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पत्रकार हितों को मिलेगी नई दिशा, बांकीमोंगरा ब्लॉक में श्रमजीवी पत्रकार संघ की नई टीम घोषित,, अध्यक्ष चुने गए राजकुमार साहू,,,

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकीमोंगरा। पत्रकारों के हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार को सी टू सामुदायिक भवन, बांकीमोंगरा में छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के पत्रकारों ने सर्वसम्मति से बांकीमोंगरा ब्लॉक श्रमजीवी पत्रकार संघ का गठन करते हुए नई कार्यकारिणी का ऐलान किया।

संगठन की नई टीम में विनोद साहू को संरक्षक, राज कुमार साहू को अध्यक्ष, अश्वनी मिश्रा को उपाध्यक्ष, राजू सैनी को सचिव, नागेंद्र सोनी को कोषाध्यक्ष, दिलीप नेताम को सह सचिव तथा प्रकाश साहू को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं दिनेश, अजीत और आशीष नाहक को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया।

बैठक में संगठन के विस्तार, पत्रकारों की समस्याओं के समाधान, निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने तथा आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि 8 जुलाई 2026 को श्रमजीवी पत्रकार संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बांकीमोंगरा ब्लॉक पत्रकार संघ सक्रिय भागीदारी निभाएगा।

बैठक में जिला अध्यक्ष शशिकांत डिक्सेना एवं जिला उपाध्यक्ष निशांत झा विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों पदाधिकारियों ने नवनिर्वाचित टीम को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा पत्रकारों के हित में मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

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कोरबा

पत्रकार के हमलावर अब तक फरार

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बांकीमोंगरा पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल,

ASI के बेटे को कुचलने वाला चालक गिरफ्तार, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर

डकैती-हमले में पकड़े गए दो आरोपियों की पीड़ित पत्रकार से नहीं कराई गई शिनाख्त, परिजनों ने जताया संदेह

कोरबा। जिले में गंभीर अपराधों के त्वरित निराकरण और अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में जून माह में हुई दो जुड़ी घटनाओं की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में बनी हुई है। अभी 3 जुलाई की रात उरगा थाना क्षेत्र के कुदुरमाल स्थित मीरा रिसोर्ट के बाहर वाहन से कुचलकर एक युवक की हत्या किए जाने की घटना सामने आने के बाद लोगों को 6-7 जून की मध्यरात्रि की वह घटना फिर याद आ गई, जब एएसआई रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि उर्फ दादू को बोलेरो वाहन से कुचल दिया गया था। गंभीर रूप से घायल चंद्रमणि ने छह दिन बाद उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि हादसे के बाद युवा पत्रकार अरविंद राठौर अपने साथी साहिल के साथ बोलेरो का पीछा करते हुए बलगी मोड़ तक पहुंचे थे। आरोप है कि वहां 20 से 25 लोगों ने उन्हें घेरकर बेरहमी से पीटा। हमलावरों ने उनके पास रखी करीब एक लाख रुपये की नकदी, एक आई फोन सहित 2 मोबाइल, सोने की चेन और सोने की अंगूठी लूट ली तथा बंदूक की नोक पर दो राउंड हवाई फायरिंग भी की। गंभीर रूप से घायल पत्रकार को रात करीब तीन बजे थाना ले जाया गया, लेकिन घटना के लगभग एक माह बाद भी अधिकांश हमलावर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने इस मामले में अपहरण, हत्या का प्रयास, बलवा, डकैती और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया। बाद में चंद्रमणि की मृत्यु के बाद विशेष टीम गठित कर बोलेरो चालक कुणाल साहू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने योगेंद्र प्रताप बघेल उर्फ (योगी) के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की, लेकिन पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी योगेंद्र प्रताप बघेल उर्फ (योगी) को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

