छत्तीसगढ़
कांग्रेसियों के करीबी अफसरों की PHQ-नक्सल इलाकों में पोस्टिंग:छत्तीसगढ़ में 4 लेयर की मॉनिटरिंग के बाद बदले 45 IPS; अब लटकी EOW की तलवार
रायपुर

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने रविवार देर रात 45 IPS अफसरों के तबादले कर दिए हैं। इनमें 25 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। खास बात यह है कि कांग्रेस सरकार के करीबी रहे अफसरों को मुख्यालय और नक्सल प्रभावित इलाकों में पोस्टिंग दी गई है।इसके अलावा पावरफुल अफसर रहे प्रशांत कुमार अग्रवाल, शेख आरिफ हुसैन और आनंद छाबड़ा का कद कम हुआ है।वहीं गृह विभाग के आदेश में लूप-लाइन में बैठे अजातशत्रु बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, रजनेश सिंह और अमरेश मिश्रा का कद बढ़ा दिख रहा है।

एसपी बिलापुर रजनेश सिंह और एसपी एटीएस अजातशत्रु बहादुर सिंह।
नई पोस्टिंग में अजातशत्रु बहादुर सिंह को SP ATS, संतोष कुमार सिंह को SP रायपुर, रजनेश सिंह को SP बिलासपुर और अमरेश मिश्रा को IG रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि प्रशांत अग्रवाल को बस्तर, आरिफ शेख को सरगुजा और आनंद छाबड़ा को PHQ भेजा है।
25 जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए
| अफसर का नाम (बैच) | नई पद-स्थापना | पिछली पद-स्थापना |
| संतोष कुमार सिंह (2011) | SP, रायपुर | SP, बिलासपुर |
| इंदिरा कल्याण एलेसेला (2011) | SP, कांकेर | SP, सूरजपुर |
| प्रशांत कुमार ठाकुर (2011) | कमांडेंट, 5वीं वाहिनी, छसबल जगदलपुर | SP, धमतरी |
| अजातशत्रु बहादुर सिंह (2011) | SP (ATS), रायपुर | कमांडेंट, 9वीं वाहिनी दंतेवाड़ा |
| आशुतोष सिंह (2012) | SP, महासमुंद | SP, सारंगढ़-बिलाईगढ़ |
| विवेक शुक्ला (2012) | SP, जांजगीर-चांपा | राज्यपाल के परिसहाय |
| शशि मोहन सिंह (2012) | SP, जशपुर | कमांडेंट, 5वीं वाहिनी, छसबल जगदलपुर |
| विजय अग्रवाल (2012) | SP, सरगुजा | SP, जांजगीर-चांपा |
| रामकृष्ण साहू (2012) | SP, बेमेतरा | कमांडेंट, 13वीं वाहिनी छसबल कोरबा |
| जितेंद्र शुक्ला (2013) | SP, दुर्ग | SP, कोरबा |
| दिव्यांग पटेल (2014) | SP, रायगढ़ | SP, कांकेर |
| शलभ कुमार सिन्हा (2014) | SP, जगदलपुर | AIG, पुलिस मुख्यालय |
| चंद्रमोहन सिंह (2014) | SP, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | SP, मुंगेली |
| भावना गुप्ता (2014) | SP, GPM | SP, बेमेतरा |
| सूरज सिंह (2015) | SP, कोरिया | कमांडेंट, 4थी बटालियन छसबल, माना रायपुर |
| सिद्धार्थ तिवारी (2015) | SP, कोरबा | SP, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर |
| त्रिलोक बंसल (2015) | SP, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई | SP, कोरिया |
| सुनील शर्मा (2017) | AIG, पुलिस मुख्यालय | SP, सरगुजा |
| जितेंद्र कुमार यादव (2018) | SP, बीजापुर | SP, बालोद |
| आंजनेय वार्ष्णेय (2018) | SP, धमतरी | SP, बीजापुर |
| अंकिता शर्मा (2018) | SP, सक्ती | SP, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई |
| पुष्कर शर्मा (2018) | SP, सारंगढ़-बिलाईगढ़ | SP, नारायणपुर |
| योगेश पटेल (2018) | कमांडेंट, 4थी बटालियन छसबल, माना रायपुर | SP, GPM |
| प्रभात कुमार (2019) | SP, नारायणपुर | ASP, सुकमा |
| रजनेश सिंह | SP, बिलासपुर | AIG, पुलिस मुख्यालय |
| धर्मेंद्र सिंह छवई | AIG, पुलिस मुख्यालय | SP, महासमुंद |
| सरजूराम (रापुसे) | SP, बालोद | कमांडेंट, 22वीं वाहिनी कांकेर |
| सदानंद कुमार (2010) | SP, बलौदाबाजार | SP, रायगढ़ |
| गिरिजाशंकर जायसवाल (2010) | SP, मुंगेली | AIG, DIG कार्यालय कांकेर |
| एमआर अहिरे (2010) | SP, सूरजपुर | SP, सक्ती |
महादेव-कोयला में जिन अफसरों का नाम सभी लूप-लाइन में
ऐसे IPS अफसर, जिनका नाम महादेव ऐप और कोयला घोटाले में सामने आया है। इसके अलावा जिन अफसरों ने कांग्रेस सरकार में नियमों के विरूद्ध बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की है। उनको मुख्यालय और जंगल क्षेत्र में पोस्टिंग दी गई है।
इन अफसरों की कार्यप्रणाली की मॉनिटरिंग भी गृह विभाग की ओर से की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में EOW (आर्थिक अपराध शाखा) में इन अफसरों के खिलाफ यदि केस दर्ज होगा, तो इनकी परेशानी बढ़ सकती है।

