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कोरबा

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अनुशंसा पर वाई शेप अंडरपास की मिली स्वीकृति

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कलेक्टर ने दी प्रशासकीय स्वीकृत

कोरबा। शहर में प्रवेश के साथ ही रेल्वे स्टेशन आने-जाने वाले सुनालिया नहर पुल मुख्य मार्ग में रेल्वे क्रॉसिंग बंद होने की वजह से नहर पुल पर वाहनों के जाम में फंसने वाले आम लोगों को जल्दी ही राहत के साथ आराम मिलने लगेगा। आम लोगों को फाटक बंद होने से इस मार्ग पर आवागमन में जो परेशानी उठानी पड़ती है, वह आने वाले समय में दूर हो जाएगी। कोरबा के विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल, अनुशंसा और कलेक्टर अजीत वसंत के प्रयासों से इस सुनालिया रेल्वे क्रॉसिंग पर शीघ्र ही वाई शेप अंडरपास का निर्माण होने वाला है। कलेक्टर द्वारा अंडरपास निर्माण के लिए 30 करोड़ 97 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। जल्द ही तकनीकी स्वीकृति उपरांत अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन की इस पहल से शहरवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने वाली है और उन्हें बेहतर आवागमन उपलब्ध होने वाला है।    औद्योगिक नगरी वाले जिले के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा जिले के हृदय स्थल पॉवर हाउस मुख्य मार्ग तथा सुनालिया नहर पुल मार्ग से शहरवासी नियमित आवागमन करते हैं। शहर से रेल्वे स्टेशन की ओर जाने और रेल्वे स्टेशन से शहर की ओर आने के लिए सुनालिया रेल्वे क्रॉसिंग का मार्ग महत्वपूर्ण स्थान है। विगत समय से सुनालिया नहर पुल वाले मुख्यमार्ग पर यातायात का दबाव भी तेजी से बढ़ रहा है। मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव बढऩे से नहर पुल पर आये दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति भी निर्मित होती है। यह समस्या और भी विकराल हो जाती है, जब कोई उत्सव का माहौल हो तथा रेल्वे फाटक बंद हों। रेल्वे फाटक के बंद होने व खुलने के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। शहर की इस बड़ी समस्या को संज्ञान में लेकर कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जिले के एसपी तथा अन्य अधिकारियों के साथ जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने सुनालिया मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मार्गों का अवलोकन भी किया गया था। इस दौरान कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग (सेतु) के अधिकारियों को सुनालिया रेल्वे क्रॉसिंग में अंडरपास निर्माण के लिए स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए थे। आखिरकार उद्योग मंत्री श्री देवांगन की अनुशंसा पर जिला खनिज न्यास मद से लगभग 30 करोड़ 97 लाख रूपए की लागत से अंडरपास निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 

490.50 मीटर लंबी और 8.5 मीटर चौड़ी होगी अंडरपास –

सुनालिया नहर पुल रेल्वे क्रॉसिंग मार्ग में बनने वाले अंडरपास का निर्माण पीडब्ल्यूडी (सेतु) की देखरेख में राइट्स (रेल्वे) द्वारा किया जाएगा। इस अंडरपास की लागत 30 करोड़ 96 लाख 89 हजार रूपए आएगी। अंडरपास की कुल लंबाई 490.50 मीटर तथा चौड़ाई 8.5 मीटर होगी। अंडरपास में रेल्वे लाइन के नीचे 25 मीटर का बॉक्स होगा। सुनालिया चौक तरफ की लंबाई 188.50 मीटर और रेल्वे स्टेशन की तरफ 138.50 तथा पुरानी बस्ती (कोतवाली) की ओर लंबाई 138.50 मीटर होगी। 

शेड, लाइट तथा पानी निकासी की होगी व्यवस्था –

अंडरपास का निर्माण आधुनिक तकनीकों के आधार पर किया जाएगा। अंडरपास में आवागमन के दौरान आने-जाने वालों को परेशानी न हो इसका भी ध्यान रखा गया है। बारिश तथा धूप से बचाव के लिए अंडरपास में शेड का निर्माण किया जाएगा। अंडर पास में पर्याप्त रोशनी हेतु लाइट की व्यवस्था होगी। इसी तरह पानी निकासी तथा साफ-सफाई के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

रेल्वे और डीएमएफ की राशि से होगा अंडरपास का निर्माण –

सुनालिया नहर पुल रेल्वे क्रॉसिंग मार्ग पर बनाए जाने वाले अंडरपास की लागत राशि 30 करोड़ 96 लाख 89 हजार आंकी गई है। इस राशि का वहन रेल्वे और जिला खनिज न्यास मद से आधा-आधा किया जाएगा। अंडरपास बनने के पश्चात् रेल्वे फाटक बंद कर दिए जाएंगे।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

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कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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