जालंधर,एजेंसी। देश और विदेश में अपना नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टर लॉरेंस का गैंग दो फाड़ हो गया है। कनाडा से लॉरेंस का गैंग संभाल रहा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ अब रोहित गोदारा को साथ लेकर अलग हो गया है। इन गैंगस्टरों ने साथ मिलकर सलमान खान के घर पर फायरिंग, सिद्धू मूसेवाला की हत्या, बाबा सिद्दीकी का मर्डर जैसी चर्चित वारदातों को अंजाम दिया था।
लॉरेंस गैंग और पंजाब पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एक तरफ गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस और उसका भाई अनमोल बिश्नोई हैं। वहीं, दूसरी तरह कनाडा में बैठा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा हैं। हालांकि इसे लेकर दोनों ओर से कोई बयान नहीं आया है।
बराड़-गोदारा ने लॉरेंस के इशारों पर कई देशों में करवाई वारदातें
गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा वही गैंगस्टर हैं, जिन्होंने विदेश में रहते हुए लॉरेंस के इशारों पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में कई वारदातें करवाई हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, फिरौती सहित अन्य कई मामले शामिल हैं।
सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि बराड़ और गोदारा ने मिलकर कनाडा, अमेरिका, यूके, यूरोप में भी लॉरेंस के एंटी गैंग के गुर्गों की टारगेट किलिंग करवाई और खुद भी की। इसमें सबसे बड़ा नाम खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला का खास सुक्खा दुनिके है।
हालांकि दोनों गैंगस्टर एक-दूसरे के खिलाफ कोई वारदात या फिर अन्य कोई गतिविधि नहीं कर रहे हैं, मगर दोनों गैंगस्टरों ने बिना लॉरेंस के वारदातें करवानी शुरू कर दी हैं।
दोनों की विचारधारा बनी गैंग टूटने का कारण
लॉरेंस गैंग से जुड़े कुछ लोगों और पंजाब पुलिस के सूत्रों से पता चला है कि लॉरेंस के लिए काम कर रहे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का उससे अलग होने का सबसे बड़ा कारण दोनों की विचारधारा है। लॉरेंस भारत में एक हिंदू गैंगस्टर के तौर पर अपने आप को दर्शाता है। जबकि गोल्डी बराड़ के लिंक खालिस्तानी आतंकियों के साथ भी हैं। पंजाब पुलिस की जांच में कई बार सामने आ चुका है कि गोल्डी बराड़ खालिस्तानी आतंकियों के टच में है।
इन 2 घटनाओं में दिखी गैंग की दरार…
1. व्यवसायी की हत्या में लॉरेंस का नाम शामिल नहीं किया
कनाडा के मिसिसॉगा शहर में 14 मई, 2025 को ट्रकिंग सेफ्टी और कम्प्लाइंस व्यवसायी हरजीत सिंह धड्डा को दोपहर के समय गोली मार दी गई। इस मामले में कनाडा पुलिस ने पंजाबी मूल के 2 युवकों को गिरफ्तार किया। इस हत्या की जिम्मेदारी रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ ने ली थी।
कारोबारी धड्डा को फिरौती के लिए कई दिनों से धमकियां मिल रही थी। यह हत्या इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि यह पहली वारदात थी, जिसकी जिम्मेदारी लेते समय बराड़ और गोदारा ने लॉरेंस गैंग का नाम नहीं लिया।
मिसिसॉगा के ट्रकिंग सेफ्टी और कम्प्लाइंस व्यवसाय चलाने वाले हरजीत सिंह धड्डा। – फाइल फोटो
2. पंचकूला में पहलवान की हत्या में केवल अनमोल का नाम आया
वहीं, हरियाणा के पंचकूला में बीते गुरुवार को देर रात पहलवान सोनू नोल्टा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात खुद को अनमोल बिश्नोई का करीबी बताने वाले पीयूष नाम के युवक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर की। उक्त वारदात की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली गई। इसमें आरोपियों ने कहा कि यह वारदात अनमोल बिश्नोई के कहने पर की गई।
ऐसा लॉरेंस की ओर से भी पहली बार हुआ है कि किसी वारदात में सिर्फ अनमोल बिश्नोई का नाम लिया गया है। लॉरेंस का पक्ष अब बराड़ की जगह अनमोल को सारे गैंग का कर्ताधर्ता बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
सोनू पहलवान की हत्या करने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी लेते आरोपी। इनसेट में मृतक का फाइल फोटो।
चारों गैंगस्टरों की बदमाशियों के रिकॉर्ड…
1. गैंगस्टर लॉरेंस: गैंगस्टर लॉरेंस पर करीब 84 FIR दर्ज हैं। 2016 में उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह जेल में ही बंद है। इस वक्त वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। करीब 9 साल से वह बाहर नहीं आया है। इसके बावजूद देश में हुए कई केसों में उसका नाम आया है। लॉरेंस मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का जिले के दुतारावली गांव का रहने वाला है।
लॉरेंस के बड़े केसों में मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला, राजस्थान के करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव गोगामेड़ी और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी का मर्डर शामिल है। इसके अलावा वह काले हिरण के शिकार के आरोपों से घिरे बॉलीवुड स्टार सलमान खान के भी पीछे पड़ा है।
