छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे।
’क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है।
’28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत’
राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है।
’किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ’
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं।
योजना से होने वाले प्रमुख फायदे
सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है।
’आसान किस्तों में भुगतान’
बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है।
’बिजली विच्छेदन का खतरा कम’
बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।
’मानसिक तनाव से राहत’
लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है।
’योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें’
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है।
’योजना की अवधि’
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।
’जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण’
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक संचालक जनसंपर्क तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद कोरबा को सदस्य बनाया गया है। अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न जनभागीदारी एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’, ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘जल जन सेवा संकल्प’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शासकीय अमले एवं उपलब्ध संसाधनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान आयोजित होने वाली प्रत्येक गतिविधि का फोटो एवं वीडियो अभिलेखीकरण करते हुए जिलेवार प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रचार-प्रसार एवं सोशल मीडिया गतिविधियों में शासन द्वारा निर्धारित हैशटैग, फ्रेम एवं लोगो का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी आयोजनों में वित्तीय मितव्ययिता बरतते हुए उपलब्ध शासकीय संसाधनों एवं अधोसंरचना का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय तथा निर्धारित कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग करेगी। अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए जनभागीदारी के माध्यम से सेवा एवं विकास गतिविधियों को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाना है।
कोरबा 10 सितंबर 2026। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशन में 8 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर में इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब के अंतर्गत रीजनल कॉन्फ्रेस ऑन ईएलसी एंड ईसीआईनेट का आयोजन किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार आयोजित उक्त कार्यक्रम के पूर्व तैयारी हेतु दिनांक 10.09.2026 को कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के उच्च अधिकारियों द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई। उक्त वीडियो कांफ्रेंस में श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सतीश प्रकाश सिंह सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी एवं विधानसभा स्तरीय ईएलसी नोडल अधिकारी सहायक प्राध्यापकगण,स्वीप नोडल अधिकारी, सामान्य निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित हुए। उक्ताशय की जानकारी देते हुए सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि राज्य स्तरीय वीडियो कांफ्रेंस में 8 अक्टूबर 2026 के रीजनल कॉन्फ्रेस की समुचित तैयारी तथा समस्त जिलों के स्कूलों, कॉलेजों एवं यूनिवर्सिटी में गठित इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब के गठन एवं ईसीआई नेट पर ऑनबोर्डिंग की स्थिति की समीक्षा की गई। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि राजधानी रायपुर में आयोजित किए जा रहे रीजनल कॉन्फ्रेस ऑन ईएलसी के कार्यक्रम में कोरबा जिले से प्रत्येक विधानसभा से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चिन्हांकित शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों, हाई स्कूल हायर सेकेंडरी, उच्च शिक्षण संस्थानों से चयनित किए जाने वाले युवा छात्र-छात्राये, ईएलसी के प्रभारी नोडल अधिकारी, विधान सभा इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब म्स्ब् के प्रभारी नोडल अधिकारी कोऑर्डिनेटर आदि सम्मिलित होंगे। उन्होंने बताया कि इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब म्स्ब् के गठन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रियाओं तथा भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका व कार्यप्रणाली से परिचित कराना हैं। इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब के गठन का उद्देश्य हर युवा भारतीय नागरिक को भारत की चुनावी प्रणाली प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भागीदार बनाना हैं।
गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सुविधा से नहीं किया गया वंचित
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। कोरबा विकासखण्ड के ग्राम राजाडाही निवासी गर्भवती महिला श्रीमती माधुरी तिर्की को जांच के दौरान पेट में दर्द की शिकायत थी। सूचना प्राप्त होने पर मितानिन द्वारा महिला को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की कार्यवाही की गई। महिला को दिनांक 07 सितम्बर 2026 को लगभग प्रातः 9.30 बजे उप स्वास्थ्य केन्द्र बासिन ले जाया गया, जहां पदस्थ एएनएम श्रीमती पॉलिना तिर्की द्वारा आवश्यक जांच की गई तथा चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। जांच के समय तत्काल प्रसव की स्थिति अथवा आपातकालीन प्रसव पीड़ा के स्पष्ट लक्षण नहीं पाए गए। जांच की सभी रिपोर्ट सामान्य पाई गईं। आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा मिलने के बाद महिला को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार निगरानी में रखा गया है। वर्तमान में श्रीमती माधुरी तिर्की स्वस्थ हैं। श्रीमती तिर्की की प्रसव की अनुमानित तिथि 23 सितम्बर 2026 निर्धारित है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर उपचार तथा प्रसव पूर्व आवश्यक परामर्श एवं निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मैदानी स्वास्थ्य अमले के माध्यम से लगातार सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सुविधा से वंचित नहीं किया गया। महिला के घर से मुख्य मार्ग तक की कुछ ही मीटर का रास्ता अत्यंत खराब एवं दलदली होने के कारण उक्त दूरी महिला को खाट के सहारे तय कराई गई। यह परिस्थिति स्थानीय मार्ग की भौगोलिक स्थिति के कारण उत्पन्न हुई, न कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं कराने के कारण। गर्भवती महिला को अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर मितानिन द्वारा तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की कार्यवाही की गई तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र में आवश्यक जांच, उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में राजाडाही के मार्ग के मरम्मत एवं सीसी रोड निर्माण स्थल हेतु पंचायत विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा है। यथाशीघ्र राशि आबंटन की कार्यवाही पूर्ण कर निर्माण प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही राजाडाही बस्ती को पक्के मार्ग से जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग को भी निरीक्षण करके आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चत करने के निर्देश दिए गए हैं।