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छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट ने पूछा- छत्तीसगढ़ में स्कूल भवन कितने सुरक्षित:प्लास्टर गिरने, छात्रों से मजदूरी करवाने पर मांगी रिपोर्ट, कहा- बच्चों को खतरे में डालना अस्वीकार्य

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरने और दो बच्चों के घायल होने के साथ ही बिलासपुर में स्कूली बच्चों से ट्रांसफॉर्मर लगवाने के मामले को हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को खतरे में डालना और जर्जर भवनों में पढ़ाना अस्वीकार्य है। इसके लिए राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे।

कोर्ट ने आदेश दिया कि, जिला शिक्षा अधिकारी इन दोनों घटनाओं पर व्यक्तिगत एफिडेविट पेश करें। स्कूल भवनों की स्थिति पर एजुकेशन सेक्रेटरी से 26 अगस्त तक रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं, बिलासपुर की घटना पर भी जवाब मांगा है।

छत से गिरा प्लास्टर, छात्रों को आई चोट

दरअसल, मुंगेली जिले के जरहागांव क्षेत्र ग्राम बरदुली के गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में बीते 9 अगस्त को बड़ा हादसा टल गया। यहां स्कूली बच्चों की क्लास लगी थी। तभी जर्जर छत से प्लास्टर गिर गया, जिससे तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र हिमांशु दिवाकर और अंशिका दिवाकर को चोटें आई। बताया गया कि स्कूल भवन जर्जर हालत में था, जिसके चलते ये हादसा हुआ।

जर्जर स्कूल में लगाई जा रही थी क्लास

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पांडेय स्कूल पहुंचे। उन्होंने दोनों ने बच्चों का हालचाल जाना और बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि यह भवन जर्जर हालत में था, इसके बावजूद यहां कक्षाएं चल रही थीं।

कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सीके घृतलहरे, डीएमसी ओपी कौशिक, बीईओ जितेंद्र बाबरे, बीआरसीसी सूर्यकांत उपाध्याय, संकुल समन्वयक शत्रुशान साहू और हेडमास्टर अखिलेश शर्मा को नोटिस जारी किया है।

स्कूल मैदान में मलबा, रायपुर DEO को देना होगा नया शपथपत्र

रायपुर के एक सरकारी स्कूल के मैदान में मलबा डाल दिया गया। वहीं, छात्र खुले मैदान में मलबे के बीच घूमते हैं, जिससे बच्चों को परेशानी हो रही है। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मैदान से मलबा हटा दिया गया है और मैदान को फिर से समतल बना दिया गया है।

वहीं सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने हलफनामे में बताया कि 6 अगस्त को रायपुर के डीईओ ने स्कूल का निरीक्षण किया और मैदान को समतल कर मलबा हटाने के निर्देश दिए। 7 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार मैदान साफ कर दिया, इसके फोटो भी हाई कोर्ट में प्रस्तुत किए गए।

हाईकोर्ट ने कहा कि मैदान पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए और कदम उठाने होंगे। कोर्ट ने मामले में रायपुर के डीईओ को नया शपथ पत्र देने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने पूछा- कितने सुरक्षित हैं स्कूल भवन, विस्तृत रिपोर्ट दें

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सिन्हा की डिवीजन बेंच ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। साथ ही जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। डिवीजन बेंच ने कहा कि बच्चों को खतरे में डालना और जर्जर भवनों में पढ़ाना अस्वीकार्य है। इसके लिए राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे।

कोर्ट ने आदेश दिया कि, मुंगेली और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी इन दोनों घटनाओं पर व्यक्तिगत हलफनामा पेश करें। साथ ही शिक्षा सचिव से राज्य के सभी स्कूल भवनों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है। कौन से भवन सुरक्षित हैं और किन्हें खतरनाक घोषित कर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

स्कूली बच्चों से ट्रांसफॉर्मर लगवाने का काम कराया

बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के चनाडोंगरी हाईस्कूल में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने के दौरान रस्सी खींचने का काम स्कूली बच्चों से करवाया।

घटना लंच ब्रेक के समय हुई, जब बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान प्राचार्य अपने ऑफिस में बैठे थे। इस घटना को भी हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।

इधर, EE ने AE को जारी किया शोकॉज नोटिस

हाईस्कूल में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद विभाग के अफसर भी हरकत में आ गए हैं। ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए स्कूली बच्चों से रस्सी खिंचवाने का वीडियो वायरल होने के बाद अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े के निर्देश पर कार्यपालन यंत्री मिलिंद पांडेय ने सकरी के एई योगेश साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

