Connect with us

कोरबा

डीएमएफ की लाखों रूपए की राशि से निर्मित सीसी रोड की एक साल में ही दुर्गति

Published

on

जनपद पंचायत पाली की ग्राम पंचायत बुड़बुड़ के छिंदपारा का मामला
ग्रामीण बोले- यह सड़क नहीं बल्कि लूट की तस्वीर है!
सरपंच-सचिव व अधिकारियों- कर्मचारियों की मिलीभगत से चढ़ा भ्रष्ट्राचार की भेंट
उखड़ रही गिट्टियों से लोगों का पैदल चलना हुआ दूभर
खनिज न्यास निधि के पैसों से बना सीसी रोड एक साल में ढहा, ग्रामीण बोले- यह सड़क नहीं, लूट की तस्वीर है


पाली/कोरबा।
सरकार पंचायतों की कायाकल्प करने के लिए हर साल लाखों करोड़ों रुपए फंड जारी करती है। वहीं कोरबा कोयला व विद्युत उत्पादन जिला होने के कारण इसके राजस्व के रूप में मिलने वाली राशि को खनिज न्यास निधि के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा पंचायतों के विकास हेतु मांग के अनुरुप हस्तमुक्त निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाती है। जिसमें अधिकतर सीसी रोड, नाली, पुलिया, रिटर्निंग वाल की मांग प्रमुख रहती है। लेकिन शासन- प्रशासन द्वारा ग्राम विकास के लिए लाखों- करोड़ों रूपये पानी की तरह बहाने के बाद भी ग्रामीण जनता को इसका लाभ सही तौर पर नहीं मिल पाता। कारण है घटिया निर्माण, क्योंकि ग्रामों के निर्माण कार्यों पर सरपंच- सचिव और संबंधित अधिकारियों- कर्मचारियों की आपसी मिलीभगत से बड़े पैमाने पर भ्रष्ट्राचार को अंजाम दिया जाता है। यही कारण है कि ग्राम विकास पर लाखों करोड़ों फूंकने के बाद भी गांवों की स्थितियां जस की तस बनी हुई है। इसी तरह का एक मामला पाली जनपद की ग्राम पंचायत बुड़बुड का आश्रित मोहल्ला छिंदपारा का सामने आया है। जहां निर्मित लाखों का सीसी रोड एक वर्ष भी टिक नही पाया और उक्त सड़क से भ्रष्ट्राचार की भर-भर गिट्टियां बाहर झांकने लगी हैं। जिसमें ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।


जिले के पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बुड़बुड़ के छिंदपारा में लाखों के सीसी सड़क निर्माण में जमकर भ्रष्ट्राचार किया गया। जिसके कारण निर्मित सड़क एक वर्ष भी टिक नहीं पाया और घटिया निर्माण से गिट्टियां उखड़कर बाहर आ गई हैं। जिसके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हंै। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबित
निर्माण कार्य के समय कार्यस्थल का निरीक्षण करने इंजीनियर कभी नहीं पहुँचा और वातानुकुलित कक्ष में बैठे- बैठे एसडीएओ ने कार्य का सत्यापन कर दिया तो जनपद अधिकारी ने पंचायत को घटिया निर्माण कार्य का पूरा भुगतान भी कर दिया। उक्त निर्माण को लेकर संबंधित अधिकारियों को कोई मतलब नहीं रहा, उन्हें मतलब था तो केवल अपने- अपने कमीशन से, काम चाहे कैसा भी हो, कमीशन मिलते ही घटिया काम भी अच्छा हो गया और अधिकारी वर्ग ने उसे बिना देखे ही मूल्यांकन, सत्यापन व राशि भुगतान कर दिया। किन्तु सरपंच- सचिव और जनपद व आरईएस अधिकारी- कर्मचारियों के आपसी सांठगांठ से छिंदपारा में निर्मित लाखों का यह सीमेंट कांक्रीट सड़क भ्रष्ट्राचार का भेंट जरूर चढ़ गई। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़क इतनी जल्दी खराब कैसे हो गई? उनका सीसी रोड में दोपहिया वाहन के अलावा किसी भी प्रकार के भारी वाहन नहीं चलते, फिर भी एक वर्ष में ही सड़क पूरी तरह से जर्जर होकर गिट्टियां बाहर आ गई हंै सड़क की गिट्टी पैदल चलने पर पैरों में चुभती हैं।


बड़े-बड़े हाईवा चलते हैं, जिसके कारण सड़क उखड़ गई- सचिव पूनम बैसवाड़े
इस संबंध में सचिव पूनम बैसवाड़े ने कहा कि छिंदपारा के नवनिर्मित सीसी रोड में बड़े-बड़े हाईवा चलते हैं, जिसके कारण सड़क की दुर्गति हो गई। उन्होंने कहा कि गाड़ी मालिक की पहुंच ऊपर तक है और मना करने से नहीं मानता। सीसी रोड में भारी वाहन मनाही है, यह सचिव का बेतुका बयान है। उन्होंने सड़क की दुर्गति स्वीकारी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

केचुली देखकर रोका सामान हटाने का काम, अंदेशा सही निकला, पाइप में छिपा था 6 फीट का विशालकाय कोबरा

