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छत्तीसगढ़

शराब कारोबारी के घर ED-IT की रेड:बलौदाबाजार में राघवेंद्र-रूपेश सराफ के ठिकानों पर छापा, 2 दिन से जारी है कार्रवाई

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बलौदाबाजार, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की संयुक्त टीम ने कारोबारी राजकुमार सराफ के बेटों के घर पर दबिश दी है। राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ शराब और जमीन कारोबारी है, उनकी पीतल की फैक्ट्री भी है। कार्रवाई के दौरान अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।

दरअसल, ईडी अधिकारियों ने 24 जुलाई की रात ही बलौदाबाजार पहुंचकर कारोबारी के घर की निगरानी शुरू कर दी थी। अगले दिन रविवार सुबह टीम ने घर में एंट्री कर तलाशी ली। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ED की रेड के बाद आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की है।

बैंक-संपत्ति समेत कई दस्तावेज खंगाल रही टीम

छापेमारी के दौरान अधिकारी घर के हर कमरे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। कई दस्तावेज खंगाले गए, जिनमें डायरी, बैंक खातों के विवरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। परिवार के सदस्यों और कारोबार से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

शहर के बड़े कारोबारी थे राजकुमार सराफ

राजकुमार सराफ शहर के जाने-माने कारोबारी थे। उनके कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। राजकुमार के निधन के बाद उनके बेटे राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ कारोबार चला रहे हैं।

अधिकारियों को बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते यह कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को ED की टीम को कुछ अहम दस्तावेज मिले थे, जिनके आधार पर IT विभाग ने फिर अतिरिक्त कार्रवाई शुरू की है।

पुलिस जवान तैनात

इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है। कारोबारी के घर के बाहर अधिकारियों के साथ पुलिस जवान भी तैनात है। आसपास के लोग दूर से ही घटनाक्रम को देख रहे थे। फिलहाल, जांच जारी है और टीम पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।

कोई अधिकारिक बयान नहीं आया

हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक छापे के कारणों और जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच के दौरान क्या कुछ मिला, इसे लेकर सफाई नहीं दी गई है।

बताया जा रहा है कि छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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छत्तीसगढ़

थाने में युवक की मौत:पुलिस बोली- मिर्गी का दौरा पड़ा; परिजन का आरोप- पिटाई से गई जान

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शॉर्ट-टर्म पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई

जांजगीर। जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाने में पुलिस कस्टडी में 30 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने का घेराव कर पुलिस पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए। वहीं, पुलिस का दावा है कि युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हुई।

जानकारी के मुताबिक, चांपा थाने के एक ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर और दो आरक्षकों ने बुधवार मेहंदीपारा निवासी शाम शिव सहिस को बुधवार को उसके घर से पकड़ा था। पुलिस का आरोप था कि उसके पास से 20 लीटर देशी शराब बरामद हुई है। इसके बाद उसे थाने लाकर हिरासत में रखा गया था। रात करीब 10 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे पहले बीडीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जांजगीर जिला अस्पताल रेफर किया गया।

यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार सुबह 9.30 बजे मोहल्लेवासियों ने चांपा थाने का घेराव कर दिया। थाने के बाहर परिजन न्याय की मांग करते हुए बिलखते नजर आए। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से मारपीट करने और उसी के कारण शिव सहिस की मौत होने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था। एसपी विजय पांडेय ने बताया कि शिव सहिस का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। शराब बिक्री और मारपीट से जुड़े मामलों को मिलाकर यह उसका चौथा मामला था। विधिक प्रक्रिया के तहत उसे हिरासत में लिया गया था।

भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, आरक्षक सस्पेंड

इस कस्टोडियल डेथ को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश के गृह विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में आरक्षक ईश्वरी राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चुरी में रखा गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो सकेगा। हालांकि, शॉर्ट-टर्म पीएम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट से मौत की बात सामने आई है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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छत्तीसगढ़

हसदेव नदी में बिलासपुर चौकसे-कॉलेज के 3 छात्र बहे,तलाश जारी:सेल्फी लेते फिसला पैर, बचाने कूदे 2 स्टूडेंट्स भी लापता, देवरी पिकनिक मनाने गए थे

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में पिकनिक मनाने गए कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी के तेज बहाव में बह गए। बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं शुक्रवार को देवरी गांव पहुंचे थे। नदी किनारे सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए नदी में कूदे दो अन्य छात्र भी बह गए।

तीनों छात्रों का अब तक पता नहीं चल पाया है। नगर सैनिक गोताखोरों की टीम उनकी तलाश में जुटी है। घटना बलौदा थाना क्षेत्र की है।

पिकनिक मनाने गए कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी के तेज बहाव में बह गए।

पिकनिक मनाने गए कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी के तेज बहाव में बह गए।

बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं पिकनिक मनाने गए देवरी गांव पहुंचे थे।

बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं पिकनिक मनाने गए देवरी गांव पहुंचे थे।

पिकनिक मनाने गए थे चौकसे कॉलेज के 8 स्टूडेंट्स

सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने बताया कि बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के बी फार्मा फर्स्ट ईयर के 8 छात्र-छात्राएं शुक्रवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे देवरी गांव पहुंचे थे। इनमें 4 लड़कियां और 4 लड़के शामिल थे।

बताया गया कि मुरारी साहू (22), पवन लाल (22) और सचिन सिंह (23) नदी किनारे सेल्फी लेने के लिए खड़े थे। इसी दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया और वह नदी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के लिए दोनों अन्य छात्र भी नदी में कूद गए। तेज बहाव के कारण तीनों छात्र नदी में बह गए और लापता हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर सैनिक गोताखोरों की टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस और गोताखोर तीनों छात्रों की तलाश में जुटे हुए हैं।

उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि तीनों छात्र अंबिकापुर, मरवाही और कवर्धा के रहने वाले हैं।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में सीनियर छात्रों ने जूनियर को लात-घूंसों से पीटा:लॉ-कॉलेज में प्रदर्शन करने से मना करने पर मारपीट, स्टूडेंट बोले-रैगिंग एंगल से हो जांच

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बिलासपुर/जांजगीर चांपा। बिलासपुर जिले के डीपी विप्र विधि महाविद्यालय में फ्रेशर स्टूडेंट के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने LLB फस्ट सेमेस्टर के छात्र तुषार दुबे पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया। छात्र के मना करने पर उसके साथ गाली-गलौज कर लात-घूंसों से मारपीट की। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि महेश साहू, अखिलेश समेत करीब दर्जनभर छात्रों ने तुषार को घेर लिया था। आरोप है कि इनमें कॉलेज के वर्तमान छात्रों के साथ ऐसे युवक भी शामिल थे, जो वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।

घटना के बाद जूनियर छात्रों में डर का माहौल है। छात्रों ने मामले की रैगिंग के एंगल से भी जांच कराने की मांग की है। जांजगीर चांपा निवासी पीड़ित तुषार की शिकायत पर पुलिस ने महेश साहू और अन्य साथियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

लॉ छात्र छात्र तुषार दुबे, जिसने प्रदर्शन करने से मना कर दिया था।

लॉ छात्र तुषार दुबे, जिसने प्रदर्शन करने से मना कर दिया था।

विवाद होने पर छात्रों ने तुषार को लात-घूंसों से पीटा।

विवाद होने पर छात्रों ने तुषार को लात-घूंसों से पीटा।

एक टीचर छात्र को मारपीट से बचाते भी दिखे।

एक टीचर छात्र को मारपीट से बचाते भी दिखे।

क्या है पूरा मामला

आरोप के मुताबिक, किसी टीचर से विवाद होने के बाद स्टूडेंट उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। सीनियर छात्रों ने तुषार पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया था। तुषार ने प्रदर्शन में बैठने से इनकार कर दिया।

इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। छात्रों का कहना है कि सीनियर होने के नाम पर जूनियर छात्रों पर दबाव बनाना और बात नहीं मानने पर मारपीट करना गंभीर मामला है।

पुराने छात्रों के भी कैंपस में सक्रिय होने का आरोप

मारपीट में ऐसे युवकों के शामिल होने का भी आरोप है, जो वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। छात्रों का आरोप है कि ये युवक अब भी कॉलेज परिसर में सक्रिय रहते हैं और छात्रों पर अपना प्रभाव जमाने की कोशिश करते हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

सीनियर छात्र कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

सीनियर छात्र कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

रैगिंग के एंगल से जांच की मांग

जूनियर छात्रों का कहना है कि सीनियर छात्रों की जिम्मेदारी नए बच्चों का मार्गदर्शन करने की है, न कि उन पर किसी गतिविधि में शामिल होने का दबाव बनाने की। छात्रों ने कहा कि यदि नवप्रवेशी को उसकी इच्छा के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया और इनकार करने पर मारपीट की गई, तो इसकी रैगिंग के एंगल से भी जांच होनी चाहिए।

कॉलेज कमेटी ने कार्रवाई का लिया फैसला

प्राचार्य सुषमा तिवारी ने बताया कि, कुछ पुराने छात्र चलती क्लास में घुसकर इंट्रोडक्शन लेने लगे थे। शिक्षक के मना करने के बाद वे प्रदर्शन करने लगे और छात्रों को जबरन प्रदर्शन में बैठने के लिए कह रहे थे। एक छात्र के मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक हुई।

उन्होंने बताया कि जबरन विवाद करने वाले पुराने छात्रों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। उनके कॉलेज में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही मामले की जानकारी बार काउंसिल को भेजकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।

घटना के बाद तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक हुई।

घटना के बाद तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक हुई।

पुलिस बोली- शिकायत के बाद FIR दर्ज

इस मामले में सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि मामला लॉ कॉलेज कैंपस का है। पीड़ित छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। कॉलेज प्रबंधन ने छात्र के आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।

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