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दीपका

श्रीराम फाइनेंस कोरबा शाखा ने 856 मेधावी विद्यार्थियों को दी स्कॉलरशिप व प्रमाण। देखे पूरी खबर….

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संवाददाता साबीर अंसारी

कोरबा :– शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनके भविष्य को संवारने के उद्देश्य से श्रीराम फाइनेंस कोरबा ब्रांच ने सेवा संकल्प मिशन के तहत एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से असाधारण अंक प्राप्त करने वाले 856 छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप और सम्मान पत्र प्रदान किए गए।

समारोह का संचालन संदीप राय और हरिहर दास ने किया। उन्होंने बच्चों को मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की कुंजी है और श्रीराम फाइनेंस सदैव समाज में शिक्षा और प्रतिभा के उत्थान के लिए तत्पर रहेगा।

संस्था के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल न सिर्फ बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर होने का आत्मविश्वास भी देगी। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार करते हैं।इस अवसर पर विद्यार्थियों के चेहरों पर सम्मान और खुशी की चमक साफ झलक रही थी।

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कोरबा

SECL और प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ भू-विस्थापितों ने आज अंडीकछार में महासम्मेलन कर कई अहम निर्णय व प्रस्ताव पारित किये

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40 वर्षों बाद भी रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के ग्रामीण

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले संपन्न हुआ महासम्मेलन

कोरबा/दीपका। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL और स्थानीय प्रशासन की तानाशाहीपूर्ण नीतियों के कारण दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापित परिवारों का जीवन संकट में आ पड़ा है भूमि अर्जन और विस्थापन के 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी विस्थापितों की समस्याओं का अंत नहीं हो सका है और रोजगार व पुनर्वास की मांगें आज भी अधर में लटकी हुई हैं एसईसीएल प्रबंधन की इस वादाखिलाफी और उपेक्षा के विरोध में ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के तत्वाधान में आज 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे ग्राम पंचायत अंडीकछार स्थित टिनठिकिया स्थान पर एक विशाल भू-विस्थापित महासम्मेलन का आयोजन किया गया ।

इस महासम्मेलन में दीपका क्षेत्र के अर्जित एवं पुनर्वासित गांवों सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के प्रभावित ग्रामीण युवा बुजुर्ग और महिलाएं एकजुट होकर एसईसीएल प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरें ।

महासम्मेलन के मुख्य मुद्दे

ग्राम सुवाभोड़ी की प्रमुख मांगें पर लंबित मुआवजा एवं परिसंपत्तियों का अविलंब भुगतान 5 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बसाहट पात्रता दस्तावेजों में व्याप्त नाम व जाति संबंधी त्रुटियों का तत्काल सुधार स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार का अधिकार के विषयों पर विशेष चर्चा पर प्रस्ताव पारित किया गया !

इसके साथ ही पुनर्वासित क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाएं सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर बेलटिकरी ग्रामीणों को भूमि पट्टे का आवंटन पक्की सड़कें नाली पुल-पुलिया गार्डन सामुदायिक भवन मुक्तिधाम तालाब और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं लंबित मुआवजा व पुनर्वास नीति के तहत सभी पात्रताओं का पारदर्शी निपटारा भू-विस्थापित कोटा टेंडर व स्वरोजगार अधिकार वैकल्पिक स्वरोजगार हेतु निर्धारित 5 लाख की टेंडर सीमा को बढ़ाकर 20 लाख स्थानीय भू-विस्थापित ठेकेदारों के साथ किए जा रहे भेदभाव को तुरंत समाप्त के संबंध में भी निर्णय व प्रस्ताव पारित किये गये !

संगठन का आह्वान

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने दीपका क्षेत्र के समस्त प्रभावित ग्रामों के निवासियों माताओं-बहनों बुजुर्गों और विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकार की इस निर्णायक लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा वर्षों से अपनी जमीन देकर देश को रोशन करने वाले किसान आज अपने ही हक के लिए तरस रहे हैं एसईसीएल की इस तानाशाही रवैये को अब बर्दाश्त नहीं की जायेगा और महासम्मेलन में अन्य समस्याओं का भी ऐतिहासिक निर्णय व प्रस्ताव लिया गया तथा इसी मंच से एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आगामी लड़ाई व संघर्ष की तैयारी की जाएगी !

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कोरबा

इरकॉन व राइट कंपनी और रेलवे प्रबंधन की वादाखिलाफी से कृष्णा नगर के वार्डवासियों में आक्रोश, आंदोलन की दी चेतावनी

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कोरबा/दीपका। दीपका, गेवरा-पेंड्रा रेल लाइन से जोड़ने वाली कृष्णा नगर में एसईसीएल के कोयला लदान (कोल लोडिंग) हेतु बिछाई जा रही रेल लाइन के निर्माण कार्य में इरकॉन व राइट कंपनी और रेलवे प्रबंधन द्वारा की जा रही वादाखिलाफी को लेकर वार्डवासियों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है ।