आईपीएस आनंद छाबड़ा और आईपीएस बी.एन.मीणा।
सीनियर अफसरों के प्रभार बदले
| अफसर का नाम (बैच) | नई पद-स्थापना | पिछली पद-स्थापना |
| डॉ आनंद छाबड़ा (2001) | IG, पुलिस मुख्यालय | पुलिस महा निरीक्षक |
| रतनलाल डांगी (2003) | निदेशक, राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी | IG, रायपुर रेंज (केवल जिला) |
| अजय कुमार यादव | IG, पुलिस मुख्यालय | IG, बिलासपुर |
| बद्री नारायण मीणा (2004) | IG, पुलिस मुख्यालय | IG, दुर्ग |
| संजीव शुक्ला (2004) | IG, बिलासपुर | IG, पुलिस मुख्यालय |
| अमरेश मिश्रा (2005) | IG, रायपुर रेंज | केंद्रीय प्रतिनियुक्ति |
| शेख आरिफ हुसैन (2005) | IG, छसबल सरगुजा (उत्तर क्षेत्र) | IG, रायपुर रेंज |
| बी एस ध्रुव (2006) | DIG, छसबल (PHQ) रायपुर | DIG, छसबल जगदलपुर |
| रामगोपाल | प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग | SP, दुर्ग |
| दीपक कुमार झा | प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव | SP, बलौदाबाजार |
| बालाजी राव सोमावर (2007) | DIG, पुलिस मुख्यालय | DIG, कांकेर |
| पारुल माथुर (2008) | DIG, पुलिस मुख्यालय | DIG, छसबल सरगुजा |
| के एल ध्रुव (2008) | DIG, कांकेर रेंज | DIG (|ऑपरेशन) पुलिस मुख्यालय |

