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कोरबा

रील बनाने नदी में कूदा युवक, डूबकर मौत:3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, कोरबा में दोस्त शूट करते रहे वीडियो

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक एक युवक की मौत का कारण बन गया। अहिरन नदी में छलांग लगाने के बाद युवक करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, लेकिन किनारे खड़े दोस्त उसे डूबता देख बचाने के बजाय मस्ती समझकर वीडियो शूट करते रहे। इस दर्दनाक हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है।

मंगलवार से लापता निखिल सिंह (25) का शव 48 घंटे बाद बुधवार देर शाम नदी से बरामद किया गया। यह घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र की है।

तैरते-तैरते युवक डूब रहा था, दोस्त वीडियो बना रहे थे।

तैरते-तैरते युवक डूब रहा था, दोस्त वीडियो बना रहे थे।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, SECL कुसमुंडा में पदस्थ डंपर ऑपरेटर का बेटा निखिल सिंह (25) मंगलवार दोपहर अपने तीन दोस्तों के साथ अहिरन नदी में नहाने गया था। नहाते समय उसने रील बनाने के लिए नदी में ऊंचाई से छलांग लगाई। उसके दोस्तों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि, छलांग लगाने के बाद निखिल करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा। उसके दोस्तों को लगा कि वह तैर रहा है और मस्ती कर रहा है, इसलिए किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जब निखिल पानी में पूरी तरह डूब गया, तब दोस्तों को सच्चाई का पता चला।

SECL कुसमुंडा से गुजरती है अहिरन नदी।

SECL कुसमुंडा से गुजरती है अहिरन नदी।

दो दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन

हादसे के बाद घबराए दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस और गोताखोरों की टीम ने मंगलवार दोपहर से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

बुधवार को खराब मौसम के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा, लेकिन कुछ ही देर बाद निखिल का शव पानी की सतह पर आ गया। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया।

बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) टीम को बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) टीम को बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

संसाधनों की कमी से जूझती रही रेस्क्यू टीम

बचाव कार्य के दौरान बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम के पास ऑक्सीजन सिलेंडर और वॉटरप्रूफ कैमरे जैसे जरूरी उपकरणों की कमी थी, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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कोरबा

जयसिंह अग्रवाल ने दी गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं

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कोरबा। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा सहित प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता हैं। यह पावन पर्व हमें विवेक, सकारात्मक सोच, परस्पर प्रेम, भाईचारे और एकजुटता के साथ समाज एवं प्रदेश की प्रगति में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने भगवान श्री गणेश से प्रार्थना की कि सभी के जीवन से विघ्न-बाधाओं का निवारण हो तथा प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास हो। साथ ही समाज में आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता और मजबूत हो।
“गणपति बप्पा की कृपा से हर घर में खुशियों का दीप जले, हर परिवार सुखी और समृद्ध हो तथा हमारा कोरबा एवं छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े—इसी मंगलकामना के साथ गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं।”

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कोरबा

सड़क नहीं जानलेवा धूल का गुब्बार बनी सीपत-कुली-खमहरिया मार्ग, 15 से अधिक मौतों के बाद भी प्रशासन मौन

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युवा शक्ति संगठन और ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा जनदर्शन ज्ञापन, 7 दिनों में कार्रवाई न होने पर उग्र जन-आंदोलन व PIL की चेतावनी

कोरबा/बिलासपुर। सीपत-कुली-खमहरिया मार्ग पर रोजाना उड़ती भयंकर धूल, जर्जर सड़क और भारी वाहनों की अंधाधुंध आवाजाही, अब मासूम स्कूली बच्चों के जीवन और आम ग्रामीणों की सांसों पर भारी पड़ रही है। इस सड़क पर हो रही मौतों और प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ युवा शक्ति संगठन एवं क्षेत्र के समस्त ग्रामीणों कुली, खमहरिया, कुकदा, मडई, ऊनी, लुतरा, बछौद एवं सीपत ने एकजुट होकर जिला कलेक्टर बिलासपुर को जनदर्शन में एक कड़ा ज्ञापन सौंपा है ।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस के भीतर धूल नियंत्रण और सड़क निर्माण पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की पीड़ित जनता स्कूली बच्चे और जनप्रतिनिधि अहिंसक व लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जन-आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ।

