नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इसमें अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय काम करेंगे। PMO आज से रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ में शिफ्ट हो जाएगा।
उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने नए कॉम्प्लेक्स में लगी ‘सेवा तीर्थ’ की पट्टिका का अनावरण किया। परिसर की दीवार पर देवनागरी लिपि में ‘सेवा तीर्थ’ लिखा है। इसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ (नागरिक भगवान के समान हैं) का मंत्र भी लिखा गया है।
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, PM सेवा तीर्थ से एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, वे पुराने PM ऑफिस में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक भी करेंगे। यह बैठक शुक्रवार शाम 4 बजे तय है।
यह ब्रिटिश काल की सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग में आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। प्रधानमंत्री का ऑफिस 1947 से साउथ ब्लॉक में रहा है। ये इमारत करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही है। 2014 से, मोदी सरकार ने ब्रिटिश शासकों के प्रतीकों से दूर जाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।
नए PMO के उद्घाटन की तस्वीरें…
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की दीवार पर ‘नागरिको देवो भव’ लिखा है।
PM मोदी ने नए ऑफिस में भगवान गणेश की प्रतिमा पर माला चढ़ाई।
PM ने X पर लिखा- सेवा तीर्थ कर्तव्य, करुणा और ‘भारत सर्वोपरि’ के सिद्धांत का प्रतीक है।
PM ने नए ऑफिस में कई फाइलों पर साइन किए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए PMO कॉम्प्लेक्स ‘सेवा तीर्थ’ में महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े अहम फैसलों की फाइलों पर साइन किए। सरकार के अनुसार, इन फैसलों का उद्देश्य इन वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री ने PM राहत योजना से जुड़ी फाइलों पर भी साइन किए। इस पहल के तहत, एक्सीडेंड पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस ट्रीटमेंट मिलेगा, जिससे उनके इलाज में देरी न हो। साथ ही लखपति दीदी योजना का लक्ष्य दोगुना कर 3 करोड़ से छह करोड़ करने का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष के आवंटन को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी है।
अधिकारियों के अनुसार, PM मोदी ने सेवा भावना को दर्शाने वाले फैसलों से जुड़ी फाइलों पर साइन किए हैं।
सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें
सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ-1 में PMO है। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। ये सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे।
कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका है। आज PMO के साथ NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का ऑफिस भी यहां शिफ्ट हो गया है। PM आज कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन भी करने वाले हैं। यहां मंत्रालयों के नए ऑफिस होंगे। पहले नॉर्थ ब्लॉक मंत्रालयों का ठिकाना था।
PMO और मंत्रालयों का पता 13 फरवरी को बदला है। 1931 में इसी दिन नई दिल्ली का भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में उद्घाटन हुआ था।
1189 करोड़ की लागत से बना सेवा तीर्थ
सेवा तीर्थ का मतलब है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ रखा गया था, लेकिन 2 दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया। यह नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थित है।
यह करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (करीब 5 एकड़) में बना है। इसे एल एंड टी कंपनी ने 1189 करोड़ में बनाया है। नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे। हालांकि, अभी इसकी तारीख सामने नहीं आई है।
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त-रक्षा सहित कई मंत्रालय
वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालयों को जगह दी गई है।
इससे पहले गृह मंत्रालय लुटियंस दिल्ली के रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक परिसर से जनपथ में बनी कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) बिल्डिंग में शिफ्ट हो चुका है। गृह मंत्रालय को नए कॉम्प्लेक्स में 347 कमरे आवंटित किए गए हैं। करीब 90 सालों से देश का गृह मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से ही संचालित हो रहा था।
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा
सेवातीर्थ और कर्तव्य भवन-1, 2 का निर्माण सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है। इसी प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ बनाए गए हैं। कर्तव्य पथ के दोनों तरफ के इलाके को सेंट्रल विस्टा कहते हैं। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतों का री-डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शामिल है।
कर्तव्य भवन-1 और 2 में डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं
कर्तव्य भवन-1 और 2 बिल्डिंग में डिजिटल तकनीकों से लैस ऑफिस, जनता से सीधे संपर्क के लिए पब्लिक एरिया और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन की व्यवस्था है। सरकार का कहना है कि इससे मंत्रालयों के बीच तालमेल, कामकाज की स्पीड और लोगों की भागीदारी बेहतर होगी।
बिल्डिंग्स को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, वाटर कन्जर्वेशन सिस्टम, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और एनर्जी एफिशिएंट कंस्ट्रक्शन टेक्निक्स का इस्तेमाल किया गया है।
इनसे पर्यावरण पर असर कम पड़ेगा और कामकाज की क्वालिटी बढ़ेगी। इन कैंपस में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस एमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल हैं। इससे अधिकारियों और विजिटर्स के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित मौहाल रहेगा।
6 अगस्त 2025 : PM ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया था
प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2025 को कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-3 बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। इसमें गृह, विदेश, ग्रामीण विकास, एमएसएमई, पेट्रोलियम और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के ऑफिस हैं।
कर्तव्य भवन-3 कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) की पहली बिल्डिंग है। CCS में कुल 10 ऑफिस बिल्डिंग और एक कन्वेंशन सेंटर शामिल है।
नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे नेशनल म्यूजियम
सरकार की योजना है कि नॉर्थ-साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदला जाएगा। इसे विश्वस्तरीय म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की सभ्यता को दिखाया जाएगा।
इसमें करीब 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूजियम में से एक होने की संभावना है।
सरकार का दावा- पुरानी बिल्डिंग्स में मेंटेनेंसखर्च ज्यादा
सरकार के मुताबिक, कई दशकों से केंद्र सरकार के कई प्रमुख मंत्रालय और ऑफिस सेंट्रल विस्टा एरिया में अलग-अलग और पुराने बिल्डिंग में काम कर रहे थे। इससे कामकाज में तालमेल की दिक्कतें, संचालन में देरी, रखरखाव का बढ़ता खर्च और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण की कमी जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।
इसलिए नए बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के जरिए इन सभी दिक्कतों को दूर करने की कोशिश की गई है। अब प्रशासनिक कार्यों को एक ही जगह आधुनिक और भविष्य के अनुरूप सुविधाओं के साथ संचालित किया जाएगा।
नई दिल्ली, एजेंसी। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।
बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।
CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।
CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे 25 जुलाई (शनिवार) को ज़िला स्तर पर कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करें। यह आयोजन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के समर्थन में और विरोध कर रहे छात्रों पर कथित “बर्बर हमलों” की निंदा करने के लिए किया जाएगा। सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों को लिखे एक पत्र में, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशन में आयोजित किए जाने चाहिए।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, “माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक ज़िला कांग्रेस कमेटी (DCC) को शनिवार शाम, 25 जुलाई, 2026 को एक विशाल कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्देश दें।” पत्र में कहा गया है कि मार्च महात्मा गांधी या डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की ओर बढ़ना चाहिए और वहीं समाप्त होना चाहिए, साथ ही छात्रों और युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह आयोजित किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने का भी निर्देश दिया। पार्टी ने परीक्षा की शुचिता के “पूरी तरह से ध्वस्त होने” और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया, “हमें परीक्षा की शुचिता के पूरी तरह से ध्वस्त होने और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी स्पष्ट रूप से मांग करनी चाहिए।”
पार्टी ने PCC, DCC, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के सदस्यों की भागीदारी का आह्वान किया। PCC अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि मार्च और सत्याग्रह “शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावी ढंग से” आयोजित किए जाएं और उन्हें व्यापक मीडिया और सोशल मीडिया कवरेज मिले।
पत्र में कहा गया, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और डराने-धमकाने, दमन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस की यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई।
CJP बातचीत के लिए तब सहमत हुई जब सरकार ने कथित तौर पर उसकी दो शर्तें मान लीं — कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और हाल ही में परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, CJP प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़ी रही। CJP प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।” यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रणालीगत सुधारों के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे मसौदा विधेयक पर विचार करेगा जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर, एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई।
उधर गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं।
नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। वाव-थराद जिले में बाजार डूब गए।
यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं।
वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।