छत्तीसगढ़
कांग्रेसियों के करीबी अफसरों की PHQ-नक्सल इलाकों में पोस्टिंग:छत्तीसगढ़ में 4 लेयर की मॉनिटरिंग के बाद बदले 45 IPS; अब लटकी EOW की तलवार
रायपुर

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने रविवार देर रात 45 IPS अफसरों के तबादले कर दिए हैं। इनमें 25 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। खास बात यह है कि कांग्रेस सरकार के करीबी रहे अफसरों को मुख्यालय और नक्सल प्रभावित इलाकों में पोस्टिंग दी गई है।इसके अलावा पावरफुल अफसर रहे प्रशांत कुमार अग्रवाल, शेख आरिफ हुसैन और आनंद छाबड़ा का कद कम हुआ है।वहीं गृह विभाग के आदेश में लूप-लाइन में बैठे अजातशत्रु बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, रजनेश सिंह और अमरेश मिश्रा का कद बढ़ा दिख रहा है।

एसपी बिलापुर रजनेश सिंह और एसपी एटीएस अजातशत्रु बहादुर सिंह।
नई पोस्टिंग में अजातशत्रु बहादुर सिंह को SP ATS, संतोष कुमार सिंह को SP रायपुर, रजनेश सिंह को SP बिलासपुर और अमरेश मिश्रा को IG रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि प्रशांत अग्रवाल को बस्तर, आरिफ शेख को सरगुजा और आनंद छाबड़ा को PHQ भेजा है।
25 जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए
| अफसर का नाम (बैच) | नई पद-स्थापना | पिछली पद-स्थापना |
| संतोष कुमार सिंह (2011) | SP, रायपुर | SP, बिलासपुर |
| इंदिरा कल्याण एलेसेला (2011) | SP, कांकेर | SP, सूरजपुर |
| प्रशांत कुमार ठाकुर (2011) | कमांडेंट, 5वीं वाहिनी, छसबल जगदलपुर | SP, धमतरी |
| अजातशत्रु बहादुर सिंह (2011) | SP (ATS), रायपुर | कमांडेंट, 9वीं वाहिनी दंतेवाड़ा |
| आशुतोष सिंह (2012) | SP, महासमुंद | SP, सारंगढ़-बिलाईगढ़ |
| विवेक शुक्ला (2012) | SP, जांजगीर-चांपा | राज्यपाल के परिसहाय |
| शशि मोहन सिंह (2012) | SP, जशपुर | कमांडेंट, 5वीं वाहिनी, छसबल जगदलपुर |
| विजय अग्रवाल (2012) | SP, सरगुजा | SP, जांजगीर-चांपा |
| रामकृष्ण साहू (2012) | SP, बेमेतरा | कमांडेंट, 13वीं वाहिनी छसबल कोरबा |
| जितेंद्र शुक्ला (2013) | SP, दुर्ग | SP, कोरबा |
| दिव्यांग पटेल (2014) | SP, रायगढ़ | SP, कांकेर |
| शलभ कुमार सिन्हा (2014) | SP, जगदलपुर | AIG, पुलिस मुख्यालय |
| चंद्रमोहन सिंह (2014) | SP, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | SP, मुंगेली |
| भावना गुप्ता (2014) | SP, GPM | SP, बेमेतरा |
| सूरज सिंह (2015) | SP, कोरिया | कमांडेंट, 4थी बटालियन छसबल, माना रायपुर |
| सिद्धार्थ तिवारी (2015) | SP, कोरबा | SP, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर |
| त्रिलोक बंसल (2015) | SP, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई | SP, कोरिया |
| सुनील शर्मा (2017) | AIG, पुलिस मुख्यालय | SP, सरगुजा |
| जितेंद्र कुमार यादव (2018) | SP, बीजापुर | SP, बालोद |
| आंजनेय वार्ष्णेय (2018) | SP, धमतरी | SP, बीजापुर |
| अंकिता शर्मा (2018) | SP, सक्ती | SP, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई |
| पुष्कर शर्मा (2018) | SP, सारंगढ़-बिलाईगढ़ | SP, नारायणपुर |
| योगेश पटेल (2018) | कमांडेंट, 4थी बटालियन छसबल, माना रायपुर | SP, GPM |
| प्रभात कुमार (2019) | SP, नारायणपुर | ASP, सुकमा |
| रजनेश सिंह | SP, बिलासपुर | AIG, पुलिस मुख्यालय |
| धर्मेंद्र सिंह छवई | AIG, पुलिस मुख्यालय | SP, महासमुंद |
| सरजूराम (रापुसे) | SP, बालोद | कमांडेंट, 22वीं वाहिनी कांकेर |
| सदानंद कुमार (2010) | SP, बलौदाबाजार | SP, रायगढ़ |
| गिरिजाशंकर जायसवाल (2010) | SP, मुंगेली | AIG, DIG कार्यालय कांकेर |
| एमआर अहिरे (2010) | SP, सूरजपुर | SP, सक्ती |
महादेव-कोयला में जिन अफसरों का नाम सभी लूप-लाइन में
ऐसे IPS अफसर, जिनका नाम महादेव ऐप और कोयला घोटाले में सामने आया है। इसके अलावा जिन अफसरों ने कांग्रेस सरकार में नियमों के विरूद्ध बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की है। उनको मुख्यालय और जंगल क्षेत्र में पोस्टिंग दी गई है।
इन अफसरों की कार्यप्रणाली की मॉनिटरिंग भी गृह विभाग की ओर से की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में EOW (आर्थिक अपराध शाखा) में इन अफसरों के खिलाफ यदि केस दर्ज होगा, तो इनकी परेशानी बढ़ सकती है।

