रायपुर, एजेंसी। रायपुर में ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। 5 मई की रात 36 मॉल के पास कार सवार नमन जग्गी IPL मैच में पैसे लगवा कर ऑनलाइन सट्टा खिलवा रहा था। पुलिस को सूचना मिली तो उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का मोबाइल चेक करने पर पता चला कि ऑनलाइन बैटिंग साइट्स Gold777.Com नाम की आईडी. से इसका संचालन कर रहा था। इसी आईडी से राजेंद्र नगर के रहने वाले आयुष जैन और गोलबाजार निवासी मोह. सरफराज मामदानी भी सट्टा खिलवा रहे थे। पुलिस ने उन दोनों को भी पकड़ा है।
बताया जा रहा है, शहर के कुछ बड़े कारोबारी और सर्राफा व्यापारी भी इस नेटवर्क से जुड़े हैं, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। आरोपियों के कब्जे से कार और मोबाइल जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 55 लाख रुपये हैं।
आरोपी नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज
आयुष जैन का भाई पीयूष जैन भी पकड़ा गया
इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से सट्टा-पट्टी, 5 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और 2 कार जब्त किए गए हैं, जिसकी कुल कीमत 55 लाख है।
31 जनवरी को गंज थाना पुलिस ने आयुष जैन के भाई पीयूष जैन को 37 लाख कैश के साथ पकड़ा था। सभी आरोपियों के करोड़ों रुपए के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
IPL मैच से पहले सट्टा खिलवा रहे थे आरोपी।
सराफा-होटल कारोबारियों से संपर्क
शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि, इस नेटवर्क के तार शहर के कुछ बड़े कारोबारियों और सर्राफा व्यापारियों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इन एंगल्स पर भी जांच कर रही है, ताकि पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके।
इस आईडी से चला रहे थे सट्टा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी jmdbet777.com AllpaneleXch9.co और silverbet777.club नाम से सट्टा संचालन कर रहे थे, जिसमें लोगों को जोड़ा जाता था।
यह नेटवर्क सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए तेजी से फैलाया जा रहा था। पुलिस को लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद निगरानी कर कार्रवाई की गई।
आरोपियों में ये शामिल
नमन जग्गी (36), पिता नवीन जग्गी, निवासी जग्गी कॉम्पलेक्स रायपुर
आयुष जैन (30) पिता सुनील जैन, निवासी न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर
मोह. सरफराज मामदानी (35) पिता मोह. युनुस, गोलबाजार रायपुर
4 महीने में 74 आरोपी पकड़ाए
साल 2026 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब तक 15 केस में 74 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से नगदी रकम 67 लाख कैश, 217 मोबाइल फोन, 20 लैपटॉप, 10 चारपहिया गाड़ी, 4 दोपहिया गाड़ी सहित सभी सामान की कीमत लगभग साढ़े 3 करोड़ रूपये हैं।
बाबू खेमानी को रायपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था।
17 अप्रैल को बाबू खेमानी की हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले, 17 अप्रैल को रायपुर के इन्फ्लुएंसर और सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को रायपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही 6 और आरोपी भी पकड़े गए हैं। उनके कब्जे से BMW समेत 60 लाख का सामान जब्त हुआ था।
जांच में खुलासा हुआ था कि, खेमानी के बहुत फॉलोअर थे, जिसका फायदा उठाकर हाई प्रोफाइल सट्टा खेलने वालों लोगों से संपर्क किया। उसने महादेव ऐप की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ ऑनलाइन वेबसाइट शुरू किया था। जानकारी के मुताबिक, उसके रिश्तेदार इसे ऑपरेट कर रहे थे।
खेमानी दबाव बनाकर सट्टे का पैसा वसूलता था। रायपुर पुलिस के दबाव के कारण उसने दूसरे राज्यों में ऑनलाइन सट्टा खिलाना शुरू कर दिया था। पुलिस इसके विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
