सरगुजा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 140 लोगों से 50 करोड़ की ठगी हुई है। इनमें ज्यादातर लोग शिक्षक या सरकारी कर्मचारी हैं। RV ग्रुप ने पीड़ितों के बिना बैंक जाए सभी के नाम से लोन पास कराया। इसके बाद पैसे लेकर भाग गए। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।
पीड़ितों के मुताबिक RV ग्रुप ने लोगों को शहर के नामी होटल में पार्टी देकर कंपनी की लुभावनी स्कीम बताई। लोन की पूरी किश्त कंपनी जमा करेगी कहकर हर किसी से लाखों की ठगी की। अब बैंकों से वसूली के लिए नोटिस आ रहे हैं। ठग कंपनी के खिलाफ रायपुर और कांकेर में FIR दर्ज हुई है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 140 लोगों से 50 करोड़ से ठगी हुई है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल,अंबिकापुर के गांधीनगर निवासी शिक्षिका पवित्रा लकड़ा ने 1 अप्रैल 2025 को सरगुजा एसपी से ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि RV ग्रुप स्पॉश एडवाइजर प्रा.लि. और बैंकों के कर्मचारियों के माध्यम से उनके दस्तावेजों का गलत ढंग से दुरूपयोग करके अलग-अलग बैंकों से मल्टीपल लोन दिलाकर करोड़ों की ठगी की गई है।
बिना बैंक गए लाखों का लोन स्वीकृत
पीड़ितों ने बताया कि नवंबर 2022 में तुलसी चौक में RV ग्रुप ने स्पॉश एडवाइजर प्रा.लि. के नाम से ऑफिस खोला, जिसमें कंपनी ने कहा कि फाइनेंस कंपनी और बैंकों में लगातार काम करने के कारण हमारी हैसियत को देखकर यह लोन दिया जाता है।
कंपनी ने बैंक लोन के लिए दस्तावेजों में हस्ताक्षर कराए। बताया गया कि कंपनी इसमें गारंटर है। कर्मचारी बैंक गए भी नहीं और उनका लाखों का लोन स्वीकृत हो गया।
होटल में पार्टी देकर शिक्षकों को लुभावना स्कीम में फंसाया और लाखों की ठगी की।
जानिए शिक्षक कैसे हुए ठगी का शिकार ?
RV ग्रुप ने सरकारी कर्मचारियों को टारगेट कर शहर के नामी होटलों में भव्य पार्टियां आयोजित की। कॉन्फ्रेंस के नाम पर आयोजित इन पार्टियों में लुभावनी स्कीम बताई गई। लोगों को बताया गया कि 50 प्रतिशत राशि वे कंपनी की स्कीम में इन्वेस्ट करेंगे। उनके लोन की पूरी राशि कंपनी अदा करेगी।
कर्मचारियों को लाखों रुपए का मुनाफा मिलेगा। RV ग्रुप ने दफ्तर में फॉर्म भरवाए, हस्ताक्षर लिए और ठगी के शिकार लोगों का लाखों रुपए का पर्सनल लोन अलग-अलग बैंकों से फाइनेंस हो गया। इसमें आधी रकम कंपनी में इन्वेस्ट करने के नाम पर AMS साल्यूशन, सुरेंद्र सिंह और मनोज प्रधान के निजी खातों में जमा कराए गए।
कर्मचारियों के बैंक जाए बिना ही उनका दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा के दस्तावेज तैयार हो गए। आरोप है कि बैंक के दस्तावेजों में नकली हस्ताक्षर भी किए गए। इन्वेस्टमेंट करने वालों को गारंटी के तौर पर चेक भी दिए गए, जिसमें हस्ताक्षर ही फर्जी हैं।
शिक्षिका पवित्रा लकड़ा ने गांधी नगर थाने में दर्ज कराई थी FIR
नोटिस आने लगे तो हुआ ठगी का खुलासा
शिक्षिका लकड़ा ने बताया कि RV ग्रुप ने वादा किया था कि पूरी लोन राशि वे जमा करेंगे, लेकिन जब सरकारी कर्मचारियों को किश्त जमा करने और वसूली के नोटिस आने लगे। उन्हें ठगी का पता चला। इसी तर्ज पर रायपुर, कांकेर में भी सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।
अब जानिए किन-किन लोगों से हुई ठगी ?
