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ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हमला; भारत ने जताई कड़ी नाराजगी, दिया सख्त संदेश

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नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताते हुए समुद्री व्यापार और नागरिक नाविकों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिक चालक दल को निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है।उन्होंने कहा, “ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमला अस्वीकार्य है। हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।” विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं। भारत ने बचाव अभियान चलाने के लिए ओमान की सरकार और अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।

‘Unacceptable’: India condemns attack on Indian-flagged ship off Oman coast

The Ministry of External Affairs (MEA) on Thursday strongly condemned the attack on an Indian-flagged cargo vessel off the coast of Oman, describing the incident as “unacceptable” and expressing concern… pic.twitter.com/o1uIt5CGVc

— IANS (@ians_india) May 14, 2026

बयान में कहा गया, “सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं और हम उनके बचाव के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।” भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और व्यापारिक गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।  विदेश मंत्रालय ने कहा कि “व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार को बाधित करना टाला जाना चाहिए।” इससे पहले ब्रिटेन के समुद्री सुरक्षा संगठन United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने खाड़ी क्षेत्र में एक गंभीर समुद्री सुरक्षा घटना की जानकारी दी थी। यूकेएमटीओ के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तट से लगभग 38 नॉटिकल मील दूर एक जहाज पर “अनधिकृत लोगों” ने कब्जा कर लिया था। रिपोर्ट में कहा गया कि जहाज लंगर डाले हुए था और बाद में उसे ईरानी जलक्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा था।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और तेल आपूर्ति मार्गों पर खतरा बढ़ रहा है। यूकेएमटीओ ने क्षेत्र में मौजूद जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : जहां कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी सपना था, वहां अब डॉक्टर दे रहे दस्तक : बस्तर के जंगलों तक पहुंची स्वास्थ्य क्रांति

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दिल्ली में बस्तर विकास मॉडल पर मंथन :  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अहम मुलाकात

पुराने सुरक्षा शिविर अब बन रहे जन सुविधा केंद्र

दिल्ली में बस्तर विकास मॉडल पर मंथन :  केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अहम मुलाकात

नई दिल्ली/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में तेजी से बदल रहे हालात और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।

बैठक में विशेष रूप से बस्तर में चल रहे ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बताया कि जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी मुश्किल माना जाता था, वहां अब डॉक्टर, दवाइयां और स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से पहुंच रही हैं। दूरस्थ गांवों में पैदल जाकर लोगों की जांच की जा रही है और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मात्र एक महीने में 21.86 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच हो चुकी है और उनके डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार कर लिए गए हैं। हजारों मरीजों को समय पर उपचार और उच्च अस्पतालों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में अब पुराने सुरक्षा शिविर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन्हें धीरे-धीरे “जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां गांव के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। इन केंद्रों के जरिए दूरस्थ  क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहली बार कई बुनियादी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। ग्रामीण अब इलाज, बैंक खाते, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए दूर-दूर तक भटकने को मजबूर नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 से सुकमा से हुई है। इस अभियान में 36 लाख लोगों को लक्षित किया गया है। इसके अलावा बस्तर मुन्ने ( अग्रणी बस्तर) अभियान के जरिए 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो गया है, जहां अब बस्तर के लोगों को महंगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। डायल-112 की नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार और पुराने सुरक्षा शिविरों को “जन सुविधा केंद्र” में बदलने की योजना भी बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में अहम कदम हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इलाके कभी नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां आज सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। हाल ही में सुकमा के एक अत्यंत दुर्गम गांव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाना इस बदलाव का बड़ा उदाहरण बना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बस्तर के लिए तैयार विकास रोडमैप की जानकारी दी। इसमें सड़क, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन से बस्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 18 और 19 मई को बस्तर प्रवास  संभावित है।

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देश

14 May Petrol/Diesel Price: पेट्रोल डीजल के नए रेट्स जारी हुए- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत देखें प्रमुख शहरों में आज के ताजा भाव

