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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

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  •   डॉ. दानेश्वरी संभाकर

  उप संचालक (जनसंपर्क)

 विशेष लेख : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

छत्तीसगढ़ में इन दिनों जब भी सामूहिक विवाह समारोहों में शहनाइयां गूंजती हैं, तो वह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन में बंधने का अवसर नहीं होता, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशील शासन व्यवस्था का जीवंत उत्सव बन जाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह योजना प्रदेश में सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली यह पहल वास्तव में “बेटियों के साथ सुशासन का आशीर्वाद” बनकर उभरी है।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने हजारों गरीब परिवारों की चिंताओं को कम करते हुए बेटियों के सपनों को नई पहचान दी है। यह योजना आज प्रदेश में सामाजिक समरसता, महिला सम्मान और जनकल्याण का ऐसा मॉडल बन चुकी है, जिसने यह साबित किया है कि शासन की योजनाएं यदि संवेदनशील सोच के साथ लागू हों, तो वे सीधे लोगों के जीवन में खुशियां ला सकती हैं।

एक योजना, जिसने बदली हजारों परिवारों की स्थिति

    गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों का विवाह अक्सर आर्थिक चिंता का बड़ा कारण बन जाता है। कई बार परिवार कर्ज लेने को मजबूर होते हैं, तो कई बार सामाजिक दबाव और फिजूलखर्ची उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की गई।
योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि विवाह को गरिमामय, सादगीपूर्ण और सामाजिक सहयोग का माध्यम बनाना है। यह योजना सामूहिक विवाहों को बढ़ावा देकर दहेज जैसी कुरीतियों पर भी प्रभावी रोक लगाने का काम कर रही है।
राज्य शासन ने योजना को और अधिक मानवीय स्वरूप देते हुए विधवा, अनाथ और निराश्रित कन्याओं को भी इसमें शामिल किया है, इससे यह योजना सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई है।

50 हजार रुपये की सहायता, सम्मान के साथ नई शुरुआत

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों तथा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के कार्डधारी परिवारों की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को लाभ प्रदान किया जाता है।
    प्रत्येक कन्या विवाह हेतु शासन द्वारा अधिकतम 50 हजार रुपये तक सहायता दी जाती है। इसमें वर-वधु के लिए श्रृंगार सामग्री, उपहार सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही 35 हजार रुपये की राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में दी जाती है, जिससे नवदंपति आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ अपने नए जीवन और खुशहाल की शुरुआत कर सकें। विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी प्रति कन्या 8 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है।

24 हजार से अधिक बेटियों के जीवन में आई नई खुशियां

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 24 हजार से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। यह केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की खुशी और राहत की कहानी है, जिनके लिए बेटियों का विवाह कभी बड़ी चिंता हुआ करता था।
    प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाहों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पहले ही संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई 2026 को आयोजित राज्यव्यापी सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत कर चुके हैं।
    8 मई 2026 को प्रदेशभर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों ने छत्तीसगढ़ को उत्सवमय बना दिया। रायपुर से लेकर दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक हजारों लोगों ने इन आयोजनों में भाग लिया। हर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सादगी के साथ विवाह सम्पन्न हुए।
    इन समारोहों की सबसे बड़ी खूबी इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह बंधन में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की संवेदनशील पहल

    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस योजना को प्रभावी और जनहितकारी स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेशभर में सुव्यवस्थित सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
    श्रीमती राजवाड़े लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हर आयोजन में नवदंपति और उनके परिजनों को गरिमापूर्ण वातावरण मिले। विवाह स्थलों की सजावट, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल सहायता योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सामाजिक समानता का अभियान है।

6412 जोड़ों का विवाह और विश्व रिकॉर्ड

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाई है। 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया और इसके लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
    यह उपलब्धि दर्शाती है कि सामूहिक विवाह केवल सामाजिक सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और जनभागीदारी की मजबूत मिसाल भी बन सकता हैं।

सुशासन का संवेदनशील चेहरा

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आज छत्तीसगढ़ में सुशासन के संवेदनशील और मानवीय स्वरूप का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को सम्मान, परिवारों को आत्मविश्वास और समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही है।