2. अनमोल बिश्नोई: अनमोल बिश्नोई उर्फ भानू, लॉरेंस का भाई है। NIA ने मोस्ट वांटेड मानते हुए इस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। इस वक्त वह अमेरिका की इमिग्रेशन विभाग की हिरासत में है। फर्जी पासपोर्ट के जरिए नेपाल के रास्ते दुबई और फिर दुबई से कीनिया और वहां से अमेरिका पहुंचा था। अमेरिका के अलास्का में गिरफ्तारी के बाद अब प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है।
अनमोल का नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, सलमान खान के घर पर गोलीबारी, बाबा सिद्दीकी हत्या की साजिश सहित 20 से ज्यादा केस दर्ज हैं। लॉरेंस के कहने पर अनमोल ने पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में कई वारदातें करवाई हैं। अनमोल मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला है।
3. गोल्डी बराड़: पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के रहने वाले सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का जन्म 1994 में हुआ था। गोल्डी के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में ASI थे। गोल्डी बराड़ लॉरेंस गैंग का एक प्रमुख सदस्य है। वह राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में 20 से ज्यादा हत्याएं करवा चुका है।
गोल्डी स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। इसके बाद उसने वहां की नागरिकता ले ली। गोल्डी तब चर्चा में आया, जब उसने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की मानसा में हत्या करवा दी। इसके बाद लॉरेंस के इशारों पर 20 से ज्यादा हत्याएं करवाईं। दर्जनों लोगों से रंगदारी मांगी और कई कारोबारियों के घर पर फायरिंग करवाई।
गोल्डी पहले यूके, फिर थाईलैंड और अब कनाडा में बैठकर वारदातें करवा रहा है। जून 2022 में बराड़ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। जनवरी 2024 में आतंकवादी घोषित हुआ। उस पर UAPA के तहत कार्रवाई की गई।
4. रोहित गोदारा: राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा बीकानेर के लूणकरणसर का रहने वाला है। असली नाम रावताराम स्वामी है। पंजाब के सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, राजस्थान में करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, गैंगस्टर राजू ठेहट मर्डर सहित अन्य कई प्रमुख हत्याओं का मास्टरमाइंड है।
गोदारा पर देश में करीब 35 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। 13 जून 2022 को दिल्ली से फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई भाग गया था। अब वह पुर्तगाल में है। वह गोल्डी के साथ मिलकर गैंग चला रहा है।
मुंबई, एजेंसी। धनतेरस के पर्व पर बाजारों में रौनक छाई हुई है और आभूषण विक्रेताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सोने-चांदी की कीमतों में नरमी और ग्राहकों की अच्छी अग्रिम बुकिंग से ज्वेलर्स को इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद है। सुबह से ही आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों का पहुंचना शुरू हो गया है। खुदरा विक्रेताओं को उम्मीद है कि दिन चढ़ने के साथ खरीदारी में तेजी आएगी और देर रात तक बाजारों में रौनक बनी रहेगी।
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश आर. ने कहा कि आभूषण विक्रेताओं ने सुबह आठ बजे से ही अपनी दुकानें खोल दी थीं। उन्होंने कहा, ”ग्राहकों का आना अभी शुरू हुआ है। ज्यादातर ग्राहक पहले से बुक कराए गए आभूषण लेने आ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि खुदरा विक्रेता देर रात तक दुकानें खुली रखेंगे और कारोबार करेंगे।”
उन्होंने कहा, ”अमेरिका में चुनाव और सोने-चांदी की कीमतों में कमजोरी से उपभोक्ताओं की धारणा को समर्थन मिल रहा है। ऐसे में हमें उम्मीद है कि इस साल बिक्री की मात्रा पिछले साल के बराबर या उससे थोड़ी अधिक रहेगी।” उन्होंने कहा कि इस साल उपभोक्ता मुख्य रूप से हल्के वजन वाले और 18 कैरेट के आभूषणों तथा अन्य किफायती वस्तुओं को पसंद कर रहे हैं। धनतेरस को हिंदू पंचांग में कीमती धातुएं खरीदने के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है।
राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत बृहस्पतिवार को 19 प्रतिशत टूटकर 1,48,800 रुपए प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट, कर सहित) रह गई। यह 29 जनवरी, 2026 को दर्ज 1,83,000 रुपए के रिकॉर्ड स्तर से कम है। हालांकि, कीमतें पिछले साल 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन दर्ज 1,32,400 रुपए के स्तर से अब भी काफी अधिक हैं। चांदी की कीमत भी 29 जनवरी को दर्ज 4,04,500 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर से 52 प्रतिशत घटकर 1,94,500 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई है। हालांकि, यह धनतेरस 2025 पर दर्ज 1,70,000 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव से अब भी अधिक है।
जीजेसी के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि ग्राहकों का आना अभी शुरू हुआ है और खुदरा विक्रेताओं को उम्मीद है कि दोपहर करीब दो बजे ग्राहकों की आवाजाही सबसे अधिक होगी और यह देर रात तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा, ”पिछले तीन दिनों में हमें अग्रिम बुकिंग की बहुत उत्साहजनक संख्या देखने को मिली है। हमें उम्मीद है कि शुभ अवसर होने के कारण ये बुकिंग आज अच्छी बिक्री में तब्दील होंगी।”
उन्होंने कहा, ”इस साल उपभोक्ता मुख्य रूप से हल्के वजन वाले और 18 कैरेट के आभूषण पसंद कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि सोने और चांदी दोनों की बिक्री की मात्रा पिछले साल के स्तर के बराबर रहेगी।” खुदरा विक्रेता ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष पेशकश और योजनाएं भी ला रहे हैं। चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता और दुनिया के सबसे बड़े आयातकों में से एक है।
मुंबई, एजेंसी। सेंसेक्स और निफ्टी शुक्रवार को बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। बीएसई सेंसेक्स 849.98 अंक (1.07%) चढ़कर 80,159.99 अंक पर और एनएसई निफ्टी 197.40 (0.80%) अंक की तेजी के साथ 24,734 अंक पर कारोबार कर रहा है।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में चार प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। कंपनी का जुलाई-सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 25 प्रतिशत बढ़कर 4,587.88 करोड़ रुपए रहा जिससे उसके शेयर में तेजी आई है। टाइटन, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और भारती एयरटेल के शेयर में भी तेजी रही।
वहीं, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर गिरावट में रहे। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग काफी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार बृहस्पतिवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। नैस्डैक कम्पोजिट 5.52 प्रतिशत लुढ़क गया, एसएंडपी 500 में 4.36 प्रतिशत की गिरावट आई और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 3.44 प्रतिशत नीचे रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव 2.35 प्रतिशत बढ़कर 100.6 डॉलर प्रति बैरल पर था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 14,974.68 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 2,008.61 अंक यानी 2.60 प्रतिशत उछलकर और निफ्टी 576 अंक यानी 2.40 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ था।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को आई भारी गिरावट का असर दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों की संपत्ति पर भी देखने को मिला। AI सेक्टर में बढ़ती अनिश्चितता और कंपनियों के भारी निवेश पर संभावित सरकारी नियंत्रण की आशंका से निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसका नतीजा यह हुआ कि दुनिया के टॉप 10 अरबपतियों की नेटवर्थ में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा नुकसान दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क को हुआ, जिनकी संपत्ति एक ही दिन में 79.7 अरब डॉलर कम हो गई।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, इस गिरावट के बाद मस्क की कुल नेटवर्थ घटकर 785 अरब डॉलर रह गई। उनकी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने उनकी संपत्ति को बड़ा झटका दिया। गुरुवार को स्पेसएक्स के शेयर 9.05 फीसदी और टेस्ला के शेयर 10.77 फीसदी टूट गए। हालांकि, इस साल अब तक मस्क की नेटवर्थ में 312 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
जेफ बेजोस से जकरबर्ग तक, इन अरबपतियों को भी नुकसान
अमेरिकी बाजार की बिकवाली का असर टेक्नोलॉजी सेक्टर के बड़े कारोबारियों पर भी पड़ा। Nvidia के शेयरों में गिरावट के कारण कंपनी के सीईओ जेंसन हुआंग की नेटवर्थ 15.1 अरब डॉलर घटकर 151 अरब डॉलर रह गई। वह अमीरों की वैश्विक सूची में 13वें स्थान पर पहुंच गए।
वहीं, डेल टेक्नोलॉजीज के माइकल डेल की संपत्ति में 19.4 अरब डॉलर की कमी आई और उनकी नेटवर्थ 190 अरब डॉलर रह गई।
Amazon के संस्थापक जेफ बेजोस को 4.99 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जबकि लैरी पेज की संपत्ति 4.24 अरब डॉलर घट गई। सर्गेई ब्रिन को 3.88 अरब डॉलर और Meta के मार्क जकरबर्ग को 8.41 अरब डॉलर का झटका लगा। इसके अलावा वॉरेन बफे की नेटवर्थ 2.26 अरब डॉलर और लैरी एलिसन की संपत्ति 10.1 अरब डॉलर कम हो गई।
अडानी-अंबानी की दौलत में बढ़ोतरी
जहां अमेरिकी अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट आई, वहीं भारतीय उद्योगपतियों के लिए गुरुवार का दिन बेहतर रहा। भारतीय शेयर बाजार में तेजी के चलते गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में इजाफा हुआ।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, गौतम अडानी की संपत्ति 1.12 अरब डॉलर बढ़कर 117 अरब डॉलर पहुंच गई। वह दुनिया के अमीरों की सूची में 18वें स्थान पर हैं।
दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में 51 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ उनकी कुल संपत्ति 87.3 अरब डॉलर हो गई और वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 22वें स्थान पर पहुंच गए।
इस तरह अमेरिकी बाजार की गिरावट ने जहां दुनिया के कई बड़े अरबपतियों की संपत्ति घटा दी, वहीं भारतीय शेयर बाजार की तेजी ने अडानी और अंबानी को राहत दी।