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दीपका

श्रीराम फाइनेंस कोरबा शाखा ने 856 मेधावी विद्यार्थियों को दी स्कॉलरशिप व प्रमाण। देखे पूरी खबर….

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संवाददाता साबीर अंसारी

कोरबा :– शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनके भविष्य को संवारने के उद्देश्य से श्रीराम फाइनेंस कोरबा ब्रांच ने सेवा संकल्प मिशन के तहत एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से असाधारण अंक प्राप्त करने वाले 856 छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप और सम्मान पत्र प्रदान किए गए।

समारोह का संचालन संदीप राय और हरिहर दास ने किया। उन्होंने बच्चों को मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की कुंजी है और श्रीराम फाइनेंस सदैव समाज में शिक्षा और प्रतिभा के उत्थान के लिए तत्पर रहेगा।

संस्था के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल न सिर्फ बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर होने का आत्मविश्वास भी देगी। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार करते हैं।इस अवसर पर विद्यार्थियों के चेहरों पर सम्मान और खुशी की चमक साफ झलक रही थी।

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कोरबा

करोड़ों की नल-जल योजना के बाद भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे दीपका के ग्रामीण, दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप्प, आक्रोशित वार्डवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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कोरबा/दीपका। दीपका नगर पालिका प्रशासन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। लगभग 6 वर्ष पूर्व क्षेत्र के 3 से 4 वार्डों के निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से नल-जल योजना के तहत वाटर फिल्टर प्लांट और पानी टंकी का भव्य निर्माण कराया गया था, इसके साथ ही लाखों रुपये खर्च कर मोहल्लों में पाइपलाइन का जाल भी बिछाया गया था, ताकि हर घर तक निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके परंतु धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है ।

योजना के क्रियान्वयन के लगभग 6 साल बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में पानी की भीषण समस्या जस की तस बरकरार है। स्थानीय रहवासियों के अनुसार पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध और सुचारू पीने का पानी घरों तक नहीं पहुँच पा रहा है। इस घोर अव्यवस्था के कारण त्रस्त ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं को दैनिक उपयोग तथा पीने के पानी की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है ।

विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 01 शहीद वीर नारायण सिंह वार्ड के गोबरघोरा रोहिदास मोहल्ला में स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है। यहाँ पिछले 02 महीनों से पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प पड़ी हुई है और नल से एक बूंद पानी भी नहीं आ रहा है ।

वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल ने प्रशासन पर साधा निशाना

दीपका नगर प्रशासन को इस गंभीर पेयजल संकट से कई बार मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। गोबरघोरा रोहिदास मोहल्ला के लोग आज भी पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दीपका नगर प्रशासन के क्षेत्र में अब ऐसी दुर्दशा हो गई है कि यहाँ की जनता को समस्याओं को ही विकास मानकर समझौता करना पड़ रहा है ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल एवं रोहिदास मोहल्ले के पीड़ित नागरिकों ने संयुक्त रूप से मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नगर पालिका परिषद दीपका को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। 12 जुलाई 2026 को सौंपे गए इस आधिकारिक ज्ञापन पर प्रशासन द्वारा अब तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे नागरिकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है ।

आंदोलन और कार्यालय घेराव की चेतावनी

वार्ड पार्षद और मोहल्लावासियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि पेयजल जैसी इस अति-आवश्यक मूलभूत समस्या का निराकरण शीघ्र-अतिशीघ्र नहीं किया गया, तो समस्त आक्रोशित वार्डवासियों द्वारा नगर पालिका कार्यालय का जंगी घेराव किया जाएगा, इस दौरान होने वाले किसी भी प्रकार के जन-आक्रोश या कानून व्यवस्था की स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी सीधे तौर पर दीपका नगर पालिका प्रशासन की होगी ।

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कोरबा

ग्राम पंचायत झाबर को पूर्ण नशा मुक्त बनाने का संकल्प, अवैध शराब बेचने वालों पर 10,000 और पीने वालों पर लगेगा 5,000 रुपये का जुर्माना

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दीपका पुलिस की उपस्थिति में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से लिया बड़ा फैसला

निगरानी के लिए महिला कमांडर समिति का हुआ गठन, नोनी बाई कंवर चुनी गईं अध्यक्ष

कोरबा/दीपका। ग्राम पंचायत झाबर को पूर्ण रूप से नशा मुक्त ग्राम बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय मुहिम की शुरुआत की गई है। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू के कुशल निर्देशन में ग्राम पंचायत झाबर में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। सादगीपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई इस बैठक में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर गांव से नशे की बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने का सामूहिक संकल्प लिया ।

इस बैठक में दीपका थाना से विशेष रूप से प्रशिक्षुक उप-निरीक्षक निखिल देवांगन, आरक्षक-133 अंकित पांडे और आरक्षक-594 मुकेश यादव उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी में ग्रामीणों ने कड़े नियम लागू करने पर सहमति जताई ।

कड़े दंड और जुर्माने का प्रावधान

गाँव को नशा मुक्त करने के लिए सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

