मुंबई, एजेंसी। शुक्रवार सुबह की सकारात्मक शुरुआत के बाद दोपहर तक लाल निशान पर आ गया। मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स अपनी पूरी बढ़त खोकर 75,410.86 के निचले स्तर तक गिर गया, जो पिछली क्लोजिंग से 457 अंक कम था। निफ्टी भी फिसलकर 23,739.70 के स्तर पर आ गया। कारोबार के अंत में मार्केट में अचानक बड़ी गिरावट आई, सेंसेक्स 1,092.06 अंक लुढ़क कर 74,775.74 के स्तर पर बंद हुआ, निफ्टी में भी 359.40 अंक की गिरावट रही, ये 23,547.75 के स्तर पर बंद हुआ।
गिरावट के मुख्य कारण…
भू-राजनीतिक अनिश्चितता
अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के संघर्ष विराम (Ceasefire) को लेकर संशय गहरा गया। जहां पहले डील फाइनल होने की उम्मीद थी, वहीं ईरानी मीडिया ने किसी भी अंतिम समझौते से इनकार कर दिया, जिससे ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के बंद रहने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का डर फिर से पैदा हो गया।
मानसून का कमजोर पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून के पूर्वानुमान को 92% से घटाकर 90% कर दिया, जिससे सामान्य से कम बारिश होने का अंदेशा बढ़ गया है।
प्रॉफिट बुकिंग
बाजार में सेलिंग के पीछे एक कारण प्रॉफिट बुकिंग को भी माना जा रहा है। मार्केट में 2 दिन बाद अच्छी तेजी देख निवेशक ऊंचे स्तरों पर बिकवाली करने लगे। इससे बाजार में दबाव बना।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। अकेले 27 मई को उन्होंने 1,042.70 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
एक आम आदमी की दीपावली यानि खर्चो की फेहरिस्त का जुबां की तरह लम्बी होना। ये घर का मुखिया ही जानता हैं कि उसे किस मद में कटोती करनी है और किसमे नहीं? दीपावली का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक दिखाई देने लगती है। घरों की साफ-सफाई से लेकर सजावट तक हर तरफ उत्साह का माहौल रहता है। लेकिन इस बार बाजार ने शुभ-लाभ और स्वागत को भी महंगाई के रंग में रंग दिया है।
कभी घर के दरवाजे पर दस-बीस रुपये में मिलने वाला शुभ-लाभ का प्रतीक अब सौ रुपये तक पहुंच गया है। बंदनवार के दाम 80 से लेकर 1400 रुपये तक सुनकर लगता है कि लक्ष्मीजी के स्वागत के लिए अब जेब में भी कुबेर का खजाना होना चाहिए। ऊपर से ओम, स्वास्तिक, श्री यंत्र और कलश जैसे शुभ प्रतीकों के भाव भी आसमान छू रहे हैं।
अब तो आम आदमी सोचने लगा है कि घर में लक्ष्मीजी का स्वागत करें या पहले दुकानदार की लक्ष्मी का ख्याल रखें? महंगाई का आलम यह है कि शुभ-लाभ खरीदने से पहले भी आदमी को अपना बजट देखना पड़ रहा है। लगता है कि बाजार ने शुभ को भी प्रीमियम और लाभ को भी महंगे पैकेज में बेचने का फैसला कर लिया है।
मजेदार बात यह है कि बाजार में ग्राहक कम हैं, लेकिन उम्मीदें बड़ी हैं। दुकानदारों को लगता है कि दीपावली पर लोग दिल खोलकर खरीदारी करेंगे। मगर ग्राहक भी अब समझदार हो गया है। वह बंदनवार देखकर घर की चौखट नापता है और कीमत सुनकर अपनी जेब की औकात।
अब तो लगता है कि आने वाले समय में दुकानदार शुभ-लाभ के साथ एक चेतावनी भी टांग देंगे—’सावधान! यहां शुभ भी महंगा है और लाभ भी आपकी जेब देखकर मिलेगा।’
वैसे लक्ष्मीजी से हमारी प्रार्थना है कि इस बार घर में भले ही सादा बंदनवार लगे, लेकिन महंगाई की बंदनवार जरूर उतार दीजिए। आखिर आम आदमी को भी कभी तो सच्चे शुभ-लाभ का अनुभव तो हो!
