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छत्तीसगढ़

3 करोड़ की हेरोइन केस…IB-NCB-ATS की एंट्री:मास्टरमाइंड से पूछताछ, रायपुर में 8 महीने में बिकी 2 करोड़ की ड्रग्स, 1 करोड़ की जब्ती

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क के टारगेट पर है। पाकिस्तान से ड्रग्स सप्लाई कर रायपुर में 2 करोड़ की बेची जा चुकी है। इसके अलावा हाल ही में 1 करोड़ के हेरोइन की जब्ती हुई है। इस केस में अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और ATS की एंट्री हो गई है। जांच में कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक अब ATS को भी इस केस की जांच सौंपी गई है। ATS की टीम न सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, बल्कि उन सभी संपर्क सूत्रों को भी खंगाल रही है, जिनके जरिए पाकिस्तान से ड्रग्स की खेप रायपुर तक पहुंची।

हेरोइन केस में तीनों जांच एजेंसियां इंटरनेशनल ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड लवजीत सिंह उर्फ बंटी से हाल ही में IB और नारकोटिक्स की टीम ने जेल में पूछताछ की।

एटीएस, आरोपियों के सिंडिकेट और उनसे जुड़े लोगों की पूरी जानकारी खंगाल रही, इन सभी आरोपियों से पूछताछ होगी।

एटीएस, आरोपियों के सिंडिकेट और उनसे जुड़े लोगों की पूरी जानकारी खंगाल रही, इन सभी आरोपियों से पूछताछ होगी।

SSP ने की थी जांच एजेंसियों को शामिल करने की बात

4 अगस्त को रायपुर पुलिस ने पाकिस्तान की ड्रग्स को रायपुर में बेचने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर मीडिया के सामने पेश किया था। इस दौरान रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर प्रदेश और देश की अन्य एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

रायपुर पुलिस ने ड्रग्स केस में मास्टरमाइंड समेत 9 लोगों को अरेस्ट किया था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी थी।

रायपुर पुलिस ने ड्रग्स केस में मास्टरमाइंड समेत 9 लोगों को अरेस्ट किया था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी थी।

जानिए कैसे पकड़े गए थे ड्रग्स तस्करी के आरोपी ?

दरअसल, रायपुर पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर ACCU की टीम ड्रग्स तस्करी केस की जांच कर रही थी। इसी बीच इनपुट मिला कि कमल विहार, महावीर नगर और टाटीबंध इलाके के कुछ लोग रायपुर में ड्रग्स बेचने का सिंडिकेट चला रहे हैं।

पुलिस ने सिंडिकेट के मूवमेंट पर नजर रखा और कमल विहार स्थित EWS मकान नंबर 504 में दबिश दी। रेड के दौरान टीम को यहां लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और अश्वन चंद्रवंशी मिले। इन आरोपियों के पास से 412.87 ग्राम हेरोइन भी मिली, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपए है।

पुलिस ने बताया था कि पूछताछ में आरोपियों ने लक्ष्य परिफल, राघव, अनिकेत मालाधरे, मनोज सेठ, मुकेश सिंह, जुनैद खान और राजविंदर सिंह के साथ मिलकर ड्रग्स सिंडिकेट चलाने की बात स्वीकार की। वहीं लवजीत सिंह ने पाकिस्तान के ड्रग्स को नेटवर्क के माध्यम से रायपुर में खपाने की बात स्वीकारी।

8 महीने से सिंडिकेट चला रहे थे आरोपी

पुलिस की पूछताछ में मास्टरमाइंड लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और अश्वन चंद्रवंशी ने बताया था कि वो रायपुर में बीते 8 महीने से हेरोइन बेचने का सिंडिकेट चला रहे हैं। लवजीत सिंह पंजाब का रहने वाला है।लवजीत ने सुवित श्रीवास्तव को दिल्ली बुलाकर पहली बार 300 ग्राम हेरोइन दिया।

इसके अलावा ड्रग्स की डिलीवरी करने के लिए वो रायपुर आता था। कई बार सुवित भी दिल्ली जाकर ट्रेन के रास्ते से ड्रग्स लेकर आया है। उस ड्रग्स को रायपुर से अलग-अलग इलाके और शहरों में डिलीवरी की गई है।

विस्तार से जानिए ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कहानी…

दरअसल, इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क की कमान पंजाब के गुरदासपुर निवासी लवजीत सिंह उर्फ बंटी के हाथ में थी। शुरुआती इनपुट के अनुसार, लवजीत पाकिस्तान के तस्करों से सीमा पार से ड्रग्स मंगवाता था।माल अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करवाया जाता था।

इंटरनेशनल बॉर्डर से पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स को छिपाया जाता था। पंजाब में ही लवजीत का प्रमुख बेस था, यहीं से वह ड्रग्स की ‘थोक सप्लाई’ भारत के अन्य राज्यों में करता था। इसमें से एक छत्तीसगढ़ का नाम भी है।

कम्युनिकेशन के लिए वर्चुअल नेटवर्क, विदेशी नंबर, नेट कॉलिंग और वीडियो शेयरिंग

जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए आरोपी नेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे, जिसमें अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल नंबर उपयोग किए जाते। वॉट्सऐप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर वीडियो कॉल, लाइव लोकेशन और फोटो शेयर कर ग्राहकों को सामान की डिलीवरी कन्फर्म की जाती थी।

इससे न केवल एजेंसियों की निगरानी से बचा जाता, बल्कि पहचान छिपाकर तेजी से नेटवर्क बढ़ाया जा रहा था। भारत के अलग-अलग राज्यों में भी सप्लाई की बात सामने आ रही है।

ये तस्वीर हेरोइन की है, जिसको पुड़िया में पैककर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जाती थी। (फाइल फोटो)

ये तस्वीर हेरोइन की है, जिसको पुड़िया में पैककर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जाती थी। (फाइल फोटो)

रायपुर में ‘सप्लाई हब’, कमल विहार था ठिकाना

पंजाब से आने के बाद हेरोइन को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक फ्लैट में स्टोर किया जाता था। इस घर का मालिक और स्थानीय सरगना सुवित श्रीवास्तव था, जो न केवल लवजीत से माल रिसीव करता था, बल्कि आगे सप्लाई के लिए स्थानीय नेटवर्क तैयार कर चुका था।

यह स्पॉट इस नेटवर्क का मेन लॉजिस्टिक हब बन गया था, जहां माल पहुंचने के बाद छिपाकर अलग-अलग थोक डीलरों और पेडलर्स तक भेजा जाता था। इसके लिए यहां हर किसी का काम फिक्स था, किसे कौन सा काम करना है।

ट्रांजेक्शन सिस्टम, म्यूल एकाउंट्स और कैश फ्लो का ट्रैप

पुलिस के मुताबिक पैसों के लेन-देन के लिए गिरोह ने म्यूल एकाउंट्स बनाए थे। ऐसे बैंक अकाउंट जिनका उपयोग केवल ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपए के लेन-देन के डिजिटल सबूत मिले हैं।

इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी, UPI और नकद माध्यमों से भी भुगतान होने की भी बात कही जा रही है। इन खातों का संचालन रायपुर से बाहर बैठे सदस्य कर रहे थे, ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। इससे नशे का कारोबार चलता रहे और आरोपी पकड़े न जाएं।

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छत्तीसगढ़

रायपुर में अभिनय और फ़िल्ममेकिंग करियर का सुनहरा अवसर — गोल्डन फ्रेम एकेडमी में प्रवेश शुरू

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रायपुर। अब अभिनय और फ़िल्ममेकिंग में करियर बनाने के लिए युवाओं को मुंबई जाकर संघर्ष या महंगी एक्टिंग क्लासेस का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं है। गोल्डन फ्रेम एकेडमी ऑफ़ फ़िल्म आर्ट्स, रायपुर द्वारा स्थानीय स्तर पर प्रोफेशनल ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

एकेडमी की डायरेक्टर पल्लवी शिल्पी ने बताया कि एकेडमी में एनएसडी एवं एफटीआईआई के पूर्व छात्रों के साथ-साथ कार्यरत इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरी तरह प्रैक्टिकल एवं कैमरा-फेसिंग होगा, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक फिल्म इंडस्ट्री का अनुभव मिलेगा।
संस्थान द्वारा 100 प्रतिशत वर्क असिस्टेंस एवं अवसर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। यह कोर्स 6 वर्ष और उससे अधिक आयु के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए उपयुक्त है। मासिक शुल्क मात्र रू.10,000 रखा गया है। संस्थान का उद्देश्य बिना किसी झूठे वादों के वास्तविक ट्रेनिंग और सही इंडस्ट्री एक्सपोज़र उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण में एक्टिंग, कैमरा परफॉर्मेंस, ग्रूमिंग एवं इंडस्ट्री ओरिएंटेशन शामिल हैं। वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी हेतु मोबाइल नंबर 7999952172 पर संपर्क कर सकते हैं। गोल्डन फ्रेम एकेडमी ऑफ़ फ़िल्म आर्ट्स, रायपुर पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।

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छत्तीसगढ़

बीएनआई राइजिंग स्टार प्रतियोगिता में बाल भारती पब्लिक स्कूल सीपत का शानदार प्रदर्शन

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आर्य चौरसिया बने ‘राइजिंग स्टार ऑफ बिलासपुर’, विद्यार्थियों ने संगीत व प्रतिभा मंच पर लहराया परचम

बिलासपुर। बीएनआई बिलासपुर के तत्वावधान में आयोजित प्रतिष्ठित ‘राइजिंग स्टार’ एवं ‘बिलासपुर गॉट टैलेंट’ प्रतियोगिता में बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
एकल गायन प्रतियोगिता में कक्षा सातवीं के छात्र आर्य चौरसिया ने अपनी सुमधुर प्रस्तुति से निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा ‘राइजिंग स्टार ऑफ बिलासपुर’ के खिताब से सम्मानित हुए। वहीं कक्षा सातवीं के ही छात्र धैर्य तिवारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान अर्जित किया।
‘बिलासपुर गॉट टैलेंट’ श्रेणी में कक्षा पाँचवीं के छात्र अरिहंत ने कीबोर्ड वादन में उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही विद्यालय की छात्राएँ वरेण्या सिंह, अनिष्का सिंह एवं मीहिका ने भी कीबोर्ड वादन में सराहनीय सहभागिता कर प्रशंसा अर्जित की।
विद्यालय की उपलब्धियों की श्रृंखला में कक्षा दूसरी के मेधावी छात्र आदित ढांडा ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 में आयोजित NSTSE ओलंपियाड परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर सातवाँ रैंक प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें मोमेंटो एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य शलभ निगम ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उनके अनुशासन, निरंतर अभ्यास एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम बताया। उन्होंने संगीत शिक्षक साईं गणेश राव के योगदान की विशेष सराहना की। इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में हर्ष और गर्व का माहौल व्याप्त है।

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कोरबा

पार्षद अमिला राकेश पटेल के प्रयासों से नराईबोध में थमा बच्चों का इंतजार, स्कूल बस सेवा हुई बहाल

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​कोरबा/गेवरा। नगर पालिका बांकीमोगरा अंतर्गत वार्ड क्रमांक 29 के नराईबोध, भिलाई बाजार में स्कूली बच्चों के लिए खुशहाली की नई किरण जगी है। क्षेत्र की पार्षद अमिला राकेश पटेल के अथक प्रयासों और सतत जनहितकारी विजन के फलस्वरूप स्कूल बस सुविधा का संचालन सुचारु रूप से प्रारंभ हो गया है ।

प्रबंधन और जनप्रतिनिधि के समन्वय की जीत

लंबे समय से बस सुविधा के अभाव में बच्चों और अभिभावकों को हो रही परेशानियों को देखते हुए पार्षद अमिला राकेश पटेल ने इसे अपनी प्राथमिकता बनाया। उन्होंने एसईसीएल (SECL) गेवरा प्रबंधन के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया और ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा, उनके इस सकारात्मक दबाव और सार्थक चर्चा का परिणाम बस सेवा के पुनः शुरू होने के रूप में सामने आया है ।

​SECL प्रबंधन का आभार

बस सेवा की शुरुआत होने पर पार्षद अमिला राकेश पटेल ने एसईसीएल गेवरा प्रबंधन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है ।

उन्होंने कहा शिक्षा ही भविष्य की नींव है और बच्चों को स्कूल जाने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए, मैं एसईसीएल गेवरा प्रबंधन को दिल की गहराइयों से धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने हमारी मांग को संवेदनशीलता से सुना और इस सामाजिक जिम्मेदारी को बखूबी निभाया ।

​ग्रामीणों ने किया स्वागत

प्रबंधन के इस कदम और पार्षद की सक्रियता का क्षेत्र के ग्रामीणों ने जबरदस्त उत्साह के साथ स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अमिला राकेश पटेल के नेतृत्व में वार्ड 29 विकास और जन-सुविधाओं के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। बस सुविधा शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी ।

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