हमलावर हैं तो पहचान क्यों नहीं..?
इसी बीच पुलिस ने पत्रकार से मारपीट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और डकैती के मामले में दो अन्य युवकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी, लेकिन उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आज तक इन दोनों की शिनाख्त पत्रकार अरविंद से क्यों नहीं कराई गई? परिजनों का कहना है कि यदि यही हमलावर हैं तो उनकी पहचान कराई जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि वास्तविक आरोपियों की जगह निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया हो। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पूरे घटनाक्रम ने बांकीमोंगरा थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर 20 से 25 हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी में पुलिस अब तक सफल क्यों नहीं हो सकी? यदि दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं तो बाकी आरोपियों तक पहुंचने में आखिर बाधा क्या है? लोगों का कहना है कि पुलिस का मुखबिर तंत्र इतना कमजोर कैसे हो गया कि इतने बड़े हमले के आरोपी आज तक फरार हैं! क्या आरोपियों को न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत राहत दिलाने में अप्रत्यक्ष सहयोग किया जा रहा है?
परिजनों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि घायल पत्रकार का बयान लेने में भी अनावश्यक विलंब किया गया। उनका कहना है कि उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद ही थाना प्रभारी अस्पताल पहुंचकर बयान दर्ज करने पहुंचे। उनका यह भी कहना है कि यदि घटना वाली रात पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई होती तो कई हमलावर उसी समय गिरफ्तार किए जा सकते थे। परिजनों के मुताबिक क्षेत्र के एक युवा नेता ने घटना वाली रात पुलिस को फोन कर गश्त बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन कथित तौर पर पुलिस ने वाहन में डीजल-पेट्रोल नहीं होने की बात कहकर असमर्थता जताई। बताया जाता है कि अधिकांश आरोपी पैदल ही भागे थे। ऐसे में घटना के बाद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

चर्चा में एक और सवाल

क्या डीजल चोरी कनेक्शन बना बाधा? क्षेत्र में चर्चा है कि मामला कथित डीजल चोरी गिरोह से जुड़ा होने के कारण कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं बढ़ सकी है। लोगों में चर्चा यह भी है कि बाद में घटित कई गंभीर मामलों में पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया, वैसी तत्परता पत्रकार पर हुए हमले में दिखाई नहीं दी। मामला शुरू से ही कथित डीजल चोरी गिरोह से जुड़ा बताया जाता रहा है। डीजल चोरी से जुड़े प्रकरण में बांकीमोंगरा थाना के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा निलंबन की कार्रवाई भी की जा चुकी है। ऐसे में क्या यह माना जाए कि डीजल चोरों से वास्ता रखने वाले यह हमलावर कहीं ना कहीं थाना प्रभारी और स्टाफ को अपने प्रभाव में इस कदर रखे हुए हैं कि उन पर हाथ डालने में इनके हाथ बुरी तरह कांप रहे हैं…! हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
अब तक यह हुई है कार्रवाई

पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर क्षेत्र में 6-7 जून की रात घटित हत्या के गंभीर प्रकरण में प्रार्थी शुभम सिंह बघेल निवासी साकेत कॉलोनी जमनीपाली की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 500/2026 धारा 109, 103(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण के शीघ्र खुलासे हेतु अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों को सीसीटीवी जांच, तकनीकी साक्ष्य संकलन, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ एवं ह्यूमन इंटेलिजेंस विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई। पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रयास करते हुए घटना से संबंधित 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई तथा 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। तकनीकी विश्लेषण एवं ह्यूमन इंटेलिजेंस से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी राजेन्द्र साहू उर्फ कुनाल साहू पिता लक्ष्मी प्रसाद साहू उम्र 22 वर्ष निवासी कड़ारी थाना बाराद्वार जिला सक्ती, हाल मुकाम एम-299 विकास नगर कुसमुंडा थाना कुसमुंडा जिला कोरबा की संलिप्तता पाई गई।पूछताछ में आरोपी द्वारा अपने साथी योगेन्द्र बघेल उर्फ योगी के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन क्रमांक CG-12 BD-5025 को जप्त किया गया। विवेचना के दौरान यह भी तथ्य सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी उसी दिनांक को थाना बाकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत बालगी में घटित डकैती की घटना में भी संलिप्त था। उक्त डकैती प्रकरण में पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा घटना में प्रयुक्त वेन्यू कार एवं स्कूटी वाहन को पुलिस द्वारा जप्त किया गया। वर्तमान आरोपी की गिरफ्तारी से उक्त प्रकरण में भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। प्रकरण में अन्य आरोपी एवं अन्य साक्ष्यों के संबंध में विवेचना आज तक जारी है