पुलिस के मुताबिक गुड्डा राम बरवा, देवेन्द्र पैकरा, भइयो एक्का, पूरन लाल, अनूप कुमार सिंह, राम प्रताप साहू, नीलम सिंह पैकरा, जगधारी, कृष्णा राजवाड़े, विनीत सिंह, प्रीति सिदार, हरीश कुमार प्रजापति, पवित्रा लकड़ा से ठगी हुई है।
इसके साथ ही अन्ना खाखा, ज्योति कुजूर, रीना रोज तिग्गा, अन्ना खाखा, अनिता तिग्गा, अनिमा किरण टोप्पो, सुचित्रा कुजूर सहित 140 लोगों ने लिखित शिकायत थाने और सरगुजा एसपी को दी है।
अब जानिए किन लोगों ने की ठगी ?
पीड़ितों के मुताबिक कंपनी के फाउंडर मनोज कुमार प्रधान, मनोज कुमार भगत, सुरेन्द्र सिंह करियाम, अभय गुप्ता, विष्णु प्रजापति, सुदेश एक्का ने मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। ये आरोपी किसी का फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज की FIR
गांधीनगर पुलिस ने जांच के बाद सभी ठगों के खिलाफ धारा 420, 120 बी के तहत अपराध दर्ज किया है। सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। ठगी के शिकार अन्य लोगों के सामने आने पर ठगी की रकम बढ़ सकती है।
उपार्जन केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं समय पर हों सुनिश्चित, संवेदनशील एवं सीमावर्ती केंद्रों पर विशेष निगरानी हेतु किया निर्देशित
छूटे हुए किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन और खसरों की एंट्री समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की कलेक्टर ने की समीक्षा
कोरबा, 28 अक्टूबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की तैयारी एवं प्रशिक्षण के सम्बंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों और ऑपरेटरों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बैठक में धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी पंजीकृत किसानों के खसरों, फसल प्रविष्टियों और रकबे का सत्यापन करने तथा पंजीयन संबंधी त्रुटियों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुसार धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और सुगम होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सम्बंधित अधिकारियों को किसानों के रकबे में सुधार, छूटे हुए खसरों की पोर्टल में प्रविष्टि तथा फसल विवरण में त्रुटियों का निराकरण प्राथमिकता से करने को कहा। फसलों की गिरदावरी, सभी पात्र खसरों का एग्रीस्टेक में पंजीयन और वनाधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों सहित शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने पिछले वर्ष पंजीकृत प्रत्येक किसान के सभी खसरों, फसलों और रकबे का एग्रीस्टेक में मिलान करने को कहा। समिति प्रबंधक किसानों को समिति में बुलाकर ऑपरेटरों के माध्यम से बी-1 में दर्ज खसरों एवं फसलों की जांच कराएं, ताकि किसी भी पंजीकृत किसान का पात्र खसरा छूटने न पाए। उन्होंने तहसीलदार एवं एसडीएम को तहसील व समितिवार प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करने निर्देशित किया। सभी समितियों को इस आशय का प्रमाण-पत्र भी देना होगा कि पंजीकृत किसानों के सभी पात्र खसरे एग्रीस्टेक में दर्ज हैं। उन्होंने विशेष श्रेणी वनाधिकार पट्टाधारी, डुबान क्षेत्र के किसान, शासकीय भूमि पर खेती करने वाले तथा शासकीय पट्टाधारी किसानों के प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करने की बात कही। ऐसे मामलों में भूमि विवरण, खसरा तथा अक्षांश-देशांतर संबंधी प्रविष्टियां पूरी कराने के लिए कहा। इस हेतु तहसीलवार सूची तैयार कर संबंधित समितियों तक पहुंचाने और लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (आरईओ) के स्तर पर लंबित मामलों को भी समय-सीमा में पूरा कराने की बात कही। धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने केंद्रों में साफ-सफाई, नमी मापक यंत्रों के कैलिब्रेशन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट एवं तौल उपकरणों के सत्यापन, बायोमेट्रिक डिवाइस, पर्याप्त बारदानों, जल निकासी तथा आवश्यक बैनर-पोस्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। धान