आईपीएस आनंद छाबड़ा और आईपीएस बी.एन.मीणा।
सीनियर अफसरों के प्रभार बदले
| अफसर का नाम (बैच) | नई पद-स्थापना | पिछली पद-स्थापना |
| डॉ आनंद छाबड़ा (2001) | IG, पुलिस मुख्यालय | पुलिस महा निरीक्षक |
| रतनलाल डांगी (2003) | निदेशक, राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी | IG, रायपुर रेंज (केवल जिला) |
| अजय कुमार यादव | IG, पुलिस मुख्यालय | IG, बिलासपुर |
| बद्री नारायण मीणा (2004) | IG, पुलिस मुख्यालय | IG, दुर्ग |
| संजीव शुक्ला (2004) | IG, बिलासपुर | IG, पुलिस मुख्यालय |
| अमरेश मिश्रा (2005) | IG, रायपुर रेंज | केंद्रीय प्रतिनियुक्ति |
| शेख आरिफ हुसैन (2005) | IG, छसबल सरगुजा (उत्तर क्षेत्र) | IG, रायपुर रेंज |
| बी एस ध्रुव (2006) | DIG, छसबल (PHQ) रायपुर | DIG, छसबल जगदलपुर |
| रामगोपाल | प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग | SP, दुर्ग |
| दीपक कुमार झा | प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव | SP, बलौदाबाजार |
| बालाजी राव सोमावर (2007) | DIG, पुलिस मुख्यालय | DIG, कांकेर |
| पारुल माथुर (2008) | DIG, पुलिस मुख्यालय | DIG, छसबल सरगुजा |
| के एल ध्रुव (2008) | DIG, कांकेर रेंज | DIG (|ऑपरेशन) पुलिस मुख्यालय |

आईपीएस डी. रविशंकर और आईपीएस दीपांशु काबरा।
काबरा मुख्यालय लौटे, डी. रविशंकर परिवहन में वापस
कांग्रेस सरकार में सबसे पावरफुल अफसर रहे दीपांशु विजय काबरा को परिवहन विभाग से हटाकर ADG मुख्यालय बनाया गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक जशपुर के रूप में सेवाएं दे रहे 2009 के IPS डी. रविशंकर की परिवहन विभाग में वापसी हुई है। उन्हें अतिरिक्त परिवहन आयुक्त बनाया गया है।
53 दिन की जांच के बाद निकाला गया आदेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन अफसरों का रविवार रात को तबादला किया गया, उनकी कार्यप्रणाली की चार लेयर में जांच करवाई गई है। इसके लिए उनके राजनेता से करीबी, पूर्व सरकार में ड्यूटी, अभी की ड्यूटी के तरीकों की जांच की गई। करीब 53 दिन की जांच के बाद तबादला आदेश निकाला गया।
अब एएसपी- निरीक्षकों की लिस्ट का इंतजार
आईजी और एसपी रैंक के अधिकारियों की लिस्ट गृह विभाग ने जारी कर दी है। इस लिस्ट के जारी होने के बाद एएसपी रैंक- निरीक्षक रैंक के अधिकारियों की लिस्ट का इंतजार है। पुलिस सूत्रों के अनुसार एएसपी रैंक और निरीक्षक रैंक के अधिकारियों की लिस्ट भी जंबो आएगी।
एएसपी की लिस्ट में 80 से ज्यादा अफसर और निरीक्षक रैंक की लिस्ट में 100 से ज्यादा अफसरों का नाम होगा। आईजी और एसपी रैंक के अधिकारियों की लिस्ट निकलने के बाद एएसपी-निरीक्षक रैंक के अधिकारियों ने अपना बैग पैक करना शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़
4 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने भाई को मरवाया:रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी का गला घोंटा, रेत में दफनाई लाश, पूर्व कांग्रेस नेता समेत 15 आरोपी गिरफ्तार
मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में संपत्ति हड़पने के लिए छोटे भाई ने सुपारी देकर बड़े भाई को मरवा दिया। दामोदर सिंह (62) रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी थे। उनके पास लगभग 4 करोड़ की प्रॉपटी और 30 तोला सोना था, जो वह हड़पना चाहता था। मर्डर के लिए उसने गांव के ही युवक से 10 लाख रुपए और 50 डिसमिल जमीन देने की डील की थी और साढ़े 4 लाख रुपए एडवांस भी दे भी दिए थे।

