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छत्तीसगढ़

‘ड्रग्स क्वीन’ नव्या-विधि कोर्ट में पेश…चेहरा छिपाती दिखी:पाकिस्तानी-ड्रग्स, MDMA केस में 5 तस्करों को जेल, कई रईसजादों को ड्रग्स सप्लाई, इनमें कारोबारी-नेताओं के बेटे

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रायपुर,एजेंसी। पाकिस्तान से लाई गई हेरोइन और दिल्ली से मंगाई गई MDMA जैसी खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई करने वाली इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक और विधि अग्रवाल को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। इसके साथ ही ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े ऋषि राज टंडन, मोनू बिश्नोई और हर्ष आहूजा को भी पेश किया गया। सभी को कोर्ट ने जेल भेज दिया है।

इस दौरान रायपुर पुलिस ने किसी भी आरोपी के खिलाफ रिमांड की मांग नहीं की। इससे लग रहा है कि अब तक की पूछताछ में पुलिस को पुख्ता सबूत हाथ लग गए हैं। ड्रग्स क्वीन नव्या और विधि को लेकर कोर्ट परिसर में बड़ी तादाद में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।

इस हाई-प्रोफाइल केस ने रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में हलचल मचा दी है। जांच में पता चला कि करीब 850 रईसजादे ड्रग्स नेटवर्क के संपर्क में थे, जिनमें होटल कारोबारियों और राजनेताओं के बेटों तक के नाम शामिल हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क को बेनकाब करने की तैयारी में है। जल्द ही कई बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक और विधि अग्रवाल को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया।

इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक और विधि अग्रवाल को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया।

नव्या मलिक समेत 30 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

नव्या मलिक समेत 30 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

रायपुर पुलिस ने नव्या मलिक से 30 घंटे पूछताछ की थी।

रायपुर पुलिस ने नव्या मलिक से 30 घंटे पूछताछ की थी।

इन आरोपियों से हुई पूछताछ

पाकिस्तानी ड्रग्स और दिल्ली के MDMA ड्रग्स सप्लाई केस में 2 युवतियां भी शामिल थीं। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में पुलिस ने सबसे ज्यादा पूछताछ पंजाब निवासी लवजीत सिंह, रायपुर निवासी रुपिंदर उर्फ पिंदर सिंह उर्फ पाब्लो और रायपुर निवासी नव्या मलिक से की है।

लवजीत और रुपिंदर से पुलिस को हेरोइन खरीदने वालों की और नव्या मलिक से MDMA खरीदने वाले रसूखदारों की जानकारी मिली है। पुलिस ने इनकी जानकारी जुटा रही है। सभी से पूछताछ होगी और अवैध कारोबार में मदद करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

हिस्ट्रीशीटर पिंदर को मीडिया के सामने पेश पुलिस ने पेश किया था।

हिस्ट्रीशीटर पिंदर को मीडिया के सामने पेश पुलिस ने पेश किया था।

पिंदर से 25 घंटे पूछताछ

पाकिस्तान की हेरोइन ट्रकों के जरिए रायपुर भेजने वाले हिस्ट्रीशीटर पिंदर से पुलिस ने रिमांड में लेकर 25 घंटे पूछताछ की। कोर्ट में पेश कर मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया है। पिंदर ने पुलिस की पूछताछ में ड्रग्स रायपुर में भेजने का तरीका बताया और उसके ग्राहकों की जानकारी दी।

ड्रोन से ड्रग्स की बॉर्डर पार सप्लाई

पुलिस के अनुसार, पिंदर पाकिस्तान की ड्रग्स ड्रोन के माध्यम से बॉर्डर पार करवाता था, फिर उसके सिंडिकेट में काम करने वाले लड़के बॉर्डर इलाकों से ड्रग्स सिंडिकेट के ठिकानों तक पहुंचाते थे। इन ठिकानों से माल ट्रकों के माध्यम से राजधानी रायपुर समेत देश भर में भेजा जाता था।

ट्रक से माल भेजने पर जब कार्रवाई शुरू हुई, तो अपने सिंडिकेट के लड़कों को माल के साथ पहले दिल्ली और फिर रायपुर भेजता था। कई बार रायपुर में सक्रिय लड़कों को माल लेने के लिए दिल्ली बुलाता था और दिल्ली-पंजाब का माल है बोलकर हेरोइन बेचते थे।

पिंदर के सिंडिकेट के 17 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। इस सिंडिकेट के कई आरोपी अंडर ग्राउंड है। उनकी तलाश पुलिस कर रही है। पिंदर का हेरोइन रायपुर में खपाने वाले सुवित श्रीवास्तव के अकाउंट से पुलिस को 600 से ज्यादा ग्राहकों की जानकारी मिली है। इन ग्राहकों के अकाउंट का फ्रीज करवाकर पुलिस आगे की जांच कर रही है।

इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नव्या का नाम सामने आया था।

इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नव्या का नाम सामने आया था।

नव्या मलिक से 30 घंटे पूछताछ

रायपुर के कटोरा तालाब इलाके की रहने वाली नव्या मलिक को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। नव्या की जानकारी पुलिस को MDMA रायपुर में बेचने वाले हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया ने दी थी। इन तीनों आरोपियों को पुलिस ने 23 अगस्त को देवेंद्र नगर से पकड़ा था।