खरीदी के पहले दिन से ही केंद्रों में हमालों की उपलब्धता सहित किसानों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए। नए खरीदी केंद्रों में स्थल चयन, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, जनरेटर, ऑपरेटर एवं केंद्र प्रभारी की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित की जाएगी। कर्मचारियों और ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा ’सभी समितियों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने एवं उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी समितियों को नोडल अधिकारियों को पूर्ण सहयोग करने हेतु निर्देशित किया। संवेदनशील एवं सीमावर्ती धान खरीदी केंद्रों में विशेष निगरानी रखने और अवैध धान की आवक पर नियंत्रण के लिए उड़नदस्ता दल गठित करने को कहा गया। पीडीएस बारदानों का समय पर संग्रहण, उनकी उपलब्धता की नियमित निगरानी तथा बकेट क्लेम के लक्ष्यों की पूर्ति पर भी चर्चा हुई। प्रत्येक तहसीलदार को दस गांव चिन्हित कर पटवारियों के माध्यम से अक्टूबर माह में बकेट क्लेम की शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा गया है। सभी एसडीएम को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने निर्देशित किया। पॉलीगॉन ऐप ट्रेसिंग में आ रही समस्याओं का समाधान करने तथा डिजिटल कृषि मोबाइल ऐप में प्रविष्टियों के लिए सर्वेयर लगाकर कार्य में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। धान विक्रय नहीं करने वाले किसानों की सहमति के आधार पर आवश्यक पंचनामा तैयार कराने और ’भंडारण के लिए मॉडल स्टेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जिले में 60 सक्रिय आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत 73 धान खरीदी केंद्र हैं। जिले के कुल 53,101 पंजीकृत किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन हो चुका है, जबकि 168 किसानों का पंजीयन शेष है। कलेक्टर ने शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूरा कराने एवं दैनिक प्रगति की निगरानी करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन के अभाव में धान विक्रय से वंचित न रहे। बैठक में ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से टोकन जारी करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। किसान इस ऐप से 24 घंटे टोकन प्राप्त कर सकेंगे। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, 70 प्रतिशत टोकन ऐप के माध्यम से और 30 प्रतिशत टोकन समिति के माध्यम से जारी किए जाएंगे। टोकन प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। रकबे के आधार पर टोकन की व्यवस्था के तहत दो एकड़ तक भूमि वाले किसान एक टोकन, दो से दस एकड़ तक भूमि वाले किसान दो टोकन तथा दस एकड़ से अधिक भूमि वाले किसान तीन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। दो एकड़ तक भूमि वाले किसानों के लिए एक टोकन के साथ शेष रकबा स्वतः समर्पित होगा। दो से दस एकड़ तक भूमि वाले किसानों के लिए दो टोकन 50-50 के अनुपात में तथा दस एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों के लिए तीन टोकन 33-33-34 के अनुपात में मान्य होंगे। प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार टोकन के लिए तय रकबे के अतिरिक्त शेष रकबा स्वतः समर्पित हो जाएगा। कलेक्टर श्री दुदावत ने समिति प्रबंधकों, आरईओ और संबंधित अधिकारियों को किसानों को धान खरीदी की प्रक्रिया, पंजीयन, टोकन एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने को कहा। उन्होंने कहा कि खरीदी की तैयारियों के दौरान जमीनी स्तर पर सामने आने वाली वास्तविक समस्याओं का समय रहते आकलन कर प्रशासन को अवगत कराया जाए, ताकि उनका त्वरित निराकरण किया जा सके। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित समिति में जाकर अपने खसरों का मिलान अवश्य कराएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र खसरा पंजीयन से छूटा न हो। खसरे, फसल प्रविष्टि या पंजीयन में त्रुटि मिलने पर समिति के माध्यम से उसका समय पर सुधार कराएं। समिति प्रबंधक भी किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें। बैठक में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर, उप पंजीयक सहकारिता एम. मिंज, जिला विपणन अधिकारी ऋतुराज देवांगन, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी सुशील जोशी, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं समिति ऑपरेटर उपस्थित थे।