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 नई दिल्ली, एजेंसी।14 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच लोगों की नजरें ईंधन के दामों पर टिकी हुई हैं। हालांकि आज दिल्ली, मुंबई समेत कई बड़े शहरों में कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी और कमी देखने को मिली है।

इससे पहले हाल ही में प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खपत कम करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से कहा कि बिना जरूरत वाहन का उपयोग कम करें, ईंधन की बर्बादी रोकें और ऊर्जा बचाने वाली आदतों को अपनाएं। इसके अलावा उन्होंने गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने और खाद्य तेल का सीमित उपयोग करने की सलाह भी दी।

क्यों बढ़ रही है चिंता?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ता है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल Strait of Hormuz पर खतरा बना हुआ है। अगर यहां तेल सप्लाई प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और महंगा हो सकता है।
 
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के ताजा दाम
शहर          पेट्रोल कीमत

नई दिल्ली    रू.94.77
मुंबई            रू.103.54
कोलकाता    रू.105.45
चेन्नई         रू.100.80
बेंगलुरु        रू.102.96
हैदराबाद    रू.107.50
जयपुर       रू.105.03
पटना         रू.105.54
चंडीगढ़    रू.94.30
लखनऊ   रू.94.73
नोएडा      रू.94.74
गुरुग्राम    रू.95.30
भुवनेश्वर    रू.100.97
तिरुवनंतपुरम   रू.107.38

डीजल के ताजा रेट
शहर    डीजल कीमत

नई दिल्ली    रू.87.67
मुंबई            रू.90.03
कोलकाता    रू.92.02
चेन्नई           रू.92.39
बेंगलुरु        रू.90.99
हैदराबाद    रू.95.70
जयपुर        रू.90.49
पटना         रू.91.78
चंडीगढ़    रू.82.45
लखनऊ    रू.87.86
नोएडा      रू.87.81
गुरुग्राम    रू.87.77
भुवनेश्वर    रू.92.55
तिरुवनंतपुरम   रू.96.26

क्या सरकार लेने जा रही है बड़ा फैसला?
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ईंधन राशनिंग या देशभर में कीमतों में बड़े बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सप्लाई चेन को सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय संकट और गहराया, तो सरकार मांग कम करने के लिए कुछ सख्त कदम उठा सकती है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री की बचत संबंधी अपील को भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है?
अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। इससे ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।  

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देश

राहुल गांधी के विदेशी दौरों पर छिड़ा सियासी घमासान, BJP ने उठाए खर्च और फंडिंग पर गंभीर सवाल

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नई दिल्ली, एजेंसी। राहुल गांधी के विदेशी दौरों पर सियासी घमासान छिड़ गया है।  BJP ने कांग्रेस नेता की इन विदेश यात्राओं को लेकर फिर से मोर्चा खोल दिया है।  बीजेपी ने राहुल गांधी के विदेशी दौरों के खर्चों को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं और कांग्रेस पार्टी से जवाब मांगा है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के ट्रैवल रिकॉर्ड्स को लेकर कई आंकड़े पेश करते हुए कहा कि बीते 22 सालों में राहुल कुल 54 बार विदेश गए हैं। इन यात्राओं पर उन्होंने  अनुमानित ₹60 करोड़ खर्च होने का दावा किया है। बीजेपी का कहना है कि यह खर्च राहुल गांधी की घोषित कमाई से लगभग 5 गुना अधिक है।

फंडिंग के स्रोत पर भी उठाए सवाल

 पात्रा ने राहुल गांधी की जीवनशैली और यात्राओं पर होने वाले खर्च के स्रोत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि उनकी आय इतनी नहीं है, तो इन यात्राओं के लिए फंड कहाँ से आ रहा है? बीजेपी ने इसे फंडिंग का रहस्य बताते हुए पारदर्शिता की मांग की है।

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