आईपीएस डी. रविशंकर और आईपीएस दीपांशु काबरा।
काबरा मुख्यालय लौटे, डी. रविशंकर परिवहन में वापस
कांग्रेस सरकार में सबसे पावरफुल अफसर रहे दीपांशु विजय काबरा को परिवहन विभाग से हटाकर ADG मुख्यालय बनाया गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक जशपुर के रूप में सेवाएं दे रहे 2009 के IPS डी. रविशंकर की परिवहन विभाग में वापसी हुई है। उन्हें अतिरिक्त परिवहन आयुक्त बनाया गया है।
53 दिन की जांच के बाद निकाला गया आदेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन अफसरों का रविवार रात को तबादला किया गया, उनकी कार्यप्रणाली की चार लेयर में जांच करवाई गई है। इसके लिए उनके राजनेता से करीबी, पूर्व सरकार में ड्यूटी, अभी की ड्यूटी के तरीकों की जांच की गई। करीब 53 दिन की जांच के बाद तबादला आदेश निकाला गया।
अब एएसपी- निरीक्षकों की लिस्ट का इंतजार
आईजी और एसपी रैंक के अधिकारियों की लिस्ट गृह विभाग ने जारी कर दी है। इस लिस्ट के जारी होने के बाद एएसपी रैंक- निरीक्षक रैंक के अधिकारियों की लिस्ट का इंतजार है। पुलिस सूत्रों के अनुसार एएसपी रैंक और निरीक्षक रैंक के अधिकारियों की लिस्ट भी जंबो आएगी।
एएसपी की लिस्ट में 80 से ज्यादा अफसर और निरीक्षक रैंक की लिस्ट में 100 से ज्यादा अफसरों का नाम होगा। आईजी और एसपी रैंक के अधिकारियों की लिस्ट निकलने के बाद एएसपी-निरीक्षक रैंक के अधिकारियों ने अपना बैग पैक करना शुरू कर दिया है।
कोरबा
खरीफ वर्ष 2026 के लिए कोरबा जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण
कोरबा। भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा सतत कृषि विकास हेतु एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की अनुशंसा के अनुसार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के साथ-साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद एवं हरी खाद जैसे वैकल्पिक उपायों को भी सम्मिलित किया गया है। इसके लिए कृषकों को संतुलित एवं समानुपातिक मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करने, कृषि लागत में कमी लाने, भूमि की उर्वरता शक्ति को सुरक्षित रखने, रासायनिक उर्वरकों के साथ अन्य वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने, उर्वरकों के कृषि के अतिरिक्त अन्य कार्यों में उपयोग को रोकने तथा कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले की सहकारी समितियों में गत वर्ष की पूर्ति के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है।

यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक उर्वरकों अथवा नैनो यूरिया के रूप में प्रदाय की जाएगी। इसी प्रकार डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एनपीके उर्वरकों अथवा नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी परिस्थिति में कृषकों को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक रहेगा।
जिले को सहकारी क्षेत्र में प्राप्त 12,700 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक सहकारी समितियों में 7,132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। सहकारी समितियों से अब तक 1,129.94 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है तथा 6,002.64 मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध हैं।
नैनो उर्वरकों के रूप में नैनो यूरिया 6,842 लीटर एवं नैनो डीएपी 5,044 लीटर, इस प्रकार कुल 11,886 लीटर का भंडारण सहकारी समितियों में किया गया है। इसके विरुद्ध 483.50 लीटर नैनो तरल उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है तथा 11,402.50 लीटर उपलब्ध है।
जिले के प्रत्येक कृषक को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उनके रकबे के आधार पर वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। यूरिया एवं डीएपी के अतिरिक्त एसएसपी तथा एनपीके जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के माध्यम से भी कृषक आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त इच्छुक एवं चयनित कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।
नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उर्वरक निरीक्षकों द्वारा जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2026 में 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। अनियमितता पाए जाने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, 8 विक्रय केंद्रों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा एक विक्रय केंद्र से 58 बोरी यूरिया जब्त करने की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। इस संबंध में बैठक लेकर कलेक्टर ने उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
कोरबा
तेज आंधी-तूफान के दौरान पेड़ की डाल गिरने से तीन युवकों की मृत्यु, कलेक्टर ने राहत सहायता हेतु दिए निर्देश
कोरबा। जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरका दांड में शनिवार शाम तेज आंधी-तूफान एवं बारिश के दौरान एक दुखद दुर्घटना में तीन युवकों की मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौसम खराब होने और तेज बारिश से बचने के लिए तीनों युवक एक बड़े पेड़ के नीचे रुके थे। इसी दौरान पेड़ की भारी डाल टूटकर उन पर गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मृतकों में शिवराम टेकाम (14 वर्ष), कमलेश बड़ा (18 वर्ष) एवं दिनेश तिर्की (17 वर्ष) शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई।
घटना की जानकारी प्राप्त होने पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मृतकों के परिजनों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार भूषण मंडावी, नायब तहसीलदार सुजीत पाटले एवं राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा आवश्यक सहायता का आश्वासन प्रदान किया। उनकी उपस्थिति में चिकित्सकीय टीम द्वारा आज मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