रायगढ़, एजेंसी। रायगढ़ में सरकारी राशन दुकानों से चावल और शक्कर की बोरियां चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस की सलाह पर शक्कर की बोरी में GPS ट्रैकर लगाया गया था। 25 और 26 अक्टूबर की दरमियानी रात कोटमर्रा की राशन दुकान में चोरी के बाद आरोपी ट्रैकर लगी बोरी भी ले गए।
GPS के संकेतों के आधार पर पुलिस पत्थलगांव पहुंची और 4 आरोपियों के साथ चोरी का सामान खरीदने वाले राशन दुकान संचालक सेवाल कुजूर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 115 बोरी चावल, 2 बोरी शक्कर, एक क्रेटा और एक इनोवा कार समेत कुल 38.60 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।
आरोपियों ने पुसौर क्षेत्र में तीन चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात भी बताई है। पुलिस को गिरोह के दूसरे समूहों से जुड़े होने का भी संदेह है। मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है।
पुलिस ने खरीददार समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
GPS के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 गाड़ी जब्त किया है।
कई गांवों की राशन दुकानों को बनाया निशाना
दरअसल, पुसौर थाना क्षेत्र में इस साल अलग-अलग गांवों की सरकारी राशन दुकानों में चोरी की कई घटनाएं हुईं। चोर दुकानों से चावल और शक्कर की बोरियां चुराकर ले जाते थे।
औरदा गांव में 15 बोरी चावल और 10 बोरी शक्कर, तड़ोला में 40 बोरी चावल और कवाहरिहा में 55 बोरी चावल और 8 बोरी शक्कर चोरी हुई। चिखली में 20 बोरी चावल, बासनपाली में 44 बोरी चावल और 6 बोरी शक्कर, जबकि बोंडा में 42 बोरी चावल और 14 बोरी शक्कर चोरी हुई। वहीं, खोखरा में 30 बोरी चावल चोरी हुए।
कोटमर्रा में चोरी की दो घटनाएं हुईं। पहली घटना में 40 बोरी चावल और 9 बोरी शक्कर, जबकि दूसरी घटना में 32 बोरी चावल और 2 बोरी शक्कर चोरी हुई। कोडोली में 55 बोरी चावल और 3 बोरी शक्कर, घुटकुपाली में 40 बोरी चावल और 6 बोरी शक्कर चोरी हुई। इसके अलावा नवापारा में 28 बोरी चावल और 4 बोरी शक्कर, जबकि तिलगी में 22 बोरी चावल और 4 बोरी शक्कर चोरी हुई।
आरोपी सरकारी राशन दुकान को निशाना बनाते थे।
लगातार चोरी से परेशान संचालकों ने की शिकायत
24 जुलाई को ग्राम पंचायत भवन कोंडपाली और 15 सितंबर को ग्राम नवापारा की सरकारी उचित मूल्य दुकान में हुई चोरी के मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
लगातार हो रही चोरियों से परेशान राशन दुकान संचालकों ने एसएसपी शशि मोहन सिंह और थाना प्रभारी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनाओं का विश्लेषण किया।
एक ही तरीके से चोरी कर रहा था गिरोह
जांच में पता चला कि आरोपी तेज रफ्तार वाहनों से गांवों में पहुंचते थे। रात के समय राशन दुकानों को निशाना बनाकर चावल और शक्कर की बोरियां चोरी करते और तुरंत फरार हो जाते थे।
अलग-अलग गांवों में चोरी का तरीका लगभग एक जैसा होने के कारण पुलिस को संगठित गिरोह के शामिल होने का संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र के राशन दुकान संचालकों की बैठक ली। इसमें दुकानों में CCTV कैमरे लगाने के साथ GPS ट्रैकर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
शक्कर की बोरी में लगाया GPS ट्रैकर
पुलिस की सलाह पर कुछ राशन दुकान संचालकों ने ऑनलाइन GPS ट्रैकर मंगवाए। एक संचालक ने शक्कर की बोरी में ट्रैकर छिपाकर रख दिया।
25 और 26 अक्टूबर की दरमियानी रात ग्राम कोटमर्रा की सरकारी राशन दुकान में चोरी हुई। आरोपी दूसरी बोरियों के साथ GPS ट्रैकर लगी शक्कर की बोरी भी उठा ले गए। उन्हें बोरी में ट्रैकर लगे होने की जानकारी नहीं थी।
सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
GPS के संकेतों के आधार पर पत्थलगांव पहुंची पुलिस
चोरी की सूचना मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। GPS ट्रैकर के संकेतों से आरोपियों के रायगढ़ से धरमजयगढ़ की ओर जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद घरघोड़ा और रैरूमाखुर्द पुलिस की टीम भी कार्रवाई में शामिल हुई। संयुक्त टीम ट्रैकर के संकेतों का पीछा करते हुए पत्थलगांव पहुंची। वहां राशन दुकान संचालक सेवाल कुजूर (52) के पास ट्रैकर लगी शक्कर की बोरी मिली।
4 आरोपियों के साथ सामान खरीदने वाला भी गिरफ्तार
पूछताछ में सेवाल कुजूर ने पुलिस को बताया कि मोहम्मद हफीज (26), निवासी शांतिनगर तिलडेगा; समीर आलम (26), निवासी कनकपुर, थाना रामानुजगंज; डमरूधर खूंटे (36) और संतोष कुमार माहेश्वरी (33), दोनों निवासी गोढ़ीकेला, पत्थलगांव, चोरी का सामान बेचने के इरादे से उसके पास छोड़कर गए थे।
इसके बाद पुलिस ने पत्थलगांव और आसपास के क्षेत्रों में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। चोरी का सामान खरीदने के आरोप में सेवाल कुजूर को भी गिरफ्तार किया गया।
क्रेटा और इनोवा कार में मिलीं चावल की बोरियां
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक क्रेटा और एक इनोवा कार बरामद की। दोनों गाड़ियों में चावल की बोरियां भरी हुई थीं। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने पहले भी चोरी का सामान सेवाल कुजूर को बेचने की जानकारी दी है।
आरोपियों ने पुसौर थाना क्षेत्र में हुई तीन चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात भी बताई है। मामले में चोरी की संपत्ति खरीदने और संगठित होकर अपराध करने से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 317(4), 111 और 3(5) भी जोड़ी गई हैं।
38.60 लाख रुपए की संपत्ति जब्त
पुलिस ने अब तक 115 बोरी चावल और 2 बोरी शक्कर बरामद की हैं। इनकी अनुमानित कीमत 3 लाख 60 हजार रुपए बताई गई है। चोरी में इस्तेमाल की गई क्रेटा और इनोवा कार की कीमत करीब 35 लाख रुपए आंकी गई है।
इस तरह पुलिस ने कुल 38.60 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के तार पत्थलगांव से सीतापुर तक सक्रिय दूसरे समूहों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस संबंध में आगे जांच की जा रही है।
SSP बोले- चोरी करने वाले गिरोहों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने सूझबूझ से सरकारी राशन दुकानों में हो रही चोरियों का खुलासा किया है। संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी की संपत्ति की बरामदगी के साथ अपराध में सहयोग करने वालों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
रायपुर। रणजी ट्रॉफी 2026-27 में छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ ने पहली पारी में 8 विकेट पर 216 रन बना लिए हैं। टीम अभी आंध्र प्रदेश से 15 रन पीछे है। अमनदीप खरे 74 रन बनाकर नाबाद हैं। उनके साथ क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज के सामने टीम को बढ़त दिलाने की चुनौती होगी।
मुलापाडु के डीवीआर स्टेडियम में 26 से 29 अक्टूबर तक खेले जा रहे इस मुकाबले में आंध्र प्रदेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम पहली पारी में 73.2 ओवर में 231 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। एसवी राहुल ने सबसे ज्यादा 89 रन बनाए। शशिकांत ने 31 और शेख राशिद ने 24 रन का योगदान दिया।
जयंत ने 4 और अजय मंडल ने लिए 3 विकेट
छत्तीसगढ़ की ओर से गेंदबाजी में जयंत यादव ने 4 विकेट लेकर आंध्र प्रदेश की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अजय मंडल ने 3 और धर्मेंद्र सिंह जडेजा ने 2 विकेट लिए।
अमनदीप की नाबाद पारी से छत्तीसगढ़ को उम्मीद
आंध्र प्रदेश के 231 रन के जवाब में छत्तीसगढ़ की शुरुआत के बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज अमनदीप खरे ने पारी संभाली। वह 74 रन बनाकर नाबाद है।