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छत्तीसगढ़

उज्बेकिस्तान के छात्र पढ़ेंगे छत्तीसगढ़ में कृषि:IGKV ने 5 विदेशी यूनिवर्सिटी से किया करार, राज्य के स्टूडेंट भी जाएंगे विदेश

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के कृषि शिक्षा क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर ने उज्बेकिस्तान के पांच प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षा और अनुसंधान सहयोग के लिए समझौते (MoU) किए हैं।

इस करार के तहत अब उज्बेकिस्तान के विद्यार्थी छत्तीसगढ़ आकर कृषि शिक्षा लेंगे, वहीं राज्य के छात्र भी उच्च अध्ययन और रिसर्च के लिए उज्बेकिस्तान जाएंगे। इन समझौतों से स्टूडेंट और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू होंगे

संयुक्त अनुसंधान (Joint Research) को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों को इंटरनेशनल इंटर्नशिप के मौके मिलेंगे। IGKV की वैश्विक भागीदारी मजबूत होगी।

MoU के बाद की तस्वीर।

MoU के बाद की तस्वीर।

इन पांच विश्वविद्यालयों के साथ हुआ समझौता

  • ताशकंद स्टेट एग्रेरियन यूनिवर्सिटी
  • बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी
  • समरकंद स्टेट वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी
  • तेरमेज पेडागोजिकल इंस्टीट्यूट
  • डेनोव इंस्टीट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागोजी

10 दिन के दौरे में तलाशे सहयोग के नए रास्ते

IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल 28 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक उज्बेकिस्तान दौरे पर रहा। इस दौरान कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, संरक्षित खेती पर चर्चा कृषि उद्यमिता और वैल्यू चेन डेवलपमेंट के अवसर तलाशे गए।

इसमें विश्वविद्यालयों, रिसर्च संस्थानों और नीति संगठनों से मुलाकात प्रतिनिधिमंडल में अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. हुलास पाठक भी शामिल थे।

इन क्षेत्रों में होगा खास फोकस

दोनों देशों के बीच धान (चावल) अनुसंधान, औषधीय फसलें (हल्दी, अदरक, लहसुन, लैवेंडर), जैव प्रौद्योगिकी, कृषि स्टार्टअप और उद्यमिता और किसान उत्पादक संगठन (FPO) सहयोग के प्रमुख क्षेत्र होंगे। कृषि आधारित उद्योगों में भारतीय FPO की भागीदारी पर भी चर्चा हुई।

दौरे के दौरान डॉ. गिरीश चंदेल, प्रो. हुलास पाठक को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए विजिटिंग प्रोफेसरशिप से सम्मानित किया गया।

इस पहल से छत्तीसगढ़ पहली बार ग्लोबल एग्री एजुकेशन हब बनने की दिशा में कदम बढ़ाएगा। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिलेगा, साथ ही रिसर्च और इनोवेशन को नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : रोगियों की सेवा को पुण्य कार्य मानकर पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता से निभाएं अपना दायित्व : मुख्यमंत्री साय

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प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, वार्ड बॉय और वार्ड आया के पदों पर हुई नियुक्तियां

प्रदेश के 14 जिलों में सेवाएं देंगे नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मी, जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा – स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

रायपुर, 27 अक्टूबर 2026। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और प्रत्येक नागरिक तक बेहतर उपचार की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि शहरों के साथ-साथ गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यकम में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए यह बात कही।  

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सेवाभाव, संवेदनशीलता और पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सेवा का अवसर मिलना अपने आप में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अस्पताल आने वाला प्रत्येक व्यक्ति और उसका परिवार स्वास्थ्यकर्मियों की ओर बड़ी आशा और विश्वास से देखता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी केवल अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सेवाभाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि रोगियों की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। आप अपनी ड्यूटी को केवल नौकरी न मानें, बल्कि जनसेवा और पुण्य का कार्य समझकर पूरी ईमानदारी, मनोयोग और समर्पण से कार्य करें। आपके अच्छे व्यवहार, तत्परता और सेवाभाव से मरीजों और उनके परिजनों का स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने की पहली आवश्यकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है। जब हमारे नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी वे अपनी पूरी क्षमता के साथ परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में योगदान दे सकेंगे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने पर भी लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद बीते 25 वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। राज्य सरकार इस यात्रा को और गति देते हुए नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास, आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य अमले को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आवश्यकता के समय सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

14 जिलों में सेवाएं देंगे 520 नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मी

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कुल 520 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में स्टाफ नर्स के 208, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरुष के 95, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला के 94, फार्मासिस्ट के 25, वार्ड बॉय के 50 तथा वार्ड आया के 48 पद शामिल हैं। नवनियुक्त कर्मचारी प्रदेश के 14 जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। इन नियुक्तियों से संबंधित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन 14 जिलों में नवनियुक्त कर्मचारियों को सेवाएं देनी हैं, उनमें अधिकांश जिले जनजातीय बहुल हैं। इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के निरंतर विस्तार से सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि भौगोलिक दूरी किसी भी नागरिक के लिए बेहतर इलाज प्राप्त करने में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मी सरकार और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन क्षेत्रों में सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ किया गया कार्य अनेक परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि जहां भी उनकी पदस्थापना हो, वहां लोगों के विश्वास पर खरा उतरते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को मिल रहे अवसर : स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी 520 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरी की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। डॉक्टर, नर्स सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदों पर आवश्यकता के अनुरूप आगे भी भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, अनुशासन और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

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कोरबा

न्यायाधीश ने बंदियों को अधिकारों की जानकारी दी

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कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।

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कोरबा

पाली-लाफा रोड पर पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं, मोड़ पर हादसे का डर

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कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।

इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।

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