Connect with us

छत्तीसगढ़

कांग्रेसियों के करीबी अफसरों की PHQ-नक्सल इलाकों में पोस्टिंग:छत्तीसगढ़ में 4 लेयर की मॉनिटरिंग के बाद बदले 45 IPS; अब लटकी EOW की तलवार

Published

on

रायपुर

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने रविवार देर रात 45 IPS अफसरों के तबादले कर दिए हैं। इनमें 25 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। खास बात यह है कि कांग्रेस सरकार के करीबी रहे अफसरों को मुख्यालय और नक्सल प्रभावित इलाकों में पोस्टिंग दी गई है।इसके अलावा पावरफुल अफसर रहे प्रशांत कुमार अग्रवाल, शेख आरिफ हुसैन और आनंद छाबड़ा का कद कम हुआ है।वहीं गृह विभाग के आदेश में लूप-लाइन में बैठे अजातशत्रु बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, रजनेश सिंह और अमरेश मिश्रा का कद बढ़ा दिख रहा है।

एसपी बिलापुर रजनेश सिंह और एसपी एटीएस अजातशत्रु बहादुर सिंह।

एसपी बिलापुर रजनेश सिंह और एसपी एटीएस अजातशत्रु बहादुर सिंह।

नई पोस्टिंग में अजातशत्रु बहादुर सिंह को SP ATS, संतोष कुमार सिंह को SP रायपुर, रजनेश सिंह को SP बिलासपुर और अमरेश मिश्रा को IG रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि प्रशांत अग्रवाल को बस्तर, आरिफ शेख को सरगुजा और आनंद छाबड़ा को PHQ भेजा है।

25 जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए

अफसर का नाम (बैच)नई पद-स्थापनापिछली पद-स्थापना
संतोष कुमार सिंह (2011)SP, रायपुरSP, बिलासपुर
इंदिरा कल्याण एलेसेला (2011)SP, कांकेरSP, सूरजपुर
प्रशांत कुमार ठाकुर (2011)कमांडेंट, 5वीं वाहिनी, छसबल जगदलपुरSP, धमतरी
अजातशत्रु बहादुर सिंह (2011)SP (ATS), रायपुरकमांडेंट, 9वीं वाहिनी दंतेवाड़ा
आशुतोष सिंह (2012)SP, महासमुंदSP, सारंगढ़-बिलाईगढ़
विवेक शुक्ला (2012)SP, जांजगीर-चांपाराज्यपाल के परिसहाय
शशि मोहन सिंह (2012)SP, जशपुरकमांडेंट, 5वीं वाहिनी, छसबल जगदलपुर
विजय अग्रवाल (2012)SP, सरगुजाSP, जांजगीर-चांपा
रामकृष्ण साहू (2012)SP, बेमेतराकमांडेंट, 13वीं वाहिनी छसबल कोरबा
जितेंद्र शुक्ला (2013)SP, दुर्गSP, कोरबा
दिव्यांग पटेल (2014)SP, रायगढ़SP, कांकेर
शलभ कुमार सिन्हा (2014)SP, जगदलपुरAIG, पुलिस मुख्यालय
चंद्रमोहन सिंह (2014)SP, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुरSP, मुंगेली
भावना गुप्ता (2014)SP, GPMSP, बेमेतरा
सूरज सिंह (2015)SP, कोरियाकमांडेंट, 4थी बटालियन छसबल, माना रायपुर
सिद्धार्थ तिवारी (2015)SP, कोरबाSP, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
त्रिलोक बंसल (2015)SP, खैरागढ़-छुईखदान-गंडईSP, कोरिया
सुनील शर्मा (2017)AIG, पुलिस मुख्यालयSP, सरगुजा
जितेंद्र कुमार यादव (2018)SP, बीजापुरSP, बालोद
आंजनेय वार्ष्णेय (2018)SP, धमतरीSP, बीजापुर
अंकिता शर्मा (2018)SP, सक्तीSP, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
पुष्कर शर्मा (2018)SP, सारंगढ़-बिलाईगढ़SP, नारायणपुर
योगेश पटेल (2018)कमांडेंट, 4थी बटालियन छसबल, माना रायपुरSP, GPM
प्रभात कुमार (2019)SP, नारायणपुरASP, सुकमा
रजनेश सिंहSP, बिलासपुरAIG, पुलिस मुख्यालय
धर्मेंद्र सिंह छवईAIG, पुलिस मुख्यालयSP, महासमुंद
सरजूराम (रापुसे)SP, बालोदकमांडेंट, 22वीं वाहिनी कांकेर
सदानंद कुमार (2010)SP, बलौदाबाजारSP, रायगढ़
गिरिजाशंकर जायसवाल (2010)SP, मुंगेलीAIG, DIG कार्यालय कांकेर
एमआर अहिरे (2010)SP, सूरजपुरSP, सक्ती

