छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री दौरे से पहले कांग्रेस ने पूछे 21 सवाल:कांग्रेस का आरोप– पीएम के स्वागत पर करोड़ों खर्च, अस्पतालों में दवाएं तक नहीं
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3 months agoon
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Divya Akashरायपुर,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले कांग्रेस ने उनसे 21 सवाल पूछे हैं। कांग्रेस ने 500 में गैस सिलेंडर, रोजगार, महतारी वंदन, बिजली बिल, शिक्षा और किसानों के मुद्दों पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा- “ये सवाल राजनीति के लिए नहीं, बल्कि जनता की तरफ से हैं। बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कि प्रधानमंत्री राज्योत्सव के मंच से इन सवालों का जवाब देंगे या नहीं।”
कांग्रेस का आरोप: पीएम के स्वागत में करोड़ों खर्च, अस्पतालों में दवा-बेड नहीं
प्रदेश अध्यक्ष बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के दौरे पर करोड़ों रुपये प्रचार और मंच सजावट पर खर्च कर दिए। वहीं रायपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूति वार्ड में एक बेड पर दो महिलाएं अपने नवजात के साथ सो रही हैं।
ये हैं वो 21 सवाल जो कांग्रेस ने पीएम मोदी से पूछे हैं
1.500 रुपए में गैस सिलेंडर देने की “मोदी गारंटी” कहां गई?
2.महतारी वंदन योजना में 1.25 करोड़ विवाहित महिलाओं में से आधी को भी पैसा नहीं मिला- क्या यह धोखा नहीं?
3.बिहार की महिलाओं को 10,000 रुपए और छत्तीसगढ़ की महिलाओं को 1,000 रुपए क्यों?
4.भाजपा ने पांच साल में 1 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, दो साल में दो हजार भी नहीं दी।
5.संविदा, आंगनबाड़ी, मितानिन, एनआरएचएम कर्मियों को 100 दिन में नियमित करने का वादा अधूरा क्यों?
6.ऑनलाइन बेटिंग ऐप और शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई की बात कही थी, पर आज भी क्यों चल रहे हैं ऐप?
7.सट्टा और शराब से होने वाली काली कमाई का पैसा कहां जा रहा है?
8.राज्य में हत्या, लूट, बलात्कार और गोलीबारी बढ़ रही है?
9.किसानों से वादा किया गया था कि धान का पूरा चावल सेंट्रल पूल में लिया जाएगा, क्यों नहीं लिया गया?
10.किसान आज भी यूरिया और डीएपी के लिए भटक रहे हैं।
11.डबल इंजन सरकार में बिजली के दाम तीन से चार गुना क्यों बढ़ गए?
12.आपकी सरकार ने 10,463 स्कूल बंद किए, एक भी नया स्कूल नहीं खोला, शिक्षा पर यह प्रहार क्यों?
13.15 लाख रुपए खाते में और 2 करोड़ रोजगार का वादा कब पूरा होगा?
14.बस्तर में आई बाढ़ से तबाही के बाद केंद्र ने कोई विशेष पैकेज क्यों नहीं दिया?
15.छत्तीसगढ़ की यात्री ट्रेनें लगातार रद्द, 64,000 ट्रेन फेरे रद्द हुए, ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों?
16.नगरनार इस्पात संयंत्र अभी भी विनिवेश सूची में क्यों है?
17.एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं लाया जा रहा?
18.हसदेव से तमनार तक जंगल काटकर उद्योगपतियों को फायदा क्यों दिया जा रहा है?
19.क्या मोदी जी गारंटी देंगे कि बस्तर की जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा किसी उद्योगपति की जागीर नहीं बनेगी?
20.साल 2023 के बाद केंद्र ने कितने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए?
21.बांग्लादेशी घुसपैठ और पाकिस्तान से ड्रग्स आने की बात आपकी सरकार खुद कहती है, तो यह केंद्र की विफलता नहीं?
पीएम मोदी का 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरा: रजत जयंती राज्योत्सव में होंगे शामिल
1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी का विशेष विमान सुबह रायपुर के माना एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। उनके कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी रायपुर और नवा रायपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और राज्य सरकार के मंत्री लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती राज्योत्सव 2025 में प्रधानमंत्री के अलावा कई गणमान्य अतिथि भी शामिल होंगे।
ट्रैफिक और पार्किंग की खास व्यवस्था
नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रमों में ट्रैफिक व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए प्रशासन ने छह रूट और पार्किंग जोन तय किए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए रूट चार्ट और पार्किंग प्लान जारी किया है, ताकि किसी को भी कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में दिक्कत न हो। शासन की कोशिश है कि राज्योत्सव में शामिल होने वाले लोगों को सुचारू अनुभव मिले।

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छत्तीसगढ़
गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान
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3 minutes agoon
February 11, 2026By
Divya Akash
गरियाबंद। हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।
हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है।
यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास।
उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।
इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

कोरबा
कोरबा में सजेगा श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार— धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में श्री हनुमंत कथा, आयोजक स्वयं बजरंग बली
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10 minutes agoon
February 11, 2026By
Divya Akashप्रथम दिन की प्रथम आरती सफाई कर्मीयों द्वारा होगी
कोरबा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, हनुमान जी के अनन्य भक्त संत धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में कोरबा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज की सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे— जो सामाजिक समरसता और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगा।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 मार्च को 21 हजार माताओं-बहनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने का संकल्प लिया गया है, जिससे पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।

इस अवसर पर मंच से मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज के समाज का मार्गदर्शन है। बजरंग बली के अनन्य भक्त धीरेंद्र शास्त्री अपनी वाणी से भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि विश्व को सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है और हम से बड़ा हमारा संगठन है। हम सब एक ही विचारधारा के यात्री हैं। श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।” उन्होंने इस पावन कार्य के लिए सभी को चुने जाने पर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन को भव्य बनाने का आह्वान किया।
समाजसेवी सुबोध सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महायज्ञ है। कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा, कोई अपने अनुभव और श्रम से योगदान देगा— तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।


आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता, ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” को सतत एवं निर्बाध रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ग्रहण की।
नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोरबा में श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार सजने जा रहा है और वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख धर्मपरायण श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें, तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।

इस महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखे जाएं— बड़ी राशि देने वालों से लेकर सामान्य श्रद्धालु तक अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग कर सकें। इसके लिए डिजिटल माध्यम (क्यूआर कोड) जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का दायित्व लेते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी— जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।

छत्तीसगढ़
भारतमाला मुआवजा घोटाला…फरार तहसीलदार-नायब तहसीलदार अरेस्ट:भूमाफिया-पटवारी और अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार किए फर्जी डॉक्यूमेंट, किया 43 करोड़ का स्कैम
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20 minutes agoon
February 11, 2026By
Divya Akashरायपुर,एजेंसी। रायपुर जिले के अभनपुर में हुए भारतमाला परियोजना के तहत मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे 2 आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शशिकांत कुर्रे (तत्कालीन तहसीलदार, अभनपुर) और लखेश्वर प्रसाद किरण (तत्कालीन नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा) शामिल हैं। इन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच के अनुसार, रायपुर-विशाखापट्नम और दुर्ग-बायपास भारतमाला सड़क निर्माण परियोजना के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि, उन्होंने अपने अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक, भूमाफिया और अन्य लोगों के साथ मिलकर कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार कराए।
इन दस्तावेजों के आधार पर प्रभावित भू-स्वामियों को वास्तविक मुआवजा राशि से कई गुना ज्यादा भुगतान कराया गया। जिससे शासन को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ।

सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज
जानकारी के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया था। इससे पहले स्पेशल कोर्ट से इनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की थी। विशेष न्यायालय रायपुर में आरोपियों की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई के लिए भी प्रकरण विचाराधीन है।
कैसे हुआ घोटाला ?
भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।
इस केस में कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था।
शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है।
जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए
राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया।
मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है।
12 बंडलों में 8000 पन्नों का चालान पेश
इस मामले में EOW ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 12 बंडलों में 8000 पन्नों का चालान पेश किया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने 43 करोड़ के भूमि अधिग्रहण घोटाले में 10 लोगों को आरोपी बनाया है। इन लोगों ने कथित तौर पर जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया।

भारतमाला परियोजना घोटाला मामले के आरोपी।

EOW के वकील के अनुसार जमीन दलाल हरमीत सिंह के अकाउंट में करोड़ों रुपए ट्रांसफर हुए हैं।
EOW ने हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी, विजय जैन, कुंदन बघेल, भोजराज साहू, खेमराज कोसले, पुन्नूराम देशलहरे, गोपाल वर्मा, नरेंद्र नायक के खिलाफ पेश चालान किया है। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।
EOW ने तकनीकी दस्तावेज, मोबाइल चैट्स, बैंक ट्रांजेक्शन और कई गवाहों के बयान को चालान का हिस्सा बनाया है। EOW अब अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच संदिग्ध लेनदेन, फर्जी दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर घोटाले के प्रमाण मिले हैं।
EOW के वकील सौरभ पांडे के मुताबिक 3 तरीके से पूरा फर्जीवाड़ा किया गया। वहीं जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा को 23 करोड़ मिले। जिन्हें ज्यादा मुआवजा मिला उनके अकाउंट से हरमीत को पैसे ट्रांसफर हुए हैं।
क्या है भारत माला परियोजना ?
भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है, जिसके तहत करीब 26 हजार किलोमीटर आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं। यह कॉरिडोर गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेंगे। देश के अधिकांश फ्रेट ट्रैफिक को इन्हीं मार्गों से ले जाने की योजना है। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी परियोजना का अहम हिस्सा है।


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