मामला लालपुर थाना क्षेत्र का है। वारदात में 15 लोग शामिल थे। 21 मार्च को दामोदर को बुलाकर गमछे से उसका गला घोंटा गया, लाश घटनास्थल से 60km दूर जंगल ले जाकर रेत में दफनाया गया, फिर मोबाइल नदी में बहा दिया था। 8 दिन बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पूर्व कांग्रेस नेता समेत 4 नाबालिग और परिवार के ही सदस्य है।

मारने के बाद घटनास्थल से 60km दूर ले जाकर रेत में लाश दफनाई गई।

8 दिन बाद मिली लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी।
बेटे के साथ चल रहा था जमीनी विवाद
दरअसल, दामोदर सिंह राजपूत (62) शिक्षा विभाग में लेखा अधिकारी थे। जो रिटायर के बाद मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय राजपूत के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह का फायदा उठाकर आरोपियों ने प्रॉपटी और सोना हड़पने की साजिश रची।
पहले भी की थी मारने की कोशिश
आरोपियों ने एक फर्जी नोटरी तैयार करवाया था, जिसमें यह दर्शाया गया था कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों और भतीजों को बेच रहे हैं और अपने बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। जांच में यह भी पता चला कि 2025 में दामोदर सिंह को मारने की कोशिश एक सड़क हादसे के जरिए की गई थी।
पूजा के नाम पर बुलाया, गला घोंटकर जंगल में दफनाया
21 मार्च को प्लानिंग के तहत छोटे भाई रणजीत ने अपने भाई दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने झाफल बुलाया। रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके में संजय यादव और उसके साथियों (प्रिंस, योगेश और एक नाबालिग) ने दामोदर की गाड़ी रोककर गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।
पहली कार खराब हुई तो दूसरे से ठिकाने लगाया
आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कार में भरा। रास्ते में कार खराब होने पर देवराज साहू की कार मंगवाई गई और शव को शिफ्ट कर कवर्धा के देक्सय जंगल में नदी के पास गड्डा खोदकर रेत में दफना दिया पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया।

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले का खुलासा किया।
घर नहीं पहुंचे पर परिजनों ने तलाश शुरू की
21 मार्च को दामोदर सिंह अपने पैतृक गांव झाफल में जंवारा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
इस दौरान ग्राम मनोहरपुर राइस मिल के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद परिजनों फौरन लालपुर थाने में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अलग-अलग टीमें गठित की गई।
जांच के दौरान, पुलिस ने मुंगेली जिले के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सरहदी इलाकों के CCTV खंगाले। इस दौरान एक संदिग्ध कार (CG 10 AC 8986) दामोदर सिंह राजपूत की बाइक का पीछा करते हुए दिखाई दी।

मृतक दामोदर सिंह।
गांव के ही युवक को दी थी सुपारी
पुलिस ने कार मालिक देवचरण साहू से पूछताछ की तो पता चला कि ग्राम झाफल के रहने वाले संजय यादव ने किराए पर ली थी। पुलिस ने संजय यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि छोटे भाई रणजीत, साला पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने हत्या की सुपारी दी थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 कार, बाइक, मोपेड और 96 हजार कैश जब्त किया है। सभी बालिग आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

कोरबा
पत्रकारबंधुओं की कलम, सबसे बड़ी ताकत – उद्योग मंत्री
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में पत्रकारों की कालोनी तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया गया भूमिपूजन
तिलक भवन में स्थापित एल.ई.डी. प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि कार्यो का हुआ लोकार्पण

