छत्तीसगढ़
महंत बोले- शवों के पास पुलिस रख रही भरमार बंदूक:नेता प्रतिपक्ष ने कहा-ग्रामीण की हत्या कर रखते हैं बंदूक, फिर घोषित करते हैं नक्सली
Published
2 years agoon
By
Divya Akashरायपुर , एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र, विधानसभा घेराव जैसे मामलों को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि, प्रदेश में आम लोगों की हत्या के बाद उनके शवों के पास पुलिस भरमार बंदूक रख रही है। उन्हें नक्सली बता रही है। इस मुद्दे को 24 जुलाई को विधानसभा में भी उठाया गया था।
रायपुर के कांग्रेस दफ्तर में चरणदास महंत ने कहा कि, सदन में मैंने असलियत को रखने की कोशिश की। बस्तर के थानों में पहले से जमा भरमार बंदूक हैं। उन भरमार बंदूकों को ले जाते हैं, जहां आम आदमी की हत्या हो जाती है या इनके गोली से मरते हैं, तो उस शव के सामने पुरानी भरमार बंदूक रख देते हैं। उसको नक्सली घोषित कर देते हैं या करने की कोशिश करते हैं।
भरमार बंदूक का चलन देश में बंद
महंत ने आगे कहा कि, आप सोचिए कब से भरमार बंदूक का चलन हमारे देश में बंद हो चुका है। नक्सली बड़े-बड़े आधुनिक मशीन गन रखते हैं, जिनके पास लांचर है, वह क्या भरमार बंदूक का इस्तेमाल करते होंगे। मैंने सरकार से सदन में पूछा कि क्या कभी आपने भरमार बंदूकों की जांच कराई है ? उसकी संख्या कितनी है ? सिर्फ हमारे आम नागरिकों को नक्सली बताने में भरमार बंदूक का उपयोग हो रहा है। सदन में हमने सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाई है।
CM रहते बघेल ने कहा था- मैं बंदूक गिनूंगा
भरमार बंदूक को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, हमारी सरकार के समय यूनिफाइड कमांड की बैठक हुई थी। मैंने कहा था कि भरमार बंदूक की जब्ती दिखाएंगे तो मैं मालखाने में जाकर गिनती करूंगा। उसके बाद से 5 साल तक आप देखेंगे की भरमार बंदूक जब्ती में बड़ी गिरावट आई थी। जब से भाजपा की सरकार आई है, तब से भरमार बंदूक को दिखाया जा रहा है।
इसका कारण यह है कि दबाव में गिरफ्तारियां कर रहे हैं। आपको एनकाउंटर कर बताना है, तो दबाव पूर्वक यदि पुलिस से कार्रवाई करवाएंगे तो गलती ही करेंगे। उनको तो उपलब्धि बताना है, इसलिए किसी को भी गिरफ्तार कर रहे हैं। किसी का भी एनकाउंटर कर रहे हैं।
सदन में गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया था जबाव

24 जुलाई को विधानसभा में जब चरणदास महंत ने भरमार बंदूक को शवों के पास रखने की बात कही थी, तब जवाब गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया था। उन्होंने कहा था कि, इस तरीके से विषय का प्रस्तुतीकरण करना कि कोई खत्म (निधन) हो गया। उसके पास में जाकर बंदूक रखकर फोटो खींच दिए, यह विषय स्वीकार्य नहीं है। ऐसा कहना भी बिल्कुल उचित नहीं है।
वैसे एक और जानकारी आई है वह मैं आपके सामने रख देता हूं। अभी तक भरमार बंदूक का मामला नहीं है। प्रदेश में नक्सली मुठभेड़ में 1 दिसंबर से लेकर 30 जून 2024 के बीच पांच एक-47 बरामद हुई है। 1 एसएलआर एलएमजी, 1 इंसास एलएमजी, 2 राइफल, 9 छोटे बड़े बीजीएल लॉन्चर नक्सलियों से मिले हैं।
विधानसभा में कांग्रेसी नेताओं को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, आप जवानों की शहादत और सुरक्षाबलों को लेकर इस तरह की बात नहीं कर सकते। आपको माफी मांगनी होगी। जवानों की शहादत पर यह बात करना गलत है। किसी निर्दोष को जवानों ने नहीं मारा है। आप नक्सलियों का साथ देना बंद करें।
नक्सल घटनाओं के आंकड़े किए पेश
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विधानसभा में पूछा था कि दिसंबर 2023 से जून 2024 तक कितनी नक्सली घटनाएं हुई हैं। इसका जवाब देते हुए गृह मंत्री ने बताया है कि, कुल 273 नक्सली घटनाएं हुई हैं। पुलिस-नक्सली मुठभेड़ की 92 घटना है। मुठभेड़ की घटनाओं में 19 जवान शहीद हुए हैं और 88 जवान घायल हुए हैं।
नक्सलियों ने 34 आम लोगों की हत्या की है। 137 नक्सली मारे गए और 171 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में बताया गया कि जून 2024 तक की स्थिति में 790 नक्सली जेल में है। इसमें 25 को सजा हो चुकी है, 765 विचाराधीन हैं।

ये है भरमार बंदूकें।
क्या होता है भरमार बंदूक
भारत की आजादी के पहले भरमार बंदूक का चलन था। बाद में ग्रामीण इलाकों में इसे देसी अंदाज में तैयार किया जाने लगा। इस बंदूक की बैरल यानी की जहां से गोली निकलती है, वहां से गोली और बारूद को भरा जाता है। इसके बाद फायरिंग की जाती है। आदिवासी इलाकों में ग्रामीणों की परंपरा का हिस्सा यह बंदूक बन चुकी थी। मगर 80-90 के दशक के बाद इसका चलन खत्म होने लगा। अब भी यूपी, एमपी के परिवारों में इसे धरोहर की तरह रखा जाता है।
हाल ही में पुलिस काे मिली भरमार बंदूकें
- 20 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित जगरगुंडा इलाके में सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। सुरक्षा बल ने मौके से एक नक्सली का शव, एक भरमार बंदूक, वायरलेस सेट, भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री बरामद किया।
- 6 अप्रैल 2024 को भरमार बंदूकें मिली थीं। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से LMG, AK-47 और भरमार बंदूक बरामद हुई। मुठभेड़ में 25 लाख का इनामी नक्सली सागर भी मारा गया। वह CRC (सेंट्रल रीजनल कमेटी) का सदस्य था।
- मार्च में बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया। मामला बासागुड़ा थाना क्षेत्र का था। यहां मारे गए नक्सलियों में एक नक्सलियों के प्लाटून नंबर-10 का डिप्टी कमांडर नागेश और उसकी पत्नी सोनी शामिल हैं। बरामद हथियारों में दो पिस्टल, दो भरमार बंदूकें थीं।
You may like
कोरबा
एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश
Published
12 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।
गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।
2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।
गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।
बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला
25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।
युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह
युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।
पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज
कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।
लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।
इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।
साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।
सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन
मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।
यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।
पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

कोरबा
आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा
Published
12 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।
बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल
पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।
सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

छत्तीसगढ़
गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान
Published
13 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akash
गरियाबंद। हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।
हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है।
यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास।
उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।
इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।


एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश
आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा
गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान
कटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
सुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
ग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
Trending
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
Uncategorized4 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
कोरबा1 year agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई