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बाजार में जल्द ही नजर आएंगे रू.10 और रू.20 के प्लास्टिक नोट, जानें- कागज़ी नोटों का क्या होगा?

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मुंबई, एजेंसी। भारतीय बाजार में जल्द ही आप प्लास्टिक यानि पॉलीमर करेंसी नोट इस्तेमाल कर सकते हैं। हाल ही में सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि उसने रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) को फ़ील्ड ट्रायल के लिए 2 अरब पॉलीमर बैंकनोट का शुरुआती बैच छापने की मंज़ूरी दे दी है। RBI ने हाल ही में पॉलीमर बैंकनोट के लिए मटीरियल खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है, जिससे लगभग दो दशकों से विचाराधीन प्रस्ताव को फिर से शुरू किया गया है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा को बताया कि RBI 10 रुपये के एक अरब नोट और 20 रुपये के एक अरब नोट छापेगा। इन मूल्यवर्ग के नोटों की अक्सर कमी रहती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कागज़ी मुद्रा को पूरी तरह से पॉलीमर बैंकनोट से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है, और दोनों तरह की मुद्राएँ एक साथ चलन में रहेंगी। अगर इसे लागू किया जाता है, तो यह भारत में पॉलीमर बैंकनोट का पहला इस्तेमाल होगा, जहाँ लगभग एक सदी से विशेष कागज़ पर मुद्रा छापी जा रही है।

RBI के प्लास्टिक नोट: क्यों है ज़रूरी?
पॉलीमर नोट, जो कागज़ के बजाय टिकाऊ प्लास्टिक फ़िल्म का उपयोग करके बनाए जाते हैं, आम तौर पर ज़्यादा समय तक चलते हैं और उन्हें कम बार बदलने की ज़रूरत होती है क्योंकि वे टूट-फूट के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं। पॉलीमर बैंकनोट भारतीय मुद्रा के लिए वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले विशेष कागज़ के बजाय एक गैर-रेशेदार, गैर-छिद्रपूर्ण प्लास्टिक सब्सट्रेट पर छापे जाते हैं।

नए नोटों का इस्तेमाल पहले फ़ील्ड ट्रायल के लिए किया जाएगा, उसके बाद ही उन्हें नियमित चलन में लाया जाएगा। इस योजना को देश के मुद्रा छपाई बुनियादी ढाँचे के विस्तार के साथ मंज़ूरी दी गई थी, जो क्षमता की सीमाओं का सामना कर रहा था। चौधरी ने संसद को बताया, “RBI ने सूचित किया है कि अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, पॉलीमर बैंकनोट का जीवनकाल कागज़ी बैंकनोट की तुलना में काफी अधिक है। पॉलीमर बैंकनोट की शुरुआत अभी शुरुआती चरण में है।”

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इसे लागू करने में कई महीने लग सकते हैं, क्योंकि सरकार और RBI दोनों यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से पूरा किया जाए और उपयोग किए जाने वाले मटीरियल का चीन और पाकिस्तान जैसे देशों को की जाने वाली आपूर्ति से कोई संबंध न हो।

यह पहल ऐसे समय में की गई है जब RBI का करेंसी छापने का खर्च कम हो गया है। सेंट्रल बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में नोट छापने का खर्च पिछले साल की तुलना में लगभग एक-चौथाई घटकर 4,875 करोड़ रुपये रह गया, जिसका मुख्य कारण कम नोटों की छपाई थी।

प्रिंटिंग की लागत में यह कमी तब आई है जब मार्च 2026 के आखिर में चलन में मौजूद करेंसी की कुल वैल्यू 12% बढ़कर 41.23 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 36.86 लाख करोड़ रुपये थी। इससे पता चलता है कि कैश की मांग लगातार बनी हुई है।

ये देश करते है प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल 
दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के बावजूद, भारत अभी भी पॉलीमर करेंसी लाने पर विचार कर रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने लगभग तीन दशक पहले ही प्लास्टिक के नोटों की पूरी सीरीज़ जारी कर दी थी। आज, लगभग 60 देश किसी न किसी रूप में पॉलीमर नोटों का इस्तेमाल करते हैं। सरकार का हालिया फ़ैसला 2012 में घोषित एक प्रस्ताव को फिर से शुरू करता है। 13 दिसंबर, 2012 को प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि RBI ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर कई विकल्पों पर विचार किया था, जिसमें नोट छापने के लिए पॉलीमर सब्सट्रेट का इस्तेमाल भी शामिल था। उस समय, पांच शहरों में पायलट आधार पर 10 रुपये के एक अरब पॉलीमर नोट लाने का फ़ैसला किया गया था।

ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा समेत कई देशों ने मज़बूत प्लास्टिक फ़िल्म से बने पॉलीमर नोट अपना लिए हैं। आम कागज़ी नोटों की तुलना में, पॉलीमर करेंसी ज़्यादा समय तक चलती है, टूट-फूट को बेहतर ढंग से झेलती है और समय के साथ बदलने की लागत को कम करने में मदद करती है। ऑस्ट्रेलिया 1988 में पॉलीमर नोट लाने वाला पहला देश बना। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में, UK, कनाडा और न्यूज़ीलैंड ने पॉलीमर नोट अपनाए हैं। एशिया में, थाईलैंड, वियतनाम, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देश भी पॉलीमर नोटों का इस्तेमाल करते हैं, हालांकि ज़रूरी नहीं कि सभी मूल्यवर्ग (डिनोमिनेशन) के लिए ऐसा हो। बैंक ऑफ़ कनाडा ने कागज़ी और प्लास्टिक नोटों के उत्पादन के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करने के बाद 2011 में पॉलीमर करेंसी की ओर बढ़ना शुरू किया।

RBI के टेंडर नियम
भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने योग्य निर्माताओं से 18 अगस्त तक बोलियां जमा करने को कहा है। इस टेंडर का मकसद ऐसे सप्लायर की पहचान करना है जो नोटों के लिए ज़रूरी सुरक्षा सुविधाओं वाली ओपेसिफ़ाइड पॉलीमर सब्सट्रेट शीट बना सकें।

टेंडर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सख़्त सुरक्षा उपाय शामिल हैं। संभावित सप्लायर्स को सरकार से सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेना होगा, चीन या पाकिस्तान में चल रहे अपने किसी भी काम को भारत के कॉन्ट्रैक्ट से अलग रखना होगा, यह पक्का करना होगा कि भारत के लिए पॉलीमर बैंकनोट सब्सट्रेट बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल इन देशों से न आए, और यह वादा करना होगा कि भारत के लिए खास तौर पर बनाया गया सब्सट्रेट किसी तीसरे देश को सप्लाई नहीं किया जाएगा। इसके लिए योग्य होने के लिए, बोली लगाने वालों ने पिछले कम से कम तीन सालों में सेंट्रल बैंकों या बैंकनोट छापने वाली संस्थाओं को सिक्योरिटी फीचर्स वाले पॉलीमर बैंकनोट सब्सट्रेट की सप्लाई की हो।

सप्लायर्स को यह भी साबित करना होगा कि वे कम से कम 20,400 रीम सप्लाई कर सकते हैं, जो अनुमानित ज़रूरत का 30% है। BRBNMPL ने शुरुआती ज़रूरत 68,000 रीम बताई है, जो दो अलग-अलग मूल्यवर्ग (डिनॉमिनेशन) के लिए लगभग 34,000 रीम है। लेकिन, उन्होंने साफ़ किया कि यह ज़रूरत सिर्फ़ पहले चरण के लिए है, और सफल फ़ील्ड ट्रायल के बाद बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।

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उत्तराखंड में भारी बारिश, चार धाम यात्रा रुकी:छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 5 की मौत, राजस्थान में बाजारों में पानी भरा

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नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ/जयपुर/पटना, एजेंसी। देशभर में तेज बारिश का दौर जारी है। उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के बाद चार धाम यात्रा 2 दिन के लिए रोक दी गई है। चंपावत, बागेश्वर और टिहरी में 12वीं तक के स्कूल-आंगनवाड़ी में छुट्टी कर दी गई है।

राजस्थान के धौलपुर में तेज बारिश से बाजारों में पानी भर गया। गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से टाटा मोटर्स के साणंद प्लांट और आसपास मौजूद कई सप्लायर की यूनिट बंद करानी पड़ीं।

छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने की तीन घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। राज्य में अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी है।

देशभर से बारिश-बाढ़ की तस्वीरें

राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के बेगूं में मंगलवार शाम तेज बारिश से 150 फीट ऊंचाई से मेनाल झरना बहने लगा।

राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के बेगूं में मंगलवार शाम तेज बारिश से 150 फीट ऊंचाई से मेनाल झरना बहने लगा।

राजस्थान के सवाई माधोपुर में रणथंभौर के शेरपुर झरेटीह पर पानी ओवर फ्लो हो गया।

राजस्थान के सवाई माधोपुर में रणथंभौर के शेरपुर झरेटीह पर पानी ओवर फ्लो हो गया।

यूपी के मेरठ में भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर गया।

यूपी के मेरठ में भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर गया।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नाला पार करते समय बाइक सवार तेज बहाव में गिर गया। लोगों ने उसे बचाया।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नाला पार करते समय बाइक सवार तेज बहाव में गिर गया। लोगों ने उसे बचाया।

बिहार के खगड़िया में बारिश का पानी सड़क पर भर गया, जिसमें बच्चे खेलते नजर आए।

बिहार के खगड़िया में बारिश का पानी सड़क पर भर गया, जिसमें बच्चे खेलते नजर आए।

लगातार हो रही भारी बारिश से गुजरात के महिसागर का सात कुंड वाटरफॉल छलक उठा।

लगातार हो रही भारी बारिश से गुजरात के महिसागर का सात कुंड वाटरफॉल छलक उठा।

देश के ऊपर दो सिस्टम करा रहे जोरदार बारिश

देश के ऊपर दो सिस्टम मौजूद हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए आगे बढ़ रहा है। IMD ने 4-5 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा और पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

सैटेलाइट मैप में देखें देश में कहां-कहां बादल छाए

दिल्ली में मंगलवार को 50 मिमी से ज्यादा बारिश

दिल्ली में मंगलवार को 50 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 4 मानसूनी सिस्टम ने ये बारिश कराई। इसके चलते मेट्रो स्टेशन और कई सड़कों पर पानी भर गया, 36 पेड़ गिर गए। वाटरलॉगिंग की 136 शिकायतें दर्ज की गईं।

दिल्ली में भारी बारिश के बाद जनकपुरी मेट्रो स्टेशन में पानी भर गया। स्टेशन परिसर में भरे पानी के बीच यात्री आते-जाते नजर आए।

दिल्ली में भारी बारिश के बाद जनकपुरी मेट्रो स्टेशन में पानी भर गया। स्टेशन परिसर में भरे पानी के बीच यात्री आते-जाते नजर आए।

दिल्ली में आईटीओ इलाके में भारी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी नजर आईं।

दिल्ली में आईटीओ इलाके में भारी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी नजर आईं।

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भाजपा बोली- छात्रों के संसद मार्च में गोली नहीं चली:राहुल गांधी ने लोकसभा में झूठ बोला, कांग्रेस थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी

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नई दिल्ली, एजेंसी। ‘छात्रों के संसद मार्च में गोली चलने’ के राहुल गांधी के बयान पर भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि राहुल ने लोकसभा में झूठ बोला है।

पात्रा ने बताया कि संसद मार्च में छात्रों पर गोली चलाई गई। इसका भाजपा खंडन करती है। राहुल ने कहा कि गोली चलाने का आदेश गृहमंत्री अमित शाह ने दिया। ये भी झूठ है, क्योंकि गोली चली नहीं तो आदेश कहां से देंगे।

उन्होंने बताया कि जहां भी विरोध या प्रदर्शन होता है और वहां फोर्स होती है तो उस इलाके की कमान मजिस्ट्रेट के पास होती है। मजिस्ट्रेट ही ऑन द स्पॉट निर्णय लेता है कि गोली चलानी चाहिए या नहीं। गृह मंत्री निर्णय नहीं लेते।

राहुल ने कहा, ‘गरीब बच्चों से लाखों लाख रुपए लिए गए। एक परीक्षा में पेपर लीक होता है। दूसरे में कुछ और दिक्कत होती है। ये बहुत गलत है। सिस्टम पर RSS का कब्जा हो चुका है।’

राहुल ने कहा, ‘राजनाथ सिंह ने कहा कि हम UPA नहीं हैं, हमारे मंत्री कभी इस्तीफा नहीं देते। वे सही कह रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिखावटी है क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान ने कभी शिक्षा मंत्रालय नहीं चलाया। शिक्षा मंत्रालय को चलाने वाला संगठन RSS है।’

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लोकसभा में राहुल की 50 मिनट की स्पीच, जमकर हंगामा:’इडियट’ शब्द बोलने पर स्पीकर ने 11 बार, रिजिजू ने 7 बार टोका, कहा- माफी मांगें

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नई दिल्ली, एजेंसी। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष ने जमकर हंगामा किया। लोकसभा से बिल हंगामे के बीच पारित हुआ।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 7 बार खड़े होकर राहुल को टोका और संसदीय नियम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस पर राहुल ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं।’

स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल को 11 से ज्यादा बार टोका। कहा कि वे इस तरह के असंसदीय शब्द नहीं बोल सकते। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पीकर से कहा- इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए।

राहुल ने कहा, ‘देश का भविष्य सड़कों पर उतरा। प्रदर्शन में गुस्सा, नफरत नहीं थी। वे केवल अपनी आवाज उठा रहे थे। अगर भाजपा के मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा।’

पेपर लीक से जुड़े बिल पर आज लगातार दूसरे दिन चर्चा हो रही है। मंगलवार को बिल पर 9 घंटे बहस हुई थी। पहले दिन केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार का पक्ष रखा। विपक्ष की तरफ से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव बहस में शामिल हुए।

राहुल की स्पीच की 5 बातें,

कहा- प्रधान का इस्तीफा दिखावा 1. ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ वाले बयान पर हंगामा

राहुल गांधी ने कहा, ‘मैंने कई छात्रों से बातचीत की। खासकर लवली नाम की एक 18 साल की छात्रा से। राहुल ने उसी बातचीत का हवाला देते हुए ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ वाले उदाहरण दिए। सत्ता पक्ष ने इसे असंसदीय बताया। स्पीकर ओम बिड़ला ने इन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।

छात्रों पर गोली चलाने का आरोप

राहुल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृहमंत्री ने गोली और पैलेट गन चलाने की अनुमति दी। किरेन रिजिजू ने इसे गंभीर और निराधार आरोप बताते हुए राहुल से माफी की मांग की।

राहुल बोले- प्रधान का इस्तीफा केवल दिखावा

राहुल ने कहा कि पेपर लीक से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था शिक्षा मंत्रालय नहीं, बल्कि RSS चला रहा है और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल दिखावा है।

राहुल ने कहा- देश का भविष्य सड़कों पर है

राहुल ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र गुस्से या नफरत से नहीं, बल्कि अपने भविष्य और अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा- भाजपा नेताओं के बच्चे भी छात्रों का समर्थन करेंगे।

पेपर लीक को व्यवस्था की नाकामी बताया

राहुल ने कहा कि एक के बाद एक परीक्षाओं में पेपर लीक हो रहे हैं, छात्रों से लाखों रुपए लिए जा रहे हैं और सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं कर पा रही है।

राहुल-रिजिजू के बीच फायरिंग की इजाजत पर बहस हुई

राहुल- ने कहा,गृह मंत्री ने छात्रों पर शूटिंग की इजाजत दी। पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया।

रिजिजू- आप बिना सोचे समझे बोल रहे हैं। ऐसा मत बोलिए। आपको गंभीरता से बोलना चाहिए। ये ठीक नहीं है। ये किस आधार पर आपने बयान दिया। आपको किसने बताया। आप माफी मांगिए। गोली चली, ये छोटी बात नहीं है। ऐसा कैसे कह सकते हैं कि किसी ने गोली चलाई। ये गंभीर आरोप है।

विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू की- ‘राहुल गांधी को बोलने दो, राहुल गांधी को बोलने दो।’

अखिलेश यादव- अगर नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं तो ये सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि छात्रों पर ऐसा व्यवहार किसने किया ये जांच करे।

रिजिजू- आप जांच की मांग करिए, लेकिन राहुल गांधी सीधे-सीधे गृह मंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आपको माफी मांगना होगा। झूठा आरोप लगाया है।

संसद के बाहर राहुल बोले- शाह ने फायरिंग का आदेश नहीं दिया तो सदन में आएं

लोकसभा में अपने भाषण के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में कहा- गृह मंत्री शाह सदन में नहीं आए, जबकि उन्हें छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए था।

राहुल ने कहा- अगर गृह मंत्री ने कोई आदेश नहीं दिया है, तो उन्हें सदन में आकर साफ देनी चाहिए कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि मुझे संसद में बोलने का अधिकार है और वह अधिकार मुझे मिलना चाहिए।

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