महादेव-कोयला में जिन अफसरों का नाम सभी लूप-लाइन में

ऐसे IPS अफसर, जिनका नाम महादेव ऐप और कोयला घोटाले में सामने आया है। इसके अलावा जिन अफसरों ने कांग्रेस सरकार में नियमों के विरूद्ध बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की है। उनको मुख्यालय और जंगल क्षेत्र में पोस्टिंग दी गई है।

इन अफसरों की कार्यप्रणाली की मॉनिटरिंग भी गृह विभाग की ओर से की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में EOW (आर्थिक अपराध शाखा) में इन अफसरों के खिलाफ यदि केस दर्ज होगा, तो इनकी परेशानी बढ़ सकती है।

आईपीएस आनंद छाबड़ा और आईपीएस बी.एन.मीणा।

आईपीएस आनंद छाबड़ा और आईपीएस बी.एन.मीणा।

सीनियर अफसरों के प्रभार बदले

अफसर का नाम (बैच)नई पद-स्थापनापिछली पद-स्थापना
डॉ आनंद छाबड़ा (2001)IG, पुलिस मुख्यालयपुलिस महा निरीक्षक
रतनलाल डांगी (2003)निदेशक, राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरीIG, रायपुर रेंज (केवल जिला)
अजय कुमार यादवIG, पुलिस मुख्यालयIG, बिलासपुर
बद्री नारायण मीणा (2004)IG, पुलिस मुख्यालयIG, दुर्ग
संजीव शुक्ला (2004)IG, बिलासपुरIG, पुलिस मुख्यालय
अमरेश मिश्रा (2005)IG, रायपुर रेंजकेंद्रीय प्रतिनियुक्ति
शेख आरिफ हुसैन (2005)IG, छसबल सरगुजा (उत्तर क्षेत्र)IG, रायपुर रेंज
बी एस ध्रुव (2006)DIG, छसबल (PHQ) रायपुरDIG, छसबल जगदलपुर
रामगोपालप्रभारी पुलिस महानिरीक्षक, दुर्गSP, दुर्ग
दीपक कुमार झाप्रभारी पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांवSP, बलौदाबाजार
बालाजी राव सोमावर (2007)DIG, पुलिस मुख्यालयDIG, कांकेर
पारुल माथुर (2008)DIG, पुलिस मुख्यालयDIG, छसबल सरगुजा
के एल ध्रुव (2008)DIG, कांकेर रेंजDIG (|ऑपरेशन) पुलिस मुख्यालय
आईपीएस डी. रविशंकर और आईपीएस दीपांशु काबरा।

आईपीएस डी. रविशंकर और आईपीएस दीपांशु काबरा।

काबरा मुख्यालय लौटे, डी. रविशंकर परिवहन में वापस

कांग्रेस सरकार में सबसे पावरफुल अफसर रहे दीपांशु विजय काबरा को परिवहन विभाग से हटाकर ADG मुख्यालय बनाया गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक जशपुर के रूप में सेवाएं दे रहे 2009 के IPS डी. रविशंकर की परिवहन विभाग में वापसी हुई है। उन्हें अतिरिक्त परिवहन आयुक्त बनाया गया है।

53 दिन की जांच के बाद निकाला गया आदेश

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन अफसरों का रविवार रात को तबादला किया गया, उनकी कार्यप्रणाली की चार लेयर में जांच करवाई गई है। इसके लिए उनके राजनेता से करीबी, पूर्व सरकार में ड्यूटी, अभी की ड्यूटी के तरीकों की जांच की गई। करीब 53 दिन की जांच के बाद तबादला आदेश निकाला गया।

अब एएसपी- निरीक्षकों की लिस्ट का इंतजार

आईजी और एसपी रैंक के अधिकारियों की लिस्ट गृह विभाग ने जारी कर दी है। इस लिस्ट के जारी होने के बाद एएसपी रैंक- निरीक्षक रैंक के अधिकारियों की लिस्ट का इंतजार है। पुलिस सूत्रों के अनुसार एएसपी रैंक और निरीक्षक रैंक के अधिकारियों की लिस्ट भी जंबो आएगी।

एएसपी की लिस्ट में 80 से ज्यादा अफसर और निरीक्षक रैंक की लिस्ट में 100 से ज्यादा अफसरों का नाम होगा। आईजी और एसपी रैंक के अधिकारियों की लिस्ट निकलने के बाद एएसपी-निरीक्षक रैंक के अधिकारियों ने अपना बैग पैक करना शुरू कर दिया है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश

Published

on

कोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।

गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।

2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।

गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।

बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला

25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह

युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज

कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।

लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन

मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।

यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

Continue Reading

कोरबा

आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा

Published

on

कोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल

पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।

सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान

Published

on

गरियाबंद। हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।
             हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है। 
              यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास। 
             उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।
              इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending