छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के 5 लोगों की मौत…2 को पिकअप ने कुचला:MP में कोरबा के ट्रांसपोर्टर मां-बेटे की गई जान, बालोद में भी एक की मौत
राजनांदगांव,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 3 अलग-अलग सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। राजनांदगांव जिले में एक पिकअप ने बाइक सवार 2 दोस्तों को कुचल दिया। दोनों की मौके पर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों दोस्त मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर घर लौट रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए।
वहीं, कोरबा जिले के गेवरा-दीपका क्षेत्र में एक ट्रांसपोर्टर और उनकी मां की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा मध्य प्रदेश के चित्रकूट के पास हुआ। कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
ट्रांसपोर्टर अपनी मां और मौसा के साथ पंजाब अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने जा रहे थे। इसी तरह, बालोद जिले में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है।

पिकअप मालवाहक और बाइक आमने-सामने टक्कर में दो की मौत
पहला हादसा: डोंगरगढ़ में दो युवकों की मौत
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई। 27 सितंबर सुबह 10 बजे की घटना है। मुंदगांव में एक पिकअप ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 2 युवकों की जान चली गई। मामला डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र का है।
बताया जा रहा है कि दोनों युवक मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पिकअप और बाइक फुल स्पीड में थी। हादसे के बाद पिकअप ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गया।

मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर घर लौट रहे युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई।
भिलाई के रहने वाले थे दोनों मृतक
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल डोंगरगढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतकों की पहचान अमित साहनी (कृष्णा नगर) और सचिन यादव (कुरूद, भिलाई) के रूप में हुई है। दोनों मृतक भिलाई के रहने वाले थे।
डोंगरगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि फरार ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

डोंगरगढ़ में टक्कर के बाद पिकअप वाहन पलट गया।
दूसरा हादसा: कोरबा के ट्रांसपोर्टर और मां की मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में मौत
कोरबा जिले के ट्रांसपोर्टर अमन बाजवा उर्फ तलविंदर सिंह (34) और उनकी मां की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा मध्य प्रदेश के चित्रकूट के पास बुंदेलखंड नेशनल हाईवे पर हुआ। अमन अपनी मां और मौसा के साथ स्कॉर्पियो कार में अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने पंजाब जा रहे थे।
इसी दौरान चित्रकूट के पास, बुंदेलखंड नेशनल हाईवे पर सामने से आ रहे वाहन से बचते हुए उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में अमन और उनकी मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके मौसा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।

मप्र में कोरबा के ट्रांसपोर्टर और उनकी मां की सड़क हादसे में मौत
अमन बाजवा की 100 से अधिक गाड़ियां चलती हैं
अमन बाजवा दीपका थाना क्षेत्र के झाबर गांव के रहने वाले थे और कोयला ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करते थे। उनकी 100 से अधिक गाड़ियां चलती हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे।
तीसरा हादसा: बालोद में बाइक सवारों को कार ने मारी टक्कर, एक की मौत
बालोद जिले में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि सिर, चेहरे, पैर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें और अधिक खून बहने से मौत हुई है। मामला पुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम चिटौद का है।
जानकारी के अनुसार, चंदनबिरही निवासी किशुन साहू (62) की मौत हुई है, जबकि साथी भैय्या राम सोरी (60) घायल है। दोनों साथी बाइक से चिटौद बाजार जा रहे थे। चंदनबिरही मोड़ स्थित पुट्टू ढाबा के पास पुरूर की ओर से आ रही कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
दोनों को गंभीर हालत में धमतरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान किशुन साहू की मौत हो गई। भैय्या राम सोरी का इलाज जारी है।

बालोद में चिटौद के पास कार-बाइक की टक्कर, एक की मौत, दूसरा घायल
पुलिस बोली-कार ड्राइवर के खिलाफ FIR
पुरुर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार कंवर ने बताया कि कार ड्राइवर के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 और बीएनएस की धारा 125(ए) और 281 के तहत मामला दर्ज किया गया है। किशुन साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई, इसलिए अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाएंगी।
छत्तीसगढ़
रायपुर : ’विशेष लेख’ : ’मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ : ’आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान’
- धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक’
- सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक’
छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे।

