभा की अधिसूचना होगी। नई सरकार में चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी की भी हिस्सेदारी होगी। चिराग के 19 व उपेंद्र के 4 प्रत्याशी जीते हैं। अभी सरकार में भाजपा, जदयू और हम के मंत्री हैं। डिप्टी सीएम दो रहेंगे। अभी दोनों डिप्टी सीएम भाजपा के हैं। यह बदल भी सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग के अफसर मनीष गर्ग के कामकाज के विवाद पर अब नई जानकारी सामने आई है। RTI से खुलासा हुआ है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग लेटर लिखकर उनके कामकाज की शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
RTI जवाब में बताया गया, कैबिनेट सचिवालय ने ये शिकायतें चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक नहीं मानीं। सचिवालय का मानना था कि इस स्तर पर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसे संवैधानिक संस्था के काम में दखल माना जा सकता है।
यह जानकारी RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को दी गई। गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों से चर्चा किए बिना वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज को बदलने वाला आदेश जारी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने उनके आदेश को पलट दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों ने मनीष गर्ग के काम के बंटवारे से जुड़ा आदेश रद्द कर दिया। साथ ही, निर्देश दिया कि आयोग में किसी बदलाव पर सहमति बनने तक पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
गर्ग 2024 में चुनाव आयुक्त में नियुक्त हुए
मनीष गर्ग 1996 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अगस्त 2024 में केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उन्हें चुनाव आयोग में उप चुनाव आयुक्त बनाने की मंजूरी दी थी। उन्होंने 2 सितंबर 2024 को पद संभाला। इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे।
पहले भी विवादों में आया मनीष गर्ग का नाम
मनीष गर्ग का नाम मतदाता सूची के आईटी सिस्टम के संचालन और अधिकारियों को उसकी पहुंच मिलने से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने ERONet सॉफ्टवेयर पर निर्वाचन अधिकारियों की पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कई निर्वाचन अधिकारियों को सिस्टम का पूरा एक्सेस नहीं मिल रहा था, जिससे मतदाता सूची से जुड़े उनके वैधानिक काम प्रभावित हो सकते थे।
दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी
25 सितंबर: इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। इसमें मतदाता सूची के डेटा पर नियंत्रण और अधिकारियों को जानकारी नहीं दिए जाने के मुद्दे भी शामिल थे।
26 सितंबर: चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मनीष गर्ग के काम के बंटवारे संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए थे और IT विभाग की निगरानी वास्तव में नहीं हटाई गई थी।
3 अक्टूबर: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मनीष गर्ग की भूमिका और आयोग के IT सिस्टम से जुड़े कामकाज पर सवाल उठाए थे।
21 अक्टूबर: RTI से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आयुक्तों के पत्र कैबिनेट सचिवालय पहुंचे थे और आगे संबंधित अधिकारियों को भेजे गए। पत्रों में क्या था, यह सामने नहीं आया था।
मुंबई, एजेंसी। अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।
इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की बात लिखी गई। कहा गया कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। हमला 1984 के ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का बदला होगा।
इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी आत्मघाती हमले में मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मेल तब आया है, जब 5 दिन पहले रविवार को एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग की गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी।
ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे
मुंबई मेयर को भेजे गए मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। मेल में कहा गया कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छूए थे इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं।
बीएमसी में मेयर के ऑफिस की जांच करती हुईं जांच टीमें ।
रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग
शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर 5 राउंड फायरिंग की थी।
मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।
इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है।
मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल
इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
सीवान, एजेंसी। बिहार के सीवान में पटाखा बनाने के दौरान हुए ब्लास्ट में पति-पत्नी और उनकी बेटी समेत 7 की मौत हो गई।
जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव के एक मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक धमाके होने लगे। इस धमाके में पूरा मकान उड़ गया। लोगों के शव सड़क पर बिखर गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे।
धमाके के बाद क्षतिग्रस्त मकान।
दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, महाराजगंज एसडीपीओ अमन और बड़हरिया, जामो, गोरेयाकोठी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची है। अधिकारी घटनास्थल की जायजा ले रहे हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। आग पर काबू पाने के बाद मामले की जांच की जाएगी।
एसपी भारत सोनी ने बताया कि अब तक शवों की पहचान नहीं हो सकी है। जिस मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे, वह घनी आबादी वाले इलाके में है।
हादसे की तस्वीरें
धमाके के बाद मकान के बाहर बिखरे शव।
धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद DM और SP मौके पर पहुंचे।