कोरबा। छत्तीसगढ़ के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कहा कि पत्रकारबंधु एक ऐसा दर्पण होते हैं, जो समाज को सच का आईना दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पत्रकारिता का मूलमंत्र है, समाचार पत्रों में जो छपता है, मीडिया में जो दिखता है, आमजन मानस उसे ही सच मानकर चलता है, अतः यह आवश्यक है कि समाचारों में निष्पक्षता, पारदर्शिता व निर्भीकता होनी ही चाहिये। उन्होने कहा कि प्रेस क्लब कोरबा एक ऊर्जावान संस्था है, जो पत्रकारिता व पत्रकारबंधुओं के हितों की रक्षा के लिये निरंतर कार्य कर रही है।

उक्त बातें आज उद्योग मंत्री देवांगन ने कोरबा के तिलक भवन स्थित प्रेस क्लब में आयोजित भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 35 खरमोरा डाईट बिल्डिंग तिलक नगर पत्रकार कालोनी के समीप एन.टी.पी.सी. के सीएसआर मद से 15 लाख रूपये की लागत से बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य कराया जाना हैं, जिसका वर्चुअल भूमिपूजन आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके हाथों किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 24 तिलक भवन प्रेस क्लब में पार्षद पंकज देवांगन के पार्षद मद से एलईडी प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि का कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण भी आज उद्योग मंत्री श्री देवांगन के करकमलों से सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि जब मैं कोरबा का महापौर था, उस समय प्रेस क्लब का निर्माण किया गया, उस समय भी और आज भी नगर निगम कोरबा द्वारा प्रेस क्लब के विकास व अन्य गतिविधियों के लिये लगातार सहयोग दिया जा रहा है, विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने आगे कहा कि डाॅ.रमन सिंह 15 वर्षो तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने जब राज्य की कमान संभाली तब उस समय छत्तीसगढ़ की स्थिति काफी कमजोर थी, किन्तु उन्होने अपने 15 वर्षो के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक विकास किया तथा राज्य के विकास पुरूष की छबि अर्जित की, उनके कार्यकाल में दर्जनों जनकल्याणकारी योजनायें संचालित हुई, किन्तु इन योजनाओं को बीच में बंद कर दिया गया था, अब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सरकार ने पुनः इन योजनाओं को प्रारंभ कराया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास की नीति पर कार्य कर रही है तथा समाज के गरीब, निर्धन, मजदूर, किसान, युवा, महिला व हर वर्ग के लिये कल्याणकारी योजनायें संचालित कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का कार्य कर रही है। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस मौके पर पत्रकारबंधुओं को संबोधित करते हुये आगे कहा कि मुझे सदैव आप लोगों का स्नेह, आशीर्वाद व मार्गदर्शन मिलता आया है, मैं विश्वास रखता हूॅं कि आपका यह प्यार, स्नेह भविष्य में भी मुझे निरंतर प्राप्त होता रहेगा।
उद्योग मंत्री विकास हेतु लगातार कर रहे फंड की व्यवस्था-महापौर

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा के सभी 67 वार्डो में विकास कार्य कराये जाने हेतु लगातार धनराशि की व्यवस्था करा रहे हैं, उनके प्रयासों से विगत 02 वर्षो के दौरान विभिन्न मदों के अंतर्गत 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्यो व परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होेने पत्रकारबंधुओं को संबोधित करते हुये कहा कि आप स्वयं देख रहें है कि विगत 02 वर्ष से कोरबा शहर व निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं, इस दौरान अनेक क्षेत्रों में निगम ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाॅं भी अर्जित की हैं, जिससे आप सब भलीभांति परिचित हैं, आप सबका स्नेह, मार्गदर्शन व सुझाव शहर के विकास के लिये अनवरत रूप से प्राप्त होता रहेगा, यह मैं विश्वास रखती हूॅं।



छत्तीसगढ़
बीजापुर में 14 करोड़ का नक्सली डंप मिला:डेडलाइन के आखिरी दिन 34 नक्सलियों का सरेंडर, 7 किलो सोना, 3 करोड़ कैश बरामद
बीजापुर/दंतेवाड़ा/सुकमा/कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में नक्सली खात्मे के डेडलाइन (31 मार्च) के आखिरी दिन 14 करोड़ का नक्सली डंप बरामद हुआ है। इसके साथ ही 4 जिलों में 34 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। बीजापुर में 25 नक्सलियों ने पुलिस को हथियार सौंपे। इनसे मिले इनपुट के बाद यहीं 14 करोड़ का डंप मिला। जिसमें 3 करोड़ कैश और 7 किलो गोल्ड शामिल है।