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कोरबा

बांकीमोंगरा क्षेत्र का निगरानी बदमाश धरम पुलिस के गिरफ्त में,,, 40 से अधिक अपराध दर्ज बांकी थाने में, इस बार कर दी 40 लाख का लोहा चोरी….देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकी मोंगरा :- कुछ माह पहले दिनांक 17 फरवरी को प्रार्थी अनीश कुमार सिंह पिता शतेन्द्र सिंह निवासी कटघोरा स्थाई पता सुल्तानपुर उत्तरप्रदेश ने थाना बाँकी मोगरा पहुंच लिखित शिकायत दर्ज कराया कि आर. एस. इन्फा प्रोजेक्ट कंपनी द्वारा सुराकछार से सेन्दुरगढ़ पसान तक निर्माणाधीन रेलवे लाईन में ओवर हेड इलेक्ट्रिकल विद्युत पोल गड़ाकर विद्युत लाईन बिछाकर कार्य किया जा रहा था जिसमें चोरी द्वारा बड़ी मात्रा में समानों की चोरी कर ली गई है जिसकी मशरूका लगभग 42 लाख रुपए है ।

चोरी की गई समान में लगभग 100 नग रेलवे विद्युत खंभा और लोहे के अन्य बहुत सारे समान चोरी कर ली गई है जो बांकी 04 नंबर बायपास रोड किनारे स्थित वैचिंग प्लांट के पास डम्प कर रखा गया था ।

शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी बाँकी मोगरा चमन लाल सिंहा ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जिनके दिशा निर्देश पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 35/2026 धारा 303 (2), 3 (5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, विवेचक सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव के विवेचना के दौरान प्रकरण में चोरी गई मशरूका रेलवे विद्युत खंभा का थाना अकलतरा में धारा 106 बीएनएस के प्रकरण में ट्रक क. सीजी 10 आर 1744 के साथ जप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई जो प्रार्थी गवाहों के साथ जाकर तस्दीक किया गया जो सही पाया गया ।

ट्रक वाहन स्वामी से पूछताछ पर बताया गया कि धरम सिंह राजपूत निवासी बांकीमोंगरा एवं फिरोज उर्फ राजा खान निवासी कुसमुण्डा के द्वारा उक्त ट्रक को कोयला ट्रांसपोर्टिंग हेतु किराये में लिया गया था, पर वाहन का चालक अशोक चौहान उन आरोपियों के साथ मिलकरउसमें चोरी का सामान ले गए थे।

निगरानी बदमाश आरोपी धरम राजपूत पर बांकी थाने में पूर्व से अब तक लगभग 40 अपराधिक मामले दर्ज है, जिसमें चोरी, डकैती, लूटपाट, गोली कांड, लोहा चोरी, कोयला चोरी जैसी बहुत सारे संगीन मामले दर्ज है।

आरोपी फिरोज उर्फ राजा खान जो पूर्व में डीज़ल चोरी का सरगना एवं महारत हासिल कर चुका है ।

आरोपियों की जानकारी के बाद आरोपी धरम राजपूत और फिरोज उर्फ राजा खान फरार चल रहे थे, 13/05/2026 को स्थाई वारंट पता तलाश हेतु टीम गठित कर ग्राम पाली रवाना किया गया था जहां मुखबीर के सूचना पर प्रकरण के आरोपी धरम सिंह राजपूत एवं राजा खान उर्फ फिरोज को हिरासत में ले लिया गया और थाना लाकर पूछताछ किया गया जिसमें दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना करना स्वीकार कर लिया, आरोपी धरम सिंह राजपूत के निशादेही पर अपराध में प्रयुक्त गैस सिलेण्डर, कटर को जप्त किया गया एवं आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय कटघोरा में पेश किया गया जहां से दोनों आरोपियों को उपजेल कटघोरा में दाखिल कर दिया गया है।

