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छत्तीसगढ़

विश्व मधुमेह दिवस पर विशेष:मीठे भ्रम से कड़वी सच्चाई तक

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स्वास्थ्य-सजग समाज की ओर एक वैज्ञानिक संकल्प

शांति सोनी
व्याख्याता योग प्रशिक्षिका
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महमंद जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

“स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है, सोना-चाँदी नहीं।” — महात्मा गांधी
“जो व्यक्ति अपने शरीर का ध्यान नहीं रखता, वह अपने जीवन के उद्देश्यों को पूर्ण नहीं कर सकता।” — सुकरात
आज का युग तकनीकी प्रगति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सुविधाओं का युग है। जीवन पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है, किन्तु इन सुविधाओं के साथ हमारी जीवनशैली भी तेजी से बदल गई है। शारीरिक श्रम में कमी, अनियमित दिनचर्या, तनाव, जंक फूड, अत्यधिक स्क्रीन टाइम तथा व्यायाम से दूरी ने अनेक जीवनशैली-जनित रोगों को जन्म दिया है। इनमें मधुमेह (डायबिटीज) आज विश्व के सामने सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है।
मधुमेह एक ऐसा “मौन रोग” (Silent Disease) है, जो धीरे-धीरे शरीर के लगभग प्रत्येक महत्वपूर्ण अंग को प्रभावित करता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण सामान्य प्रतीत होते हैं, इसलिए अधिकांश लोग समय रहते इसकी पहचान नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप यह रोग हृदय, गुर्दे, आँखों, मस्तिष्क तथा तंत्रिका तंत्र को गंभीर क्षति पहुँचा सकता है।
इसी बढ़ती चुनौती के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष
विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। यह दिवस इंसुलिन के सह-आविष्कारक डॉ. फ्रेडरिक बैंटिंग की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मधुमेह के कारणों, लक्षणों, बचाव, समय पर जाँच तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।

मधुमेह क्या है? — एक वैज्ञानिक समझ
मधुमेह केवल रक्त में शर्करा बढ़ जाने का नाम नहीं है। यह शरीर की चयापचय (Metabolic) प्रणाली का एक जटिल विकार है। सामान्यतः अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा निर्मित इंसुलिन हार्मोन भोजन से प्राप्त ग्लूकोज़ को शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाकर ऊर्जा में परिवर्तित करता है। जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता अथवा इंसुलिन प्रभावी ढंग से कार्य नहीं करता, तब रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है और यही स्थिति मधुमेह कहलाती है।
मधुमेह के प्रमुख प्रकार
टाइप-1 मधुमेह – इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। यह प्रायः बच्चों एवं युवाओं में पाया जाता है।
टाइप-2 मधुमेह – यह सबसे सामान्य प्रकार है, जो असंतुलित जीवनशैली, मोटापा, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता तथा आनुवंशिक कारणों से विकसित होता है। वर्तमान में भारत में मधुमेह के अधिकांश रोगी इसी श्रेणी के हैं।
गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) – यह गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं में विकसित होता है और समय पर देखभाल न होने पर माँ तथा शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

लक्षण जिन्हें कभी न करें नज़रअंदाज़
अत्यधिक प्यास लगना
बार-बार मूत्र आना
लगातार थकान रहना
धुंधला दिखाई देना
घावों का देर से भरना
अचानक वजन कम होना
बार-बार संक्रमण होना
इन लक्षणों की अनदेखी भविष्य में गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। इसलिए समय-समय पर रक्त शर्करा की जाँच अत्यंत आवश्यक है।
समय रहते नियंत्रण क्यों आवश्यक है?
अनियंत्रित मधुमेह हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, गुर्दा विफलता, अंधत्व, स्ट्रोक, पैरों में घाव तथा तंत्रिका क्षति जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। अच्छी बात यह है कि संतुलित जीवनशैली अपनाकर इन जटिलताओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
बचाव ही सबसे प्रभावी उपचार
मधुमेह से बचाव के लिए दवा से अधिक आवश्यक है अनुशासित जीवनशैली—
संतुलित एवं पौष्टिक भोजन
नियमित योग एवं व्यायाम
प्रतिदिन कम से कम 30–45 मिनट शारीरिक गतिविधि
तनाव प्रबंधन एवं ध्यान
7–8 घंटे की पर्याप्त नींद
नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त शर्करा की जाँच
मधुमेह नियंत्रण में योग की महत्त्वपूर्ण भूमिका
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। नियमित योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने, तनाव कम करने तथा चयापचय को संतुलित रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।
उपयोगी योगासन
सूर्य नमस्कार, मंडूकासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवनमुक्तासन तथा वज्रासन।
प्रभावी प्राणायाम
अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, नाड़ी शोधन तथा प्रतिदिन 10–15 मिनट ध्यान।
विद्यालयों की भूमिका : स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर में प्रत्येक शनिवार आयोजित स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, ध्यान, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना ही भविष्य के स्वस्थ भारत की मजबूत नींव है।
प्रेरक संदेश
“योग अपनाएँ, मधुमेह भगाएँ।”
“स्वस्थ तन, शांत मन—यही है जीवन का सच्चा धन।”
“प्रतिदिन योग करेंगे हम, मधुमेह-मुक्त बनेगा जन-जन।”
निष्कर्ष
मधुमेह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार का संकेत है। यदि हम संतुलित आहार, नियमित योग, व्यायाम, तनावमुक्त जीवन और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो मधुमेह सहित अनेक जीवनशैली-जनित रोगों से बचाव संभव है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं। आइए, इस विश्व मधुमेह दिवस पर हम सब मिलकर संकल्प लें—”स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, योग को दिनचर्या बनाएँ और मधुमेह-मुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।”