वहीं, दंतेवाड़ा में 5, सुकमा में 2 और कांकेर में 2 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया हैं। पुलिस ने दावा किया है कि, दंतेवाड़ा में अब एक भी नक्सली नहीं बचे हैं। जिले में सक्रिय अंतिम 5 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। इन पर 9 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वहीं, कांकेर में 14 नक्सली अब भी एक्टिव है।

नक्सलियों के कब्जे से 3 करोड़ कैश और 7 किलो सोना बरामद।

बीजापुर में मिले 14 करोड़ के नक्सली डंप को अब तक का सबसे बड़ा डंप माना जा रहा है। इसमें गोल्ड और कैश शामिल है।

दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर में नक्सलियों ने किया सरेंडर।

सुकमा में 2 महिला नक्सलियों ने डाले हथियार।
बीजापुर में 25 नक्सलियों का सरेंडर
बीजापुर में 25 नक्सलियों ने 93 हथियार के साथ सरेंडर किया है। इन पर 1.47 करोड़ का इनाम था। इनके कब्जे से मिली 14 करोड़ की डंप सामाग्री में 2.90 करोड़ कैश और 11.16 करोड़ का 7 किलो सोना शामिल है। नक्सल विरोधी अभियान के तहत अब तक सबसे बड़ा डंप इसे माना जा रहा है।
सुकमा में 2 महिला नक्सलियों ने डाले हथियार
सुकमा में 2 महिला नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन पर 8-8 लाख का इनाम था। वे माओवादी कैडर के रैंक कंपनी के सदस्य है, सुकमा के ही रहने वाली है। सरेंडर के बाद इनसे मिले इनपुट के बाद हथियारों और 10 लाख कैश का बड़ा डंप भी मिला है।
- जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे (30), इनाम – 8 लाख
- सोनी उर्फ माड़वी कोसी (24) इनाम – 8 लाख

सुकमा में सरेंडर करने वाली महिला नक्सली अपने साथ 10 लाख कैश और भारी मात्रा में हथियार लाई थी।
कांकेर में 14 नक्सली सक्रिय
कांकेर जिले में पिछले 6 दिन में 11 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। जिले में अभी भी करीब 14 नक्सली सक्रिय हैं। इनमें डीवीसीएम स्तर के चंदर और रूपी शामिल है।
पुलिस आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से जानकारी जुटाकर अब इलाके में छिपे बाकी नक्सलियों से संपर्क शुरू कर रही है। पुलिस उन्हें समझाकर मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही है।
- पीपीसीएम (PPCM) शंकर
- पीएम (PM) हिड़मा डोडी

बस्तर पुलिस का दावा है कि अब दंतेवाड़ा जिला भी नक्सल मुक्त हो चुका है।
पुलिस का दावा- दंतेवाड़ा नक्सलवाद मुक्त
दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में मंगलवार (31 मार्च) को “पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत सरेंडर कार्यक्रम हुआ। इसमें दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं। इनमें 4 महिला कैडर शामिल हैं।
पुलिस ने अलग-अलग ऑपरेशन के दौरान इंसास, SLR, कार्बाइन, लॉन्चर समेत कई हथियार भी बरामद किए हैं। एसपी गौरव राय ने दावा किया है कि अब दंतेवाड़ा जिला भी नक्सल मुक्त हो चुका है। यहां की आबो हवाओं में अब हिंसा नहीं बल्कि अमन, चैन और शांति महसूस की जा सकती है।

अमित शाह बोले- बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म
लोकसभा में सोमवार को नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर एक गांव में स्कूल खोलने के लिए अभियान चलाया गया।
हर गांव में राशन की दुकान, हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं। उन्हें पांच किलोग्राम अनाज मिल रहा है।
शाह का दावा 31 मार्च की डेडलाइन और ‘नक्सल-मुक्त भारत’
नक्सलवाद पर संसद में चर्चा उस समय हुई, जब केंद्र सरकार द्वारा तय 31 मार्च 2026 की डेडलाइन खत्म होने में एक दिन बाकी था। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में कहा कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था, उसे हासिल कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब पूरे विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि देश से नक्सलवाद खत्म हो गया है। शाह के मुताबिक, नक्सली हिंसा में भारी गिरावट आई है और देश के अधिकांश हिस्सों में इसका प्रभाव समाप्त हो चुका है।
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