मिली जानकारी अनुसार रेलवे का सामान चोरी करने के बाद उसे खपाने चांपा की ओर गए थे जहां इतने संख्या में चोरी का सामान खपत न होने के कारण उसका सारा चोरी का सामान आरोपियों के द्वारा अमरताल के नहर में पलटी कर दिया गया था जहां से उस सामान को अकलतरा थाना द्वारा कब्जे में लिया गया था जो अब अकलतरा थाने में जप्त है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बांकीमोंगरा निरीक्षक चमन सिन्हा, सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव, नरेन्द्र टेकाम, प्र.आर. राजेश कंवर, आर. रोहित राठौर, आर. हरीश मरावी, आर रघुवीर प्रताप की भूमिका सराहनीय रही।

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छत्तीसगढ़

रायगढ़ : रामलला दर्शन योजना : रायगढ़ से 112 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आज रायगढ़ जिले के 112 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था भक्ति और उत्साह के साथ अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। वर्षों से प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन की अभिलाषा संजोए बुजुर्गों और ग्रामीणों के लिए यह अवसर किसी वरदान से कम नहीं था।

भक्तिमय विदाई और गगनभेदी जयघोष

श्रद्धालुओं को रायगढ़ जिला पंचायत परिसर से बसों के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन भेजा गया, जहाँ से वे विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या प्रस्थान करेंगे। इस जत्थे में 84 ग्रामीण और 28 शहरी क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं। रवानगी के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान रहा, जहाँ परिजनों ने भावुक मन से अपने प्रियजनों को विदा किया।

मुख्यमंत्री की पहल सपनों को मिले नए पंख

श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस योजना ने उन लोगों का सपना सच कर दिया है, जो आर्थिक बाधाओं के कारण अयोध्या जाने में असमर्थ थे। महिला श्रद्धालु ने कहा कि बचपन से रामायण में राम जन्मभूमि के बारे में सुना था, पर साक्षात दर्शन का सौभाग्य आज मिल रहा है। यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कई वृद्ध यात्रियों ने इसे प्रभु का साक्षात बुलावा बताते हुए शासन की इस पहल को सराहनीय बताया।

सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुखद यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। सभी यात्रियों का अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। यात्रा के दौरान निःशुल्क भोजन, आवास और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष टीम भी जत्थे के साथ भेजी गई है। जिला प्रशासन ने यात्रियों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सम्मानजनक तीर्थ यात्रा कराना है।

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छत्तीसगढ़

दुर्ग : किसान हित में बड़ा कदम: अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से 876 किसानों को मिलेगी निर्बाध बिजली

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दुर्ग। प्रदेश सरकार शासन किसानों की सुविधा, उनकी आय में वृद्धि और खेती को अधिक सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने के लिए लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। खरीफ फसल के दौरान सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध रहे और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे प्राथमिकता में रखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है। सरकार का प्रयास है कि बिजली खेती में बाधा नहीं, बल्कि किसानों की मजबूती का आधार बने।

आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन दुर्ग और विद्युत विभाग ने किसानों की सुविधा एवं सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कन्हारपुरी में 3.15 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक उर्जीकृत किया गया है। यह निर्णय क्षेत्र के किसानों के लिए राहतभरी सौगात माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा किए गए इस सुदृढ़ीकरण कार्य से धमधा वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम कन्हारपुरी, जातघर्रा, परसबोड़, खपरी, धरमपुरा, बिरझापुर और बसनी के लगभग 876 कृषि उपभोक्ताओं को अब बेहतर वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। कृषि पंपों के लिए अलग ट्रांसफार्मर की व्यवस्था किए जाने से ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे सिंचाई व्यवस्था अधिक सुचारू होगी और समय पर पानी मिलने से फसल नुकसान की आशंका भी कम होगी। किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके, इसके लिए विभाग द्वारा हर संभव तकनीकी कवायद की जा रही है ताकि जल का बेहतर उपयोग हो और खेती प्रभावित न हो। पूर्व में उपकेंद्र में 3.15 एमवीए एवं 05 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित थे। अब अतिरिक्त ट्रांसफार्मर जुड़ने से उपकेंद्र की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे आने वाले समय में बिजली आपूर्ति और अधिक मजबूत एवं स्थिर होगी। यह पहल न केवल किसानों को तत्काल राहत देगी, बल्कि उनकी उत्पादन क्षमता और आय बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े, यह विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रशासन और विद्युत विभाग की यह किसान हितैषी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में खेती को मजबूती देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

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