राजस्व अधिकारियों ने बताया कि आरबीसी 6-4 के अंतर्गत राहत सहायता प्रदान करने हेतु प्रकरण तैयार किया जा रहा है तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होते ही निर्धारित राहत राशि मृतकों के परिजनों को प्रदान की जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम, तेज आंधी-तूफान एवं बारिश के दौरान पेड़ों तथा असुरक्षित स्थानों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करें।
कोरबा
हृदय रोगियों के लिए वरदान बनी एनकेएच की कैथलैब सुविधा
कोरबा में पहली बार 3 मरीजों में सफल एआईसीडी प्रत्यारोपण
अब स्थानीय स्तर पर हो रहा उन्नत हृदय उपचार
कोरबा। शहर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एनकेएच में कैथलैब सुविधा शुरू होने के बाद हृदय रोगियों को बड़े शहरों जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होने लगी हैं। इससे गंभीर मरीजों को रायपुर या अन्य महानगरों में उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ रहा और समय पर इलाज मिलने से जीवन रक्षा आसान हो रही है।

भीषण गर्मी, अनियमित खान-पान और बदलती जीवनशैली के कारण इन दिनों हृदय संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कई लोग सीने में जलन, गैस, अपच और बेचैनी को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कई मामलों में ये हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत साबित हो रहे हैं। पिछले सप्ताह एनकेएच में 15 से अधिक हृदय रोगी पहुंचे, जिनका विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में तत्काल उपचार किया गया।
रायपुर से आने वाले कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सतीश सूर्यवंशी एवं डॉ. एस.एस. मोहंती की टीम द्वारा मरीजों की जांच के बाद 5 मरीजों की एंजियोप्लास्टी और 5 मरीजों की एंजियोग्राफी की गई। इसके अलावा एक मरीज में सफलतापूर्वक पेसमेकर प्रत्यारोपित किया गया। विशेष उपलब्धि के रूप में कोरबा में पहली बार अब तक 3 मरीजों में एआईसीडी (ऑटोमेटिक इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर) प्रत्यारोपण भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
क्या है एआईसीडी?
एआईसीडी एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसे छाती में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह हृदय की धड़कनों पर लगातार नजर रखता है और खतरनाक अनियमित धड़कन या अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में विद्युत झटका देकर दिल की सामान्य लय बहाल करता है। यह उपकरण कई मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मई माह में कैथलैब में 17 मरीजों की एंजियोग्राफी, 12 मरीजों की एंजियोप्लास्टी तथा एक मरीज का पेसमेकर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। कैथलैब सुविधा शुरू होने के बाद से अब तक एनकेएच में 400 से अधिक एंजियोग्राफी और 200 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी की जा चुकी हैं।
एनकेएच ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि जिले की पहली कैथलैब सुविधा शुरू होने से अब कोरबा में ही हृदय रोगों का समग्र और उन्नत उपचार संभव हो गया है। इससे मरीजों का समय, धन और अनावश्यक परेशानी बच रही है, वहीं गंभीर परिस्थितियों में तत्काल उपचार मिलने से बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
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