अफसरों का मानना है कि इस लापरवाही से जान-माल की बड़ी हानि हो सकती थी। सभी 15 वितरण केंद्र के एई और जेई को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में ऐसी गलती न हो, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे कांग्रेस नेता अजय जायसवाल की अगुवाई मे हुई मीटिंग मे SECL प्रबंधन द्वारा PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत कर्मचारियों के विभिन्न मांगो को जल्द पूरा करने पर बनी सहमति

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कोरबा। SECL गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा वेतन, बोनस, दो माह से लंबित वेतन, भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता सहित अन्य मांगो को लेकर 27/10/2026 को खदान मे 6 घंटे काम ठप कर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा अजय जायसवाल के नेतृत्व मे आंदोलन किया गया था।

SECL प्रबंधन के द्वारा 29/10/2026 को SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे 12 बजे मीटिंग आहूत की गयी थी जिसमे आज अजय जायसवाल सहित भू विस्थापित श्रमिक गेवरा CGM कार्यालय पहुंचे जहाँ मुख्य महाप्रबंधक के अनुपस्थित होने पर प्रबंधन के द्वारा मीटिंग करने की बात कही गयी, जिसको लेकर अजय जायसवाल के द्वारा अपमान बताकर मुख्य महप्रबंधक के उपस्थिति मे मीटिंग करने को लेकर वही गेट मे श्रमिकों के साथ धरने पर बैठ गए और महाप्रबंधक का इंतजार करने लगे। आनन फानन मे महाप्रबंधक को कार्यालय आने पर मजबूर होना पड़ा, तत्पश्चात 1 घंटा बाद महाप्रबंधक के आने तक गेट जाम रखा गया फिर महाप्रबंधक के आने पर मीटिंग मे शामिल हुए।

प्रबंधन और कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे जहाँ हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, कंपनी के द्वारा भू विस्थापितो के ऊपर किये जा रहे शोषण, दो माह से लंबित वेतन, सुरक्षा, आई कार्ड पेमेंट स्लिप भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय लोगो को प्राथमिकता सहित अन्य मुद्दों पर बात हुई जिसमे SECL गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक अशोक कुमार को अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा के द्वारा उक्त सभी समस्याओ का कड़ाई से पालन करने और भू विस्थापित श्रमिकों के वेतन विसंगती सहित श्रमिकों के ऊपर हो रहे शोषण की पुनरावृति होने पर दोबारा खदान बंद करा आंदोलन करने की चेतावनी दी। तत्पश्चात मुख्य महाप्रबंधक गेवरा द्वारा भू विस्थापित श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, पेमेंट स्लिप प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण प्रदान करने दिवाली से पहले सभी कर्मचारियों को बोनस प्रदान करने और भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय भू विस्थापित को पहली प्राथमिकता देने पर सहमति बनी उक्त मीटिंग मे मधु सूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, शेत मसीह, सांसद प्रतिनिधि, कमलेश प्रजापति, गोविंदा सारथी,विक्की राज,अनिल कुमार, संतोष यादव, सुजीत महंत, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत सहित कंपनी मे कार्यरत कर्मचारी काफ़ी संख्या मे उपस्थित रहे।

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कोरबा

एसईसीएल में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत ‘संकल्प सिद्धि समारोह’ आयोजित, प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का सम्मान

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मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर दिया जोर

बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 31 अक्टूबर 2026 केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत एसईसीएल में 26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026 तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आज एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में ‘संकल्प सिद्धि समारोह’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि (Probity for Prosperity)’ निर्धारित की गई है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. निखिल कुमार कनोडिया (भा.पु.से.), पुलिस महानिरीक्षक एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी संचालन) रमेश चंद्र महापात्र तथा निदेशक (तकनीकी योजना/परियोजना) नृपेंद्र नाथ सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा एसईसीएल के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के निरीक्षण से हुई। यहां उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली एवं डिजिटल निगरानी व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात अतिथियों ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह (VAW) गैलरी का अवलोकन किया, जहां सतर्कता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पहलों, जागरूकता अभियानों एवं गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया था। इसके बाद ‘एक पेड़ सतर्कता के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। तत्पश्चात ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया गया।

मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों एवं विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों का पौधा, शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने अपने संबोधन में संस्थानों में सुशासन के लिए सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक आचरण को आवश्यक बताया। उन्होंने अपने दीर्घ प्रशासनिक अनुभवों को साझा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों में ईमानदारी एवं निष्पक्षता बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनमें प्रारंभ से ही ईमानदारी, नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा के संस्कार विकसित करना आवश्यक है।

निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न वर्गों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। स्कूली विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं, एसईसीएल कर्मचारियों के लिए वाद-विवाद, निबंध, स्लोगन, कविता, प्रश्नोत्तरी एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में एसईसीएल सतर्कता विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ एवं ‘हैंडबुक ऑन सिस्टमैटिक इम्प्रूवमेंट मेजर्स (Handbook on Systemic Improvement Measures)’ का विमोचन किया गया। इन प्रकाशनों में संगठन की गतिविधियों एवं प्रणालीगत सुधार के उपायों को संकलित किया गया है।

समारोह के दौरान संगीत समूह एवं ओडिशी नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में मंच संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) पंकज पाणी पांडेय द्वारा एवं अंत में महाप्रबंधक (सतर्कता) संजय प्रसाद दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इसके साथ ही एसईसीएल से सेवानिवृत्त पांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें देवेंद्र प्रसाद (महाप्रबंधक, उत्खनन) , श्रीमती प्रवीणा गांधी (प्रबंधक, मानव संसाधन कर्मचारी स्थापना विभाग), असीम जूलियस (सब स्टेशन अटेंडेंट, बसंत विहार), श्रीमती सुपर्णा दासगुप्ता (सीनियर डीईओ, बसंत विहार स्वास्थ्य केंद्र), प्रवीण कुमार दीक्षित (वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक, गुणवत्ता नियंत्रण विभाग) एवं शामिल रहे।

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कोरबा

बांकी मोंगरा में नए थानेदार राम कुमार साव का एक्शन मोड! हमले की कोशिश के मामले में दो और आरोपी हिरासत में, न्यायालय में पेश

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राजेश पाटले उर्फ भैरा और नितिन उर्फ ND भाऊ निवासी मोगरा पुलिस की गिरफ्त में
पहले विक्रम यादव उर्फ बम भी हो चुका है पेश, 10 से 15 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचने का था आरोप, पांच बाइक छोड़कर भागे थे युवक

कोरबा/बांकी मोंगरा। बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में 22 अक्टूबर की देर रात हुए कथित हमले की कोशिश के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। नए थाना प्रभारी राम कुमार साव के पदभार संभालने के बाद इस प्रकरण में पुलिस की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी कड़ी में 31 अक्टूबर को पुलिस ने मामले में संलिप्त बताए जा रहे दो और आरोपियों राजेश पाटले उर्फ भैरा और नितिन उर्फ ND भाऊ, दोनों निवासी मोगरा, को हिरासत में लिया। जिनसे अभी पूछताछ की जा रही है, और इनके अन्य साथियों जो घटना में शामिल थे उनके नाम निकालने का प्रयास के बाद कल दोनों को पूछताछ एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया।

लगातार आरोपियों पर हो रही कार्रवाई से अब इस मामले में जांच की दिशा और तेज होती दिखाई दे रही है। हालांकि, घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की तलाश अभी बाकी है। पुलिस ने प्रार्थी को आश्वासन दिया है कि शेष आरोपियों को भी जल्द हिरासत में लिया जाएगा।

आधी रात मोटरसाइकिलों का काफिला, हथियारों के साथ हमले की कोशिश का आरोप
गौरतलब है कि शांति नगर निवासी कुणाल आजाद (21 वर्ष), पिता संजय आजाद, ने बांकी मोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे फोन पर गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद देर रात गंभीर रूप लेता दिखाई दिया।

शिकायत के अनुसार, रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच 15 से अधिक युवक 10 से 15 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके घर के पास पहुंचे। आरोप है कि युवकों के पास डंडे, लोहे की रॉड, चाकू और तलवार जैसे हथियार थे तथा उन्होंने हमला करने का प्रयास किया। कुणाल ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई।

शोरगुल सुनकर मोहल्ले के सेवक राम साहू, विकास सिंह, हर्षित गुप्ता, करण देवांगन, आकाश सिंह, सत्यमेव सहित अन्य स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। शिकायत के मुताबिक, लोगों ने युवकों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन युवक पांच मोटरसाइकिलें मौके पर छोड़कर भाग निकले। शिकायत में मौके पर दो युवकों को पकड़े जाने की बात भी कही गई थी।