दुबई कनेक्शन और ललित मोदी से मुलाकात
जांच के दौरान बाबू खेमानी के नेटवर्क का एक अहम पहलू उसका दुबई कनेक्शन भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस की पूछताछ और जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, खेमानी की विदेश यात्राएं सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उसके संपर्कों का दायरा देश से बाहर तक फैला हुआ था।
ऐसा माना जा रहा है कि दुबई प्रवास के दौरान बाबू खेमानी की मुलाकात आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित से भी हुई थी। खेमानी सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर किया है।
ललित मोदी वही शख्स हैं, जिन्होंने भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत की और क्रिकेट के इस फॉर्मेट को एक बड़े व्यावसायिक मॉडल में बदला।
हालांकि, इस मुलाकात का ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है और जांच एजेंसियां इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
लेकिन इस इनपुट के सामने आने के बाद पुलिस ने बाबू खेमानी के इंटरनेशनल कनेक्शन, विदेश यात्राओं और संभावित नेटवर्क को लेकर जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित के साथ नजर आया था बाबू खेमानी।
खुद को ‘सेलिब्रिटी’ समझता था खेमानी
पूरे मामले में जांच के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है। बाबू खेमानी खुद को एक ‘सेलिब्रिटी’ की तरह प्रोजेक्ट करता था। बाबू का असली नाम गुलशन खेमानी है, लेकिन बाबू खेमानी के नाम से ही उसे पॉपुलैरिटी मिली।
सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी सिर्फ एक्टिव रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी इमेज बिल्डिंग का हिस्सा थी। वह लगातार हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल को दिखाने वाले पोस्ट करता था।
जैसे महंगी कारें, विदेश यात्राएं, पार्टियां और नेटवर्किंग ताकि फॉलोअर्स के बीच उसकी एक सफल और प्रभावशाली व्यक्ति की छवि बन सके।
इस दिखावे के जरिए वह खुद को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश करता था, जिसने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वह अपने फॉलोअर्स के बीच सिर्फ एक आम इंफ्लुएंसर नहीं, बल्कि एक ‘बड़ा नाम’ बनकर उभरना चाहता था।
इसी इमेज को मजबूत करने के लिए उसने क्रिकेट, खासकर आईपीएल से जुड़ा एक अलग एंगल तैयार किया।
बाबू खेमानी इस वीडियो में ललित मोदी की तारीफ कर रहा है।
बताया जा रहा है कि वह आईपीएल मैचों के दौरान “प्रिडिक्शन” के नाम पर लोगों को जोड़ता था और खुद को एक एक्सपर्ट के रूप में प्रेजेंट करता था। आसान भाषा में कहें तो वह खुद को ऐसा व्यक्ति दिखाता था, जिसे मैच की अंदरूनी समझ है और जो सटीक अनुमान लगाकर पैसा कमा सकता है।
इसी के जरिए वह लोगों को आसान कमाई का लालच देता था। प्रिडिक्शन और टिप्स के नाम पर फॉलोअर्स को अपने टेलीग्राम लिंक से जोड़ता था, जहां से आगे उन्हें सट्टा नेटवर्क में एंट्री दी जाती थी।
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। जिस बेटे को देश के लिए मेडल जीतने के काबिल बनाने के लिए मां ने अपना मंगलसूत्र तक गिरवी रख दिया और पिता ने मजदूरी कर उसकी पढ़ाई, डाइट और जिम का खर्च उठाया, आज वही बेटा सरकारी मदद के इंतजार में टूट गया है।
छत्तीसगढ़ के पैरा आर्म रेसलर श्रीमंत झा कहा कि अगर इस बार भी उन्हें शहीद राजीव पांडे पुरस्कार और सरकारी नौकरी नहीं मिली, तो वह अपने 67 इंटरनेशनल मेडल नीलाम कर देंगे। इससे मिली रकम से माता-पिता का कर्ज चुकाएंगे।
श्रीमंत ने यह बात 15 अगस्त को दुर्ग बटालियन में आयोजित मुख्य समारोह में सम्मानित होने के बाद कही है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने उनका सम्मान किया। श्रीमंत जन्म से दिव्यांग हैं। पिछले करीब 15 साल में उन्होंने भारत के लिए 67 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं। दावा है कि वह विश्व में नंबर-3 और एशिया में नंबर-1 पैरा आर्म रेसलर हैं।
श्रीमंत झा विश्व में नंबर-3 और एशिया में नंबर-1 पैरा आर्म रेसलर हैं।
श्रीमंत झा ने भारत के लिए 67 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ श्रीमंत झा की तस्वीर।
कहा- मेडल नीलाम कर कर्ज चुकाएंगे
श्रीमंत ने कहा कि अगर इस बार भी उन्हें शहीद राजीव पांडे पुरस्कार और सरकारी नौकरी नहीं मिली तो वह अपने 67 इंटरनेशनल मेडल सरकार को सौंपकर उन्हें नीलाम करने का कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि नीलामी से मिलने वाली रकम से छोटा कारोबार शुरू करेंगे और माता-पिता का कर्ज चुकाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने खेल छोड़ने की भी बात कही।
मां ने मंगलसूत्र गिरवी रखा, पिता ने मजदूरी कर उठाया खर्च
श्रीमंत ने बताया कि उनके खेल और पढ़ाई के सफर में परिवार ने काफी मुश्किलें झेली हैं। उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए मां ने अपना मंगलसूत्र तक गिरवी रख दिया। वहीं, पिता ने मजदूरी कर उनकी पढ़ाई, डाइट और जिम का खर्च उठाया।
परिवार को उम्मीद थी कि बेटा देश के लिए मेडल जीतेगा और आगे उसे सरकारी नौकरी मिलेगी, जिससे घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। इसी उम्मीद में परिवार पर कर्ज बढ़ता चला गया।
विजय बघेल, रमन सिंह और चिराग पासवान के साथ श्रीमंत झा की तस्वीर।
कई साल से भर रहे पुरस्कार का फॉर्म
श्रीमंत का कहना है कि वह कई सालों से शहीद राजीव पांडे पुरस्कार के लिए आवेदन कर रहे हैं। हर बार अपनी खेल उपलब्धियों के साथ फॉर्म जमा किया, लेकिन अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला।
उनका कहना है कि 67 इंटरनेशनल मेडल जीतने के बावजूद उन्हें न तो राज्य का यह खेल सम्मान मिला और न ही सरकारी नौकरी।
2032 पैरालंपिक का सपना भी टूट रहा
श्रीमंत का सपना 2032 पैरालंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है। पैरा आर्म रेसलिंग के पैरालंपिक में शामिल होने की उम्मीद के साथ वह इसकी तैयारी कर रहे थे, लेकिन परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ते कर्ज ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
कहा- नौकरी से 15 साल के संघर्ष को मिलेगा सम्मान
श्रीमंत झा छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले पैरा-आर्म रेसलर हैं। करीब 15 साल के खेल करियर में उन्होंने 67 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं। वह पैरा-आर्म रेसलिंग में विश्व नंबर-3 और एशिया नंबर-1 खिलाड़ी भी रह चुके हैं। श्रीमंत ने कई अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए मेडल जीते हैं।
श्रीमंत ने सरकार से अपील की है कि इस बार उनकी खेल उपलब्धियों और मेरिट के आधार पर उन्हें शहीद राजीव पांडे पुरस्कार और सरकारी नौकरी दी जाए। उनका कहना है कि इससे उनके माता-पिता के वर्षों के त्याग और उनके 15 साल के संघर्ष को सम्मान मिलेगा।
डार्विन, एजेंसी। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट में 9 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर यह उसकी पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने 57 रन का टारगेट चौथे दिन दूसरे सेशन में 9 विकेट रहते हासिल कर लिया।
इससे पहले बांग्लादेश ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया में दो टेस्ट खेले थे, लेकिन दोनों में उसे हार का सामना करना पड़ा था।
अब 3 टेस्ट में पहली जीत दर्ज कर बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया में सबसे कम मैचों में टेस्ट जीतने वाली एशियन टीम बन गई है। पाकिस्तान ने 7 और भारत ने 12 टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी, जबकि श्रीलंका 15 टेस्ट के बाद भी जीत का इंतजार कर रहा है।
हसन महमूद प्लेयर ऑफ द मैच
बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत के हीरो तेज गेंदबाज हसन महमूद और ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज रहे। महमूद ने मैच में कुल 9 विकेट चटकाए, जबकि मिराज ने 65 रन बनाने के साथ 5 विकेट भी अपने नाम किए।
दोनों टीमों के बीच 7 मैच खेले गए
बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक सात टेस्ट मैच खेले गए हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 5 मैचों में जीत हासिल की। जबकि बांग्लादेश ने दो मुकाबले जीते। टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से मैके में खेला जाएगा।
पहली पारी में बांग्लादेश ने बनाए 426 रन
ऑस्ट्रेलिया ने डार्विन में गुरुवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन टीम की पहली पारी 198 रन पर सिमट गई। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट चटकाए।
जवाब में बांग्लादेश ने पहली पारी में 426 रन बनाए। तंजिद हसन ने 101 रन की शानदार पारी खेली। यह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक था। नजमुल हुसैन शांतो ने 84 रन, जबकि मेहदी हसन मिराज ने 65 रन बनाए। इस तरह बांग्लादेश ने पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया पर 228 रन की बढ़त हासिल की।
कैमरन ग्रीन का शतक काम नहीं आया
ऑस्ट्रेलिया टीम पहली पारी में 198 रन पर आउट होने के कारण बांग्लादेश से 228 रन पीछे थी। चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी के स्कोर 161/4 से आगे खेलना शुरू किया और 284 पर ऑलआउट हो गई। ऐसे में बांग्लादेश को 57 रन का टारगेट मिला। दूसरी पारी में कैमरन ग्रीन ने 4 चौके और एक छक्के की मदद से 201 गेंदों पर 104 रन बनाए। ग्रीन के टेस्ट करियर का ये तीसरा शतक रहा।
मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट लिए
मेहदी हसन मिराज ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 5 विकेट लिए। उन्होंने एलेक्स कैरी को 30 रन पर लिटन दास के हाथों कैच कराया, इसके बाद बो वेबस्टर को 12 रन पर बोल्ड किया। फिर पैट कमिंस को 9 रन पर शॉर्ट लेग में कैच कराया। ग्रीन के 104 रन के शतक के बाद मेहदी ने उनकी पारी भी खत्म की और आखिर में नाथन लायन को 15 रन पर LBW कर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 284 रन पर समेट दी।
कोरबा। स्वतंत्रता दिवस पर एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना, कोरबा के तत्वावधान में एक बार फिर खेल के माध्यम से आजादी का उत्सव सेलिब्रेट किया जाएगा। 14 एवं 15 अगस्त को इंडिपेंडेंस कप 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना के अध्यक्ष डॉ संजय अग्रवाल ने बताया कि सभी श्रेणियों में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में विजेता और उपविजेता दोनों के लिए नकद पुरस्कार और ट्राफियां रखी गई हैं। स्पर्धा में भाग लेने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त है। एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना के सचिव मनीष गुप्ता ने बताया कि इस दो दिवसीय टूर्नामेंट के पहले दिन शुक्रवार, 14 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे से पुरुष एकल (आयु: 0-20) के मुकाबले होंगे। सभी मैच योनेक्स मेविस 350 शटलकॉक से खेले जाएंगे।
कोषाध्यक्ष सोनल फेलिक्स ने कहा कि टूर्नामेंट के दूसरे दिन 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर सुबह 9:00 बजे से पुरुष एकल (आयु: 20-35, 35-50 एवं 50 वर्ष से अधिक) और महिला एकल (खुली श्रेणी) में मुकाबले होंगे। इस श्रेणी के सभी मैच योनेक्स फेदर शटलकॉक से खेले जाएंगे।
एकलव्य स्पोर्ट्स एरिना के कोषाध्यक्ष सोनल फेलिक्स ने बताया कि प्रत्येक इवेंट के लिए कम से कम 8 खिलाड़ियों की अनिवार्यता है। स्वतंत्रता कप 2026 में भाग लेने वाले सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए केडीबीए आईडी अनिवार्य है।