बाँकी मोगरा :– आज से दुर्गा पूजा उत्सव नवरात्र का पहला दिन शुरू हो रहा है। बीते कल रविवार को क्षेत्र के सभी पंडालों समेत कुदरी पारा के दुर्गा पंडाल में मां भगवती विराजमान हो गईं है।
विधि-विधान से आंख से पट्टिका हटाकर मां भगवती की आराधना आज से शुरू हो जाएगी। यह नवरात्र की नवमी तिथि तक चलेगा। दशहरा के दिन देवी प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी।
बाँकी मोगरा क्षेत्र के कुदरी पारा दुर्गा पूजा समिति द्वारा पंडाल में देवी की प्रतिमा विराजमान कराने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण का भव्य रैली निकाल देवी की प्रतिमा का स्वागत करते हुए बड़े हर्ष के साथ प्रतिमा विराजमान कराया गया।
प्रथम दिन की प्रथम आरती सफाई कर्मीयों द्वारा होगी कोरबा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, हनुमान जी के अनन्य भक्त संत धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में कोरबा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज की सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे— जो सामाजिक समरसता और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगा।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 मार्च को 21 हजार माताओं-बहनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने का संकल्प लिया गया है, जिससे पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।
इस अवसर पर मंच से मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज के समाज का मार्गदर्शन है। बजरंग बली के अनन्य भक्त धीरेंद्र शास्त्री अपनी वाणी से भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि विश्व को सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है और हम से बड़ा हमारा संगठन है। हम सब एक ही विचारधारा के यात्री हैं। श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।” उन्होंने इस पावन कार्य के लिए सभी को चुने जाने पर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन को भव्य बनाने का आह्वान किया। समाजसेवी सुबोध सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महायज्ञ है। कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा, कोई अपने अनुभव और श्रम से योगदान देगा— तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।
आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता, ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” को सतत एवं निर्बाध रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ग्रहण की। नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोरबा में श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार सजने जा रहा है और वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख धर्मपरायण श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें, तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।
इस महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखे जाएं— बड़ी राशि देने वालों से लेकर सामान्य श्रद्धालु तक अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग कर सकें। इसके लिए डिजिटल माध्यम (क्यूआर कोड) जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है। पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का दायित्व लेते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी— जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।
स्वयं अपने हाथों से भोग-प्रसाद बांटा कोरबा। बुधवारी महाराणा प्रताप नगर चौक के पास स्थित श्री गजानन सांई मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी संयुक्त महाराष्ट्र सेवा मंडल एवं गणेश सेवा समाज के तत्वावधान में श्री गजानन महाराज प्राकट्य दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया ।
श्री गजानन महाराज प्रकट दिवस समारोह में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी पहुँचे । इन्होंने गजानन महाराज जी सहित मंदिर में स्थापित सभी देवी देवताओं की विधि विधान के साथ पूजा – अर्चना करते हुए कोरबावासियों के वैभव, ऐश्वर्य, उन्नति, प्रगति, स्वास्थ्य, सुख – शांति एवं समृद्धि के लिए कामना की।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि श्री गजानन विजय ग्रंथ अपने आप में एक सिद्ध ग्रंथ है, जिसका पारायण करने से मनोरथ पूरी होती है । श्री अग्रवाल ने कहा कि संयुक्त महाराष्ट्र सेवाएं मंडल, गणेश सेवा समाज के द्वारा प्रतिवर्ष श्री गजानन महाराज प्रकट दिवस समारोह मनाया जाता है, जहॉं मुझे आने का अवसर मिलता है । मैं संयुक्त महाराष्ट्र सेवा मंडल एवं गणेश सेवा समाज के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ । इस मौके पर श्री अग्रवाल ने भण्डारे में प्रसाद वितरण किया और प्रसाद ग्रहण भी किया ।
नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ,एजेंसी। देशभर के कई हिस्सों में गुरुवार को भी मकर संक्रांति मनाई जा रही है। संक्रांति को लेकर गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी प्रमुख नदियों के तटों पर लाखों लोग सुबह से डुबकी लगा चुके हैं। प्रयागराज माघ मेले में आज मकर संक्रांति का स्नान पर्व है। संगम में शाम बजे तक 91 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। आज करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
पतंगबाजी से 17 लोगों की मौत
मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के दौरान लगातार हादसे भी सामने आ रहे हैं। बीते दो दिनों में गुजरात में में 9 और राजस्थान में 6, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में 1-1 लोगों की मौत हो चुकी है।
यूपी के वाराणसी के गंगा घाट और पश्चिम बंगाल के गंगासागर में स्नान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी है। पंजाब के अमृतसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री दरबार साहिब में पवित्र स्नान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मकर संक्रांति के अवसर पर अपने आवास पर गायों को चारा खिलाया।
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक हुआ। भस्म आरती में भी तिल चढ़ाया गया और तिल के लड्डुओं का भोग लगा।
PM आवास पर दुर्लभ पुंगनूर नस्ल की छोटी-छोटी गायें हैं, जिन्हें मोदी हर साल मकर संक्रांति पर खिली धूप में हरा चारा खिलाते हैं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान करने के लिए जमा हुए।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह खिचड़ी चढ़ाकर मकर संक्रांति की शुरुआत की।