Published

on

कोरबा। बुधवारी के खुशबू इलेक्ट्रॉनिक शॉप के स्टोर रूम में सामान हटाने के दौरान सांप की केचुली मिलने से लोगों में हड़कंप मच गया,केचुली देखकर स्टोर रूम में कोबरा सांप होने की संभावना जताई गई, जिसके चलते सामान हटाने का काम तत्काल रोक दिया गया। आसपास मौजूद लोगों में भी सांप को लेकर चिंता बढ़ गई, जिसके बाद अभिषेक ने इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख (नोवा नेचर) एवं वन विभाग सदस्य जितेंद्र सारथी को दिया गया, जिस पर उन्होंने थोड़ी देर में पहुंचने की बात कही, फिर मौके स्थल पर पहुंच कर सांप की मौजूदगी की आशंका के बीच रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय लोगों ने सावधानीपूर्वक स्टोर रूम का सामान हटाना शुरू किया, एक-एक कर सामान हटाने के दौरान आखिरकार वही हुआ जिसका अंदाजा लगाया जा रहा था, करीब 6 फीट लंबा विशालकाय कोबरा सामने दिखाई दिया।

कोबरा दिखाई देने के बाद वह अचानक पाइप के अंदर घुस गया, इससे रेस्क्यू अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया, टीम ने धैर्य और सावधानी के साथ रेस्क्यू कार्य जारी रखा।

पाइप में छिपे कोबरा को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए करीब एक घंटे तक कड़ी मेहनत की गई, पानी की सहायता से सांप को पाइप के दूसरे सिरे से बाहर निकाला गया, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया।

जितेंद्र सारथी की टीम ने आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए करीब 6 फीट लंबे कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे थैले में रखा, सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

रेस्क्यू के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में पुनः छोड़ दिया गया,इस दौरान वन्यजीव को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया।

Continue Reading

कोरबा

अविनाश तिवारी बने कोरबा के द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-श्रम न्यायाधीश का भी दिया गया अतिरिक्त प्रभार

Published

on

कोरबा। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अविनाश तिवारी को कोरबा का द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया हैं, साथ ही उन्हें श्रम न्यायाधीश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया हैं।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा के न्यायिक अधिकारियों की नई पदस्थापना को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश के तहत कोरबा श्रम न्यायालय-II में पदस्थ श्रम न्यायाधीश अविनाश तिवारी को पदोन्नति के बाद कोरबा में द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पद पर पदस्थ किया गया है।
हाईकोर्ट से जारी अधिसूचना क्रमांक 837/Confdl./2026, 11 सितंबर के अनुसार श्री तिवारी को नई न्यायिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें श्रम न्यायाधीश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

  • पदोन्नति के साथ बढ़ी न्यायिक जिम्मेदारी
    आदेश के मुताबिक अविनाश तिवारी अपनी नई जिम्मेदारी पदभार ग्रहण करने की तिथि से संभालेंगे। उनकी नई पदस्थापना के बाद कोरबा जिला न्यायालय में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में न्यायिक व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
    हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव के हस्ताक्षर हैं। आदेश में संबंधित न्यायिक अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • कोरबा न्यायिक व्यवस्था में अहम नियुक्ति
    अविनाश तिवारी लंबे समय से न्यायिक सेवा में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अब उन्हें जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने से कोरबा की न्यायिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही श्रम न्यायाधीश का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने से श्रम संबंधी मामलों की न्यायिक जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।
    हाईकोर्ट के 11 सितंबर के आदेश के बाद अब अविनाश तिवारी के कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही कोरबा में द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में उनकी नई पारी शुरू होगी !

Continue Reading

कोरबा

चोरी की जानकारी दुकान मालिक को देने से नाराज होकर युवक पर जानलेवा हमला करने वाले 03 आरोपियों व 01 नाबालिग गिरफ्तार

Published

on

सख्त पुलिस कार्यवाही: बांकीमोंगरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
कोरबा। प्रार्थी अजय सिदार (उम्र 23 वर्ष, निवासी चाकाबुड़ा छिछमेपारा, थाना बांकीमोंगरा) ने 10-09-2026 को थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 09-09-2026 की सुबह लगभग 4:00 बजे उसने गांव के सल्हिापारा स्थित एक दुकान के पुराने घर से कान्हा अगरिया, बिज्जू और सोनू अगरिया को चोरी का सामान ले जाते देखा था, जिसकी सूचना उसने दुकान मालिक को दे दी थी।

इसी रंजिश में दिनांक 09-09-2026 की रात लगभग 9:00 बजे तालाब के पास चारों आरोपियों (कान्हा अगरिया, बिज्जू, सोनू अगरिया एवं 01 विधि से संघर्षरत बालक) ने प्रार्थी को घेर लिया और दुकान मालिक को बताने की बात पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नियत से हाथ, मुक्का व लात से लगातार मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने प्रार्थी का गला दबोच लिया तथा विधि से संघर्षरत बालक ने हाथ में पहने कड़े (चूड़ा) से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे प्रार्थी का सिर फूट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

  • अपराध क्र.: 176/2026, धाराएं: 296, 115(2), 351(3), 3(5), 109(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS)

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

  • कन्हैयालाल अगरिया उर्फ कान्हा (पिता: राजेंद्र सिंह अगरिया, उम्र: 19 वर्ष)
  • विजय कुमार अगरिया उर्फ बिज्जू (पिता: समार सिंह, उम्र: 20 वर्ष)
  • राहुल सिंह अगरिया उर्फ सोनू (पिता: समर्थ सिंह अगरिया, उम्र: 20 वर्ष)
  • 01 विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग)

विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपियों को हिरासत में लिया गया। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार करने पर विधिवत कानूनी कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677