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कोरबा

पाली में खिला ब्रह्म कमल

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कोरबा/पाली। पाली नगर पंचायत पाली के दुर्गा पंडाल के समीप निवासी रमेश डिक्सेना के घर सोमवार देर रात दुर्लभ ब्रह्मकमल का फूल खिलने से पूरे मोहल्ले में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया। जैसे ही ब्रह्मकमल के खिलने की जानकारी परिवारजनों को मिली, सभी ने दीप प्रज्वलित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। परिवार के सदस्यों ने इसे भगवान की विशेष कृपा और शुभ संकेत बताते हुए स्वयं को सौभाग्यशाली बताया।

ब्रह्मकमल के खिलने की सूचना आसपास के क्षेत्र में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग रमेश डिक्सेना के घर पहुंचने लगे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने श्रद्धापूर्वक ब्रह्मकमल के दर्शन किए तथा भगवान से परिवार और नगर की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया। देर रात तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
स्थानीय लोगों के अनुसार ब्रह्मकमल का खिलना अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक महत्व का प्रतीक माना जाता है। इसकी मनमोहक छटा और सुगंध ने सभी को आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वर की विशेष कृपा बताते हुए कहा कि ऐसे दुर्लभ और पवित्र दृश्य के दर्शन जीवन में विरले ही होते हैं।

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छत्तीसगढ़

एवरग्रीन टैलेंट शो में हरमन सलूजा बनीं ‘किड्स छत्तीसगढ़’

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सात वर्षीय प्रतिभाशाली छात्रा ने शानदार मंचीय प्रस्तुति से जीता खिताब, 80 प्रतिभागियों के बीच बिखेरा प्रतिभा का जलवा

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर।
एवरग्रीन लेडी पत्रिका द्वारा आयोजित “मिस, मिसेज एवं किड्स टैलेंट प्रतियोगिता” का भव्य आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से आए लगभग 80 प्रतिभागियों ने अपनी कला, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इन सभी प्रतिभागियों के बीच सात वर्षीय हरमन सलूजा ने अपनी उत्कृष्ट मंचीय प्रस्तुति, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा से निर्णायक मंडल एवं दर्शकों का दिल जीतते हुए प्रतिष्ठित “किड्स छत्तीसगढ़” का खिताब अपने नाम किया। उनके दमदार प्रदर्शन पर मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

राजेंद्र नगर निवासी आशीष सलूजा एवं चेतना सलूजा की सुपुत्री तथा ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की कक्षा दूसरी की छात्रा हरमन बचपन से ही अपनी प्रतिभा का परिचय देती आ रही हैं। तीन वर्ष पूर्व कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उनकी प्रस्तुति को भी व्यापक सराहना मिली थी। हाल ही में राजनांदगांव में आयोजित एक प्रतियोगिता में भी उन्होंने विजेता का खिताब हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

हरमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग ही उन्हें हर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. शीला शर्मा, डॉ. सुनील दत्त मिश्रा, अखंड प्रताप सिंह, अखिलेश पटेल, कौशल महानंद, शानवी शर्मा, डॉ. ज्योति सक्सेना, मंजूषा सिंह, मधु शर्मा एवं प्रणिता पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जिससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच का विकास हो सके। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए अतिथियों ने एवरग्रीन लेडी पत्रिका की इस सराहनीय पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

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कोरबा

“माय भारत युवा कार्यक्रम” से युवाओं की शक्ति को मिलेगी नई पहचान

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“माय भारत युवा कार्यक्रम” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला सलाहकार समिति एवं जिला समन्वय समिति की बैठक संपन्न

कोरबा। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप “माय भारत युवा कार्यक्रम” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में 14 जुलाई 2026 को कलेक्टोरेट कोरबा के सभाकक्ष में जिला सलाहकार समिति एवं जिला समन्वय समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने “माय भारत युवा कार्यक्रम” को युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक अभिनव पहल बताते हुए जिले के अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत यूथ वॉलंटियर्स के रूप में पंजीकृत करने तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व विकास, स्वयंसेवा और जनहितकारी गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को नई पहचान देने के साथ उन्हें समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करेगा। कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों से इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में माय भारत युवा कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी श्री सतीश प्रकाश सिंह ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्यक्रम के उद्देश्य, लक्ष्य एवं महत्व की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विभिन्न अवसरों से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जाएगा तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। जिला नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि “माय भारत पोर्टल” पर पंजीयन करने वाले युवाओं को विभिन्न शासकीय एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रमों, इंटर्नशिप तथा अनुभव आधारित सीखने के अवसर भी प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त युवाओं को अपनी प्रोफाइल एवं सीवी तैयार करने की सुविधा मिलेगी, विभिन्न संस्थाओं एवं मेंटर्स से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा तथा पंजीकृत स्वयंसेवकों को वालंटियर प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, नगर पालिक निगम के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, ओएसडी तरुण किरण (आईएएस), अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, अपर कलेक्टर ओंकार यादव, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला युवा अधिकारी सुश्री ईशा गौतम, माय भारत युवा कार्यक्रम की जिला सलाहकार समिति एवं जिला समन्वय समिति के सदस्य, जिला स्तरीय अधिकारी, शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, एनएसएस एवं एनसीसी के प्रभारी अधिकारी तथा माय भारत यूथ वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।

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