’क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है।
’28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत’
राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है।
’किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ’
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं।
योजना से होने वाले प्रमुख फायदे
सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है।
’आसान किस्तों में भुगतान’
बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है।
’बिजली विच्छेदन का खतरा कम’
बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।
’मानसिक तनाव से राहत’
लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है।
’योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें’
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है।
’योजना की अवधि’
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।
’जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण’
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।
छत्तीसगढ़
रायपुर : सुशासन तिहार : संवेदनशील शासन, त्वरित समाधान और जन-विश्वास का नया अध्याय
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-सरोकारों से जुड़ा एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास की एक नई और अटूट कड़ी स्थापित की है। सुदूर वनांचलों से लेकर नगरीय निकायों तक, सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है।

जनता के द्वार पहुंची सरकार
सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने की विवशता से मुक्ति दिलाई है। प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुँचकर शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के आवेदन सीधे स्वीकार कर रहा है। इन समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जो साय सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन
शिविरों के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा स्वरूप देखने को मिल रहा है। पेयजल संकट के समाधान हेतु तत्काल नए हैंडपंपों की स्वीकृति हो या अतिरिक्त राशन दुकान, सड़क, बिजली और आवास से जुड़े मामले, निर्णय मौके पर ही लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि जन-समस्याओं का समाधान समय-सीमा के भीतर हो। इसी के अनुरूप जिला प्रशासनों को जवाबदेह बनाते हुए अधिकारियों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने हेतु निर्देशित किया गया है।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा सीधा लाभ
राज्य सरकार की योजनाओं का केंद्र बिंदु समाज का वंचित वर्ग है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों को पक्की छत मिल रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि, आधुनिक उपकरण और सिंचाई सुविधाओं का लाभ निरंतर मिल रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान किताब और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का तत्काल वितरण सरकार की क्रियान्वयन शक्ति को दर्शाता है।
प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा संदेश दिया है कि जन-समस्याओं के प्रति लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं का फीडबैक लेना प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी गंभीरता को रेखांकित करता है, जिससे नागरिकों में शासन के प्रति गहरा भरोसा जगा है।
जनभागीदारी से सुदृढ़ होता लोकतंत्र
इस अभियान ने शासन व्यवस्था को अधिक सहभागी और जन-केंद्रित बनाया है। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सुशासन तिहार को लोकतंत्र के वास्तविक उत्सव में बदल दिया है। यह पहल केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का माध्यम बन रही है।
नए छत्तीसगढ़ की आधारशिला
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा छत्तीसगढ़ की सर्वाेच्च प्राथमिकता बन गई है। सुशासन तिहार इसी विजन का मूर्त रूप है। आज जब गांवों में समय पर समस्याओं का समाधान और योजनाओं का पारदर्शी लाभ मिल रहा है, तो यह विश्वास और भी प्रबल हो रहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से सुशासन और जनकल्याण के एक स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे संकल्पों की सिद्धि का एक महापर्व है। हमारी सरकार का मूल मंत्र है- ‘‘जनता की सेवा ही सर्वाेच्च प्राथमिकता‘‘ । विगत कुछ समय से आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में जिस तरह आप सभी की सक्रिय भागीदारी दिख रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि अब शासन और जनता के बीच की दूरियां मिट चुकी हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब आपको अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं आपके द्वार खड़ा हो।
कोरबा
बांकीमोंगरा क्षेत्र का निगरानी बदमाश धरम पुलिस के गिरफ्त में,,, 40 से अधिक अपराध दर्ज बांकी थाने में, इस बार कर दी 40 लाख का लोहा चोरी….देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बांकी मोंगरा :- कुछ माह पहले दिनांक 17 फरवरी को प्रार्थी अनीश कुमार सिंह पिता शतेन्द्र सिंह निवासी कटघोरा स्थाई पता सुल्तानपुर उत्तरप्रदेश ने थाना बाँकी मोगरा पहुंच लिखित शिकायत दर्ज कराया कि आर. एस. इन्फा प्रोजेक्ट कंपनी द्वारा सुराकछार से सेन्दुरगढ़ पसान तक निर्माणाधीन रेलवे लाईन में ओवर हेड इलेक्ट्रिकल विद्युत पोल गड़ाकर विद्युत लाईन बिछाकर कार्य किया जा रहा था जिसमें चोरी द्वारा बड़ी मात्रा में समानों की चोरी कर ली गई है जिसकी मशरूका लगभग 42 लाख रुपए है ।
चोरी की गई समान में लगभग 100 नग रेलवे विद्युत खंभा और लोहे के अन्य बहुत सारे समान चोरी कर ली गई है जो बांकी 04 नंबर बायपास रोड किनारे स्थित वैचिंग प्लांट के पास डम्प कर रखा गया था ।

शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी बाँकी मोगरा चमन लाल सिंहा ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जिनके दिशा निर्देश पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 35/2026 धारा 303 (2), 3 (5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, विवेचक सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव के विवेचना के दौरान प्रकरण में चोरी गई मशरूका रेलवे विद्युत खंभा का थाना अकलतरा में धारा 106 बीएनएस के प्रकरण में ट्रक क. सीजी 10 आर 1744 के साथ जप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई जो प्रार्थी गवाहों के साथ जाकर तस्दीक किया गया जो सही पाया गया ।
ट्रक वाहन स्वामी से पूछताछ पर बताया गया कि धरम सिंह राजपूत निवासी बांकीमोंगरा एवं फिरोज उर्फ राजा खान निवासी कुसमुण्डा के द्वारा उक्त ट्रक को कोयला ट्रांसपोर्टिंग हेतु किराये में लिया गया था, पर वाहन का चालक अशोक चौहान उन आरोपियों के साथ मिलकरउसमें चोरी का सामान ले गए थे।
• निगरानी बदमाश आरोपी धरम राजपूत पर बांकी थाने में पूर्व से अब तक लगभग 40 अपराधिक मामले दर्ज है, जिसमें चोरी, डकैती, लूटपाट, गोली कांड, लोहा चोरी, कोयला चोरी जैसी बहुत सारे संगीन मामले दर्ज है।
• आरोपी फिरोज उर्फ राजा खान जो पूर्व में डीज़ल चोरी का सरगना एवं महारत हासिल कर चुका है ।
आरोपियों की जानकारी के बाद आरोपी धरम राजपूत और फिरोज उर्फ राजा खान फरार चल रहे थे, 13/05/2026 को स्थाई वारंट पता तलाश हेतु टीम गठित कर ग्राम पाली रवाना किया गया था जहां मुखबीर के सूचना पर प्रकरण के आरोपी धरम सिंह राजपूत एवं राजा खान उर्फ फिरोज को हिरासत में ले लिया गया और थाना लाकर पूछताछ किया गया जिसमें दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना करना स्वीकार कर लिया, आरोपी धरम सिंह राजपूत के निशादेही पर अपराध में प्रयुक्त गैस सिलेण्डर, कटर को जप्त किया गया एवं आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय कटघोरा में पेश किया गया जहां से दोनों आरोपियों को उपजेल कटघोरा में दाखिल कर दिया गया है।

मिली जानकारी अनुसार रेलवे का सामान चोरी करने के बाद उसे खपाने चांपा की ओर गए थे जहां इतने संख्या में चोरी का सामान खपत न होने के कारण उसका सारा चोरी का सामान आरोपियों के द्वारा अमरताल के नहर में पलटी कर दिया गया था जहां से उस सामान को अकलतरा थाना द्वारा कब्जे में लिया गया था जो अब अकलतरा थाने में जप्त है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बांकीमोंगरा निरीक्षक चमन सिन्हा, सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव, नरेन्द्र टेकाम, प्र.आर. राजेश कंवर, आर. रोहित राठौर, आर. हरीश मरावी, आर रघुवीर प्रताप की भूमिका सराहनीय रही।
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