जगदलपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में नक्सली हिड़मा के गाने पर आदिवासी समाज के सदस्यों ने जमकर डांस किया। 11 फरवरी को भूमकाल स्मृति दिवस पर आदिवासी समाज ने रैली निकाली थी।
इसरैली में अलग-अलग ट्राइबल सॉन्ग बज रहे थे। इसी बीच नक्सली हिड़मा का गाना बजा ‘मेरे जंगल का सीना चीर डाला तू, हमारी हक की आवाज हिड़मा, हमारी दिल की बस्ती में है हिड़मा, हमारी हिम्मत हिड़मा, पूवर्ती में तूने जनम लिया, अल्लुरी जिले में भाई अमर हुआ’।
इस गाने में DJ की धुन पर लोग मस्त होकर नाचते रहे। इस दौरान रैली की भीड़ संभालने में जगदलपुर पुलिस की भी ड्यूटी लगी थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाए। समाज के अध्यक्ष ने कहा कि यूट्यूब पर गाना ऑटो प्ले हुआ था। वहीं उन्होंने पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर जांच की मांग भी की है।
हिड़मा के गाने पर लोग थिरकते रहे। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए।
आयोजकों का कहना है कि, यूट्यूब पर आदिवासी गाना चल रहा था। इसी दौरान अचानक ऑटो प्ले में गलती से यह गाना बज गया।
पुलिस की मौजूदगी में DJ पर नक्सली माड़वी हिड़मा का गाना बजने लगा।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, 10 फरवरी को भूमकाल स्मृति दिवस पर बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आदिवासी समाज ने रैली का आयोजन किया था। रैली के दौरान डीजे पर आदिवासी गीत बजाए जा रहे थे। इसी बीच अचानक नक्सली माड़वी हिड़मा के नाम से जुड़ा गीत चल गया। जैसे ही यह बात सामने आई, कार्यक्रम को लेकर सवाल खड़े हो गए।
समाज के अध्यक्ष बोले- इंटेंशली नहीं बजाया
सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि, इंटेंशली यह गाना नहीं बजाया गया था। DJ ऑपरेटर ने यूट्यूब पर ट्राइबल सॉन्ग सर्च किया और गाना बजा रहा था। इसी बीच अचानक यह गाना भी बज गया। उस समय किसी को कुछ समझ नहीं आया। प्रकाश ठाकुर ने कहा कि, हमें रात में 9 बजे इसकी जानकारी मिली।
कौन था माड़वी हिड़मा ?
बतादें कि, माड़वी हिड़मा नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। इस पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित था। वह सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का रहने वाला था। नवंबर 2025 में छ्त्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीतारामा राजू जिले में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारा गया। हिड़मा की पत्नी राजे समेत 6 नक्सली एनकाउंटर में मारे गए थे।
हिड़मा 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड था
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 2010 में 76 जवानों की हत्या हुई थी। यह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला था। उस हमले का मास्टरमाइंड हिड़मा ही था। इसमें बसवाराजू भी शामिल रहा, जो एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है। बसवाराजू हमले के लिए बनी रणनीति की मीटिंग में शामिल हुआ था। हमले की साजिश रची थी।
हिड़मा की मौत के बाद एक गाना भड़काऊ गाना रिलीज हुआ था।
मौत के बाद भड़काऊ गाना रिलीज हुआ था
कुख्यात नक्सली माडवी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर उसके समर्थन में भड़काऊ गाना रिलीज हुआ था। कला टीवी नाम के यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो में गाने में बोल थे…’ओ रे केन्द्र वाले, ओर रे कोबरा वाले, क्यों है ये कब्जा, क्यों लूट रहे। ओ रे बंदूकवाले जंगल का चीर डाला सीना’ जैसे शब्दों के माध्यम से सरकार और फोर्स की कार्रवाई को गलत बताया गया था।
वीडियो में AI से बनी तस्वीरों का भी उपयोग किया गया था। जिसके बाद रायपुर में सिविल लाइन पुलिस ने यूट्यूबर के खिलाफ UAPA के तहत FIR दर्ज की थी। वीडियो में नक्सली हिड़मा की मौत को शहादत बताया गया था।
कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 13 फरवरी को जनपद पंचायत पोंड़ी उपरोड़ा के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोंड़ीउपरोड़ा, समस्त प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल रहेंगे और दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ,जिला कोरबा द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों पर पात्र इच्छुक अभ्यर्थियों से 27 फरवरी शाम 5.30 बजे तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सूचना पटल पर देखा जा सकता है एवं जिला कोरबा के बेबसाईट www.korba.gov. in में उपलब्ध है जिसका अवलोकन किया जा सकता है।
रोजगार मूलक ट्रेड प्रारंभ कर प्रशिक्षण आयोजित करने के दिए निर्देश
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के सभी मतदान केंद्रों, सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित की जा रही हैं। इसी कड़ी में आज 11 फरवरी को शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ई.एल.सी) का गठन किया गया। इस अवसर पर मतदाता साक्षरता क्लब (ई.एल.सी.) एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर) के महत्व पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित ई.एल.सी. क्लब के मेंबर्स, युवा छात्र -छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने मतदाता साक्षरता क्लब के गठन के उद्देश्यों के बारें में बताया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के महत्व के बारें में जानकारी देते हुए मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं को एक मतदाता के रूप में पंजीकृत होकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए प्रेरित किये। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने नवीन मतदाता के रूप में पहली बार मतदाता बनने जा रहें सभी युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्य को निभाने के लिए एक मतदाता के रूप में अनिवार्य रूप से अपना नाम पंजीकृत करवाने के लिए अपील की।
इस अवसर पर डॉ. हर्ष पांडेय प्राध्यापक समाजशास्त्र एवं मतदाता साक्षरता क्लब के मेम्बर्स छात्र -छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा आकर्षक रंगोली बनाई गई एवं हाथों में मेंहदी सजाकर मतदाता साक्षरता क्लब एवं एस.आई.आर.के महत्व को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रीता पटेल महाविद्यालयीन स्वीप नोडल अधिकारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण – टी.आर. कश्यप, डॉ.शेख तस्लीम अहमद, डॉ. कविता ठक्कर, संत राम खांडेकर, वर्षा लकड़ा सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।