पहले विक्रम यादव, अब राजेश पटेल और नितिन उर्फ ND भाऊ पर कार्रवाई
इस मामले में बांकी मोंगरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 220/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 351(3), 109(1), 189(1), 189(2), 189(4) एवं 190 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।

प्रकरण में पहले रौनक सिंह राजपूत, निवासी प्रेम नगर कुसमुंडा, और एक विधि से संघर्षरत 17 वर्षीय बालक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद आरोपी विक्रम यादव उर्फ बम को भी हिरासत में लेकर माननीय न्यायालय में पेश किया गया था।

अब 31 अक्टूबर को राजेश पटेल उर्फ भैरा और नितिन उर्फ ND भाऊ को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई ने फिर रफ्तार पकड़ी है।

नए थाना प्रभारी राम कुमार साव के आने के बाद मामले में लगातार हो रही कार्रवाई को क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, सभी संदिग्धों की भूमिका और घटना में उनकी संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

पांच मोटरसाइकिलें छोड़कर भागे युवक, आखिर किसकी थीं ये गाड़ियां?
इस पूरे घटनाक्रम में पांच मोटरसाइकिलों का मौके पर छूट जाना भी जांच का अहम पहलू है। आखिर ये मोटरसाइकिलें किनकी थीं? इनके मालिक कौन हैं? घटना की रात इन्हें कौन चला रहा था? क्या इन वाहनों के जरिए अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है?

इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच से सामने आना बाकी हैं। इसके अलावा घटनास्थल पर एक डिजाइनदार चाकू और पीवीसी पाइप देखे जाने की बात भी सामने आई थी। ये सामान वहां कैसे पहुंचे और घटना से इनका क्या संबंध है, यह भी जांच का विषय है।

सीएसपी ने भी लिया था मामले का संज्ञान, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए थे साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्री सीएसपी विमल पाठक बांकी मोंगरा थाना पहुंचे थे और घटनाक्रम की जानकारी ली थी। उन्होंने जल्द जांच पूरी कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचने और साक्ष्य जुटाने की जानकारी भी सामने आई थी।

वहीं, शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रार्थी कुणाल आजाद के साथ इनके पिता एवं ब्लॉक कांग्रेस बांकी मोंगरा अध्यक्ष संजय आजाद सहित प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर के कांग्रेस नेता भी थाने पहुंचे थे।

पुलिस का आश्वासन—शेष आरोपियों पर भी होगी कार्रवाई
लगातार हो रही कार्रवाई के बीच पुलिस ने प्रार्थी को आश्वस्त किया है कि मामले में शामिल शेष आरोपियों को भी जल्द हिरासत में लिया जाएगा। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में और किन लोगों के नाम सामने आते हैं तथा पांच मोटरसाइकिलों से जुड़े सुराग कितने काम आते हैं। प्रार्थी द्वारा बताए मुख्य आरोपी राहुल यादव की खोजबीन भी तेज।

इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ में क्या जानकारी मिली? शेष नामजद और अज्ञात संदिग्धों की पहचान कहां तक हुई? घटनास्थल पर छोड़ी गई मोटरसाइकिलों की जांच में क्या सामने आया? और क्या इस पूरी घटना के पीछे सिर्फ पुराना विवाद था या जांच में कोई और पहलू भी सामने आएगा?
बांकी मोंगरा में नए थाना प्रभारी राम कुमार साव के आने के बाद इस मामले में लगातार हो रही कार्रवाई निश्चित रूप से चर्चा में है। पहले विक्रम यादव उर्फ बम की न्यायालय में पेशी और अब राजेश पटेल उर्फ भैरा तथा नितिन उर्फ ND भाऊ के पकड़े जाने के बाद क्षेत्रवासियों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।

अब जरूरत है कि पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचे, प्रत्येक संदिग्ध की भूमिका की निष्पक्ष जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।

फिलहाल बांकी मोंगरा पुलिस का एक्शन मोड जारी है। दो और आरोपियों की न्यायालय में पेशी के बाद अब सवाल यही है कि 22 अक्टूबर की उस आधी रात की पूरी कहानी कब सामने आएगी और बाकी आरोपियों तक पुलिस का हाथ कब पहुंचेगा? क्षेत्रवासियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और सुरक्षा का भरोसा चाहिए।

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