विकसित भारत के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश देगा विकसित भारत संकल्प पार्क
‘People for Peepal’ अभियान के तहत लगभग 16 एकड़ में विकसित पार्क में लगाए गए 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे
नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
भावी पीढ़ियों को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा पार्क
रायपुर, 3 नवंबर 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-16 में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने पार्क परिसर में पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश भी दिया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को चिरस्थायी बनाने और भावी पीढ़ियों तक राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत संकल्प पार्क का निर्माण किया गया है। यह पार्क विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की परिकल्पना का प्रतीक होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देगा।
नवा रायपुर को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस पार्क में अब तक 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यह पार्क नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में नई पहचान दिलाने के साथ ही शहर की हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप तथा कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
‘People for Peepal’ अभियान से पर्यावरण संरक्षण में बढ़ेगी जनभागीदारी
नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘People for Peepal’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना नहीं, बल्कि नागरिकों को पौधों के संरक्षण, संवर्धन और नियमित देखभाल से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
इसी पहल के अंतर्गत विकसित भारत संकल्प पार्क को पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। भारतीय संस्कृति में पीपल के वृक्ष का विशेष आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व है। इस अभियान के माध्यम से पीपल के प्रति जनआस्था को प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ा जा रहा है।
विकसित भारत संकल्प पार्क आधुनिक शहरी विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगी।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि SIR के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नकली संसद में SIR पर चर्चा करने का नाटक किया और संसद का मजाक बनाया। राहुल गांधी में हिम्मत है तो वे संविधान लेकर आएं और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करें।
शाह नवा रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
समारोह के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रदेश की विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
अमित शाह ने नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
राज्य अलंकरण से सम्मानित हुई विभूतियां
राज्योत्सव के समापन समारोह में राज्य अलंकरण भी दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और संगीत की झलक भी देखने को मिली।
‘संसद में दो-दो हाथ करने की चुनौती’
अमित शाह ने कहा- राहुल गांधी में हिम्मत है तो आइए, हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होता। आचरण संवैधानिक होना चाहिए। आपने पार्लियामेंट को रोककर रखा है, पेन में लेकर रखा है। संसद चलने दीजिए, दो-दो हाथ करने दीजिए, देश की जनता को मालूम चल जाएगा कि सच कौन है और झूठ कौन है।
SIR पर चर्चा के लिए लाएंगे स्पेशल संसद – शाह
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी नक्सलवाद का समर्थन करते हैं। गैर-संवैधानिक सरकारों का समर्थन करते थे। अभी-अभी उन्होंने नकली संसद बनाकर संसद का भी मखौल उड़ाया। वहां चर्चा का नाटक किया।
राहुल जी, मोदी सरकार हर इश्यू पर चर्चा के लिए तैयार है। हम स्पेशल सेशन बुलाकर SIR पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
‘कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया’
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया। 2010 में पी. चिदंबरम ने कहा था कि नक्सलियों को हथियार डालने की जरूरत नहीं है, आपस में सिर्फ बातचीत कीजिए, गोली मत चलाइए।
चिदंबरम साहब, इस तरह से हिंसा नहीं रुकती। जिसको भी सरेंडर करना है, वह हथियार डालकर सरेंडर करे। उन्हें हम मेनस्ट्रीम में लाएंगे, नहीं तो हमारे जवान दो-दो हाथ करेंगे।
आदिवासियों के मानवाधिकार पर बोले शाह
अमित शाह ने कहा- नक्सलवाद का समर्थन करने वाले और मानवाधिकारों के नाम पर आवाज उठाने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या मानवाधिकार हाथ में बंदूक लेकर विकास रोकने के लिए होता है? क्या गरीब आदिवासियों का मानवाधिकार नहीं होता है?
‘नक्सलवाद ने छीना बच्चों का बचपन’
अमित शाह ने कहा- जिस धरती पर सांस्कृतिक गलियारा होना था, वहां रेड कॉरिडोर बनाया गया था। जिस जंगल में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीत निकलने चाहिए थे, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गई थीं।
जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, उसे स्कूल से अगवा कर बंदूकें थमा दी गईं। स्कूल को उड़ा दिया गया। जिस सड़क से विकास का रास्ता बनना था, उसे उड़ा दिया गया।
‘नक्सलवाद को खत्म करने कांग्रेस की मंशा नहीं’
अमित शाह ने कहा- रमन सिंह के नेतृत्व में 15 साल तक विकास के काम हुए, लेकिन उस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। नक्सलवाद को खत्म करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।
उसी वक्त आदिवासी क्षेत्र के विकास की कल्पना की गई थी, लेकिन वह अधूरी रह गई।
आपने फिर से छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सरकार को हटाकर भाजपा सरकार को मौका दिया। इसके 2 महीने में हमने नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया।
शाह बोले- रायपुर बनेगा पीपल सिटी
अमिल शाह ने कहा- वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में रायपुर में 5 लाख पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। पीपल सिटी बनने के बाद हमारा रायपुर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण मित्र शहर बनने जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर आयोजन हो चुके हैं।
‘छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को दुनिया में पहचान दिलाई’
अमित शाह ने कहा – छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जीवंत रखने के लिए पंडूम और बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जाता है। करमा, राउत नाचा, पंडवानी जैसी कई लोककलाओं के साथ ढोकरा कला, बेलमेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा कला को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर दशहरा की 75 दिन चलने वाली अनोखी परंपरा को विष्णुदेव सरकार ने एक नई पहचान दी है।
बस्तर पंडूम और बस्तर ओलंपिक के जरिए लाखों युवा अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित कर रहे हैं। यहां की वेशभूषा, खानपान और लोकगीतों को पूरी दुनिया में प्रसिद्ध किया जा रहा है।
‘छत्तीसगढ़ के संस्कार- समानता, सेवा और सच्चाई’
अमित शाह ने कहा, यह इतने सालों से लिए गए संकल्पों की सिद्धि है। नक्सलमुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया गया था।
मोदी जी और विष्णुदेव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समर्पण और विकास में बड़ा योगदान देने वाले कई महानुभावों को यहां सम्मानित किया गया।
गुरु घासीदास का संदेश और गुरु नानक जी की सेवा का संदेश समानता, सेवा और सच्चाई का है। यही छत्तीसगढ़ के संस्कार हैं।
राम के ननिहाल को मिली अलग पहचान
अमित शाह ने छत्तीसगढ़वासियों और आदिवासी भाई-बहनों को बधाई दी। उन्होंने कहा, आज हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो गया है। CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस को भी बहुत साधुवाद देना चाहता हूं। आज अटल जी की विरासत का गौरव है, जिन्होंने राम के ननिहाल को एक अलग प्रदेश की पहचान दी।
शाह बोले- अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा
अमित शाह ने कहा, अटल जी ही थे, जिन्होंने 2000 में राज्य की स्थापना की। स्थापना के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री आए, लेकिन हमने चिंता नहीं की। इस क्षेत्र का विकास रुका हुआ था। अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा।