कोरबा/बरपाली। दिव्य आकाश ने सण्डैल के जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की थी, कि सण्डैल की 20 एकड़ शासकीय जमीन की अफरा-तफरी की गई है और पटवारी, तहसीलदार से मिलकर कुछ जमीनदलालों ने सरकारी पट्टा के नाम पर 12 लोगों को जमीन बेच दी। कलेक्टर जनदर्शन में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए ज्ञापन/शिकायत पत्र में साफ-साफ लिखा है कि उक्त षड़यंत्र में पटवारी एवं जमीनदलाल शामिल है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने यह साफ तौर पर यह भी कहा कि बेचे गए ग्रामीणों को मिली किसान पत्रक में पटवारी के साथ तहसीलदार का भी हस्ताक्षर है। जब कलेक्टर द्वारा जांच कराई गई तो ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का आरोप सही निकला और पटवारी को कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जब तहसीलदार ईमानदार हैं, तो पहले क्यों जांच नहीं कराई, किसान पत्रक में हस्ताक्षर क्यों किया बड़ा सवाल यह है कि समाचार छपने के बाद तहसीलदार अभिजीत राजभानू ने व्हाट्सएप मैसेज में कहा कि मैं मानहानि के लिए हाईकोर्ट जा रहा हूं, लेकिन उक्त जमीन को बेची गई और पूरा दोषी सिर्फ पटवारी है, तो उन्होंने पहले जांच क्यों नहीं कराई और स्वयं पट्टा के नाम पर बेची गई जमीन के किसान पत्रक में हस्ताक्षर क्यों किया? जिले का ऐसा पहला अधिकारी जो इतने कॉल करने के बाद भी फोन से जवाब नहीं दिया कोरबा जिले में छोटे कर्मचारी से लेकर कलेक्टर तक मोबाइल कॉल का जवाब देते हैं, लेकिन जिले का पहला ऐसा अधिकारी हैं, बरपाली तहसीलदार अभिजीत राजभानू, जिन्हें दिव्य आकाश प्रतिनिधि ने दो दिन तक कई बार कॉल किया, लेकिन वे शायद 24 घंटे मोबाइल में बिजी रहते हैं, जिसके कारण उक्त जमीन की अफरा-तफरी के मामले में प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई और समाचार में उनकी प्रतिक्रिया नहीं लग पाई और समाचार छपने के बाद मानहानि के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कर रहे हैं। ईमानदार हैं तो आरोपों की जांच के लिए स्वयं आगे आना चाहिए बरपाली तहसीलदार अभिजीत राजभानू इतने ईमानदार हैं तो किसान पत्रक में उनके हस्ताक्षर क्यों हैं? यदि ग्रामीण और जनप्रतिनिधि आरोप लगा रहे हैं तो 20 एकड़ जमीन की अफरा-तफरी के मामले में अपनी भूमिका की भी जांच के लिए स्वयं आगे आना चाहिए। पहले ही उनके द्वारा जमीन अफरा-तफरी की जांच करनी चाहिए थी, ताकि ग्रामीणों को कलेक्टर के पास जाने की नौबत नहीं आती। यदि उनकी भूमिका साफ-सुथरी है तो मोबाइल से रीकॉल कर अपना पक्ष रखना चाहिए, ताकि समाचार में उनका पक्ष भी छपता। ऐसे हुआ मामले का खुलासा जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पटवारी हल्का नंबर-4, रा.नि.मं. व तहसील बरपाली जिला कोरबा की 20 एकड़ जमीन को 12 लोगों के नाम दर्ज होने के बाद जब शासकीय योजना के जरिए ग्राम उन्नयन हेतु शासकीय भूमि की उपलब्धता बावत भुईयां का साईट खोला गया तब उक्त जमीन 12 लोगों के नाम दर्ज हो चुकी थी और मामले का खुलासा हुआ। इतने बड़े अधिकारी और सभी को दे दिया एक ही एम डी नम्बर तहसीलदार राजस्व विभाग की अहम और महत्वपूर्ण कड़ी है, फिर भी जब 12 लोगों को शासकीय जमीन पट्टा के नाम पर हस्तांतरित की गई तो सभी को एक ही एम डी नम्बर 202425550108500001 पारित किया गया और किसान पत्रक में जब तहसीलदार ने हस्ताक्षर किया तो सभी का एम डी नम्बर की जांच क्यों नहीं की। कई सवाल खड़े होते हैं कि इतनी बड़ी जमीन की हेराफेरी हुई और तहसीलदार को भनक तक नहीं लगी। तहसीलदार पर संदेह लाजिमी है, लेकिन साहब खुद की जांच से भाग रहे हैं और समाचार प्रकाशित होने के बाद हाईकोर्ट जाने की बात कर रहे हैं।
कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 13 फरवरी को जनपद पंचायत पोंड़ी उपरोड़ा के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोंड़ीउपरोड़ा, समस्त प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल रहेंगे और दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ,जिला कोरबा द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों पर पात्र इच्छुक अभ्यर्थियों से 27 फरवरी शाम 5.30 बजे तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सूचना पटल पर देखा जा सकता है एवं जिला कोरबा के बेबसाईट www.korba.gov. in में उपलब्ध है जिसका अवलोकन किया जा सकता है।
रोजगार मूलक ट्रेड प्रारंभ कर प्रशिक्षण आयोजित करने के दिए निर्देश
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के सभी मतदान केंद्रों, सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित की जा रही हैं। इसी कड़ी में आज 11 फरवरी को शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ई.एल.सी) का गठन किया गया। इस अवसर पर मतदाता साक्षरता क्लब (ई.एल.सी.) एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर) के महत्व पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित ई.एल.सी. क्लब के मेंबर्स, युवा छात्र -छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने मतदाता साक्षरता क्लब के गठन के उद्देश्यों के बारें में बताया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के महत्व के बारें में जानकारी देते हुए मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं को एक मतदाता के रूप में पंजीकृत होकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए प्रेरित किये। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने नवीन मतदाता के रूप में पहली बार मतदाता बनने जा रहें सभी युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्य को निभाने के लिए एक मतदाता के रूप में अनिवार्य रूप से अपना नाम पंजीकृत करवाने के लिए अपील की।
इस अवसर पर डॉ. हर्ष पांडेय प्राध्यापक समाजशास्त्र एवं मतदाता साक्षरता क्लब के मेम्बर्स छात्र -छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा आकर्षक रंगोली बनाई गई एवं हाथों में मेंहदी सजाकर मतदाता साक्षरता क्लब एवं एस.आई.आर.के महत्व को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रीता पटेल महाविद्यालयीन स्वीप नोडल अधिकारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण – टी.आर. कश्यप, डॉ.शेख तस्लीम अहमद, डॉ. कविता ठक्कर, संत राम खांडेकर, वर्षा लकड़ा सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।