प्रमुख मुद्दे और धरातल की खौफनाक सच्चाई

  1. धूल के गुब्बार से दम घुटता बचपन
  2. प्राथमिक शाला कुली की कक्षाओं के अंदर दिनभर धूल भर रही है, जिससे बच्चों के फेफड़े आंखों और त्वचा पर गंभीर असर पड़ रहा है। वहीं खमहरिया हायर सेकंडरी स्कूल के पास उड़ती धूल के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य हो जाती है, जिससे बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है ।
  3. 15 से अधिक निर्दोषों की मौत
  4. बीते कुछ समय में केवल ग्राम कुली में ही इस जर्जर सड़क व भारी वाहनों के कारण 15 से अधिक ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। हाल ही में दिनांक 06/09/2026 को इसी मार्ग पर एक 35 वर्षीया महिला ने अपनी जान गंवा दी ।
  5. रू.19.84 करोड़ का टेंडर स्वीकृत फिर भी निर्माण ठप
  6. PWD विभाग द्वारा सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृत होने के बावजूद प्रारंभ नहीं कराया गया है, स्ट्रीट लाइट के अभाव में रात में हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है ।
  7. ओवरलोडिंग और भ्रष्टाचार का खेल
  8. 25 टन क्षमता वाली ग्रामीण सड़क पर 55 टन भार की अनुमति देकर जनसुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। 18-पहिया वाहनों द्वारा हवा में पहिया उठाकर (Axle Lift) चलने से लीलागर नदी का पुल अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो चुका है ।
  9. प्रशासनिक संवेदनहीनता
  10. सीपत थाना प्रभारी (TI) और क्षेत्रीय तहसीलदार द्वारा स्थल निरीक्षण और सही रिपोर्टिंग न करने का आरोप है। अधिकारियों द्वारा रोज मर रहे लोग, यह कोई बड़ी बात नहीं, जैसी संवेदनहीन टिप्पणियां जनता के जख्मों पर नमक छिड़क रही हैं ।

ग्रामीणों व युवा शक्ति संगठन की प्रमुख माँगें

  1. नियमित जल छिड़काव:- कुली से खमहरिया मार्ग पर टैंकरों द्वारा रोजाना कम से कम 4-5 बार अनिवार्य जल छिड़काव आज ही से शुरू हो ।
  2. तत्काल सड़क निर्माण व नो-एंट्री:- स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ हो और स्कूली बच्चों के आवागमन के समय सुबह व शाम भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित नो-एंट्री किया जाए ।
  3. सख्त जांच व कानूनी कार्रवाई:- PDPP Act सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत ओवरलोड व नियमविरुद्ध वाहनों पर कार्रवाई हो तथा शराबी व बिना लाइसेंस चालकों की सघन जांच हो ।
  4. लापरवाह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई:- कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने वाले PWD RTO माइनिंग अधिकारियों सीपत TI और तहसीलदार पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाए ।
  5. मुआवजा:- 06/09/2026 की घटना में मृत महिला के परिजनों को तत्काल उचित शासकीय आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ।

आंदोलन एवं कानूनी जंग का ऐलान

युवा शक्ति संगठन के प्रतिनिधि अर्जुन वस्त्रकर ने कहा हम अपने बच्चों के फेफड़ों में जहर और सड़कों पर अपनों की लाशें और नहीं देख सकते। यदि 7 दिनों के भीतर जल छिड़काव और सड़क निर्माण पर काम शुरू नहीं हुआ, तो हम सड़कों पर उतरकर जन-प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग (NHRC) बाल संरक्षण आयोग एवं उच्च न्यायालय बिलासपुर में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।

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कोरबा

Shri Nripendra Nath Assumes Additional Charge as SECL Director (Technical) – Projects & Planning

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Shri Nripendra Nath has assumed the additional charge of Director (Technical) – Projects & Planning at South Eastern Coalfields Limited (SECL).

Shri Nath is currently Director (Technical) at CMPDI.

Bilaspur/Korba. The SECL family extended a warm welcome to Shri Nripendra Nath and conveyed its best wishes on his assuming the additional responsibility. On the occasion, he paid a courtesy visit to Shri Ramesh Chandra Mohapatra, Director (Technical – Operations), SECL.

About Shri Nripendra Nath

Shri Nripendra Nath graduated from IIT (ISM), Dhanbad, in 1988. He began his professional career with the N.K. Area of Central Coalfields Limited (CCL) and made significant contributions to the World Bank-assisted KDH Project for nearly two decades.

During his long and distinguished career, Shri Nath has held several key positions, including Project Officer in various mines of Eastern Coalfields Limited (ECL) and Regional General Manager of the Magadh-Sanghamitra Area of CCL. During his tenure, the Magadh-Sanghamitra Area achieved the distinction of entering the prestigious 20-million-tonne production club.

An Australia-trained and SIMTARS-certified trainer, Shri Nath has played an important role in imparting mine safety training across various subsidiaries of Coal India Limited. He has also made significant contributions to the formulation and implementation of Mine Safety Management Plans.

Shri Nath also possesses valuable international exposure in the mining sector. In 2024, he was a member of the AGTMP delegation that visited several European countries, providing him with exposure to global mining practices and modern mining technologies.

Shri Nath is currently serving as Director (Technical) at Central Mine Planning & Design Institute Limited (CMPDI), a position he assumed on 31 October 2025. With extensive experience in mining operations, project implementation, planning and mine safety, he brings a rich blend of technical expertise and managerial experience to his additional responsibility at SECL.

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