शराब बनाने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध

यदि कोई व्यक्ति गाँव में शराब या अन्य कोई नशीला पदार्थ बेचते या बनाते पाया गया तो उस पर 10,000 रुपये का आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया जाएगा ।
खरीदने वालों पर कार्रवाई

नशीले पदार्थों के खरीदारों पर भी 5,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है ।
सार्वजनिक स्थानों पर पीने पर रोक

गाँव के किसी भी आम या सार्वजनिक स्थान पर नशा करते या शराब पीते पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का कड़ा जुर्माना वसूला जाएगा ।

महिला कमांडर समिति करेगी निगरानी

इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने और गाँव में अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए एक महिला कमांडर समिति का गठन किया गया है। इस समिति की कमान सर्वसम्मति से निम्नलिखित पदाधिकारियों को सौंपी गई है:-
अध्यक्ष:- नोनी बाई कंवर
उपाध्यक्ष:- राधा बाई महंत
सचिव:- शेषमति पटेल

यह महिला कमांडो टीम पुलिस प्रशासन के समन्वय से पूरे गाँव में गश्त और निगरानी का जिम्मा संभालेगी ।

बैठक में गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक में ग्राम पंचायत के सरपंच रामसिंह कंवर सहित पंच शनि कंवर, पंच देवनाथ विश्वकर्मा, पंच प्रमोद कौशिक और पूर्व उप सरपंच मुकेश जायसवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।

इसके साथ ही गाँव के प्रबुद्ध नागरिकों में अनूप कंवर, गणेश सिंह उइके, अशोक कंवर, भूपेंद्र पटेल, विष्णु उरांव, सतेंद्र सिंह, रंजीत सिंह तथा महिला शक्ति के रूप में अहिल्या ऊईके, कौशल्या मरपच्ची, ललिता कंवर, फुल बाई, आरती यादव सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे ।

पुलिस प्रशासन और ग्राम पंचायत की इस संयुक्त मुहिम की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि झाबर जल्द ही क्षेत्र का एक आदर्श नशा मुक्त गाँव बनेगा ।

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कोरबा

SECL दीपका क्षेत्र में ठेका मजदूर के हक पर डाका, मौत के बाद भी परिवार CMPF खाता नंबर के लिए भटकने को मजबूर

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कोरबा/दीपका। एसईसीएल (SECL) दीपका क्षेत्र में कार्यरत ठेकेदारों द्वारा मजदूरों के हक और उनके कानूनी अधिकारों के हनन का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक मृत ठेका श्रमिक के परिजनों को उनके पिता की गाढ़ी कमाई और भविष्य निधि (CMPF) की राशि पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन प्रबंधन और ठेकेदार मूकदर्शक बने बैठे हैं ।

प्राप्त जानकारी और दस्तावेजों के अनुसार ग्राम अड़ीकछार हरदीबाजार जिला कोरबा के निवासी स्वर्गीय दादू सिंह ठेकेदार कुंदन कुमार के अधीन अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक एसईसीएल दीपका क्षेत्र में कार्यरत थे, जनवरी 2018 में उनका आकस्मिक निधन हो गया ।

मृत्यु के बाद जब उनके पुत्र राधे श्याम आयाम ने पिता की भविष्य निधि (CMPF) संबंधी कागजी कार्रवाई शुरू करनी चाही तो उन्हें पता चला कि संबंधित ठेकेदार द्वारा आज तक उनका CMPF खाता क्रमांक (A/C No.) ही उपलब्ध नहीं कराया गया है ।

ठेकेदार की मनमानी और प्रबंधन की उदासीनता

पीड़ित पुत्र राधे श्याम ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित ठेकेदार से अपने पिता के CMPF खाते की जानकारी मांगी, लेकिन हर बार बात को टाल दिया गया। ठेकेदार द्वारा जानबूझकर जानकारी छुपाने और सहयोग न करने के कारण पीड़ित परिवार आगे की कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है ।

थक-हारकर पीड़ित ने 10 जून 2026 को पर्सनल मैनेजर SECL दीपका क्षेत्र के कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी पावती संख्या 716 है। पत्र में मांग की गई है कि संबंधित अभिलेखों की जांच कर ठेकेदार को कड़े निर्देश दिए जाएं और CMPF खाता क्रमांक जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए ।

पीड़ित परिवार की मांग और चेतावनी

मृतक के पुत्र राधेश्याम आयाम ने बताया कि मेरे पिता ने एसईसीएल के लिए अपनी पूरी ईमानदारी से काम किया आज उनके जाने के बाद उनका परिवार दाने-दाने को मोहताज है, लेकिन ठेकेदार और अधिकारी हमारी सुध नहीं ले रहे हैं, अगर एसईसीएल प्रबंधन ने जल्द ही ठेकेदार पर कार्रवाई करते हुए हमें हमारे पिता का CMPF नंबर और न्याय नहीं दिलाया तो हम आंदोलन के लिए विवश व बाध्य होंगे ।

यह मामला एसईसीएल दीपका क्षेत्र में ठेका मजदूरों के हो रहे शोषण की पोल खोलता है, अब देखना यह है कि एसईसीएल के उच्च अधिकारी इस गरीब और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाते हैं या ठेकेदार की इस मनमानी को संरक्षण देते हैं ।

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