पूर्व में कृष्णा नगर के निवासियों और राजस्व विभाग के समक्ष अधिकारी की उपस्थिति में मौखिक रूप से रेलवे प्रबंधन के बीच यह स्पष्ट समझौता व भरोसा दिलाया गया था कि वार्ड की मूलभूत सुविधाओं जैसे पक्की सड़क, नाली, मंदिर एवं सांस्कृतिक स्टेज भवन का निर्माण कार्य पहले पूरा किया जाएगा, उसके बाद ही रेल लाइन बिछाने के काम को प्राथमिकता दी जाएगी, परंतु इरकॉन व राइट कंपनी द्वारा समझौते और वार्डवासियों के मौलिक अधिकारों की खुलेआम अनदेखी कर निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है ।

इसी संदर्भ में कृष्णा नगर वार्ड क्रमांक 07 के निवासियों की एक विशेष एवं आवश्यक बैठक आहुत की गई। बैठक में वार्ड की लंबित समस्याओं और अधूरे पड़े विकास कार्यों पर गहन चर्चा-परिचर्चा की गई ।

बैठक में उठाई गईं प्रमुख समस्याएँ

  1. अधूरा सड़क व ब्रिज निर्माण:- शासकीय माध्यमिक शाला से दीपका की ओर जाने वाली रेल लाइन के बीच आवागमन हेतु अंडरग्राउंड ब्रिज का निर्माण तो किया गया है, परंतु स्कूल से लेकर ब्रिज तक की सड़क का निर्माण कार्य इरकॉन व राइट कंपनी द्वारा आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है ।
  2. नालियों का निर्माण शून्य:- वार्ड में जल निकासी हेतु नालियों का निर्माण कार्य अब तक शुरू ही नहीं किया गया है, जिससे वार्ड में गंदगी और जलजमाव की समस्या बनी हुई है ।
  3. दीपका बस्ती मार्ग पर उपेक्षा:- कृष्णा नगर को दीपका बस्ती से जोड़ने वाले रास्ते (ट्रांसफार्मर के समीप) स्थित दूसरे अंडर ब्रिज का कार्य भी पूरा हो गया है, लेकिन इरकॉन व राइट कंपनी के द्वारा सड़क का काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बेहद जोखिमभरा हो गया है ।

ज्ञापन सौंपने एवं आंदोलन का निर्णय

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन सभी जनसमस्याओं व मौलिक अधिकारों की पुर्नबहाली हेतु रेलवे प्रबंधन एवं संबंधित जिम्मेदार विभागों को जल्द ही एक ज्ञापन सौंपा जाएगा ।

वार्डवासियों ने शासन-प्रशासन और रेलवे प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इरकॉन व राइट कंपनी द्वारा कृष्णा नगर की मूलभूत व्यवस्थाओं को शीघ्र सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूरन विवश होना पड़ेगा। आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति विधि-व्यवस्था व व्यवधान की संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे प्रबंधन एवं इरकॉन व राइट कंपनी की होगी ।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख रूप से मूलचंद, मो. मंसूर, ललित महिलांगे , लक्ष्मण गुप्ता, मो. सरताज कुरैशी, कन्हैया, पवन गुप्ता, प्रभाष तांती, सोहन पंडित, मो. शमीम अंसारी, राधे बरेठ, सुनील शर्मा, शंभू लोहार, मो. अशरफ दुलार बेक, छोटेलाल, मीना थापा, गीता महंत, जगत बाई चौहान, उमा महंत, सोना गोस्वामी, सती देवी महंत, सीमा देवी शर्मा, बालमती बारिया, इफाना कुरैशी सहित बड़ी संख्या में कृष्णा नगर के वार्डवासी उपस्थित थे l

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कोरबा

ACB समूह की वाशरियों व पावर प्लांटों के कोयला लिंकेज और वित्तीय अनियमितताओं की हो CBI/SIT जांच — भारतीय जनाधिकार पार्टी

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23 सितंबर को SECL मुख्यालय बिलासपुर के सामने होगा विशाल शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन

वर्ष 1999 से वर्तमान तक हुए अरबों-खरबों रुपये के कोयला आफरा-तफरी, डिजिटल हेरफेर और कोल लेवी के खेल की हो स्वतंत्र जांच

महामहिम राष्ट्रपति प्रधानमंत्री केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय कोयला मंत्री के नाम CMD को सौंपा जाएगा ज्ञापन

बिलासपुर/कोरबा/दीपका। भारतीय जनाधिकार पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा ACB समूह की दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चाकाबुड़ा, रतिजा, रेंकी, बिंझारी तथा संबद्ध कोयला वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं, कोयला परिवहन एवं रेलवे साइडिंग से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वर्ष 1999 से वर्तमान तक सीबीआई (CBI) उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (SIT), बहु-विभागीय न्यायिक व तकनीकी जांच वित्तीय-डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट तथा भौतिक सत्यापन की पुरजोर मांग की गई है ।