नव्या को गिरफ्तार कर पुलिस ने पांच दिन की रिमांड ली, फिर अलग-अलग समय में 30 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, नव्या ने पूछताछ में उसके मददगारों और ग्राहकों का नाम बताया है। MDMA रायपुर में कैसे खपाया है? इसकी जानकारी भी दी है। नव्या मलिक के संपर्क में रहने वाले पांच आरोपियों को पुलिस अब तक पकड़ चुकी है।

नव्या मलिक को पुलिस ने ड्रग्स बेचने के आरोप में पकड़ा है।

नव्या मलिक को पुलिस ने ड्रग्स बेचने के आरोप में पकड़ा है।

कोर्ट ने नव्या मलिक की 3 दिन की रिमांड बढ़ा दी है।

कोर्ट ने नव्या मलिक की 3 दिन की रिमांड बढ़ा दी है।

इन इलाकों के रईसजादे शामिल

नव्या के खुलासे के बाद पुलिस ने शंकर नगर, पेंशनबाड़ा, समता कॉलोनी, राजेंद्र नगर, वीआईपी रोड, कटोरा तालाब, संतोषी नगर, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा के कई बड़े कारोबारियों और रसूखदारों की सूची तैयार की है।

ड्रग्स पार्टी करते हुए रईसजादों की फोटो वायरल हुई थी।

ड्रग्स पार्टी करते हुए रईसजादों की फोटो वायरल हुई थी।

होटल रूम में बैठकर ड्रग्स का सेवन करती हुई युवती।

होटल रूम में बैठकर ड्रग्स का सेवन करती हुई युवती।

इस तरह चलता था नशे का कारोबार

आरोपियों ने बताया कि, नशे का कारोबार पहले वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए चलता था। बाद में केवल परिचित ग्राहकों को ही सप्लाई दी जाती थी। एडवांस लेकर होटल, पब, बार या आफ्टर पार्टी में डिलीवरी की जाती थी। इन पार्टियों में वही लोग शामिल होते थे, जो ऑनलाइन फॉर्म भरकर एंट्री पाते थे।

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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान के तहत दीपका एवं छुरी कला में विशेष शिविर कल

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कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आम नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 01 अक्टूबर से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहें।
इसी क्रम में 02 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय एवं नगर पंचायत छुरीकला अंतर्गत बस स्टैंड छुरी के समीप शिविर आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठायें।

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कोरबा

कीचड़ भरे रास्ते से मिली राहत, डोंगानाला के बिरहोर परिवारों तक पहुँची पक्की सड़क

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पीएम जनमन के अंतर्गत लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से अटल चौक से जंगल पारा तक बना 2.38 किलोमीटर मार्ग
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। विकासखंड पाली के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला के जंगल पारा में रहने वाले बिरहोर परिवारों के लिए बारिश का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। अटल चौक से बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था और बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे। अब प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत बनी पक्की सड़क ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान कर दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अटल चौक से जंगल पारा तक लगभग 2.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मार्ग में सीसी सड़क के साथ डामर सड़क भी बनाई गई है। इससे बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लगभग 40 परिवारों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।
बस्ती के सुनहर सिंह बिरहोर बताते हैं कि पक्की सड़क बनने से अब आने-जाने में आसानी होती है। गीता बाई के अनुसार उन्हें रास्ते में पहले जैसी परेशानी नहीं होती और बच्चे भी आसानी से स्कूल आ-जा सकते हैं। गाँव के किसान पुनो राम पटेल पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बारिश में रास्ते पर घुटनों तक कीचड़ हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से उस परेशानी से राहत मिली है।
जंगल पारा के परिवारों के लिए यह सड़क स्कूल और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने का सुगम रास्ता बन गई है। बारिश के दिनों में जिस मार्ग से गुजरना कठिन था, उसी पर अब ग्रामीण अधिक आसानी से आ-जा रहे हैं।

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कोरबा

धान की एक फसल से आगे बढ़कर वर्ष में दो से तीन फसलें ले रहे गुरुचरण मरार

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उद्यानिकी विभाग की सहायता से अपनाई ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और उन्नत खेती
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नगौई बछेरा निवासी किसान गुरुचरण मरार पहले परंपरागत तरीके से धान की खेती करते थे। वर्ष में एक ही फसल लेने के कारण खेती से होने वाली आय सीमित थी। सिंचाई का साधन नहीं था और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य मशीनें किराये पर लानी पड़ती थीं। ऐसे में छह सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था।
गांव के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने श्री मरार को विभागीय योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी, नगौई में आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग तथा ग्राफ्टेड बैंगन रोपण के लिए कुल 46 हजार रुपये का विभागीय अनुदान मिला।
इन संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन की मदद से श्री मरार ने खेती के तरीके में बदलाव किया। अब वे वर्ष में दो से तीन फसलें लेते हैं और वर्तमान में भिंडी की खेती से भी आय अर्जित कर रहे हैं। विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित वार्षिक आय पहले लगभग 45 हजार रुपये थी, जो अब लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है। वे गांव के अन्य किसानों को भी खेती से जुड़ी जानकारी देते हैं।
श्री मरार कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी मिलने पर उनका आधुनिक खेती के प्रति उत्साह बढ़ा। वे आगे भी विभागीय मार्गदर्शन लेकर खेती करना चाहते हैं और मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।

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