कोरबा। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के शहरी एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे आमजनों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं के निराकरण हेतु जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन दिए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जनदर्शन में उपस्थित प्रत्येक आवेदक की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जनदर्शन के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें तालाब गहरीकरण, भूमि एवं राजस्व संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति, पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से लाभ दिलाने, राशन कार्ड, पट्टा प्रदान करने, सीमांकन, भूमि डायवर्जन, खाता विभाजन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित मामलों सहित कुल 140 अन्य जनसमस्याओं के आवेदन शामिल रहे। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित करते हुए आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए तथा प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर यथाशीघ्र राहत प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब न हो और आवेदकों को समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराया जाए। जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र कुमार पटेल एवं ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर टी.आर. भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कपड़ों के पर्दों से घिरी दुकानें, अग्निशमन उपकरणों की कमी और आपातकालीन इंतजाम नदारद होने के आरोप; खुशियों के त्योहार में कहीं लापरवाही भारी न पड़ जाए!
कोरबा/बांकीमोंगरा। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन इस रौनक के बीच पटाखा बाजार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस स्थान पर बारूद और ज्वलनशील सामग्री का कारोबार हो रहा है, वहां सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों में कथित लापरवाही सामने आ रही है।
मौके की तस्वीरें कुछ ऐसी व्यवस्था की ओर इशारा कर रही हैं, जहां सुरक्षा मानकों के पालन से ज्यादा दुकानें सजाने और कारोबार चलाने पर जोर दिखाई देता है। बाजार में करीब 17 दुकानें संचालित होने की जानकारी है, लेकिन अग्नि सुरक्षा के इंतजामों को लेकर स्थिति संतोषजनक नजर नहीं आ रही।
दुकानों के बीच दूरी का सवाल, एक चिंगारी बन सकती है बड़ी मुसीबत
पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए विस्फोटक अधिनियम और विस्फोटक नियमों के तहत निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी है। दुकानें सुरक्षित दूरी पर हों और आग लगने की स्थिति में दूसरी दुकानों तक आग फैलने की आशंका कम रहे, इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
लेकिन यहां दुकानों को कतारबद्ध तरीके से पास-पास बनाए जाने की शिकायत है। यदि निर्धारित दूरी का पालन नहीं हुआ है तो यह स्थिति किसी अप्रिय घटना के दौरान बड़ा खतरा बन सकती है।
टिन शेड की जगह कपड़ों के पर्दे, सुरक्षा मानकों पर सवाल
पटाखा बाजार में दुकानों के चारों ओर कपड़े के पर्दों का इस्तेमाल भी सवालों के घेरे में है। ज्वलनशील सामग्री से घिरे ऐसे स्थान पर आग लगने की स्थिति में खतरा तेजी से बढ़ सकता है।
दुकानों के प्रवेश द्वार आमने-सामने होने और पर्याप्त खुली जगह नहीं होने को लेकर भी जांच की आवश्यकता है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक दुकान निर्धारित लाइसेंस और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही संचालित हो रही है या नहीं।
17 दुकानों में महज 6 के सामने अग्निशामक यंत्र!
बाजार की अग्निशमन व्यवस्था पर नजर डालें तो स्थिति और चिंताजनक दिखाई देती है। मौके पर कुल 17 दुकानों में से केवल 6 दुकानों के सामने CO2 अग्निशामक यंत्र दिखाई देने की जानकारी मिली है।
वहीं पानी और सूखी रेत से भरी बाल्टियों की पर्याप्त व्यवस्था भी नजर नहीं आई। सवाल यह है कि बाकी दुकानों में आग बुझाने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं? क्या संबंधित विभाग ने इन व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया है?
आपातकालीन स्थिति में राहत कैसे मिलेगी?
पटाखा बाजार में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दमकल वाहन, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस और दमकल वाहनों की मौजूदगी नजर नहीं आने की बात सामने आई है।
यदि आग या विस्फोट जैसी घटना होती है तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होंगे। ऐसे में प्रशासन को तत्काल आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।
दुकान के सामने ही पटाखों का प्रदर्शन!
नाबालिगों से दुकान संचालन कराने का आरोप
नियमों के तहत पटाखा बिक्री स्थल के आसपास धूम्रपान और खुली आग पर प्रतिबंध रहता है। इसके लिए चेतावनी बोर्ड लगाना भी जरूरी है।
इसके बावजूद दुकानों के सामने पटाखे फोड़कर ग्राहकों को नमूना दिखाने की शिकायत सामने आई है। यदि यह गतिविधि वास्तव में बिक्री परिसर में हो रही है तो यह गंभीर सुरक्षा उल्लंघन का विषय है। इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।
अब प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने का समय
पटाखा बाजार में सामने आ रही इन परिस्थितियों ने संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर दुकानें संचालित होने से पहले सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किसने किया? क्या सभी दुकानों के लाइसेंस और अनुमतियों की जांच की गई? क्या अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा इंतजामों को हरी झंडी दी है?
स्थानीय प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय और अग्निशमन विभाग को संयुक्त रूप से बाजार का निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर कराना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए।
त्योहार खुशियों का प्रतीक है, जोखिम का नहीं। प्रशासन की एक छोटी सी लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है। इसलिए जरूरी है कि किसी हादसे के बाद जांच बैठाने के बजाय उससे पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और पटाखा बाजार को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
पैवेलियन में औद्योगिक संचालन में महिला नेतृत्व, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक विकास की झलक
बालकोनगर, 6 नवंबर 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रम श्रेणी के अंतर्गत अपने प्रदर्शनी पैवेलियन के लिए तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह पुरस्कार बालको की संवाद प्रमुख सुश्री शुभ्रा आर. तथा जनसंपर्क अधिकारी विजय बाजपेयी को प्रदान किया। यह सम्मान बालको की औद्योगिक क्षमताओं, महिला नेतृत्व वाले संचालन, तकनीकी नवाचारों और सामुदायिक विकास पहलों की प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए दिया गया। छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया।
बालको के पैवेलियन की परिकल्पना ‘महिला शक्ति से विकसित भारत की नई उड़ान’ थीम पर आधारित थी, जिसमें भारत की औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक प्रगति को आकार देने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया गया। राज्योत्सव-2026 की व्यापक थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ के अनुरूप प्रदर्शनी में औद्योगिक संचालन, तकनीक और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को प्रमुखता दी गई। इसमें बालको के उन प्रयासों को दर्शाया गया, जिनके माध्यम से महिलाओं को एक प्रगतिशील और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक परिवेश में योगदान देने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की सशक्त भूमिका को भी प्रतिबिंबित करता है।
प्रदर्शनी में बालको की विनिर्माण क्षमताओं और भारत के एल्युमिनियम उद्योग को सशक्त बनाने में कंपनी के योगदान को भी प्रस्तुत किया गया। पैवेलियन का प्रमुख आकर्षण भारत के पहले और सबसे बड़े 525 किलो-एम्पीयर एल्युमिनियम स्मेल्टर की प्रस्तुति रही, जो तकनीकी नवाचार, उत्पादन उत्कृष्टता और भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण क्षमताओं के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आगंतुकों को एल्युमिनियम की संपूर्ण उत्पादन प्रक्रिया और मूल्य श्रृंखला के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास, राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में इस धातु के महत्व की जानकारी भी दी गई।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा, “छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में प्राप्त यह सम्मान बालको टीम के सामूहिक प्रयासों और उत्कृष्टता के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अपने पैवेलियन के माध्यम से हमने प्रदर्शित किया है कि औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं, जिनमें महिलाएं तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से अपनी विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करते हुए हम अवसरों के सृजन, समुदाय के सशक्तिकरण और छत्तीसगढ़ के विकास के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
सामुदायिक विकास को आगे बढ़ाने में बालको की भूमिका को रेखांकित करते हुए, बालको के हेड कॉरपोरेट अफेयर्स एवं एडमिनिस्ट्रेशन कैप्टन धनंजय मिश्रा ने कहा, “सतत प्रगति लोगों को सशक्त बनाने और समुदाय को मजबूत करने से संभव होती है। कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, सतत कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रयासों के माध्यम से हम ऐसे अवसरों का सृजन कर रहे हैं, जो दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करने और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।”
औद्योगिक उपलब्धियों के साथ बालको ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के क्षेत्रों में अपनी सामुदायिक विकास पहलों को भी प्रदर्शित किया। इन प्रयासों के माध्यम से कंपनी ने 128 गांवों में सकारात्मक बदलाव लाने और 1.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने में योगदान दिया है।
तीन दिवसीय राज्योत्सव के दौरान बालको के पैवेलियन में प्रदेशभर से आए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शासन के अधिकारियों ने अवलोकन किया। यह सम्मान औद्योगिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समावेशी और सतत विकास में योगदान देने तथा विकसित भारत की यात्रा को सशक्त बनाने के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
कोरबा – पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबावासियों को धनतेरस एवं दीपावली पर्व पर बधाई देते हुए हार्दिक शुभकामनाएं दी है ।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि दीपोत्सव का पावन पर्व पर हम सभी के जीवन में ज्ञान का प्रकाश हो और मॉं लक्ष्मी की कृपा से सुख – समृद्धि, सुख – शांति, यश – कीर्ति, रिद्धी – सिद्धि, धन – वैभव व आरोग्य की प्राप्ति हो ।
समस्त कोरबावासियों को धनतेरस, नरकचतुदर्शी, दीपावली, अन्नकूट एवं भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं । ये पंचपर्व हम सब के जीवन में सुख – समृद्धि और साैहार्द से आलोकित करें यही प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है ।