भारतीय जनाधिकार पार्टी के पदाधिकारियों संयोजक अध्यक्ष दीपक दुबे उपाध्यक्ष/महामंत्री (संगठन) संजय सिंह, महामंत्री (प्रशासनिक) शैलेन्द्र कुमार गोपाल, सचिव दिनेश यादव तथा युवा मोर्चा संयोजक अध्यक्ष संजय रत्नाकर एवं हेमंत पैगवार ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि पूर्व में 18 अगस्त को इन मांगों को लेकर एसईसीएल दीपका में धरना-प्रदर्शन किया गया था। शासन-प्रशासन द्वारा अग्रिम ठोस कार्रवाई न किए जाने के कारण चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 23 सितंबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के समक्ष एक विशाल एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है ।

प्रदर्शन के पश्चात एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय कोयला मंत्री, कैबिनेट सचिव CBI ACB EOW एवं संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा जाएगा ।

उठाए गए प्रमुख बिंदु एवं मांगें

  1. अरबों-खरबों रुपये के कोयला विचलन की व्यापक जांच:- यह मामला केवल किसी एक वाशरी या प्रदूषण की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि कोयला खरीद वाशरी संचालन कच्चे एवं रिजेक्ट कोयले के परिवहन, कोयला लेखांकन, रेलवे साइडिंग, तौल कांटा, ताप विद्युत संयंत्रों में ईंधन उपयोग राख एवं गाद निस्तारण जल दोहन औद्योगिक डीजल-बायोडीजल कर लाभ तथा डिजिटल अभिलेखों की पूरी व्यवस्था की जांच का विषय है ।
  2. 1 करोड़ टन कच्चे/रिजेक्ट कोयले के स्रोत का हिसाब:- उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार प्रतिवर्ष 1 करोड़ टन से अधिक कच्चे/रिजेक्ट कोयले का परिवहन पावर प्लांटों में दर्शाया जाता है, जब ACB के सभी पावर प्लांट रिजेक्ट कोल से चलाने की अनुमति है, तो डीओ शक्ति के 1 करोड़ टन कोयले का वास्तविक स्रोत क्या है? प्रत्येक टन कोयले के स्रोत प्रसंस्करण परिवहन और अंतिम उपयोग का CBI/SIT द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाए ।
  3. डिजिटल साक्ष्य और डेटा को तत्काल सील करने की मांग:- तौल कांटा सर्वर जीपीएस (GPS) फास्टैग (Fastag) आरएफआईडी (RFID) एएनपीआर (ANPR) सीसीटीवी (CCTV) ओसीईएमएस/सीईएमएस ईआरपी/एसएपी (ERP/SAP) ईंधन अभिलेख रेलवे रिकॉर्ड एवं वित्तीय डिजिटल डेटा को तत्काल सुरक्षित रखने के कड़े निर्देश दिए जाएं, ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न की जा सके ।
  4. ताप विद्युत संयंत्रों एवं डिजिटल तौल प्रणाली का फोरेंसिक ऑडिट:- संयंत्रों में घोषित ईंधन व्यवस्था वास्तविक कोयला प्राप्ति भट्ठी में ईंधन उपयोग बिजली उत्पादन और राख उत्पादन का स्वतंत्र फोरेंसिक मिलान कराया जाए, साथ ही फर्जी वाहन पंजी दोहरी प्रविष्टि और काल्पनिक यात्राओं की डिजिटल जांच हो ।
  5. पर्यावरण पेसा (PESA) कानून एवं नदियां (खोलार व अहिरन) का संरक्षण:– खोलार एवं अहिरन नदी सहित आसपास के जल स्रोतों में औद्योगिक अपशिष्ट बहाए जाने की स्वतंत्र प्रयोगशाला से वैज्ञानिक जांच कराई जाए प्रभावित 10 किमी क्षेत्र में वायु धूल राख शोर भूजल एवं जनस्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया जाए, पेसा/ग्रामसभा प्रावधानों का उल्लंघन कर हुए अनधिकृत विस्तार की भी जांच हो ।
  6. 2015 से औद्योगिक डीजल/बायोडीजल कर छूट एवं SECL कोल लेवी जांच:- वर्ष 2015 से औद्योगिक डीजल/बायोडीजल खरीद, भंडारण व अन्य राज्यों से मंगाए जाने की शिकायतों की जांच हो। कंपनियों को मिली कर छूट/प्रोत्साहन का वर्षवार परीक्षण कराया जाए, इसके साथ ही एसईसीएल की सभी 13 खदानों में 2018 से जारी कोल लेवी के खेल (जो रू.25 से बढ़कर रू.50 हो गया है) CSR मद सामग्री खरीदी-बिक्री तथा ओबी (OB) कार्य के भुगतानों की निष्पक्ष जांच की जाए ।
  7. नियमन अधिकारियों एवं कंपनियों की संयुक्त जवाबदेही तय हो:- वर्षों से संचालित इन गतिविधियों पर आँखें मूँदे बैठे एसईसीएल पर्यावरण संरक्षण मंडल खनन, राजस्व, वन, श्रम एवं जल संसाधन विभाग के संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन ईएसआई पीएफ व सुरक्षा उपकरणों की भी विस्तृत जांच हो ।

भारतीय जनाधिकार पार्टी ने आम जनता श्रमिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों से 23 सितंबर को प्रातः 11:00 बजे एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर पहुँचकर इस राष्ट्रहित और जनहित के आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है l

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