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बाँकी मोगरा

बिजली संकट पर विभाग गंभीर, बांकीमोंगरा सब स्टेशन पहुंच डीई राजेश चौहान ने दिए कई बड़े आश्वासन,,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकी मोगरा :– लगातार चरमराई बिजली व्यवस्था और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों के बीच विद्युत विभाग के डीई राजेश चौहान ने शनिवार देर रात बांकीमोंगरा सब स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से सीधे चर्चा कर बिजली आपूर्ति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए स्टाफ की कमी, संसाधनों के अभाव और लगातार बिजली कटौती की समस्याओं को खुलकर रखा।

सब स्टेशन में कर्मचारियों ने अधिकारी डीई को बताया कि यहां केवल एक सीढ़ी उपलब्ध है, जिसे दूसरे क्षेत्र में कार्य के लिए भेज दिया गया था। ऐसे में विद्युत लाइन पर सुधार कार्य समय पर नहीं हो सका। इस पर डीई राजेश चौहान ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दो दिनों के भीतर दो नई सीढ़ियां उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पहले अलग-अलग फीडरों के लिए लगाए गए एबी (AB) स्विच खराब हो चुके हैं। इसके कारण किसी एक क्षेत्र में मरम्मत कार्य करने के लिए पूरे इलाके की बिजली बंद करनी पड़ती है। डीई ने आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के भीतर नया एबी स्विच स्थापित किया जाएगा, जिससे फीडरवार बिजली संचालन संभव हो सकेगा और अनावश्यक कटौती से राहत मिलेगी।

सब स्टेशन में नियमित कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। लोगों ने बताया कि जहां तीन नियमित कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां केवल एक कर्मचारी पदस्थ है। वहीं आउटसोर्स कर्मचारी बिना नियमित सीएसईबी कर्मचारी की मौजूदगी के पोल पर चढ़कर कार्य करने को मजबूर हैं। इस पर डीई ने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाएगी।

जर्जर ट्रांसफार्मरों की स्थिति पर भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया। डीई राजेश चौहान ने कहा कि सभी ट्रांसफार्मरों का सर्वे कराया जाएगा और आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा, ताकि बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों से छुटकारा मिल सके।

उपभोक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा फोन नहीं उठाने की शिकायत भी की। इस पर डीई ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही होती है या फोन रिसीव नहीं किया जाता है तो उपभोक्ता सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत का त्वरित निराकरण किया जाएगा।

इसी दौरान गेवरा क्षेत्र से पहुंचे कई ग्रामीणों ने दो दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने पर आक्रोश जताया। उनका कहना था कि बिजली नहीं रहने से पानी की समस्या खड़ी हो गई है और भीषण गर्मी में लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारी लगातार आने का आश्वासन देते रहे, लेकिन सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया।

लोगों की शिकायतें सुनने के बाद डीई राजेश चौहान ने स्वीकार किया कि स्टाफ और संसाधनों की कमी के कारण सुधार कार्यों में देरी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दो दिनों के भीतर सभी लंबित कार्य पूरे कर लिए जाएंगे तथा भविष्य में बांकीमोंगरा की बिजली व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

एसईसीएल बलगी सबस्टेशन लूटकांड: डेढ़ माह बाद पुलिस के हत्थे चढ़े दो फरार आरोपी,,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकीमोंगरा/कोरबा, 2 जुलाई। एसईसीएल के बलगी सबस्टेशन में सुरक्षा कर्मियों से मारपीट कर केबल लूटने के मामले में बांकीमोंगरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 की देर रात कुछ बदमाश बलगी स्थित एसईसीएल सबस्टेशन में जबरन घुस गए थे। आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट और गाली-गलौज की तथा करीब 100 मीटर केबल लूटकर फरार हो गए। जाते समय आरोपियों ने शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी थी।

घटना के संबंध में प्रधान सुरक्षा प्रहरी संजय कुमार की शिकायत पर थाना बांकीमोंगरा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि दीपक केवट उर्फ अंकु और सुमित कुमार मार्को, लगातार पुलिस से बचते फिर रहे थे।

लगातार तलाश के बाद गुरुवार को बांकीमोंगरा पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(3), 296, 351(3), 305, 309(8) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के दौरान पहले अर्जुन सिंह और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था, जबकि फरार चल रहे दीपक केवट उर्फ अंकु एवं सुमित कुमार मार्को को 2 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना बांकीमोंगरा की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

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